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गोमिया | शनिवार को गोमिया प्रखंड मुख्यालय परिसर में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम में माननीय मंत्री, पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग योगेंद्र प्रसाद महतो ने 44 मांझी हाउस केंद्रों के लिए 14 प्रकार के वाद्य यंत्र (कुल 614) का वितरण किया।
कार्यक्रम से पूर्व मांझी हाउस के सदस्यों ने प्रखंड गेट से पारंपरिक वाद्य-नृत्य के साथ मंत्री जी का भव्य स्वागत किया और उन्हें प्रखंड मुख्यालय तक ले गए। तत्पश्चात प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार महतो एवं अंचल अधिकारी आफताब आलम द्वारा माल्यार्पण कर मंत्री का अभिनंदन किया गया। वहीं गोमिया प्रखंड प्रमुख को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने कहा कि मांझी हाउस केंद्र हमारी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामुदायिक एकता के सशक्त प्रतीक हैं। वाद्य यंत्रों का यह वितरण मात्र सामग्री उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, लोककला, जल–जंगल–जमीन और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में एक दूरगामी पहल है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार महतो ने अपने संबोधन में कहा कि मांझी हाउस केंद्र ग्रामीण समाज की पहचान और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं। वाद्य यंत्रों की उपलब्धता से युवाओं और कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा लोकसंस्कृति को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।
कार्यक्रम में गोमिया प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष लुदु मांझी एवं गोमिया प्रखंड प्रमुख ने भी अपने विचार रखते हुए इस पहल को आदिवासी समाज के लिए ऐतिहासिक बताया।
वाद्य यंत्र वितरण के दौरान एक विशेष क्षण तब देखने को मिला जब मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने स्वयं वाद्य यंत्र बजाकर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया। मंत्री जी को वाद्य यंत्र बजाते देख ग्रामीणजन हर्षित हो उठे और पूरे परिसर में तालियों व उल्लास का माहौल बन गया।
कार्यक्रम का संचालन रोजगार सेवक विनय गुरु ने किया।
मौके पर गोमिया विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि अमित पासवान, निजी सहायक अशरफ अली, प्रखंड पूर्व प्रमुख गुलाबचंद हंसदा और स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
पूरा कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ, जिसने गोमिया प्रखंड में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक संदेश दिया।








































