20.4 C
Ranchi
Sunday, March 8, 2026
Advertisement
HomeLocal NewsGumlaडालसा एवं जिला प्रशासन गुमला के द्वारा संयुक्त रूप से विधान से...

डालसा एवं जिला प्रशासन गुमला के द्वारा संयुक्त रूप से विधान से समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया

गुमला :-  डालसा रांची एवं जिला प्रशासन गुमला के द्वारा संयुक्त रूप से विधान से समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुरूआत किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय उरांव के द्वारा स्वागत भाषण दिया गया तथा प्रखंड में चल रहे योजनाओं के विषय में बतलाया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला  राम कुमार लाल गुप्ता ने कहा कि महिलाएं मातृशक्ति हैं ,जननी है परिवार में महिला शिक्षित और सशक्त हो तो वह परिवार सशक्त रहता है बच्चों का पहला शिक्षक मां होती है।
आज महिलाओं को समान का दर्जा है महिला एवं पुरुष सभी एक दूसरे से कंधे से कंधे मिलाकर चल रहे हैं। आज की बच्चियों पढ़ाई में एवं खेलकूद में लड़कों से पीछे नहीं है। लेकिन हमारे समाज में कुछ कुरीतियां है जो हमारे समाज को कलंकित करता है और हमें विकास से पीछे धकेलता है। जिसमें मुख्य रूप से नशा है, जिस परिवार के मुखिया नशा का आदि होता है तो उस परिवार के बच्चे पत्नी  पर उसका बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते हैं परिवार बिखर जाता है।
दूसरा हमारे क्षेत्र में डायन बिसाही मामला पूरे क्षेत्र को कलंकित करता है आज हम इतने पढ़े लिखे शिक्षित होने के बावजूद भी यदि एक असहाय बुढ़िया महिला को डायन करते हैं तो इससे ज्यादा दुर्भाग्य क्या हो सकता है ? इसलिए हमें यह भ्रम को दूर करना होगा। डायन जैसी कोई चीज नहीं होती है। हमें किसी को भी डायन नहीं कहना या समझना चाहिए अन्यथा कानूनी रूप से यह दंडकारी होगा।
हमारे सहिया एवं आंगनबाड़ी सेविका गांव-गांव में लोगों के बीच जुड़ी रहती है वे इन गतिविधियों को ध्यान में रखें कि कोई भी व्यक्ति किसी को डायन ना कहे या समझें । यदि इस तरह की कोई घटना गांव में होती है तो पुलिस को तुरंत सूचित करें । सचिव  ने कहा कि डालसा हर समय आपको विधिक सेवा प्रदान करने के लिए तत्पर है यदि आपको कानून संबंधी परेशानी हो या कोई योजना से संबंधित या मुआवजे से संबंधित सभी मामलों में डालसा आपका सहयोग करेगा।
आपके सहयोग के लिए हमारे पीएलभी ब्लॉक, थाना , पंचायत में है जिसे आप सहायता ले सकते हैं। उन्होंने मोटर वाहन दुर्घटना एवं अन्य कानून के विषय में और योजनाओं के विषय में लोगों को विस्तृत रूप से जानकारी दी।
स्थाई लोक अदालत की नव चयनित सदस्य  शंभू सिंह ने कहा कि महिलाएं सशक्त एवं सजग रहेंगे तो बहुत से सामाजिक कुरीतियां दूर हो सकती है।
हमारे क्षेत्र में मानव तस्करी और बाल विवाह जैसी  कुप्रथा प्रचलित है जिसे बच्चियों को बाहर ले जाकर दलालों के द्वारा बेच दिया जाता है और बच्चियों हमेशा के लिए एक दलदल में फंसकर रह जाती है जीवन उनका न हो जाता है । बाल विवाह में भी बच्चों का भविष्य अंधकार में हो जाता है उनकी पढ़ाई लिखाई छूट जाती है और शारीरिक बीमारियां घर कर जाती है। इसलिए महिलाओं को इन बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
बच्चों को सरकार द्वारा निशुल्क शिक्षा मिल रही है अतः बच्चों को शिक्षा देने का कार्य करें ताकि परिवार समाज एवं देश का हित होगा। परिवार में माता का या पिता की मृत्यु के कारण बच्चों की पढ़ाई में बाधा नहीं हो इसके लिए सरकार स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत एक बच्चे को ₹4000 प्रतिमाह देती है तथा फोस्टर केयर ,एवं किंशिप केयर जैसी योजना  बच्चों के लिए सरकार चल रही है जिसका लाभ आप उठा सकते हैं। लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ  बुंदेश्वर गोप ने  घरेलू हिंसा पर लोगों को विस्तृत रूप से जानकारी दिया।
उक्त कार्यक्रम में लाभुकों के बीच परिसंपत्ति एवं कंबल का वितरण की गई ,साथ की गोद भराई एवं मुहजूठी कार्यक्रम भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी  विजय उरांव  सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार  राम कुमार लाल गुप्ता, स्थाई लोक अदालत के सदस्य  शंभू सिंह, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी  बुंदेश्वर  गोप, प्रमुख पालकोट ,डीएलएसए के प्रकाश पांडे, प्रखंड के अन्य पदाधिकारीगण एवं स्थानीय महिला, पुरुष एवं लाभुक उपस्थित थे।
न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया

Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading