20.4 C
Ranchi
Sunday, March 8, 2026
Advertisement
HomeLocal NewsGumla"गुमला में ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान की शुरुआत, एक...

“गुमला में ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान की शुरुआत, एक सप्ताह में 50 हजार पौधारोपण का लक्ष्य”

गुमला, झारखंड। गुमला झारखंड शिक्षा परियोजना के तहत जिलेभर के सरकारी, निजी और अल्पसंख्यक विद्यालयों में “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान का शुभारंभ किया गया है। यह विशेष पौधारोपण अभियान 25 से 30 अगस्त 2025 तक चलेगा, जिसका लक्ष्य एक सप्ताह में 50 हजार पौधे लगाने का रखा गया है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए विद्यालय स्तर से पहल

अभियान का उद्देश्य न केवल जिले को हरित बनाना है, बल्कि विद्यालय स्तर से बच्चों और समुदाय को प्रकृति संरक्षण और पर्यावरणीय जागरूकता से जोड़ना भी है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के लिए निर्धारित 1.60 लाख पौधारोपण का लक्ष्य भी पूरा किया जाएगा।

पौधों का वितरण और विद्यालयों की भूमिका

25-26 अगस्त को सभी प्रखंडों ने वन प्रमंडल से आवंटित पौधों को उठाकर विद्यालयों में वितरित किया। इसके बाद 30 अगस्त तक हर विद्यालय इसे उत्सव की तरह मनाते हुए पौधारोपण करेगा।
इस दौरान छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक, जनप्रतिनिधि और स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) सदस्य विद्यालय परिसर, मार्गों, सार्वजनिक स्थलों और घरों में पौधे लगाएंगे। साथ ही, बच्चों को ईको क्लब की वेबसाइट से ई-प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की अपील

जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों को यह सीख देगा कि “पेड़ सिर्फ ऑक्सीजन नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति की निरंतरता का आधार हैं।”
जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने जोड़ा कि पौधारोपण का मकसद पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृभूमि और प्रकृति माता के प्रति कृतज्ञता भी है।

नोडल पदाधिकारी बीपीओ दिलदार सिंह ने बताया कि झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित 1.60 लाख पौधों के लक्ष्य का 50% से अधिक हिस्सा गुमला जिले ने पहले ही पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ गुमला राज्य का पहला जिला बन गया है, जिसने यह प्रगति हासिल की है।

हरित गुमला की ओर कदम

वन प्रमंडल के सहयोग से गुमला, घाघरा, सिसई और चैनपुर की पौधशालाओं से निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सभी 12 प्रखंडों को ये पौधे सौंपे गए हैं, जिन्हें विद्यालय स्तर पर सामूहिक पौधारोपण में इस्तेमाल किया जाएगा।

प्रकृति से जुड़ी आदिवासी परंपरा का विस्तार

गुमला की उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा, “झारखंड की पहचान उसकी हरियाली, जल-जंगल और पहाड़ों से है। यहां की आदिवासी संस्कृति हमेशा प्रकृति पूजक रही है और पेड़-पौधों को माँ मानकर उनकी रक्षा करना जीवन का हिस्सा है। ‘हरित विद्यालय–हरित गुमला’ अभियान इसी विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास है।”

संदेश और उम्मीदें

इस पौधारोपण अभियान के जरिए न केवल “हरित गुमला” का सपना साकार करने की कोशिश की जा रही है, बल्कि छात्रों और समुदाय को यह संदेश भी दिया जा रहा है कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी धरोहर है।

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 


Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading