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Sunday, March 8, 2026
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उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की सतत पहल से सदर अस्पताल गुमला में कायाकल्प

स्वास्थ्य सेवाओं में दिख रहे हैं व्यापक और सकारात्मक बदलाव

गुमला।
गुमला की उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की सक्रिय पहल, नियमित मॉनिटरिंग तथा वरीय और जिला स्तरीय अधिकारियों के साप्ताहिक निरीक्षण का सकारात्मक असर अब सदर अस्पताल, गुमला में स्पष्ट रूप से नजर आने लगा है। अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर और उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण से लेकर तकनीकी उन्नयन, स्वच्छता, सुरक्षा और मरीज-केंद्रित सुविधाओं के विस्तार तक कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे आम नागरिकों को बेहतर और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

सदर अस्पताल में टेली-मेडिसिन सुविधा को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इसके तहत दो ऑनलाइन कैमरों के माध्यम से रिम्स, रांची के विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधा संपर्क स्थापित किया गया है। इस व्यवस्था के अंतर्गत आईसीयू में भर्ती मरीजों की प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक रिम्स के डॉक्टरों द्वारा ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। यह सेवा पिछले माह से रोटेशनल आधार पर प्रारंभ की गई है, जिससे गंभीर एवं आपातकालीन मामलों में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श समय पर उपलब्ध हो पा रहा है।

आईसीयू में आंशिक री-मॉडलिंग के तहत आधारभूत मरम्मत, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण, संक्रमण नियंत्रण तथा ऑनलाइन टेली-मेडिसिन की व्यवस्था की गई है। वहीं आपातकालीन विभाग में मरम्मत कार्य के साथ मरीजों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रूफ कर्टेन लगाए गए हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एमटीसी में बीते छह माह के दौरान 80 प्रतिशत से अधिक बेड ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है, जो सेवाओं की उपयोगिता और भरोसे को दर्शाता है।

बाल रोग ओपीडी के सामने ‘मुस्कान’ राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत बच्चों के लिए प्ले एरिया विकसित किया गया है, ताकि उपचार के दौरान उन्हें अनुकूल और सकारात्मक वातावरण मिल सके। ‘गो-ग्रीन’ पहल के तहत अस्पताल परिसर में 100 से अधिक ऑक्सीजन उत्सर्जित करने वाले पौधों का रोपण किया गया है। पोस्टमार्टम क्षेत्र के आसपास भी पौधारोपण किया गया है। मरीजों के परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतीक्षालय में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं तथा वेटिंग एरिया का विस्तार किया गया है, जहां अब एक समय में 100 से अधिक लोग बैठकर प्रतीक्षा कर सकते हैं।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं। अस्पताल से निकलने वाले वेस्ट वॉटर को एटीपी प्लांट में ब्लीचिंग पाउडर से ट्रीट कर सुरक्षित रूप से नाली में छोड़ा जा रहा है, जो पूर्व में नहीं किया जाता था। इसके साथ ही सामान्य कचरे का प्रतिदिन नियमित उठाव सुनिश्चित किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए अस्पताल परिसर में सीसीटीवी सर्विलांस बढ़ाया गया है और वर्तमान में 54 से अधिक सीसीटीवी कैमरे कार्यरत हैं।

डिजिटल पारदर्शिता और सूचना की सहज उपलब्धता के लिए डॉक्टरों की ड्यूटी को कियोस्क मशीन में नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है, जिसे एलईडी/टीवी डिस्प्ले के माध्यम से भी प्रदर्शित किया जाता है। भविष्य में दवाओं की उपलब्धता से संबंधित कियोस्क मशीन शुरू करने की दिशा में भी कार्य प्रगति पर है। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपीडी पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जहां ABDM स्कैन एवं शेयर मशीन के माध्यम से टोकन आधारित पर्ची दी जा रही है, जिससे मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ता।

इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि सदर अस्पताल गुमला जिले का एकमात्र ऐसा अस्पताल है, जहां सर्वाधिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रतिदिन लगभग 800 से 900 मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। हाल के दिनों में भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई थी, जिसे देखते हुए विस्तृत वेटिंग एरिया, टोकन आधारित पंजीकरण व्यवस्था तथा शीघ्र प्रारंभ होने वाला वॉयस कंट्रोल टोकन सिस्टम जैसे प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पैथोलॉजी की समुचित व्यवस्था है और 608 प्रकार की दवाएं मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि अस्पताल के रख-रखाव, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। प्रतिदिन वरीय अधिकारियों द्वारा अस्पताल का भ्रमण किया जाता है और प्रत्येक निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाते हैं। उपायुक्त द्वारा भी प्रतिदिन अस्पताल की स्थिति की जानकारी ली जाती है तथा मासिक रूप से निरीक्षण और समीक्षा की जाती है।

अस्पताल के सौंदर्यीकरण के तहत रंग-रोगन, फूल-पौधों का रोपण तथा स्थानीय कला को बढ़ावा देते हुए सोहराई पेंटिंग के माध्यम से दीवारों को सजाया जा रहा है, ताकि मरीजों को सकारात्मक और मानसिक रूप से सुकून देने वाला वातावरण मिल सके। जिला सदर अस्पताल को एक मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और मरीजों के वेटिंग पीरियड को कम करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर सदर अस्पताल में सुधार की यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि अस्पताल से संबंधित किसी भी प्रकार के सुझाव या सुधार संबंधी विचार उपायुक्त कार्यालय के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर साझा करें। प्रत्येक सुझाव पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि सदर अस्पताल को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक और जनहितैषी बनाया जा सके।

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 


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