रांची : पिछले दिन सबसे व्यस्ततम क्षेत्र कांटाटोली के बंगाली टोले में एक आदिवासी लड़की और उसके दोस्तों पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाया गया. इस घटना में कुुछ घृणित मानसिकता के लोगों की अभिव्यक्ति उजागर होती है. जब वे सदियों से बसे अपने बीच रहने वाली आदिवासी लड़की के बारे में ऐसी ओछे विचार रखते हैं. वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और आदिवासी चिंतक विनोद कुमार ने फेसबुक पर कांटाटोली का संक्षिप्त इतिहास शेयर करते हुए अपनी संंवेदना प्रकट जतायी है. उन्होंने अबुआ सरकार से आदिवासी समाज के प्रति हो रहे अन्याय पर ध्यान खींचने का प्रयास किया है.
उनका कहना है कि जो शरणार्थी बन कर आये, वे ही मालिक बन गये. इस बात की जानकारी सभी को हैं कि 1971 में बांग्लादेश बना और वहां से बड़ी संख्या में हिंदू शरणार्थी भारत आये और उनके ही एक हिस्से को रांची के कांटा टोली क्षेत्र में बसाया गया.
यह पूरा इलाका पहले मुंडा आदिवासियों का क्षेत्र था. बाद में उरांव भी आये और वे भी इस क्षेत्र में बसे. रांची के बहुत सारे मोहल्लों में मुंडा और उरांव आदिवासी एक साथ रहते हैं. और फिर उन्हीं के इलाके में बांग्लादेशी रिफ्यूजियों को बसाया गया.
वे कहते हैं चतुर सयाने होने की वजह से उनकी तरक्की भी तेजी से हुई और हालत यहां पहुंच गयी कि वे शरण देने वाले आदिवासियों को ही पिछड़ा और असभ्य कहने लगे और अपनी कालोनी में रहने वाले आदिवासी उन्हें नागवार लगने लगे.
‘शरणार्थी ही अब मालिकाना हक जता रहे हैं’
उनका यह भी कहना है कि आदिवासी इलाकों में, चाहे वह झारखंड हो या अंडमान- बंगाली शरणार्थियों का कभी तिरस्कार नहीं किया गया. उन्हें बसने की जगह दी और जीवनयापन का आधार भी. लेकिन वे शरणार्थी ही अब उन इलाकों में अपना मालिकाना हक समझने लगे हैं और जिन्होंने शरण दी, उनको अपमानित करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते.
विनोद जी पिछले वर्ष जनवरी माह में वंदना टेटे और अश्विनी जी के साथ अंडमान गये थे. वहां की सामाजिक संरचना को जानने के क्रम में पता चला कि वहां भी बांग्लादेशी रिफ्यूजी बड़ी संख्या में बसाये गये. वहां बसायी गयी आबादी में एक बड़ी आबादी बांग्लादेशी शरणार्थियों की ही है.
हां, रांची में बसे लोग बांगलादेश के निर्माण के बाद यहां भाग कर आये थे और अंडमान में बसाये गये बाग्लादेशी शरणार्थी 1947 में भारत विभाजन के बाद आये थे. उन्हें कई राज्यों में बसाने की कोशिश हुई, लेकिन किसी राज्य की सरकार ने इसकी इजाजत नहीं दी तो उन्हें अंडमान के आदिवासी इलाकों में ही हजारों की संख्या में बसा दिया गया. अब वहां की अर्थव्यवस्था और नौकरियों पर उनका दबदबा है.
आदिवासी इलाकों की नियति
उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों की नियति यही रही है. इसका अंग्रेजों ने उपनिवेश बना कर शोषण तो किया ही, आजाद मुल्क के प्रभुवर्ग की नजर में भी यह उनका आंतरिक उपनिवेश ही है.
एक दुखद करने वाला उदाहरण यह है कि देश के लिए यूरेनियम यह राज्य ही उपलब्ध कराता है और यूरेनियम को थोड़ा बहुत परिस्कृत कर और प्रोसेसिंग के लिए हैदराबाद ले जाया जाता है. वहां परिस्कृत यूरेनियम तो निकाल लिया जाता है, लेकिन कचरा लाकर वापस झारखंड में ही डंप किया जाता है, क्योंकि वे उसके कचड़े को अपने राज्य में रखने के लिए तैयार नहीं.
गोड्डा के पावर प्लांट को तो सभी देख रहे हैं. जमीन आदिवासियों की. श्रम उनका. बिजली बेच कर मुनाफा कमा रहा है कारपोरेट. झारखंड के हिस्से सिर्फ विरुपित धरती और धीरे-धीरे सर्वत्र फैलता कचरा.
पूंजी केंद्रित व्यवस्था का झोल
उन्होंने सवाल उठाया कि आप पूछ सकते हैं कि बंगाली टोला की ताजा घटना से इन बातों का क्या रिश्ता? रिश्ता यह कि आदिवासी इलाके और वहां रहने वाले लोग सहिष्णु हैं और राजनीतिक नेतृत्व आत्महीन. यह एक भयंकर त्रासदी है. सहिष्णुता एक उच्चस्तरीय मानवीय गुण है, लेकिन पूंजी केंद्रित व्यवस्था में उसका कोई मोल नहीं. और इसी सहिष्णुता का मोल आदिवासी चुका रहे हैं. अंंत में वे यह भी कहते हैं शायद झारखंड की अबुआ सरकार से इस घटना की सुध ले..!
फेसबुक पर उनके पोस्ट पर विश्वनाथ सिंह नाम के व्यक्ति ने विनोद कुमार से कई ऐसे प्रश्न किये हैं, जिसका मैं भी समर्थन करता हूं. वे विनोद जी पूछते हैं कि आपको लगता है कि हेमंत जी आपकी सोच का सम्मान करेंगे? आप कभी इतने दिनों में भी हेमंत जी का इसलिए समर्थन करते रहे हैं क्योंकि वह आदिवासी हैं और सेकुलर खेमे में रह रहे हैं.लेकिन वे कितना झारखंडी है और झारखंडियों के लिए झारखंडियों के साथ कितना है यह भी आपको पता है.
सबसे बड़ा सवाल…हेमंत जी झारखंडियों के साथ कितना खड़े दिखते हैं…?
आपको यह भी पता होगा कि उनके इर्द-गिर्द जिनको हम लोग थिंक टैंक कहते हैं उसमें भी आदिवासी और झारखंडी तो दूर की बात झारखंड आंदोलन के दौरान उनके दिवंगत पिताजी आदरणीय दिशोम गुरु के साथ जो कदम से कदम चलने वाले झारखंडी थे, जिनके पास झारखंड बनाने का एक सपना था वैसे लोगों को भी वह अपने आसपास फटकने नहीं देते.
हेमंत जी को आप अब कह सकते हैं पर वो कितना अबुआ है. यह तो दिख रहा है. अभी तक का जितना कंट्रोवर्सी हुआ है उस कंट्रोवर्सी (पंकज मिश्रा) में आप देखिए कि हेमंत जी झारखंडियों के साथ कितना खड़े दिखे हैं. उनके सलाहकार उनके अगल-बगल जो नीति निर्धारण करने वाले लोग हैं वह सारे गैर झारखंडी है और गैर आदिवासियों को उन्होंने ज्यादा तरजीह दी है। गहराई से अगर आप समझने की कोशिश करेंगे तो आपको मिलेगा कि उनके इर्द-गिर्द आज भी संघ के समर्थक अंडरकवर लोग काम कर रहे हैं।

गांडेय में कितने कार्यकर्ताओं के पास कल्पना सोरेन का मोबाइल नबंर है?
कल्पना मुर्मू सोरेन जिसे लोग झारखंड का नया महिला नेतृत्व के रूप में देख रहे हैं. गांडेय विधानसभा से उन्होंने चुनाव जीता है. कोई बता सकता है कि कितने झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता के पास कल्पना मुर्मू सोरेन का नंबर है. उन्होंने भी एक गैर आदिवासी के खास व्यक्ति को रखा है और जो उन्हें संचालित करता है। जबकि हकीकत ये है कि गुरुजी की विरासत पर झामुमो सरकार टिकी है. उन्हीं के दम पर आदिवासी-मूलवासी झामुमो के कोर वोटर माने जाते हैं. दरअसल, अबुआ सरकार भले है पर पकड़ बाबुुुओं की है.
सच बात तो ये है कि झामुुुमो में अधिकतर थिंक टैंक गैरआदिवासी हैं और आज भी उन्हीं का प्रभुत्व है. पार्टी और सरकार उन्हीं के दिशा-निर्देश चल रहा है. गैर आदिवासी प्रेस सलाहकार, उनके आप्त सचिव और कुछ ब्यूरोक्रेट्स के सहारे अबुआ सरकार चल रही है. अलबत्ता, कल्पना सोरेन के राजनीतिक उत्थान और सरकार में उनके दखल के बाद कई गैरआदिवासी दरबारियों और अफसरों को थोड़ी दिक्कत पेश आ रही है. लेकिन वे भी मैनेज करने में कामयाब होते दिख रहे हैं.
Jockey 1406 Women Cotton Hipster (Pack of 3, Colors & Prints May Vary)
₹498.00 (as of November 3, 2026 12:46 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)Mehrang Stretchable Saree Shapewear Petticoat for Women, Cotton Blended,Petticoat,Skirts for Women,Shape Wear Dress for Saree
₹225.00 (as of November 3, 2026 12:46 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)Van Heusen Men's Cotton Solid Regular Fit Collar Polo T-Shirt
₹599.00 (as of November 3, 2026 12:46 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)SWAGR Ankle Socks for Men & Women, Multicolor, Pack of 5, Free Size
₹99.00 (as of November 3, 2026 12:46 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)Amayra Women's Pure Cotton A-Line Kurta Set with Palazzo Pants & Dupatta|Ethnic wear|Kurti Suit Set for Women
₹835.00 (as of November 3, 2026 12:46 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)C J Enterprise Women's Pure Kanjivaram Silk Saree Soft Design With Blouse Piece For Wedding (Pari122-51)
₹436.00 (as of November 3, 2026 12:08 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)SGF11- Women's Kanjivaram Woven Soft Silk Saree With Blouse Piece
₹1,435.00 (as of November 3, 2026 12:08 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)SGF11 Women's Paithani Soft Lichi Silk Kanjivaram Sarees With Blouse Piece
₹1,439.00 (as of November 3, 2026 12:08 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)SIRIL Women's Kanjivaram Silk Saree Jacquard Banarasi Sari With Blouse Piece For Wedding
₹455.00 (as of November 3, 2026 12:08 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)C J Enterprise Women's Pure Soft Silk Saree With Blouse Piece For Wedding
₹416.00 (as of November 3, 2026 12:08 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal
Subscribe to get the latest posts sent to your email.







