24.6 C
Ranchi
Sunday, March 8, 2026
Advertisement
HomeLocal NewsHazaribaghगोरहर थाना परिसर में दबंगई का तांडव: मुखिया पति और बेटे पर...

गोरहर थाना परिसर में दबंगई का तांडव: मुखिया पति और बेटे पर महिला से मारपीट का आरोप

हज़ारीबाग : जिले के गोरहर थाना परिसर में रविवार को एक चौंकाने वाली घटना घटी, जिसने पुलिस पर उठते सवालों को और गहरा कर दिया है। आरोप है कि बेलकपी पंचायत की मुखिया ललिता देवी के पति धीरेन्द्र पाण्डेय और उनके बेटे बब्लू पाण्डेय ने थाना परिसर में ही एक महिला को खुलेआम गाली-गलौज और मारपीट का शिकार बनाया—और यह सब वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने हुआ।

पीड़िता का आरोप

पीड़िता उर्मिला देवी, जो बेलकपी गांव (थाना-गोरहर) की निवासी और सुखलाल ठाकुर की पत्नी हैं, थाना में आवेदन देने अपने परिवार के साथ पहुँची थीं। उनका कहना है कि आवेदन देने के दौरान अचानक मुखिया का पति और बेटा वहां पहुंचे और उन पर टूट पड़े। उन्होंने कई बार धक्का-मुक्की की और पिटाई भी की।पुलिस की चुप्पी पर सवालसबसे गंभीर पहलू यह रहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। उन्होंने न मारपीट रोकने की कोशिश की और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है और यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि आखिर थाना परिसर के भीतर भी अगर सुरक्षा नहीं मिले तो आमजन कहां न्याय की उम्मीद करें।धमकी देने का आरोपउर्मिला देवी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें और उनके परिवार को धमकाया। उनका कहना है कि दबंगों ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“अगर तुम हमारे खास आदमी लक्ष्मण ठाकुर और उसके परिवार के खिलाफ मुकदमा करोगी, तो इसका अंजाम गंभीर होगा।”

क्षेत्र में सनसनी, कानून पर प्रश्नचिह्न

इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से सवाल किया है कि जब दबंगई थाना परिसर में ही खुलेआम हो रही है और पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है, तो क्या ऐसे हालात में कानून की ताकत दबंगों के आगे बेबस है?

न्यूज – विजय चौधरी 


Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading