20.7 C
Ranchi
Sunday, March 8, 2026
Advertisement
HomeLocal NewsGiridihपारसनाथ की पहाड़ी पर दर्शन करने जा रहे स्कूली बच्चों को रोके...

पारसनाथ की पहाड़ी पर दर्शन करने जा रहे स्कूली बच्चों को रोके जाने पर हुआ हंगामा, विरोध में सड़क जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा

गिरिडीह (मधुबन) : जैन समुदाय के प्रसिद्ध तीर्थस्थल पारसनाथ की पहाड़ी पर दर्शन करने जा रहे स्कूली बच्चों को रोके जाने से जमकर हंगामा हुआ. इसके विरोध में मधुबन बाजार को बंद कराया गया. वहीं, गैर जैन समाज के लोगों द्वारा सड़क जाम किया गया. गैर जैन धर्मावलंबियों के जैन मंदिरों में प्रवेश पर रोक लगाने से बवाल हुआ है. जानकारी के अनुसार, इधर कुछ दिनों से जैनियों के मंदिर में गैर जैन धर्मावलंबियों के प्रवेश पर रोक लगाने से लोगों में आक्रोश बढ़ ही रहा था कि बुधवार को स्कूली बच्चों को पर्वत पर जाने से कुछ जैन यात्रियों द्वारा रोके जाने से लोगों का गुस्सा बढ़ गया और विरोध शुरू हो गया. विरोध में गैर जैन समाज के लोगों ने मधुबन में बाजार को बंद कराना शुरु कर दिया. इसी बीच दोनों पक्ष के बीच नोकझोंक की भी सूचना है.

मधुबन में स्थिति तनावपूर्ण पर, नियंत्रण में

स्थानीय गैर जैन समाज के लोग जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन भी कर रहे हैं. मधुबन में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. आक्रोशित लोग मधुबन थाना के गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं, सूचना मिलते ही एसडीओ, एसडीपीओ पुलिस जवानों के साथ मधुबन पहुंच गए हैं. लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है. बता दें कि पारसनाथ की पवित्रता को लेेकर गिरिडीह के डीसी नमन प्रयेश लकड़ा ने वंदना मार्ग में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर एसडीपीओ और स्थानीय पुलिस को तत्काल मधुबन और आसपास अवैध शराब की खरीद-बिक्री और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है. स्थानीय पुुुुलिस प्रशासन वहां की स्थिति को लेकर गंभीरता बरत रहा है. लेकिन आज की घटना क्यों और कैसे हुुई, इस बारे में संंपूर्ण जानकारी की प्रतीक्षा है. वैसे खबर है कि अभी वहां स्थिति नियंत्रण में बतायी जाती है.


Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading