सीएम ने कहा- शिक्षित बेरोजगारों को लेकर सरकार गंभीर, कुछ दिनों में शिक्षक सहित कई विभागों में बड़ी संख्या में होगी नियुक्तियां
रांची : झारखंड में नियुक्तियों को लेकर भाजपा लगातार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन घेरती रही है. नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मंगलवार को सीएम ने भाजपा को इसका करारा जवाब दिया है. सीएम झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में नगर विकास एवं आवास विभाग अंतर्गत झारखंड नगरपालिका सेवा के 47 सहायक अभियंता तथा 46 निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर चयनित अभ्यर्थियों के बीच नियुक्त पत्र बांटे गये. सीएम ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षो से लगातार विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुई हैं. आज यह कोई पहला अवसर नहीं है, बल्कि पिछले कई अवसरों पर हमारी सरकार ने राज्य के युवक-युवतियों को नियुक्ति पत्र देने का कार्य किया है। सीएम ने कहा कि आनेवाले दिनों में शिक्षक सहित विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में नियुक्तियां की जाएंगी. हमारी सरकार इसके लिए गंभीर है.

‘राज्य बनने के बाद पहली बार JPSC की नियमावली बनी’
सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने डीएसपी, बीडीओ, सीओ सहित राज्य में पहली बार खेल पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी, लैब साइंटिस्ट की भी नियुक्तियां की हैं। राज्य बनने के बाद पहली बार जेपीएससी की नियमावली बनी। इससे पहले जो भी बहाली होती थी, वह कोर्ट-कचहरी के चक्कर में फंस जाता था। अब ऐसा नहीं हो रहा है. सरकारी नियुक्तियों के साथ-साथ हमने निजी क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में स्थानीय युवक-युवतियों को रोजगार से जोड़ने का काम किया है। ये रोजगार जाने-माने औद्योगिक समूहों में मिला है। हमारी सरकार ने राज्य में स्थापित औद्योगिक सेक्टरों में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को नौकरी मिले, इस बाबत नियम बनाएं हैं। जिससे अब झारखंड के युवक-युवतियों के लिए बड़ी संख्या में रोजगार सृजन का रास्ता साफ हुआ है। कहा कि हमारी सरकार सिर्फ पढ़े-लिखे अभ्यर्थियों को ही नहीं, बल्कि कम पढ़े-लिखे और मजदूर वर्ग के युवक-युवतियों के लिए भी रोजगार का मार्ग प्रशस्त करने की जिम्मेदारी उठा रही है और यह आगे भी जारी रहेगा.

‘वित्त प्रबंधन में हम गुजरात से भी आगे हैं’
सीएम ने कहा कि सर्वजन पेंशन योजना शुरू करने का निर्णय इसलिए लिया, क्योंकि राज्य की विधवाओं और दिव्यांगों को सामाजिक सुरक्षा दे सकें। सामाजिक सुरक्षा अगर समाज के अंदर नहीं है तो, विकसित समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि वित्त प्रबंधन में हम गुजरात से भी आगे हैं और देश के पांचवें राज्य में हम शुमार हैं। नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव वंदना दादेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, वाणिज्य-कर विभाग की सचिव विप्रा भाल, वाणिज्य-कर आयुक्त संतोष वत्स सहित संबंधित विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।


















