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Thursday, March 12, 2026
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उपायुक्त ने कामडारा प्रखंड के उरुगुट्टू गांव का किया दौरा, विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का लिया जायजा

न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

खूंटी जिला की बॉर्डर से सटे सुदूरवर्ती क्षेत्र में स्थित है उरुगुट्टू गांव, जहां लगभग 200 नागरिकों की है आबादी

महिला समूहों की भागीदारी से बढ़ रही आजीविका एवं कृषि गतिविधियां

इसी मॉडल पर अन्य गांवों में भी कार्य करने का उपायुक्त ने दिया निर्देश

गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित द्वारा प्रोजेक्ट द्वार के तहत कामडारा प्रखंड के रामतोलिया पंचायत अंतर्गत उरुगुट्टू गांव का दौरा किया गया। यह गांव अत्यंत सुदूरवर्ती क्षेत्र में स्थित है तथा खूंटी जिला की सीमा (बॉर्डर ) के समीप अवस्थित है। उपायुक्त ने गांव में विभिन्न विभागों एवं सहयोगी संस्था प्रदान (PRADAN) के समन्वय से संचालित योजनाओं एवं विकासात्मक कार्यों का अवलोकन करते हुए समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि उरुगुट्टू गांव को क्लस्टर बेस्ड अप्रोच के तहत विकसित करते हुए इसे ‘जल पर्याप्त गांव’ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि यह गांव एक मॉडल के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि इस मॉडल के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इसी तर्ज पर अन्य गांवों में भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि गांव में कृषि विभाग के माध्यम से 30 परिवारों द्वारा सरसों एवं 5 परिवारों द्वारा गेहूं की खेती की जा रही है। वहीं 3 परिवारों द्वारा 6 एकड़ भूमि में ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था की गई है। मनरेगा के अंतर्गत 6 कुओं का निर्माण कराया गया है तथा भग्य योजना के अंतर्गत 8 परिवारों को 6 एकड़ भूमि पर लाभान्वित किया गया है। गांव में जल नल योजना के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है तथा 7 नए किसानों के लिए ड्रिप सिंचाई स्वीकृत की गई है।
उद्यान विभाग द्वारा गांव में 4 वर्मी बेड स्थापित किए गए हैं। वहीं मत्स्य विभाग के माध्यम से 3 परिवारों को मत्स्य पालन से जोड़ा गया है। भूमि संरक्षण विभाग द्वारा 2 तालाबों का निर्माण, 1 ट्रैक्टर, 10 पंप एवं एक टैंक उपलब्ध कराया गया है।
सहयोगी संस्था प्रदान द्वारा गांव में 16 तालाबों का निर्माण, 25 एकड़ में ट्रीटमेंट कार्य, 15 एकड़ में खेती-बाड़ी का विकास, 2 परिवारों को ड्रिप सिंचाई, 1 नेटशेड एवं 1 एकड़ में फेंसिंग की व्यवस्था की गई है। गांव के लगभग 50 किसान एफपीओ से जुड़े हुए हैं। गांव की कुल जनसंख्या लगभग 200 है तथा 55 परिवारों को विभिन्न कृषि एवं आजीविका योजनाओं से लाभान्वित किया गया है।

गांव में 4 महिला मंडल समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। समूह से जुड़ी महिलाओं ने उपायुक्त को बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला है, जिससे वे अपने परिवार का बेहतर तरीके से पालन-पोषण कर पा रही हैं। उपायुक्त ने महिलाओं के साथ संवाद करते हुए उन्हें मशरूम उत्पादन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिया। इस दौरान उपायुक्त ने महिला समूहों के साथ स्मृति स्वरूप सेल्फी भी ली।
दौरे के दौरान ग्रामीणों ने चेक डैम निर्माण की मांग रखी। ग्रामीणों ने बताया कि चेक डैम बनने से क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी और वे गेहूं सहित अन्य फसलों की खेती कर सकेंगे। साथ ही ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि क्षेत्र में लाह की खेती भी की जाती है।
इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी एवं भूमि संरक्षण पदाधिकारी द्वारा किसानों को आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि किसानों को तालाब से लिफ्ट इरीगेशन के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही किसानों के बीच सिंचाई मशीन, मिनी ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि उपकरणों का वितरण भी किया जाएगा। उपायुक्त ने अधिकारियों को गांव के अधिक से अधिक किसानों को लिफ्ट इरीगेशन से जोड़ने के निर्देश दिए।
गांव भ्रमण के दौरान ग्रामीणों द्वारा सड़क, शौचालय, सामुदायिक भवन, धूमकुड़िया भवन, नाली निर्माण, राशन व्यवस्था, आंगनवाड़ी केंद्र, विद्यालय तथा पेयजल व्यवस्था से संबंधित मांगें भी रखी गईं। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
दौरे के क्रम में उपायुक्त ने गांव के विभिन्न खेतों का भी निरीक्षण किया, जहां वर्तमान में धान, तरबूज सहित अन्य फसलों की खेती की जा रही है। उन्होंने तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा महिला समूहों को उसमें मछली बीज डालकर मत्स्य पालन से जोड़ने के लिए भी प्रेरित किया।

ग्रामीण महिलाओं ने उपायुक्त को बताया कि पूर्व में यह क्षेत्र काफी हद तक बंजर था और यहां कृषि गतिविधियां सीमित थीं, परंतु जिला प्रशासन, JSLPS तथा प्रदान संस्था के संयुक्त प्रयासों से गांव में खेती-बाड़ी और आजीविका गतिविधियों का विस्तार हुआ है तथा महिलाएं भी सक्रिय रूप से कृषि कार्यों में भागीदारी कर रही हैं।

उपायुक्त ने गांव में संचालित कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों को क्लस्टर आधारित मॉडल के तहत गांव के समग्र विकास को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए तथा ग्रामीणों को हर संभव प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया।

मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, उद्यान पदाधिकारी, सहकारिता पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, बीडीओ एवं अंचल अधिकारी कामडारा सहित प्रदान संस्था के प्रतिनिधि मेराज तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।


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