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Friday, August 21, 2026
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गुमला में कल्याण विभाग की चार अहम बैठकों में बड़े फैसले, एकलव्य स्कूलों और छात्रावासों की सुरक्षा पर जोर

गुमला न्यूज ब्यूरो – गणपत लाल चौरसिया

गुमला। जिला प्रशासन ने कल्याण विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर एक साथ चार बैठकों के जरिए योजनाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। नया समाहरणालय भवन, चंदाली स्थित सभाकक्ष में उपायुक्त दिलीश्वर महतो की अध्यक्षता में हुई बैठकों में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की आपूर्ति और छात्रावासों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, अनुमंडल पदाधिकारी राजीव नीरज, जिला कल्याण पदाधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे।

एससी-एसटी अत्याचार मामलों में पीड़ितों को समय पर सहायता देने पर जोर

जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त मामलों की जानकारी लेते हुए पीड़ितों को समय पर राहत और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

उपायुक्त ने अधिनियम के प्रावधानों और पीड़ितों के अधिकारों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने के साथ प्रखंड, अंचल कार्यालयों और अन्य सरकारी परिसरों में बैनर एवं सूचना सामग्री लगाने को कहा गया।

इसके अलावा संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लिए अधिनियम के प्रावधानों और संवेदनशीलता को लेकर कार्यशाला आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया।

चार एकलव्य स्कूल जल्द शुरू कराने की तैयारी

बैठक में जिले में बन रहे चार एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के संचालन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि भरनो और सिलाफारी स्थित विद्यालय भवनों का हस्तांतरण हो चुका है। वहीं, बाकी दो विद्यालयों का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण उनका हस्तांतरण अभी लंबित है।

उपायुक्त ने निर्माणाधीन विद्यालयों का काम प्राथमिकता के साथ पूरा कराने और जल्द हस्तांतरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सिलाफारी स्थित विद्यालय में चारदीवारी नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल चारदीवारी निर्माण कराने को कहा गया।

विद्यालयों तक पहुंचने वाली सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को आवश्यक समन्वय करने का निर्देश दिया गया।

पढ़ाई शुरू करने के लिए शिक्षकों और अन्य कर्मियों की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। जिला कल्याण पदाधिकारी को नियमानुसार अतिथि और संविदा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू करने तथा जल्द विज्ञापन जारी करने का निर्देश दिया गया।

धुमकुड़िया और मांझी हाउस में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की आपूर्ति

बैठक में आदिवासी संस्कृति एवं कला केंद्रों, धुमकुड़िया भवनों और मांझी हाउस में पारंपरिक वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने की योजना की भी समीक्षा की गई।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके लिए कुल 84,44,145 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से 19,42,850 रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि 65,02,295 रुपये आईटीडीए, गुमला के पीएल खाते में मौजूद हैं।

जेम के माध्यम से चयनित एजेंसी से 150 सेट मांदर, नगाड़ा और घंट खरीदे गए हैं। इनमें से 120 वाद्य यंत्रों का धुमकुड़िया भवनों में वितरण हो चुका है, जबकि 30 का वितरण अभी बाकी है।

बैठक में नगाड़ा और घंट बजाने के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं होने का मामला भी सामने आया। उपायुक्त ने शेष वाद्य यंत्रों के वितरण और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करने का निर्देश दिया।

छात्रावासों को अवैध कब्जे और गैरकानूनी गतिविधियों से बचाने की तैयारी

कल्याण विभाग के तहत संचालित एसटी, एससी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक छात्रावासों की व्यवस्था और सुरक्षा की भी समीक्षा की गई। छात्रावास पोषण योजना, 2024 के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए छात्रावास परिसरों को अवैध कब्जे और गैरकानूनी गतिविधियों से मुक्त रखने पर विशेष जोर दिया गया।

इसके लिए जिला स्तर पर एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। समिति में अपर समाहर्त्ता को अध्यक्ष, जबकि जिला कल्याण पदाधिकारी, संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी और थाना प्रभारी को सदस्य बनाया गया है। वहीं, परियोजना निदेशक, आईटीडीए समिति के संरक्षक होंगे।

समिति नियमित अंतराल पर छात्रावासों का निरीक्षण करेगी और अवैध कब्जे या किसी भी गैरकानूनी गतिविधि की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

समय पर काम पूरा करने का निर्देश

उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं और कार्यों को तय समय के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों और लाभुकों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सभी योजनाओं को निर्धारित नियमों के अनुरूप लागू करने पर विशेष जोर दिया।


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