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Sunday, March 8, 2026
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उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के नेतृत्व में जिला में संचालित बोर्ड परीक्षा विजय अभियान अंतर्गत जिले के रिजल्ट सुधार के लिए पहल

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डायट गुमला द्वारा बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम हेतु जिला स्तरीय रणनीतिक कार्यशाला का आयोजन

डीडीसी, डीईओ, डीएसइ, डायट प्राचार्य सहित सभी माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों ने किया सुधार हेतु मंथन

गुमला ः गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले के विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में गुणात्मक सुधार एवं शत-प्रतिशत उत्तीर्णता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डायट, गुमला में जिले के सभी माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक सरकारी तथा अल्पसंख्यक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए एक व्यापक रणनीतिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो ने की।

कार्यशाला का शुभारंभ डीडीसी दिलेश्वर महतो, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां एवं डायट प्राचार्य प्रियाश्री भगत द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। यह दीप प्रज्वलन न केवल कार्यक्रम का औपचारिक आरंभ था, बल्कि जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के संकल्प का भी प्रतीक रहा। डायट प्राचार्य द्वारा सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ प्रदान कर पारंपरिक सम्मान किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीडीसी दिलेश्वर महतो ने कहा कि जिला प्रशासन बोर्ड परीक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में ले रहा है और इसके लिए सभी स्तरों पर सुनियोजित एवं समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शेष बचे एक माह का समय अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसका अधिकतम उपयोग कर ही बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने रेमेडियल कक्षाओं के नियमित संचालन, मॉडल प्रश्न पत्रों के गहन अभ्यास, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान, उनकी सतत मॉनिटरिंग तथा उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
डीडीसी ने शीतकालीन अवकाश के दौरान होमवर्क आधारित अध्ययन के साथ-साथ ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन को अनिवार्य बताते हुए कहा कि इससे पढ़ाई की निरंतरता बनी रहेगी और विद्यार्थियों की शैक्षणिक कमियां समय रहते दूर की जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि ऑफिसर्स की टैगिंग के माध्यम से विद्यालयों का नियमित फॉलोअप किया जा रहा है, जिससे विद्यालयों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में मोटिवेशन एवं उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो रही है।
साथ ही उन्होंने उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग, नवाचार अपनाने तथा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों पर विशेष फोकस करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यशाला के प्रारंभिक सत्र में कुमार सुंदरम भारद्वाज, संकाय सदस्य, डायट गुमला द्वारा विषय प्रवेश कराते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों, अपेक्षित परिणामों एवं प्रधानाध्यापकों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने मंच संचालन करते हुए विभिन्न सत्रों के बीच तारतम्य बनाए रखा।
कार्यक्रम के सफल संचालन में संकाय सदस्य सिकंदरनाथ प्रजापति, सतीश कुमार पांडेय एवं घनश्याम महतो का उल्लेखनीय सहयोग रहा।
कार्यशाला की विशेषता यह रही कि डीईओ कविता खलखो पूरे दिन कार्यशाला में उपस्थित रहीं साथ ही डीईओ एवं डायट प्राचार्य द्वारा प्रधानाध्यापकों एवं विषय शिक्षकों के साथ खुला संवाद, अनुभव साझा करना तथा नवाचार आधारित आइडिया शेयरिंग जैसे कार्य किए गए। दोनों पदाधिकारियों ने विद्यालय स्तर पर बेहतर शैक्षणिक वातावरण निर्माण, शिक्षक-विद्यार्थी संबंध सुदृढ़ करने तथा अनुशासन और प्रेरणा के संतुलन पर विशेष जोर दिया।
वहीं डीएसई ने शिक्षकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करते हुए विद्यालयों की वास्तविक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं संसाधन संबंधी समस्याओं की जानकारी ली तथा उनके समाधान हेतु आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

शैक्षणिक कोर समिति के डॉ. कृष्ण कुमार द्वारा उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण परिणाम प्राप्त करने हेतु डेटा आधारित विश्लेषण, पूर्व वर्षों के परिणामों की समीक्षा एवं सतत मूल्यांकन प्रणाली पर प्रस्तुति दी गई तथा झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से दिलदार सिंह द्वारा शत-प्रतिशत उत्तीर्णता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय रणनीति, विद्यालयवार लक्ष्य निर्धारण एवं सतत मॉनिटरिंग की कार्ययोजना साझा की गई।

कार्यशाला के तकनीकी एवं अकादमिक सत्रों में विभिन्न विषयों के लिए गठित शैक्षणिक कोर समिति के शिक्षकों द्वारा विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। कमजोर विद्यार्थियों को उत्तीर्ण कराने हेतु व्यावहारिक रणनीतियां, अध्याय-वार योजना, संभावित प्रश्नों की पहचान एवं उत्तर लेखन कौशल पर चर्चा की गई। जनवरी माह के अंतिम एक माह की तैयारी को ध्यान में रखते हुए सभी विषयों के अत्यंत महत्वपूर्ण पाठ्य बिंदुओं एवं परीक्षा-उपयोगी टॉपिक्स को चिन्हित किया गया।

विषयवार रणनीति के अंतर्गत—
अंग्रेजी विषय के लिए सोनाली त्रिपाठी, विज्ञान विषय के लिए सुमित कुमार नंद, गणित विषय के लिए नवीन कुमार सिंह सहित इंटर के तीनों संकाय के लिए डाक्टर कृष्ण कुमार की अध्यक्षता में एक्सपर्ट कोर कमिटी शिक्षक सदस्यों द्वारा पैनल डिस्कसन करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन की रणनीति तय की गई ।
कोर समिति द्वारा सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब शेष अवधि में विद्यार्थियों को नया पाठ पढ़ाने या नई गतिविधियों में उलझाने के बजाय केवल पुनरावृत्ति, अभ्यास एवं संदेह निवारण पर ध्यान केंद्रित किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि कमजोर विद्यार्थियों के साथ-साथ मेधावी एवं अच्छे विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन और अधिकतम अंक प्राप्त करने हेतु भी अलग रणनीति अपनाई जाएगी।
विशेष रूप से साइंस एवं गणित विषयों को परिणाम सुधार के लिए निर्णायक मानते हुए इन पर अतिरिक्त ध्यान देने की सलाह दी गई।
कार्यशाला के अंत में सभी प्रधानाध्यापकों ने जिला प्रशासन द्वारा तय की गई रणनीतियों को पूर्ण निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ विद्यालय स्तर पर लागू करने का संकल्प लिया।

न्यूज – गणपत लाल चौरसिया


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