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Sunday, March 8, 2026
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सांसद सुखदेव भगत की अध्यक्षता में गुमला जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक संपन्न

योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए गए सख्त निर्देश

गुमला :- गुमला जिला समाहरणालय स्थित सभागार में सांसद, लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र सह अध्यक्ष, जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) सुखदेव भगत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय दिशा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, बैठक का उद्देश्य जिले में संचालित विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य सरकार की विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना तथा उनके प्रभावी, समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।

बैठक में मुख्य रूप से उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित, पुलिस अधीक्षक गुमला हारिश बिन ज़मां, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी अहमद बेलाल अनवर, उप विकास आयुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी ,अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, निदेशक DRDA विद्या भूषण, जिला भू अर्जन पदाधिकारी,DCLR गुमला राजीव कुमार, SDO सदर राजीव नीरज, SDO चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, SDO बसिया जयवंती देवगम,सहित अन्य विभागीय पदाधिकारी एवं कर्मी सहित सांसद एवं विधायक प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि दिशा समिति की बैठकों को गंभीरता से लिया जाए तथा पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान डुमरी पथ निर्माण में सड़क की गुणवत्ता, कालीकरण एवं नाली निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा गंभीर आपत्तियां उठाई गईं। पिटलू घाटी क्षेत्र में सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए गए। सांसद ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी नियमित फील्ड विजिट नहीं कर रहे हैं, जो अत्यंत गंभीर विषय है। जशपुर–महुआटांड़ पथ एवं गुमला–पलमा बाइपास सड़क निर्माण में हो रही देरी पर भी असंतोष जताते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों द्वारा एनएच के कार्यों की जांच हेतु समिति गठन की मांग भी रखी गई।
एनएचएआई से जुड़े एक प्रकरण में 17 वर्षीय किशोर की मृत्यु पर प्रस्तुत रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई, जिस पर पुनः जांच को लेकर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने यह मुद्दा भी उठाया कि NH निर्माण कार्य अधूरा रहने के बावजूद टोल वसूली की जा रही है, जिस पर एनएचएआई की ओर से नियमों का हवाला दिया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने भी PD NHAI को सड़क सुरक्षा मानकों के शीघ्र अनुपालन, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुधार तथा सीसीटीवी कैमरा अधिष्ठापन में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने के क्रम में वृक्ष काटे गए थे, जिसके भरपाई हेतु NHAI द्वारा किए जाने वाले वृक्षारोपण की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है, लगभग 1,30,000 वृक्षारोपण का टारगेट है जिसके लिए कार्य चल रहा है। इस दौरान अमृत सरोवर तालाब निर्माण हेतु भी पीडी एनएचएआई द्वारा निःशुल्क सहयोग देने की सहमति व्यक्त की गई, उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों के अनुरूप तालाब निर्माण हमारे द्वारा करवा दिया जाएगा एवं तालाब निर्माण के दौरान निकलने वाले मिट्टी का प्रयोग सड़क निर्माण में उपयोग किया जाएगा।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा में टंगरा टोली, हाड़ुप एवं गुदरी जैसे क्षेत्रों में संरचनाएं तैयार होने के बावजूद जलापूर्ति प्रारंभ नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल समस्या के समाधान हेतु हिंडालको से सहयोग लेने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत संचालित योजनाओं में फंड की कमी के कारण धीमी प्रगति पर भी चिंता जताई गई।

विद्युत आपूर्ति की समीक्षा के दौरान बिजली चोरी के मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विभिन्न गांवों में विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया गया। नगर परिषद क्षेत्र में जल आपूर्ति, मीटर कनेक्शन , राजस्व वसूली आदि से संबंधित बिंदुओं की समीक्षा हुई।

कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं भूमि संरक्षण, मत्स्य पालन विभागों की समीक्षा के दौरान खनन क्षेत्रों में मिट्टी की गुणवत्ता जांच, मशरूम खेती की सफलता, वैकल्पिक कृषि विकल्पों, पशु नस्ल सुधार तथा मत्स्य और डेयरी योजनाओं की जानकारी ली गई। जेएसएलपीएस के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के विषय पर भी चर्चा हुई।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में डॉक्टरों की कमी, एम्बुलेंस सेवा, पोस्टमार्टम से जुड़ी शिकायतों तथा मेडिकल कॉलेज हेतु भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एम्बुलेंस की तैनाती को लेकर पुलिस अधीक्षक द्वारा मार्गदर्शन दिया गया।

शिक्षा विभाग से संबंधित विषयों में तड़ित चालक की उपलब्धता, जर्जर विद्यालय भवन, खेलो इंडिया के तहत सुविधाओं पर भी विशेष रूप से समीक्षा हुई। खनन विभाग की समीक्षा में खनन वाहनों के फिटनेस, राजस्व क्षति, डीएमएफटी से जुड़े मामलों और प्रभावित गांवों में जल सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अवैध वसूली, भ्रष्टाचार, योजनाओं में अनियमितता और जवाबदेही से जुड़े गंभीर मुद्दे भी सामने आए, जिस पर उपायुक्त द्वारा निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

इसके अतिरिक्त कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सांसद द्वारा समीक्षा की गई एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। अंत में उन्होंने जिला प्रशासन के कार्यों के प्रति संतोष व्यक्त किया उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, हॉर्टिकल्चर एवं अन्य नई योजनाओं के लिए संबंधित विभागों की सराहना की।

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 


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