गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय स्थित विद्या भारती झारखंड की योजना अनुसार सरस्वती विद्या मंदिर गुमला में बाल विकास को समर्पित त्रि दिवसीय आचार्य कार्यशाला का आज सफल समापन हुआ। समापन सत्र में स्थानीय प्रबंधन समिति के सचिव विजय बहादुर सिंह ने आचार्यों को संबोधित करते हुए कहा की तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यशाला में आपने जो मंथन किया है यह आने वाले समय में बच्चों के लिए काफी लाभकारी सिद्ध हो । साथ ही आश्वस्त किया कि शैक्षणिक गतिविधि से संबंधित हर जरूरतों की हर प्रकार से पूर्ति की जाएगी। आचार्य बच्चों के शैक्षणिक संवर्धन के लिए पूरी तरह से संकल्पित होकर शैक्षणिक कार्य में भाग ले।समापन सत्र में विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव के अतिरिक्त कोषाध्यक्ष प्रभात कुमार दास, प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा तथा समिति सदस्य राजेश कुमार की गरिमामय उपस्थिति रही।
इससे पूर्व कार्यशाला का शुभारंभ 28 मार्च को सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। सह सचिव त्रिभुवन शर्मा ने बाल विकास, आचार्य विकास, समिति विकास पर चर्चा करते हुए बाल विकास के विभिन्न आयामों से अवगत करवाया ।
कार्यशाला के अंतिम दिन आचार्य सुदर्शन शर्मा ने NAC के विषय में जानकारी दी। वही आचार्य आशा कुमारी ने पंच पदी शिक्षण पद्धति की विस्तृत जानकारी दी तथा आचार्य संजीव कुमार दुबे ने TLM द्वारा शिक्षण की उपयोगिता बताई। विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति ने कार्यशाला में लिए गए निर्णयों के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए नए सत्र 2025- 26 में बच्चों की शिक्षा दीक्षा में अप्रैल के प्रथम दिवस से ही सक्रियता लाने की बात कही।
इसके पूर्व के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने प्रतिदिन प्रत्येक सत्र में साल भर की शैक्षणिक एवं सह शैक्षणिक गतिविधियों के निमित्त कार्य योजना सुनिश्चित कराई। सत्र आरंभ से लेकर के मार्च 2026 के परीक्षा फल के बीच शैक्षणिक कार्यशाला अभिभावक गोष्ठी ,मातृ सम्मेलन ,नाना-नानी दादा-दादी सम्मेलन, प्रांतीय खेलकूद प्रतियोगिता , प्रांतीय एवं क्षेत्रीय प्रश्न मंच प्रतियोगिता सहित विद्यालय स्तरीय एवं संकुल स्तरीय प्रतियोगिताओं संस्कृति ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा में विविध विद्यालयों की सहभागिता ,समर्पण पखवारा में अधिकतम समर्पण का संकल्प, सहित नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों को शैक्षणिक लाभ पहुंचाने संबंधी विषयों का प्रतिपादन किया गया।
न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया