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Saturday, March 7, 2026
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सीएम हेमंत सोरेन पत्नी संग पारसनाथ मांझी थान में पूजा अर्चना कर राज्य की प्रगति की कामना की

गिरिडीह (कमलनयन) : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी विघायक कल्पना सोरेन के साथ शुक्रवार को सम्मेद शिखर पारसनाथ पहाड़ पर स्थित आदिवासियों के आस्था का प्राचीन केन्द्र मरंगबुरू दिशोम मांझी थान पूजा अर्चना कर मारंगबुरु-जुग जाहेर  झारखंडवासियों की सुख-समृधि और प्रगति की कामना की। राज्य के मुखिया दंपती ने संथाली संस्कृति के अनुसार पूजा-अर्चना की। पूजा की सारी विधि आदिवासी समाज के पुजारी और उनके सहयोगी बबलू हांसदा समेत कई पुजारियों ने संपन्न कराया। इस दौरान सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने राज्य में शांति और आनेवाले चुनाव में जीत दर्ज कराने की कामना की।

मांझी थान के बाहर पहाड़ में पौधरोपण किया गया

पूजा-अर्चना के बाद सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने पुजारियों के साथ आदिवासी महिलाओं के साथ कुछ पल के लिए बैठक कर स्थानीय कई मुद्दे पर चर्चा की। इस क्रम में मांझी थान के बाहर पहाड़ में पौधरोपण किया गया। इसके बाद सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन मधुबन के क्षेत्रपाल भोमिया जी बाबा का मंदिर भी पहुंचे। पूरे विधि-विधान से दर्शन कर राज्य उन्नति, अमन-चैन की दुआ मांगी।  मौके पर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी दीपक कुमार शर्मा, सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद, टुंडी विधायक मथुरा महतो, पार्टी नेता महालाल सोरेन मौजूद व अन्य मौजूद थे।

मारंग बुरु मांझी थान का संक्षिप्त इतिहास

पारसनाथ प्राचीन मारांग बुरु दिशोम मांझी थान के प्रति संथाल समाज की विशेष आस्था रही है। झामुमो के सांसद शिबू सोरेन परिवार का पारसनाथ दिशोम मांझी थान पर दशकों से आस्था रही है। स्वयं शिबू सोरेन इस तीर्थ स्थल पर आते रहे हैं। कहते है कि संथाल समाज में लोग जब भी कुछ भी नया कार्य करते हैं तो, दिशोम मांझी थान को याद कर मत्था टेकते मनोकामना पूरी होने पर विशेप पूजा अर्चना करते हैं। बताया जाता है कि सिद्धो-कान्हू समेत कई महानायकों ने अंग्रेज के खिलाफ जब संथाल विद्रोह से सबसे पहले यहां मारांग बुरु का नाम लेकर पूजा की थी।

बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर सीएम ने भाजपा का राजनीतिक एजेंडा करार दिया,कहा-हमारी चिंता मॉनसून को लेकर है…हमारा लक्ष्य किसानों के हित में योजना बनाना है

गिरिडीह : झारखंड के संथालपरगना से सटे सीमावर्ती इलाकों में बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह महज सियासी एजेंडा है। भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं के झारखंड में दौरे की बाबत स्पष्ट किया कि राजनीतिक दलों के लोगों का कार्यक्रमों आना-जाना लगा रहता है। सरकार अपना समय राज्यवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए गंभीरता से लगी है। सीएम हेमंत सोरेन शुक्रवार को मधुबन में अधिकारियों संग समीक्षा बैठक करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। सीएम ने कहा कि सरकार का ध्यान अभी मॉनसून की वर्षा को लेकर है। इस वर्ष भी अपेक्षित वर्षा नहीं हुई तो सरकार किसानों के हित में आगे की योजना पर विचार करेगी।

जिन्हें जो शिगूफा छोड़ना है…छोड़ते रहें…किसने रोका है…!

झारखण्ड में समय से पहले विस चुनाव होने की चर्चा पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव संवैधानिक प्रक्रिया है। संवैधानिक प्रक्रिया से ही चुनाव होगा बाकी, जिन्हें जो शिगूफा छोड़ना है छोड़ते रहें किसने रोका है।  इससे पहले मधुबन परिसदन भवन में गिरिडीह जिले के अधिकारियों संग सीएम ने समीक्षात्मक बैठक की. बैठक में जिलाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के अलावा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे। यहां सीएम ने सबसे पहले धनरोपनी की स्थिति की जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों से ली. साथ ही साथ स्थिति पर नजर रखने को कहा।

सीएम ने 200 यूनिट फ्री बिजली देने के कार्यों की समीक्षा की

बैठक में सीएम ने 200 यूनिट फ्री बिजली देने की दिशा में चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गयी अधिकारियों से इस दिशा में चल रहे कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी. अधिकारियों से पूछा कि जिनके घरों पर मीटर नहीं लगा, उसे लेकर क्या किया जा रहा है. सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि इस योजना का लाभ लोगों को मिले इस दिशा में गंभीरता से कार्य करे. इस दौरान राजयसभा सांसद सरफराज अहमद, विधायक कल्पना सोरेन, मथुरा महतो, सुदिव्य कुमार के अलावा डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी दीपक कुमार शर्मा समेत कई विभाग के आला अधिकारी मौजूद थे।

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