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Friday, August 21, 2026
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गुमला में शिक्षा विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक, छात्र-शिक्षक उपस्थिति और छात्रवृत्ति पर विशेष जोर

गुमला न्यूज ब्यूरो – गणपत लाल चौरसिया

गुमला। जिले में शिक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक सूचकांकों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से डायट गुमला में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी मौजूद रहीं। बैठक में विद्यालयों में छात्र-शिक्षक उपस्थिति, छात्रवृत्ति योजनाओं, ऑनलाइन प्रविष्टियों और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

उपायुक्त के निर्देश के अनुसार बैठक में छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में शिक्षकों की दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज हो और छात्रों की दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति भी नियमित रूप से दर्ज की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन प्रविष्टि में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

छात्रवृत्ति के पात्र विद्यार्थियों का डाटा जल्द दर्ज करने का निर्देश

बैठक में सावित्रीबाई फुले छात्रवृत्ति और प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं की भी समीक्षा हुई।

अधिकारियों ने निर्देश दिया कि कक्षा 8 से 12 तक की पात्र छात्राओं को सावित्रीबाई फुले छात्रवृत्ति और कक्षा 1 से 10 तक के पात्र SC, ST और OBC विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए उनका विवरण संबंधित पोर्टल पर समय पर दर्ज किया जाए।

लंबित आवेदनों और प्रविष्टियों को जल्द पूरा करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने में देरी न हो।

प्रखंड और संकुल स्तर पर होगी विशेष बैठक

जिला स्तर पर दिए गए निर्देशों को सिर्फ बैठक तक सीमित न रखने के लिए सभी प्रखंडों और संकुल स्तर पर विशेष बैठक आयोजित करने को कहा गया। इन बैठकों में विद्यालयों को स्पष्ट कार्ययोजना और उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी देने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया।

बैठक में एडीपीओ ने शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक सूचकांकों की समीक्षा की। इस दौरान UDISE, APAAR ID, स्टूडेंट PEN नंबर, आधार पंजीकरण और अपडेट, वैलिडेशन तथा ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर गतिविधियों की प्रविष्टि को लेकर जरूरी निर्देश दिए गए।

मध्याह्न भोजन से लेकर स्कूल प्रबंधन तक की समीक्षा

बैठक में मध्याह्न भोजन योजना, विद्यालय प्रबंधन समिति के पुनर्गठन, प्रशस्त ऐप, रेल टेस्ट और स्प्लिट सिलेबस के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।

इसके अलावा विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच, मॉडल स्कूल, निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक, पोशाक, स्कूल किट और स्कूल बैग वितरण की स्थिति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों को सभी योजनाओं और गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

स्कूलों को स्वच्छ और हरित बनाने पर जोर

शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। इको क्लब के माध्यम से विद्यालयों में पौधरोपण अभियान को प्रभावी बनाने और ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय’ के तहत पोर्टल पर ऑनलाइन नामांकन सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने पौधरोपण में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए आवश्यक शैक्षणिक हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया गया।

‘पोर्टल पर एंट्री नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए असर’

जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला स्तर से जारी दिशा-निर्देश केवल पोर्टल पर आंकड़े दर्ज करने तक सीमित नहीं रहने चाहिए। इसका वास्तविक असर स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति, सीखने के स्तर, शैक्षणिक माहौल और सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचने में दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने सभी प्रखंड और संकुल स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने और जिले के शैक्षणिक सूचकांकों में लगातार सुधार लाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की अपील की।


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