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Friday, November 6, 2026
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गिरिडीह में 36 करोड़ की लागत से 69 मांझीबथान शैड व दुःखहरण नाथ मंदिर का विकास होगा

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गिरिडीह: गिरिडीह जिले में 35 करोड 50 लाख की लागत से आदिवासियों के 69 धार्मिक स्थल मांझीबथान शैडो का निर्माण किया जायेगा। आदिवासी धार्मिक संस्थाओं से जुड़े समुदाय के लोग वर्षों से इसकी मांग कर रहे थे। इसके अलावा गिरिडीह इलाके का प्रमुख प्राचीन शिवधाम बाबा दुःखहरण नाथ मंदिर को भी पर्यटन स्थल धार्मिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने लगभग एक करोड (97 लाख 25.हजार) की राशि स्वीकृति प्रदान की है.

MLA सुदिव्य ने की थी पहल

बताया गया कि गिरिडीह के विधायक झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू की पहल पर उपयुक्त दोनों समुदायों के धार्मिक स्थलों के लिये राज्य सरकार ने राशि स्वीकृत कर योजनाएं जिले को भेज दी गई है.जिस पर शीघ्र ही काम शुरू हो जायेगा। शैड के निर्माण के लिए पीरटांड़, गांडेय, बेंगाबाद समेत कुल 69 स्थानों पर मांझी बथान शैडों का निर्माण किया जाना है. जिसके तहत पीरटांड़ प्रखंड में सर्वाधिक 31 और गांडेय विधानसभा क्षेत्र में 21 जगहों पर शेड का निर्माण किया जाएगा।

राम भक्तों के लिए

Ram Navami – The Legend Lord Rama

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Ram Navami is a Hindu festival celebrated all over India with great enthusiasm and devotion. It marks the birth anniversary of Lord Rama, the seventh avatar of Lord Vishnu, who is considered to be one of the most revered and significant deities in Hinduism.

The festival of Ram Navami is celebrated on the ninth day of the Hindu month of Chaitra, which usually falls in the months of March or April. On this day, devotees of Lord Rama perform special prayers and rituals to seek his blessings and commemorate his birth.

The Legend of Lord Rama

According to Hindu mythology, Lord Rama was born to King Dasharatha and Queen Kaushalya of Ayodhya. His birth was the result of the blessing of the sage Vishwamitra, who was impressed by the young prince’s bravery and courage.

Lord Rama is considered to be an embodiment of virtue, righteousness, and compassion. He is revered for his unwavering devotion to duty, his respect for elders, his love for his family and friends, and his compassion towards all living beings.

The festival of Ram Navami is celebrated to honour and pay tribute to Lord Rama and his divine qualities.

Celebrations and Rituals

Ram Navami is celebrated with great enthusiasm all over India, especially in the northern states like Uttar Pradesh, Bihar, and Madhya Pradesh. On this day, devotees of Lord Rama wake up early in the morning, take a bath, and perform puja (worship) in his honour.

The puja involves offering flowers, fruits, and sweets to Lord Rama and reciting hymns and prayers from the Ramayana, the ancient Hindu epic that tells the story of Lord Rama’s life.

Devotees also visit temples dedicated to Lord Rama and participate in special events and processions that are organized on this day. Many people also observe a fast on Ram Navami and refrain from eating anything until the puja is completed.

In some parts of India, Ram Navami is celebrated with great fanfare and excitement. In Ayodhya, the birthplace of Lord Rama, a grand procession is taken out to mark the occasion. The procession is led by people dressed up as Lord Rama, his wife Sita, his brother Lakshmana, and his devotee Hanuman.

The streets are decorated with flowers and lights, and people sing hymns and bhajans (devotional songs) in praise of Lord Rama. In some parts of Uttar Pradesh and Bihar, people organize fairs and carnivals, where they sell sweets, toys, and other items.

In other parts of India, Ram Navami is celebrated in a more subdued manner, with families and friends gathering together to offer prayers and seek blessings from Lord Rama.

Significance of Ram Navami

The festival of Ram Navami holds great significance in Hinduism. It is believed that by observing the rituals and performing puja on this day, devotees can gain the blessings of Lord Rama and attain spiritual enlightenment.

The festival also serves as a reminder of Lord Rama’s teachings and virtues. His life and deeds are considered to be a source of inspiration and guidance for people, even today. His devotion to duty, his respect for elders, his love for his family and friends, and his compassion towards all living beings are qualities that are still revered and celebrated.

Ram Navami is also an occasion for people to come together and celebrate their faith and beliefs. It is a time for families and friends to gather, share sweets and meals, and participate in cultural events and activities.

Conclusion

Ram Navami is a festival that celebrates the birth of Lord Rama and his divine qualities. It is a time for people to come together, offer prayers, and seek blessings from

राम भक्तों के लिए

कर्नाटक के बाद त्रिपुरा के भाजपा MLA मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखते कैमरे में हुए कैद, विपक्ष ने कार्रवाई की मांग की

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अगरतला: कुछ साल पहले कर्नाटक विधानसभा में विधायकों द्वारा पोर्न फिल्म देखने के मामले ने काफी बवाल मचाया था, पर अब त्रिपुरा विधानसभा में भी एक  सत्तारूढ़ भाजपा के विधायक जदब लाल देबनाथ विधानसभा सत्र के दौरान अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो देखते कैमरे में कैद हो गए। बीजेपी त्रिपुरा के प्रदेश अध्यक्ष राजीब भट्टाचार्य ने बताया कि पार्टी जल्द ही उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगेगी। दरअसल विधानसभा सत्र के दौरान नाथ का एक वीडियो देखते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसकी तीखी आलोचना की जा रही है और विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।


विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी


विधानसभा में कथित वायरल वीडियो के मुताबिक विधायक अपने मोबाइल फोन पर कुछ अश्लील सामग्री देख रहे थे। नवगठित त्रिपुरा विधानसभा का पहला तीन दिवसीय सत्र 24 मार्च और 27-28 मार्च को आयोजित किया गया था। बीजेपी विधायक की आलोचना करते हुए, विपक्ष के नेता अनिमेष देबबर्मा ने कहा कि सभी विधायक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और उनके कृत्यों से दूसरों, विशेषकर युवा पीढ़ियों के लिए एक बुरी मिसाल नहीं बननी चाहिए। देबबर्मा ने विधायक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।


विधानसभा में मोबाइल फोन का संचालन है प्रतिबंधित


कांग्रेस और माकपा ने भी नाथ की आलोचना की और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं कांग्रेस नेता बिरजीत सिन्हा ने कहा कि विधानसभा के अंदर मोबाइल फोन का संचालन प्रतिबंधित है। हम सभी को सदन की कार्यवाही और कामकाज पर ध्यान देना चाहिए, इसके बावजूद नाथ ने सदन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला अश्लील वीडियो देखा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा में थोड़ी सी भी नैतिकता है तो उसे नाथ के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।


विधायक ने आरोप से पल्ला झाड़ा


उधर, बीजेपी विधायक जदब लाल देवनाथ ने आरोप से पल्ला झाड़ लिया है. उन्होंने आगे कहा कि मैं विधानसभा अध्यक्ष (बिस्वाबंधु सेन) और राज्य पार्टी अध्यक्ष (राजीब भट्टाचार्य) से बात करूंगा और फिर मैं अगला कदम उठाऊंगा। नाथ 16 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार उत्तरी त्रिपुरा में बागबासा सीट से राज्य विधानसभा के लिए चुने गए थे। 55 वर्षीय नेता बीजेपी की त्रिपुरा राज्य इकाई के सचिव भी हैं। वैसे विपक्ष इस मामले को तूल देने का मन बनाया है. अभी तक भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की ओर से किसी प्रकार की साफगोई पेश नहीं की गई है.



राम भक्तों के लिए

गिरिडीह के बड़ा चौक पर सालों बाद उमड़ा रामभक्तों का सैलाब,ड्रोन से जिला मुख्यालय के हर सेंसेटिव व अतिसंवेदनशील इलाकों पर प्रशासन ने रखी कड़ी नजर

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गिरिडीह: (कमलनयन) सामाजिक समरसता के अग्रदूत भारतीयों के आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जन्म उसत्व रामनवमी गुरुवार को जिले भर में श्रद्धा, भक्ति, उंमग और उत्साह के साथ भक्तिमय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही जन-जन के कष्टों को हरने वाले भगवान श्री राम एवं संकट मोचन श्री हनुमान के मंदिरों में भक्तों द्वारा पूजा-अर्चना करने, भोग चढ़ाने,  नारियल फोड़ने का दौर शुरू हुआ, वह देर शाम तक चलता ऱहा। भक्तों ने अपने घरों में भी महावीरी पताकाएं लगाकर बजरंगबली की वंदना आरती कर की।

भजनों से चौक-चौराहे गूंजते रहे

असुरी शक्तियों का नाशकर संतजनों को भयमुक्त करनेवाले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जन्मोत्सव का महापर्व रामनवमी पर्व के मौके पर गुरुवार को पूरा जिला जय श्री राम के जयकारे से गूंजता रहा। जिला मुख्यालय समेत जिले के अन्य क्षेत्रों में रामनवमी के भजनों से चौक-चौराहे गूंजते रहे। जय श्री राम के जयघोष के बीच तड़के सुबह एंव शाम में रामनवमी अखाड़ा जूलूस निकाला गया। जुलूस में बड़े-बड़े महावीरी ध्वज थामे खिलाड़ियों की भीड़ जय श्री राम के जयकारे के साथ चौक-चौराहों पर शौर्य का प्रदर्शन करते हुए सभी अखाड़ों का समागम स्थल मुख्य बड़ा चौक पहुंचे। कोरोना काल के बाद इस वर्ष रामभक्तों का यह जोश और उत्साह सालों बाद सड़कों पर देखने को मिला। पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन के साथ लाठियों का अद्भुत खेल दिखाते युवा खिलाड़ियों के उम्दा खेलों को हिंदू संगठन के कार्यकर्ता उत्साह बढ़ा रहे थे।

एसपी ने अहले सुबह में पेट्रोलिंग का जायजा लेते दिखे

हर कोई भगवान राम की भक्ति में डूबा दिखा। सालों बाद शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में भक्तों की भारी भीड़ रामनवमी अखाड़ा में शामिल हुई। इस दौरान पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये थे। एसपी अमित रेनू अहले सुबह में भी पेट्रोलिंग का जायजा लेते दिखे। उनके साथ सदर एसडीएम विशालदीप खलको, एसडीपीओ अनिल सिंह, डीएसपी संजय राणा, नगर थाना प्रभारी राम नारायण चौधरी, मुफस्सिल थाना प्रभारी कमलेश पासवान भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों के साथ शहर के चप्पे-चप्पे पर शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए तैनात थे। जबकि ग्रामीण इलाकों में एसडीपीओ अनिल सिंह और मुफस्सिल थाना प्रभारी कमलेश पासवान अर्धसैनिक बलों के साथ नजर बनाए हुए थे। ड्रोन से भी जिला मुख्यालय के हर सेंसेटिव और अतिसंवेदनशील इलाकों पर नजर रखी गई।

50 से अधिक अखाड़ा समितियों ने जुुुुलूस निकाला

रामनवमी को लेकर अलग-अलग इलाके से करीब 50 से अधिक अखाड़ा समितियों के नेतृत्व में खिलाड़ियों की हजारों भीड़ लाठी और अस्त्र-शस्त्र लिए अपने-अपने इलाके के चौक-चौराहे में जुटे थे। इस दौरान हजारों रामभक्तों की भीड़ से पूरा बड़ा चौक समेत पूरा शहर पटा पड़ा था। पांव रखने तक की जगह नहीं थी। महिलाएं और युवतियां के साथ बच्चे भी खिलाड़ियों के जोखिम भरे खेलों एवं झांकियों को के देखने जुटी थी। आसपास के दर्जनों गांवों से लोग रामनवमी जुलूस देखने आये थे। फिलहाल अभी तक कहीं से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिखी है.

राम भक्तों के लिए

DVC ने जीरोकट बिजली आपूर्ति के लिए गिरिडीह जिले का किया चयन,MLA के सुझाव पर अर्नेस्ट एंड यंग एजेंसी को मई तक काम पूरा करने का निर्देश दिया गया

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गिरिडीह: डीवीसी के कमांड जिलों में जीरोकट बिजली आपूर्ति के साथ रेवेन्यू की वसूली भी अब डीवीसी करेगा। कमांड जिलों में गिरिडीह को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयन होने के बाद गिरिडीह एरिया बोर्ड की बैठक बुधवार को डांड़ीडीह पावर स्टेशन स्थित जीएम कार्यालय में हुई। इस दौरान बैठक में सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, गिरिडीह एरिया बोर्ड के जीएम प्रतोष कुमार, अधीक्षक अभियंता विनय, डीवीसी के पुटकी चीफ इंजीनियर एसके श्रीवास्तव, डीवीसी के भोरंडीहा कार्यपालक अभियंता समेत कई अधिकारी शामिल हुए। बैठक में कंसल्टेंसी एजेंसी अर्नेस्ट एंड यंग का चयन किया गया।

रेवेन्यू कलेक्शन का जिम्मा भी डीवीसी के हाथों में होगा

बताया गया कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के सहयोग और आपसी तालमेल से ही डीवीसी द्वारा बिजली आपूर्ति किया जाना है। रेवेन्यू कलेक्शन का जिम्मा भी डीवीसी के हाथों में होगा. इस बाबत विधायक सोनू ने कहा कि इसके लिए सबसे पहले आधारभूत संरचना को और मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही कमर्शियल और टेक्निकल डाटा तैयार ‍करना जरूरी है। इसके बगैर जीरो पावरकट बिजली आपूर्ति संभव नहीं। विधायक के सुझाव पर अर्नेस्ट एंड यंग एजेंसी को मई तक काम पूरा करने का निर्देश दिया गया। बिजली बोर्ड के अनुसार पूरे जिले में साढ़े तीन लाख बिजली उपभोक्ता हैं. हर माह इन उपभोक्ताओं से बिजली बोर्ड को महज 18 करोड़ का ही राजस्व मिल पाता है। इसे पहले राजस्व बढ़ाने को लेकर कई प्रयास किए गए। लेकिन बिजली चोरी अधिक होने के कारण पिछले कई सालों में राजस्व बढ़ाना संभव नहीं हो पाया।

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गिरिडीह में रामनवमी के मद्देनजर जुलूस की सभी तैयारियां पूरी, जिले भर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध, ड्रोन से रखी जाएगी नजर

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गिरिडीह: (कमलनयन) भारतीय लोक जीवन में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम रचे-बसे हैं. गहरायी से श्रीराम के आदर्श जीवन को पढ़ा जाय तो श्रीराम देश काल से परे हैं. यही कारण है कि श्रीराम का जन्मोत्सव “रामनवमी” देश भर में अलग-अलग तरीके से मनाने की परम्परा रही है. झारखंड में रामनवमी का पर्व आजादी के पहले से ही शौर्य और पराक्रम महोसत्व के रूप में मनाया जाता रहा है. कोरोना महामारी के बाद इस वर्ष रामनवमी का उत्साह गांव से लेकर शहर तक है. गिरिडीह जिले में रामनवमी में महाबीरी झंडों के साथ अखाड़ा जुलूस में झाकियां निकालने की भी परम्परा है. रामनवमी में निकलने वाली झाकियों की अपनी विशेषता होती है. रामनवमी समितियां का उद्देश्य झाकियों के जरिये युवापीढ़ी को धार्मिक-सामाजिक एवं ऐतिहासिक कथाओं से रू-ब-रू कराने के साथ सनातन संस्कृति को दैनिक जीवन में अपनाये जाने के लिए प्रेरित करने का मकसद रहता है.

अप्रिय घटना से निबटने के लिए पुलिस मुस्तैद

जिला मुख्यालय में निकलनेवाली झाकियों को देखने के लिए आस-पास के सौ से अधिक गांवों के लोग आते हैं. इस वर्ष गुरुवार तीस मार्च को भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है. गिरिडीह जिला एंव पुलिस-प्रशासन ने जिले भर में भाईचारे के साथ शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने को लेकर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये हैं। अखाड़ा कमिटियों के लोग में भी भव्य और शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने के पक्षधर रहे हैं। गुरुवार को गिरिडीह में तड़के सुबह और शाम में परपरागत रामनवमी जुलूस निकाला जायेगा। जिला मुख्यालय में सभी अखाड़ों का समागम परम्परागत बड़ा चौक (अग्रसेन चौक) में होगा। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने एंव किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निबटने के लिए बड़ा चौक समेत अन्य स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किये गये हैं. बताया गया कि अखाड़ा जुलूस की मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जायेगी।  इसके अलावा सीसीटीवी और ड्रोन केमरों से भी नजर रखी जायेगी। गिरिडीह जिला मुख्यालय सहित अन्य थाना क्षेत्रों में पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी लगातार विभिन्न इलाकों में फ्लैग मार्च कर जिलेवासियों को शांति-सद्भाव के साथ भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आर्दशों के तहत उनका जन्म उत्सव मनायें।

विधायक सुदिव्य सोनू व सरफराज ने कहा-भाईचारे के साथ मनाएं रामनवमी

गांडेय के विधायक डा. सरफराज अहमद, विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने अखाड़ा कमिटियों से अनुशासन के साथ जुलूस व झाकियां निकालने एंव भाईचारे के साथ पुरूषोत्तम श्रीराम के जंयती उत्सव मनाने का अनुरोध किया है. जनप्रतिनिघियों ने कहा कि शांति और सद्धभाव के साथ त्योहार मनाना हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा है और इसे बनाये रखना हम सबों की जिम्मेवारी है. कहा कि जिला प्रशासन ने रामनवमी की पूरी तैयारी कर ली है. हमें प्रशासन को सहयोग करना चाहिए ताकि किसी भी संप्रदाय को परेशानी नहीं हो.  

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राम भक्तों के लिए

Easy way to Fat Loss

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Fat loss is a common goal for many people looking to improve their health and physique. While it can be a challenging journey, there are many effective strategies that can help individuals achieve their fat loss goals. In this article, we will explore the science behind fat loss and provide tips for safe and effective fat loss.

Understanding Fat Loss

Before diving into the strategies for fat loss, it is important to understand what fat loss actually is. Fat loss refers to the process of reducing body fat, which can be achieved by creating a calorie deficit. This means that the number of calories consumed is less than the number of calories burned.

There are many factors that can influence fat loss, including genetics, diet, exercise, and lifestyle habits. For example, some individuals may have a genetic predisposition to store more fat than others, while others may have a faster metabolism that burns calories more efficiently.

However, while genetics play a role in fat loss, they are not the only determining factor. By implementing effective diet and exercise strategies, individuals can successfully reduce their body fat percentage and improve their overall health.

Diet Strategies for Fat Loss

One of the most effective ways to create a calorie deficit and promote fat loss is by implementing a healthy diet. Here are some key diet strategies that can help individuals achieve their fat loss goals:

  1. Reduce Caloric Intake

To lose fat, individuals need to consume fewer calories than they burn. This can be achieved by reducing overall caloric intake through portion control, tracking food intake, and choosing lower calorie foods.

  1. Focus on Protein

Protein is an important nutrient for fat loss, as it can help preserve lean muscle mass while promoting fat loss. Aim to consume protein with every meal, and choose lean protein sources like chicken, fish, and tofu.

  1. Incorporate Fiber

Fiber is another important nutrient for fat loss, as it can help individuals feel fuller for longer periods of time. Incorporate high fiber foods like fruits, vegetables, and whole grains into your diet.

  1. Limit Processed Foods

Processed foods tend to be high in calories, sugar, and unhealthy fats, making them a poor choice for fat loss. Focus on consuming whole, nutrient-dense foods instead.

Exercise Strategies for Fat Loss

In addition to implementing a healthy diet, exercise is another key strategy for promoting fat loss. Here are some effective exercise strategies for fat loss:

  1. High-Intensity Interval Training (HIIT)

HIIT involves short bursts of high-intensity exercise followed by periods of rest or low-intensity exercise. This type of exercise has been shown to be effective for fat loss, as it can increase calorie burn and improve cardiovascular health.

  1. Strength Training

Strength training is another effective exercise strategy for fat loss, as it can help preserve lean muscle mass while promoting fat loss. Aim to incorporate strength training exercises like squats, lunges, and push-ups into your exercise routine.

  1. Cardiovascular Exercise

Cardiovascular exercise, such as running or cycling, can also be effective for fat loss. Aim to incorporate at least 30 minutes of cardiovascular exercise into your routine most days of the week.

Lifestyle Strategies for Fat Loss

In addition to diet and exercise, there are also lifestyle strategies that can promote fat loss. Here are some key lifestyle strategies for promoting fat loss:

  1. Get Enough Sleep

Getting enough sleep is important for fat loss, as it can help regulate hormones that control hunger and satiety. Aim to get at least 7-8 hours of sleep per night.

  1. Manage Stress

Stress can lead to overeating and poor food choices, making it important to manage stress for fat loss. Try techniques like meditation or deep breathing exercises to manage stress.

  1. Stay Hydrated

Staying hydrated is important for fat loss,

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राम भक्तों के लिए

2025 तक भारत में जलसंकट गहराने के आसार,आसान नहीं वैश्विक जल संकट से बाहर निकलना, सरकारों के लिए भू-जल दोहन पर रोक लगाना बनी है चुनौती

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विशद कुमार

संयुक्त राष्ट्र की संस्‍था यूनेस्को की रिपोर्ट के अनुसार 2025 तक भारत में जलसंकट बहुत बढ़ जाएगा। आशंका जताई गई है कि यहां पर ग्लेशियर पिघलने के कारण सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र जैसी प्रमुख हिमालयी नदियों का प्रवाह कम हो जाएगा। यूनेस्को के डायरेक्‍टर आंड्रे एजोले ने कहा है कि वैश्विक जल संकट से बाहर निकलने से पहले अंतर्राष्ट्रीय स्‍तर पर तत्काल एक व्यवस्था करने की जरूरत है।

कई दशकों से वर्षा में गिरावट का दौर जारी है

भारत में पेयजल की बात करें तो, पिछले कई दशकों से यहां वर्षा में गिरावट दर्ज की जा रही है। जिस वजह से भूमिगत जल का स्तर भी घटता जा रहा है। पानी की खपत की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय सर्वे रिपोर्टें बताती हैं कि चीन और अमेरिका में जितनी खपत पानी की है, उससे काफी ज्यादा मात्रा में पानी भारत अकेले खर्च करता है। मानसून में अच्छी बारिश नहीं होने के कारण भी भारत के अधिकांश राज्य प्रतिवर्ष सूखे की चपेट में होते हैं। लिहाजा मजबूरन खेती-किसानी के लिए उन्हें भूमिगत जल का इस्तेमाल करना पड़ता है। इससे भू-जल दोहन लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भूमिगत जलस्तर का गिरना कोई आश्यर्च की बात नहीं है।

चेन्नई में पूरी तरह खत्म से हो चुका है भूमिगत जल

इससे पहले चेन्नई में भूमिगत जल पूरी तरह खत्म हो चुका है। महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में भी भूमिगत जल की खपत ज्यादा है। इस प्रकार देश के 13 राज्यों में जल का भारी संकट पैदा होने की आशंका है। वर्ष 2021 में साइंस एडवांस में प्रकाशित स्टडी में दावा किया गया है कि 2025 तक उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत में पानी की भारी किल्लत हो सकती है। यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के अनुसार 50 फीसद से भी कम भारतीयों को स्वच्छ पेय जल मिल पाता है। क्योंकि यहां के भूमिगत जल में फ्लोराइड की मात्रा काफी ज्यादा है। सरकार के एक सर्वे में देश के 25 राज्यों के 209 प्रखंडों के भूमिगत जल में आर्सेनिक की मात्रा अधिक पाई गई है। यह हृदय और फेफड़े के रोग को बढ़ाता है। द लसेंट पत्रिका के अनुसार अकेले 2019 में भारत में दूषित पानी पीने से पांच लाख से अधिक लोगों की जान गई थी। जबकि लाखों लोग बीमार पड़े थे।

रांची में कई जगह ड्राइ जोन घोषित है

झारखंड में पेयजल बात करें तो गर्मी की दस्तक के पहले ही राजधानी और रांची के कई हिस्सों में पीने के पानी की किल्लत होने लगी है। राजधानी के कई मोहल्लों में पानी का स्रोत नीचे चला गया है, वहीं कई जगहों पर बोरिंग फेल हो चुकी है। कई  क्षेत्रों को ड्राइ जोन घोषित किया जा चुका है। शहर के अन्य इलाकों में भी अंधाधुंध बोरिंग हो रहे हैं जिसके कारण वाटर लेबल नीचे खिसकता जा रहा है। नगर निगम की बोर्ड बैठक में जानकारी दी गई थी कि हर साल राजधानी का जलस्तर 20 फीट नीचे खिसकता जा रहा है। शहर में 2.25 लाख से अधिक भवन हैं, जबकि मात्र 20 हजार में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है। आलम यह है कि राजधानी के लोग मार्च महीने के शुरुआती दिनों से ही परेशान हैं। राजधानी रांची के जगन्नाथपुर, धुर्वा, हिनू, हरमू के विद्या नगर, चापुटोली सहित कई इलाकों के लोगों को पीने के पानी का संकट होना शुरू हो गया है। हटिया डैम के बेहद करीब का धुर्वा इलाका सहित जगन्नाथपुर के स्लम एरिया में ज्यादातर चापाकल सूख गए हैं। वहीं डैम से होने वाले पानी की सप्लाई भी अनियमित और बहुत कम समय के लिए होता है जो अपर्याप्त है। इतना ही नहीं विधानसभा के बेहद करीब के इलाके में भी आम जनता पीने के पानी को लेकर परेशान है। वहीं जल संसाधन मंत्री मिथिलेश ठाकुर इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं कि यहां पेय जल की किल्लत है। शहर के धुर्वा निवासी विराज कहते हैं कि उनके एरिया में 3000 की आबादी है, लेकिन पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। एक नल है, जो रुक्का डैम से जुड़ा है, वहां भी पानी हर दिन नहीं आता है। साधु बागान, निचला तालाब, जगरनाथपुर बड़का घर सहित कई इलाके ऐसे हैं, जहां रोज पीने का पानी नहीं आता है, तीन दिन या दो दिन का गैप कर पानी आता है। मायादेवी, सविता सहित स्थानीय लोगों की शिकायत है कि उन्हें पीने तक का पानी सरकार मुहैया नहीं करा पा रही है।

पेयजल मंत्री का दावा: सरकार ने पेयजल की फुलप्रूफ व्यवस्था की है

इस मामले में पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर कहते हैं कि पीने के पानी की फुलप्रूफ व्यवस्था सरकार ने की है। जहां से पेयजल संकट की शिकायत मिलती है, वहां तुरंत समस्या का समाधान कर दिया जाता है। जल संसाधन मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि राज्य का अपना ग्राउंड वाटर बोर्ड बनाए जाने की तैयारी है। ऐसा होने के बाद कड़े कदम उठाए जाएंगे। बोर्ड गठन के लिए ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है, बोर्ड के एक्टिव होने से लाभ मिलेगा। वैसे अभी 33 राज्यों में से 14 में ही राज्य का भू-जल बोर्ड काम कर रहा है। मिथिलेश ठाकुर के मुताबिक भू-जल का दोहन ना हो, इस पर सरकार का ध्यान है। कई योजनाओं के माध्यम से जल संरक्षण की पहल शुरू की है। ‘नीलांबर-पीतांबर जल समृद्धि योजना’ लागू की गयी है। नगर विकास की ओर से भी अलग-अलग योजनाओं के जरिये प्रयास हो रहा है।

2020 की तुलना में भू-जल की निकासी 2.22 प्रतिशत बढ़ी

पिछले दिनों जारी सेंट्रल ग्राउंड बोर्ड द्वारा झारखंड में भू-जल के गिरते स्तर को लेकर की गई रिपोर्ट के अनुसार 2020 की तुलना में भू-जल की निकासी 2.22 प्रतिशत बढ़ी है। वर्ष 2020 में जहां भू-जल की निकासी 29.13 प्रतिशत थी, वह 2022 में बढ़ कर 31.35 प्रतिशत हो गयी। राज्य में सबसे अधिक धनबाद और कोडरमा में भू-जल का दोहन हो रहा है। धनबाद में 75 प्रतिशत तो कोडरमा में 66.10 प्रतिशत है। पश्चिमी सिंहभूम में यह आंकड़ा मात्र 9.93 प्रतिशत का ही है। फिलहाल झारखंड में 1.78 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीक्यूएम) भू-जल का दोहन हो रहा है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति तो स्वच्छ पेयजल को लेकर और भी भयावह है। मैदानी इलाकों और पहाड़ों पर यह संकट गंभीर समस्या का रूप लेता जा रहा है।

बोकारो के कई गांव नदी-नालों पर निर्भर

बोकारो जिला अंतर्गत‌ गोमिया प्रखंड के तिलैया पंचायत का हलवैय गांव दनिया रेलवे स्टेशन से छः किलोमीटर दूर जिनगा पहाड़ की तलहटी मे बसा है। मूलभूत समस्याओं से घिरा हलवैय गांव के लोगों की स्थिति यह है कि इन्हें पीने के पानी के लिए नदी नालों पर निर्भर रहना पड़ता है। कुआं तो है लेकिन उसमें पानी नहीं रहने व चापाकल से दूषित पानी निकलने के कारण मजबूरी में लोग जोरिया (नाला) और चूंआ (खेतों में गड्ढा करके पानी निकालना) का पानी पीने को मजबूर है। संथाली आदिवासी बहुल गांव हलवैया काफी पिछड़ा गांव है। गांव की लगभग 250 की आबादी है। गांव में महज दो चापानल है, चापानल के पानी में आयरन की मात्रा अधिक रहने के कारण यहां के लोग चापाकल के पानी का उपयोग नहीं कर पाते हैं।

बोकारो में मनरेगा से बने कुएं में भी नही है पानी

बोकारो जिले में मनरेगा विभाग से कुंओं का निर्माण तो किया गया है, लेकिन कुंए की गहराई इतनी कम है कि उसमें पानी निकलता ही नहीं। ऐसे में बाध्य होकर ग्रामीणों को गांव से डेढ किलोमीटर की दूरी पर भितिया नाला से पानी लाना पड़ता है. ग्रामीण बताते हैं कि पानी  की समस्या का निराकरण का एकमात्र उपाय है डीप बोरिंग करके पानी गांव में सप्लाई किया जाए। विगत छह माह पूर्व क्षेत्र के विधायक डॉ. लम्बोदर महतो को एक पत्र देकर गांव में पानी की समस्याओं से निजात दिलाने के अलावा पथ जो काफी वर्षों से जर्जर है, का भी निर्माण कराने की मांग की गई है। इस सबंध में पूछे जाने पर विधायक महतो ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग बोकारो को पत्र अग्रसारित कर समस्याओं के समाधान को कहा गया है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि मांग पत्र दिए छह माह से ऊपर हो गए हैं, इसके बावजूद अभी तक कुछ नहीं हुआ है। ऐसे में पानी के लिये पेयजल स्वच्छता विभाग से डीप बोरिंग कर ही पानी की जरूरत को पूरा किया जा सकता है.

कई दशकों से पेयजल का संकट झेल रहे हैं पहाड़िया समुदाय

साहिबगंज जिला के बोरियो प्रखंड के दुर्गाटोला पंचायत के चंपा पहाड़ के पहाड़िया समुदाय इन दिनों बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इसको लेकर वो साहिबगंज डीसी रामनिवास यादव से गुहार भी लगा चुके हैं। लेकिन इस पहाड़ पर रहने वाले पहाड़िया समुदाय के लोगों को कोई राहत नहीं मिली है। दूसरी तरफ बोरियो प्रखंड के ही तेलो मांझी टोला के ग्रामीण भी बूंद-बूंद पानी के तरस रहे हैं। पानी की समस्या इतनी गंभीर हैं कि यहां के लोग अगले चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने की बात कह रहे हैं। गांव में 200 से अधिक लोग रहते हैं। जिनका जीवन पानी के बिना बड़ी मुश्किल में है। ग्रामीण बताते हैं कि जल संकट इतना गंभीर हैं कि किसी तरह खाना बनाना तो हो जाता हैं लेकिन नहाना-धोना बहुत मुश्किल है। क्योंकि यहां के आसपास न तो कोई नदी है न ही कोई जोरिया, जिसमें चूंआ बनाकर पानी लाया जा सके। इस संबंध में पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि उस पहाड़ पर पानी का लेयर नहीं है। इस कारण पहाड़ के नीचे बोरिंग कर बहुत जल्द इस गांव को पाइप लाइन से पानी पहुंचाया जाएगा। इसी गांव में दो वर्ष पूर्व बोरिंग से पानी की व्यवस्था की गई थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद वह बेकार हो गया।

दुनिया की लगभग 26% आबादी को साफ पानी मयस्सर नहीं

पिछले 22 मार्च 2023 को दुनिया भर में ‘विश्‍व जल दिवस’ मनाया गया। इस बीच यूएन (यूनाइटेड नेशन) की रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया की लगभग 1.7 से 2.40 अरब की शहरी आबादी पानी के संकट से जूझेगी। संयुक्त राष्ट्र की तरफ से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2016 में धरती पर 9.33 करोड़ आबादी पानी के संकट से जूझ रही थी। उसके बाद इस जल संकट कई देशों में तेजी से बढ़ा। रिपोर्ट में एक और बड़ा दावा तो यह भी है कि एशिया में करीब 80% आबादी जल संकट से जूझ रही है। यह संकट पूर्वोत्तर चीन, भारत और पाकिस्तान पर सबसे ज्यादा है। संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि 2050 तक दुनिया में पानी का संकट भारत में सबसे ज्यादा होगा। इसके अलावा पड़ोसी देश पाकिस्‍तान और चीन में भी पानी के लिए हाहाकार मचेगा। इन देशों में कई नदियों में बहाव की स्थिति भी कमजोर पड़ जाएगी। दुनिया की लगभग 26% आबादी को साफ पानी नहीं मिल रहा। पश्चिमी एशिया और अफ्रीका के बहुत-से देशों में पेयजल का संकट है। लोगों को पीने के लिए स्‍वच्‍छ पानी नहीं मिल पाता।

फैक्टशीट : भारत में जितना भी बारिश का पानी जमीन में अंदर जाता है, उसका 63 फीसद पीने और सिंचाई जैसे कार्यों के लिए निकाल लिया जाता है। वर्ष 2021 में आई कैग की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में 100 फीसद भूमिगत जल का दोहन हो रहा है। इसलिए इन राज्यों में भूमिगत जल का पूरी तरह खत्म हो जाने का खतरा मंडरा रहा है।

(विशद कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं.)

राम भक्तों के लिए

निजी स्कूलों में कुल 9,974 सीटों पर बीपीएल के सिर्फ 4,386 बच्चों के ही नामांकन, 2,588 बच्चे रह गए वंचित,ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करे सरकार: वीएस नायक

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रांची: शिक्षा अधिकार कानून से 2,588 बीपीएल वर्ग के दलित आदिवासी-मूलवासी एवं अन्य आर्थिक रूप से कमजोर स्वर्ण समाज के बच्चों को नामांकन से वंचित करनेवाले सभी निजी स्कूलों की मान्यता झारखंड सरकार को रद्द कर देनी चाहिए. मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर झारखंडी सूचना अधिकार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष आदिवासी मूलवासी जन अधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष भाई विजय शंकर नायक ने कही। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022- 2023 में राज्य के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कुल 9,974 सीटों पर बीपीएल वर्ग के दलित आदिवासी-मूलवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर स्वर्ण समाज के बच्चों का नामांकन होना सुनिश्चित था, मगर केवल 4,386 बच्चों का ही नामांकन निजी विद्यालयों में किया गया और 2,588 बच्चों का नामांकन नहीं किया गया, यह जांच का विषय है कि आखिर किस परिस्थिति में इन वर्गों के बच्चों को नामांकन से वंचित किया गया।

नामांकन में फिसड्डी साबित हुई रांची

श्री नायक ने कहा कि सबसे खराब स्थिति राजधानी रांची का रहा, जहां 1,213 बच्चों को नामांकन करना था, जिसमें मात्र 636 बच्चों का ही नामांकन किया गया और 577 बच्चों का नामांकन नहीं किया गया. दूसरे स्थान पर पूर्वी सिंहभूम रहा जहां, 1,540 बच्चों में से मात्र 983 बच्चों का ही नामांकन किया गया और 558 बच्चों को वंचित रखा गया. तीसरे स्थान पर बोकारो जिला रहा, जहां 528 बच्चों में से मात्र 308 बच्चों का नामांकन किया गया और 220 बच्चों का नामांकन नहीं किया गया. चौथे स्थान पर देवघर रहा, जहां 361 बच्चों का नामांकन करना था जिसमें मात्र 152 बच्चों का नामांकन किया गया और 209 बच्चों का नामांकन नहीं किया गया. पांचवे स्थान में सरायकेला रहा, जहां 354 बच्चों का नामांकन करना था, पर मात्र 156 बच्चों का ही नामांकन किया गया और 198 बच्चों का नामांकन नहीं किया गया. अन्य जिलों की स्थिति भी कमोबेश यही है।

सीएम लंबित प्रस्ताव पर गौर फरमाएं

श्री नायक ने कहा कि पूर्व में मुख्यमंत्री से मांग की गई थी कि बच्चों के फीस निर्धारण के लिए जो प्रस्ताव बनाकर दिया गया था, उसे लागू किया जाए. आखिर क्यों आज भी यह प्रस्ताव लंबित है। सीएम को अविलंब उस प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति प्रदान करें ताकि बच्चों को स्कूल में फीस वृद्धि के साथ नामांकन हो सके।

राम भक्तों के लिए

तेजस्वी यादव पिता बने, लालू यादव के घर हुआ पोती का जन्म, डिप्टी सीएम ने खुद शेयर की तस्वीर

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#बिहार के डिप्टी सीएम #तेजस्वी_यादव#पिता बन गए हैं। उन्होंने खुद बेटी के जन्म की खबर ट्विटर पर साझा की है। उन्होंने एक तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें वह बच्ची को गोद में लिए दिख रहे हैं।बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पिता बन गए हैं। उन्होंने खुद बेटी के जन्म की खबर ट्विटर पर साझा की है। उन्होंने एक तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें वह बच्ची को गोद में लिए दिख रहे हैं। तेजस्वी यादव ने खुद ही ट्वीट कर बेटी के जन्म की जानकारी दी है। तेजस्वी यादव ने बेटी को गोद में लिए हुए अपनी फोटो शेयर की है और कैप्शन में लिखा है, ‘ईश्वर ने आनंदित होकर पुत्री रत्न के रूप में उपहार भेजा है।तेजस्वी यादव के पिता बनने पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘पवित्र नवरात्र के दिनों में माता रानी के इस आशीर्वाद के लिए आपको एवं आपके पूरे परिवार को बहुत-बहुत बधाई तेजस्वी जी। बिटिया रानी को ख़ूब सारा दुलार एवं आशीर्वाद, ईश्वर आपके परिवार को सदा ख़ुश रखें।’ बता दें कि हाल ही में सीबीआई की टीम दिल्ली में तेजस्वी यादव के घर पहुंच गई थी। इस पर तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि मेरी गर्भवती भाभी को भी परेशान किया जा रहा है तेजस्वी की बेटी की पहली तस्वीर आई सामने, बहन रोहिणी ने दी बधाई।आज भी रोहिणी आचार्य ने बुआ बनने पर खुशी जाहिर की है। रोहिणी आचार्य ने भाई और भतीजी की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ‘आज किलकारी गूंजी है मेरे घर-आंगन में खुशियों का ऐसा तोहफा दिया है ईश्वर ने ।’ रोहिणी आचार्य ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘बनकर नन्हीं सी परी मेरे घर मेहमान आई है, खुशियों की संग सौगात लाई है दादा-दादी बनने की खुशी में मम्मी-पापा के चेहरे पे जो मुस्कान लाई है।’

राम भक्तों के लिए
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