20.4 C
Ranchi
Sunday, March 8, 2026
Advertisement
Homeगिरिडीह - क्यो पड़ा एक होटल का नाम बेवकूफ होटल
Array

गिरिडीह – क्यो पड़ा एक होटल का नाम बेवकूफ होटल

गिरिडीह – अगर आपको लगता है सिर्फ आमिर खान ही इडियट है तो ये आपका भरम है, झारखंड के गिरिडीह शहर मे चले आइए आपको एक दर्जन से भी जायेदा बेवकूफ लोग मिलेंगे, माफ कीजिएगा लोग नहीं होटल मिलेंगे, दरअसल मे गिरिडीह शहर मे एक दर्जन से जायेदा होटेलों के नाम मे बेवकूफ लगा हुआ है , मसलन बेवकूफ होटल , सबसे बड़ा बेवकूफ होटल , बेवकूफ नंबर वन होटल, इत्यादि | 1971 मे बीरबल प्रसाद और उनके चाचा जी आर्थिक परेशानी से गुजर रहे थे तो उन्होने गिरिडीह मे एक बिना नाम का होटल खोला और चलाने लगे , खाने के दाम सस्ता रखा था तो लोगों की भीड़ लगी रहती थी इसी भीड़ का फायेदा उठा कर कुछ छात्र खा कर बिना पैसे दिये चलते बने तो होटल के मालिक बीरबल प्रसाद के चाचा ने कहा की ये लोग तो हमको बेवकूफ बना के चले गए बस फिर क्या था बिना नाम के होटल का नाम बेवकूफ होटल कर दिया और फिर ये बेवकूफ होटल आगे चलकर कितना फेमस हो गया की मिलते जुलते नाम से एक दर्जन से जाएडा लोगों ने होटल खोल लिया , अगर आप गिरिडीह जाये तो सस्ते मे अच्छा खाने का मजा लेना चाहे तो बेवकूफ होटल चले जाये और बीरबल प्रसाद जी से उनकी कहानी भी सुनके आए | बीरबल प्रसाद जी बड़े ही मजेदार इंसान है खाना खिलाने के साथ साथ अपनी आपबीती भी सुनते है कैसे उन्होने 1971 से अब तक का सफर पूरा किया झारखंड वीकली की पूरी टीम के तरफ से उनको सादर प्रणाम |


Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading