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Tuesday, July 21, 2026
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झारखंड की फुटबॉल ‘नर्सरी’ गुमला पहुंची डूरंड कप की ट्रॉफी, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के साथ हुआ भव्य स्वागत

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय स्थित परमर्वीर अल्बर्ट का स्टेडियम गुमला में एशिया के सबसे पुराने एंव प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के 135 वें संस्करण ट्रॉफी की ढोल नगाड़े और पारंपरिक झारखंडी आदिवासी नृत्य से भव्य स्वागत किया गया –
एशिया के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के 135वें संस्करण की ट्रॉफी सोमवार को फुटबॉल प्रतिभाओं की धरती कहे जाने वाले गुमला जिला मुख्यालय में पहुंची। परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में ट्रॉफी का पारंपरिक नृत्य, ढोल-नगाड़ों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। ट्रॉफी के गुमला आगमन को लेकर खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम के उपरांत जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त दिलेश्वर महतो , पुलिस अधीक्षक हरिश बिन ज़मां एवं जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी अहमद बेलाल अनवर ने संयुक्त रूप से डूरंड कप ट्रॉफी रैली को हरी झंडी दिखाकर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। रैली शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर गुजरी, जहां बड़ी संख्या में उपस्थित गुमला वासियों ने उक्त ट्रॉफी का भव्य स्वागत किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

उल्लेखनीय है कि पहली बार झारखंड की राजधानी रांची को डूरंड कप की मेजबानी का अवसर मिला है। आगामी 26 जुलाई से 10 अगस्त तक रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में टूर्नामेंट के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। ऐसे में गुमला जैसे फुटबॉल परंपरा वाले जिले में ट्रॉफी का आगमन खेल जगत के लिए विशेष महत्व रखता है।

इस अवसर पर उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि डूरंड कप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की ट्रॉफी का गुमला आगमन जिले के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट की ट्रॉफी के स्वागत के लिए गुमला जिले का चयन किया जाना अपने आप में जिले की खेल संस्कृति और पहचान को दर्शाता है।

उपायुक्त ने कहा कि गुमला को लंबे समय से खिलाड़ियों की नर्सरी के रूप में जाना जाता रहा है। जिले के अनेक खिलाड़ियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर गुमला का नाम रोशन किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डूरंड कप जैसे बड़े आयोजन से जिले के युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी तथा वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।

उन्होंने भारतीय सेना एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन के माध्यम से गुमला के खिलाड़ियों को एक बड़े मंच से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। डूरंड कप का यह आयोजन निश्चित रूप से युवाओं में खेल भावना को मजबूत करेगा और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगा।

पुलिस अधीक्षक हरिश बिन ज़मां ने अपने संबोधन में कहा कि डूरंड कप ट्रॉफी का गुमला आगमन जिले के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि यह ट्रॉफी भारतीय खेलों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है तथा इसके माध्यम से देश के गौरवशाली खेल इतिहास की झलक देखने को मिलती है।

उन्होंने डूरंड कप के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एशिया का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है और भारतीय खिलाड़ियों ने समय-समय पर अपने अनुशासन, कौशल एवं पराक्रम से वैश्विक स्तर पर देश का नाम रोशन किया है।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गुमला जिले की पहचान ‘खेल नगरी’ के रूप में रही है और यहां की गौरवशाली खेल परंपरा को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने जिले के युवा खिलाड़ियों और विद्यार्थियों से खेलों के प्रति समर्पित होकर भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करने का आह्वान किया।

जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी अहमद बेलाल अनवर ने अपने संबोधन में कहा कि गुमला की खेल संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डूरंड कप ट्रॉफी का आगमन जिले की खेल भावना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने जिले के सभी फुटबॉल खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।

आज समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, खेल विभाग के प्रतिनिधि, फुटबॉल प्रेमी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। ट्रॉफियों के गुमला पहुंचने के साथ ही जिले में फुटबॉल का माहौल पूरी तरह बन गया एवं फुटबॉल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन हुआ।

गुमला को झारखंड की फुटबॉल नर्सरी माना जाता है। जिले के अनेक खिलाड़ियों ने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। खेल प्रेमियों का मानना है कि डूरंड कप जैसे बड़े आयोजन से राज्य में फुटबॉल संस्कृति को नई पहचान मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। गुमला से भी बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी रांची जाकर प्रतियोगिता के मुकाबले देखने की तैयारी में जुटे हैं।

कार्यक्रम में मुख्य रुप से उप विकास आयुक्त गुमला अनिमेश रंजन, एसडीओ सदर अखिलेश कुमार, कैप्टेन पुष्पराज पाटिल, विधायक प्रतिनिधिगण, जिला नजारत उपसमाहर्ता ललन कुमार रजक, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित अन्य सम्बंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहें।


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