न्यूज – गणपत लाल चौरसिया
24-25 मार्च को भव्य आयोजन, ‘हाँ, मैं सावित्रीबाई फुले’ नाटक होगा मुख्य आकर्षण का केंद्र
गुमला में शिक्षा और संस्कृति का संगम, पुस्तक परब में क्विज, प्रदर्शनी और लोक नृत्य होंगे आकर्षण के केंद्र
गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के नेतृत्व में जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से नगर भवन, गुमला में 24 एवं 25 मार्च को गुमला पुस्तक परब सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। साथ ही 24 मार्च को बसिया एवं 25 मार्च को चैनपुर अनुमंडल में भी समान रूप से उक्त भव्य कार्यक्रम का आयोजित किए जाएंगे।
दो दिवसीय कार्यक्रम के विशेष आकर्षण के रूप में देश की जानी-मानी रंगकर्मी, लेखिका, निर्देशक और सामाजिक कार्यकर्ता सुषमा देशपांडे द्वारा रचित एकल नाटक “हाँ, मैं सावित्रीबाई फुले” का मंचन किया जाएगा। महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के जीवन और विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से गुमला जिला प्रशासन द्वारा यह विशेष सांस्कृतिक पहल की जा रही है।
सावित्रीबाई फुले ने लड़कियों और समाज के बहिष्कृत वर्गों को शिक्षा प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभाई। वे भारत की पहली महिला अध्यापिका बनीं और लड़कियों के लिए पहला विद्यालय खोला। उन्होंने बेसहारा स्त्रियों के लिए कार्य किया तथा समानता के लिए संघर्ष करते हुए समाज में स्त्री अधिकारों की मजबूत नींव रखी। उन्हें भारतीय नारी आंदोलन की जननी के रूप में भी जाना जाता है।
उक्त नाटक का मंचन प्रसिद्ध कलाकार शुभांगी भुजबल एवं शिल्पा साने द्वारा किया जाएगा, जो अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों तक सावित्रीबाई फुले के विचारों को जीवंत रूप में पहुँचाएँगी जो अपने नाट्य कार्यों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों, विशेषकर महिला शिक्षा और समानता, को समाज के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती रही हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत 24 मार्च को नगर भवन, गुमला एवं अनुमंडल पुस्तकालय मैदान, बसिया में तथा 25 मार्च को बरवे मैदान, चैनपुर एवं मध्य विद्यालय, घाघरा में इस नाटक का मंचन किया जाएगा। जिला मुख्यालय सहित घाघरा, बसिया और चैनपुर प्रखंडों में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
इस दो दिवसीय आयोजन में विभिन्न प्रकाशकों एवं संस्थानों द्वारा पुस्तक स्टॉल लगाए जाएंगे, वहीं विभिन्न विभाग अपने-अपने स्टॉल के माध्यम से उपलब्धियों का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, विज्ञान प्रदर्शनी, शैक्षणिक गतिविधियाँ, जनजातीय साहित्यिक संगोष्ठी, नाटक, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक लोक नृत्य एवं दुर्लभ मुखौटे आधारित छऊ नृत्य भी आकर्षण के केंद्र रहेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों सहित आम नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की है।





















































