गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया
गुमला : – गुमल उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट), दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जनवरी से अगस्त 2026 तक के सड़क दुर्घटना आंकड़ों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 167 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुई हैं, जिनमें 157 लोगों की मृत्यु तथा 109 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। समीक्षा में अत्यधिक गति, गलत दिशा में वाहन चलाना, दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट का उपयोग नहीं करना, हिट एंड रन, भारी वाहनों की अनियंत्रित गति तथा सड़क पर पर्याप्त संकेतक/दृश्यता का अभाव दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों के रूप में सामने आए।
उपायुक्त ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर विशेष अभियान चलाने तथा चिन्हित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा के उपायों को प्रभावी रूप से लागू करने को कहा।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देशों के तहत सभी ब्लैक स्पॉट का पुनः निरीक्षण एवं आवश्यक सुधार, सड़क किनारे दुर्घटना का कारण बन रहे अवरोधों को हटाने, आवश्यक स्थानों पर रोड सेफ्टी साइन एवं दिशा-सूचक लगाने, तथा दुर्घटना संभावित T-प्वाइंट पर रोड सेफ्टी मिरर लगाने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों से अपने-अपने क्षेत्र की सड़कों के किनारे मौजूद सूखे एवं खतरनाक पेड़ों की सूची उपलब्ध कराने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, घाघरा-गुमला मार्ग पर चिन्हित सड़क गड्ढों की मरम्मत कराने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया। बसिया क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को प्रभावित करने वाले वन विभाग के चेक पोस्ट से संबंधित बिंदु पर भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग को पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ओवरस्पीडिंग, रॉन्ग-साइड ड्राइविंग, बिना हेलमेट वाहन चलाने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, पेट्रोल पंपों पर वाहनों की पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा सड़क किनारे अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों के कारण उत्पन्न होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता एवं उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के प्रति आमजनों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। विद्यालयों, महाविद्यालयों, हाट-बाजारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन को लेकर नियमित जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों एवं आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थलों की नियमित निगरानी करते हुए समयबद्ध तरीके से आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य उपस्थित थे।







