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Saturday, June 6, 2026
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कंगना के अंगना के काले सच से भला कौन वाकिफ नहीं…!

माननीय कंगना राणावत जी का कहना है कि- “राहुल गाँधी को देखकर हम महिलाओं को ‘असहज’ फील होता है, वो टपोरियों की तरह व्यवहार करते हैं..!!”

ये वही कंगना राणावत साहिबा हैं जो अपने पिता से भी उम्रदराज महेश भट्ट के साथ लंबे अरसे तक ‘सहज’ रहीं हैं, पता नहीं तब उनकी पत्नी सोनी राजदान जी और भट्ट साब के बच्चे (पूजा, राहुल, आलिया) कितना ‘सहज’ फील करते रहे होंगे.. जबकि पूजा भट्ट तो वैसे भी इनसे लगभग 15 साल बड़ी हैं।

खैर.. ये वही मोहतरमा हैं जो भट्ट से पहले बाल-बच्चेदार और शादीशुदा मर्द आदित्य पंचोली के साथ ‘सहज’ रहीं, जिनका व्यवहार काफी उग्र और गुस्सैल माना जाता था. हो सकता है तब आदित्य पंचोली सहज रहे हो मगर उस वक़्त उनका टीनएजर बेटा सूरज पंचोली या उनकी पत्नी ज़रीना वहाब यकीनन ‘असहज’ ही रहीं होंगी.

पंचोली और भट्ट साब के साथ सहजता से जीवन व्यतीत करनेवाली सुश्री कंगना राणावत जी ने शेखर सुमन के पुत्र अध्ययन सुमन का भी बारीकी से अध्ययन किया था, ये अलग बात है कि इस बार अध्ययन सुमन काफी ‘असहज’ फील करने लगे और बड़ी मुश्किल से इनके चंगुल से निकलकर भागे थे..

अध्ययन ने बाद में आरोप लगाया था कि ये मोहतरमा उन्हें ड्रग्स लेने का दबाव बनाती थीं, उसके साथ मारपीट और गालीगलौज करती थीं. अध्ययन ने सबसे संगीन आरोप यहाँ तक लगाया था कि उसके खाने में अपने पीरियड का अशुद्ध खून भी मिलाकर खिलाती थीं.. अगर ये सच है तो यकीनन ‘असहज’ होने का लेबल शायद अध्ययन सुमन से ज्यादा कोई ना जानता होगा।

बहरहाल राहुल गाँधी जैसे बेदाग और शालीन नेता को सिर्फ देखकर ‘असहज’ होनेवाली कंगना राणावत उन सांसदों के साथ ही कतार में बैठतीं हैं जिनमें से तड़ीपार भी हैं, बलात्कारी भी हैं, दंगाई भी हैं और हत्यारोपियों का तो पूरा हुजूम है.. कुल मिलाकर मौजूदा लोकसभा में भाजपा के 240 सांसदों में से 94 (39%) पर आपराधिक केस दर्ज हैं, जिनमें से 63 (26%) सांसदों पर तो बेहद संगीन अपराध दर्ज हैं मगर यहाँ मोहतरमा पूरी तरह सहज हैं!!

दरअसल कंगना जी को ‘असहज’ होने की सही परिभाषा जानना है तो उन्हें एक बार उस सुज़ैन खान से भी पूछ लेना कि वो तब कितनी असहज थी जब उसके पति ऋतिक रोशन के साथ ये खुद नाजायज़ रिश्ता कायम किये हुए थीं और इस नाजायज़ रिश्ते के चक्कर में सुज़ैन-ऋतिक का जायज़ रिश्ता ही तलाक़ पर जाकर खत्म हो गया?

काश उस वक़्त एक बार ऋतिक के जवान हो रहे दोनों बेटे से पता कर लेना था कि वो कितने ‘असहज’ फील करते हैं, जब कोई गैर औरत उनके बाप के साथ ‘अवैध संबंधों’ में है?

सही मायने में इन मोहतरमा के जरिये ‘असहज’ होनेवालों के इतने किस्से लिख सकता हूँ कि इनके जाफ़रानी-अंडे इस पोस्ट से भारी ‘”असहज” हो सकते हैं.. इसलिए बड़ी सहजता और शालीनता से निवेदन करता हूँ कि अब गर्मी शुरू हो चुकी है, इन मोहतरमा को सूखा नशा लेना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए..!!

 पोस्ट के साथ संलग्न चित्र देखकर पुरुष-प्रजाति के मित्रगण ‘असहज’ ना हों, ये सभी चित्र 2014 में मिली आजादी से पहले के हैं।

 


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