20.5 C
Ranchi
Monday, March 9, 2026
Advertisement
HomeLocal NewsGiridihअन्नपूर्णा देवी ने प. बंगाल में जारी हिंसा को कहीं से उचित...

अन्नपूर्णा देवी ने प. बंगाल में जारी हिंसा को कहीं से उचित नही ठहराया, ममता सरकार को कटघरे में खड़ा किया

 

गिरिडीह : भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सिर्फ एक समुदाय के अलावा अन्य समुदाय के लोग भी रहते हैं, जिन्हें सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेवारी का काम प. बंगाल की सरकार को बगैर भेदभाव के करना चाहिए। केन्दीय मंत्री सोमवार को गिरिडीह में पत्रकारों से बात कर रही थीं।

केंद्रीय मंत्री ने मुर्शिदाबाद के हालात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि प. बंगाल में हिंसा का वीभत्स रूप देखा जा रहा है, जिसे कहीं से भी अच्छा नहीं कहा जा सकता. कहा कि उपद्रवी लोगों के घरों में घुसकर हिंसा कर रहे है. लोगों के घरों को जलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों की हत्या तक की जा रही है। आलम यह है कि प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी  लगातार हिंसा को बढ़ावा देने पर आमादा है।

मंत्री ने ममता बनर्जी की नीयत पर उठाया सवाल

केन्दीय मंत्री ने कहा कि केवल खास समूह को इस तरह का कृत्य करने के लिए सरकार जिम्मेदार है और मुझे लगता है कि यह सही नहीं है। केन्द्रीय मंत्री ने प. बंगाल सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि प. बंगाल की ममता सरकार क्या किसी खास समूह के लिए ही बनी है? और खास समूह के लिए ही काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च सदन ने जिस बिल को पास कर दिया है और राष्ट्रपति ने उस बिल पर मुहर लगा दी है और अब वह कानून बन गया है. उस कानून के विरोध में इस तरह की हिंसा होना कानून व्यवस्था के लिए कतई सही नहीं है।

इससे पहले केन्द्रीय मंत्री ने भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर संविधान निर्माता को श्रृद्धा सुमन अर्पित किया। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साव, जिला अध्यक्ष महादेव दुबे समेत पार्टी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।


Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading