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Thursday, September 3, 2026
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गुमला में जंगल का खौफ! कहीं तेंदुए की दस्तक तो कहीं भालू का हमला, ग्रामीणों की बढ़ी चिंता

गुमला न्यूज़ ब्यूरो – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला: गुमला जिले के जंगल और पहाड़ी इलाकों से सटे गांवों में जंगली जानवरों की गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। चैनपुर में कटकोया पहाड़ पर तेंदुए की मौजूदगी की आशंका के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी जारी की है। वहीं भरनो प्रखंड के अम्बेरा गांव में भालू के हमले में 12 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच ग्रामीण वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

कटकोया पहाड़ पर तेंदुए की हलचल, दो मवेशियों के शिकार की आशंका

चैनपुर प्रखंड के बरवेनगर स्थित कटकोया पहाड़ पर तेंदुए की मौजूदगी की आशंका से आसपास के ग्रामीणों में दहशत है। जानकारी के अनुसार, इलाके में दो मवेशियों के गायब होने और एक बैल का आधा खाया हुआ शव मिलने के बाद जंगली जानवर की मौजूदगी को लेकर आशंका बढ़ी।

ग्रामीण रिजवान खान उर्फ लाल खान के अनुसार, वह रोजाना अपने मवेशियों को चराने कटकोया पहाड़ ले जाते थे। एक दिन उनके दो बैल वापस नहीं लौटे। अगले दिन ग्रामीणों के साथ पहाड़ पर तलाश शुरू की गई तो एक बैल का सड़ा-गला और आधा खाया हुआ शव मिला। घटनास्थल के आसपास बड़े और गहरे पंजों के निशान भी देखे गए।

सूचना मिलने के बाद प्रभारी वनपाल राजकुमार साहू के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शव तीन-चार दिन पुराना होने के कारण काफी सड़ चुका था। प्रारंभिक जांच में इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की संभावना जताई गई है, हालांकि किस जंगली जानवर ने हमला किया, इसकी अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

शाम 5 बजे के बाद कटकोया पहाड़ जाने पर रोक

ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। साथ ही शाम 5 बजे के बाद कटकोया पहाड़ की ओर जाने से बचने की एडवाइजरी जारी की गई है।

भालू के हमले में 12 साल का किशोर घायल

दूसरी घटना भरनो प्रखंड के करंज थाना क्षेत्र की है। करौंदाजोर पंचायत के अम्बेरा गांव के जंगल से सटे इलाके में 12 वर्षीय अनीश उरांव, पिता खुदिया उरांव, पर भालू ने हमला कर दिया।

बताया गया कि अनीश गांव के पास पहाड़ी क्षेत्र में बकरियां चराने गया था। इसी दौरान घनी झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक उस पर हमला कर दिया। अनीश की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े और शोर मचाया। इसके बाद भालू जंगल की ओर भाग गया।

ग्रामीणों ने घायल अनीश को तत्काल उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

ग्रामीणों का दावा- पहले भी हो चुकी हैं मौतें

घटना के बाद इलाके के ग्रामीणों में डर का माहौल है। ग्रामीणों और परिजनों का दावा है कि इससे पहले भी इस क्षेत्र में भालू के हमलों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। उनका आरोप है कि लगातार ऐसी घटनाओं के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि जंगल और पहाड़ी इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए घर से बाहर निकलना तक मुश्किल होता जा रहा है।

हाथी, भालू और तेंदुए की गतिविधियों से बढ़ी चिंता

गुमला के कई वन क्षेत्रों से सटे ग्रामीण इलाकों में हाथी, भालू और तेंदुए जैसे जंगली जानवरों की आवाजाही लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि टॉर्च और पटाखे बांटने या घटना के बाद मुआवजा देने के बजाय वन्यजीवों से होने वाले संघर्ष को कम करने के लिए स्थायी व्यवस्था पर जोर दिया जाना चाहिए।

हालांकि, वन विभाग की ओर से जंगली जानवरों से निपटने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों को लेकर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।


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