24.1 C
Ranchi
Thursday, September 17, 2026
Advertisement
HomeLocal NewsGiridih‎‎समाज के प्रति दिवंगत सोनू भैैैया की प्रतिबद्धता को भुलाना कठिन है:...

‎‎समाज के प्रति दिवंगत सोनू भैैैया की प्रतिबद्धता को भुलाना कठिन है: हेमंत सोरेन, पारिवारिक सदस्य की भूमिका निभाकर सीएम दंपती ने राज्य में दिया सार्थक संदेश

गिरिडीह, ( कमलनयन ) : झारखंड में सतारूढ़ हेमंत सोरेन सरकार में कई प्रमुख विभागों के काबिना मंत्री रहे और गिरिडीह इलाके की जनता के दिलों में बसे दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू का द्वादश-श्राद्धकर्म गुरुवार को दिवंगत मंत्री के निवास उत्सव उपवन में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झामुमो अलाकमान नेत्री-विधायक कल्पना सोरेन, वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, शिल्पी नेहा तिर्की, इरफान अंसारी, दीपिका सिंह पाण्डेय,  सभी मंत्री, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, डा सरफराज अहमद, केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, विधायक डा नीरा यादव समेत सूबे के कई अन्य मंत्री, सांसद, विधायक पक्ष-विपक्ष के नेता कार्यकर्ता एवं राज्य के अधिकारी के साथ-साथ विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होकर दिवंगत मंत्री को अंतिम श्रद्धाजंलि देकर उनके व्यवहार कुशल, स्वभाव, जनता के प्रति अपनी  संजीदा जवाबदेही और पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में किये गये कार्यों की चर्चा करते हुए सराहना की।

देर रात 25 से 30 हजार से अधिक लोगों ने श्राद्धक्रम का प्रसाद ग्रहण किया

उम्मीद के अनुसार दोपहर से देर रात तक करीब 25 से 30 हजार से अधिक विभिन्न वर्गो-समुदायों के लोगों ने दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित कर श्राद्ध क्रम का प्रसाद ग्रहण किया।

इस दौरान दिवंगत मंत्री के द्वादश कर्म में शामिल होने गिरिडीह पहुंचे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके साथ राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने दिवंगत मंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। धार्मिक रस्में पूरी होने के बाद सीएम दिवंगत मंत्री की पत्नी श्वेता शर्मा और उनकी बेटी से मुलाकात कर शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया एवं हमेशा छोटे भाई की तरह खड़े रहने का भरोसा दिया।

श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बेहद भावुक मन से कहा कि मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असमय चले जाने का यकीन आज भी उन्हें और राज्य की जनता को नहीं हो पा रहा है। उनके शानदार व्यक्तित्व के कारण पूरे गिरिडीह के लोग इस गहरे दर्द को सहन नहीं कर पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके निधन को विधि का विधान बताते हुए कहा कि उनकी अंतिम यात्रा से लेकर आज तक उनकी कमी लगातार खल रही है और आगे भी खलेगी।

जेएमएम परिवार सोनू भैया का हमेशा कर्जदार रहेगा : हेमंत सोरेन

सीएम ने कहा कि उन्होंने जेएमएम के साथ-साथ अपने हुनर से गिरिडीह को भी सींचा था। उनके जाने से राज्य की राजनीति और गिरिडीह ने एक सच्चा जनसेवक खो दिया है। जिसकी भरपायी काफी कठिन है। जेएमएम परिवार उनका हमेशा  कर्जदार रहेगा।

सीएम ने कहा कि इलाके में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं था जिसकी बात उन्होंने न सुनी हो और उसकी समस्या का समाधान न निकाला हो। सीएम ने कहा कि मैंने महसूस किया कि वे ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में पार्टी-परिवार और समाज के लिए ईमानदारीपूर्वक सक्रिय भूमिका का निर्वहन् करते हुए आगे बढ़ते रहे। अतः में सीएम ने दिवंगत मंत्री की आत्मा को श्रीहरि के चरणों में स्थान देने की ईश्वर से विनती की।

कल्पना सोरेन ने एक दिन पूर्व से ही व्यवस्था में लगी रही

इससे पहले बुधवार को विधायक कल्पना सोरेन गिरिडीह पहुंची अपने शोक संदेश में कल्पना सोरेन ने कहा कि सोनू भईया को भुलाना काफी कठिन है। इस दौरान उन्होंने दिवंगत मंत्री के श्राद्ध क्रम की तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। न सिर्फ औपचारिक रूप से जायजा लिया बल्कि बुधवार शाम से ही दिवंगत मंत्री परिवार के प्रमुख सदस्य की भांति तमाम प्रकार की तैयारियों का समाधान नियमपूर्वक अपनी निगरानी में पूरा किया।

श्वेेेता शर्मा और उनके पुत्र-पुत्रियों को ढाढ़स बधाती रही कल्पना

जानकारी के मुताबिक विगत छह सितबंर को निधन के बाद से लगातार कल्पना सोरेन दिवंगत के परिजनों से हर दिन कई चरणों में मोबाइल से बातचीत करते हुए पत्नी और पुत्रियों को हिम्मत बंधाती रही। पत्नी श्वेता शर्मा को कहती रही हम खड़े है. अपनी सेहत पर ध्यान रखें…ओआरएस का घोल लेती रहें और तीनों बच्चों का ख्याल रखे। जहां भी आपकों कुछ लगे हमें तुरन्त सूचित करें. हम हमेशा आपके साथ खड़े हैं।

श्राद्ध कार्यक्रम में भीड़ और वीआईपी आवाजाही को देखते हुए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गयी थी। उपायुक्त रामनिवास यादव, एसपी डॉ. विमल कुमार और अन्य अधिकारी लगातार व्यवस्था की मोनेटरिंग करते रहे। गुरुवार सुबह 9 बजे से रात 11:59 बजे तक गिरिडीह शहरी क्षेत्र में भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश और आवागमन प्रतिबंधिंत कर दिया गया था।

गौरतलब है कि मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का दिल का दौरा पड़ने से 6 सितंबर को निधन हुआ था. इसके बाद गिरिडीह में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था। उसके बाद से ही राज्य भर के पक्ष विपक्ष के नेता सांसद -विधायक विभिन्न समाजसेवी सस्थाओं द्वारा श्रद्धाजंलि देने का क्रम लगभग पूरे दिन-रात तक चलता रहा।

सोनू के पुत्र की मासूमियत ने कई बार सीएम हेमंत को भावुक बना दिया

भारी भीड़ नियंत्रण में रही. कार्यक्रम देर रात तक व्यवस्थित रूप से चलता रहा. पांच-छह पंडालों में सबको बैठाकर खिलाया गया. हेमंत-कल्पना ने पंडालों में जाकर गार्जियन के रूप में लोगों का अभिवादन किया. लेकिन वे हर समय गमगीन नजर आए. सोनू के पुत्र की मासूमियत ने कई बार उन्हें भावुक बना दिया.

हमें एक बात माननी होगी कि बड़े सियासी दलों के मुकाबले क्षेत्रीय दलों में सीमित संसाधनों के बावजूद कार्यकर्ता पार्टी आलाकमान के प्रति समर्पित और निष्ठावान रहते हैं। हम यह कह सकते हैं कि सीएम दम्पती ने छोटे भाई की भूमिका का निर्वहन कर झामुमो परिवार के भरोसे को और अधिक पुख्ता किया है। अब आनेवाले समय में यह देेेखना होगा कि हेेेेेमंत-कल्पना सोनू की अद्धांगिनी को राजनीतिक रूप से कितना और किस तरह से सम्मान करते हैं?


Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading