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Thursday, November 5, 2026
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‘सपने उनके पूरे होते हैं, जिनके सपनों में जान होती है…’ स्पंदन युवा महोत्सव का रंगारंग समापन

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय यूथ फेस्टिवल संपन्न, 30 विभागों के 535 प्रतिभागियों ने दिखाया हुनर; शास्त्रीय, लोक नृत्य और क्रिएटिव कोरियोग्राफी ने बांधा समां

रांची: नृत्य, कला और रचनात्मकता की रंगीन प्रस्तुतियों के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का तीन दिवसीय युवा महोत्सव ‘स्पंदन’ संपन्न हो गया। महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य और क्रिएटिव कोरियोग्राफी जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय परंपरा के साथ झारखंड की लोक संस्कृति और सामाजिक विषयों को भी मंच पर उतारा।

समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, “सपने उनके पूरे होते हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।” उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभा ने उन्हें प्रभावित किया है। विद्यार्थियों ने झारखंड की संस्कृति और विरासत को आत्मसात कर तीन दिवसीय महोत्सव में उसका शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रतिभागियों के अनुशासन और प्रतिभा की भी सराहना की।

लोक नृत्य से लेकर क्रिएटिव कोरियोग्राफी तक दिखी विविधता

महोत्सव के अंतिम दिन शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता में तीन प्रतिभागियों ने अलग-अलग शैलियों में प्रस्तुति दी। इसमें दादरा ताल, गरबा और लावणी जैसे नृत्य देखने को मिले। वहीं, लोक नृत्य प्रतियोगिता में पांच समूहों ने हिस्सा लिया। छात्राओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर झारखंड की लोक संस्कृति और छऊ नृत्य की झलक पेश की।

क्रिएटिव कोरियोग्राफी प्रतियोगिता में छह समूहों ने अपनी प्रस्तुति दी। अलग-अलग समूहों ने भगवान राम के अयोध्या लौटने की कथा, बिहार और झारखंड के महापर्व छठ पूजा, चार युगों के महत्व और किसानों की मेहनत जैसे विषयों को नृत्य के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत किया।

कैंपस लाइफ और परीक्षा के तनाव पर बनीं कलाकृतियां

नृत्य प्रतियोगिताओं के अलावा कार्टूनिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें 31 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसका विषय कैंपस लाइफ और परीक्षा के तनाव पर केंद्रित था। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के जरिए छात्र जीवन के अनुभवों को चित्रों में उकेरा।

535 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, विजेताओं को किया गया सम्मानित

समापन समारोह में डॉ. गीतांजलि सिंह ने तीन दिवसीय युवा महोत्सव की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में विश्वविद्यालय के लगभग 30 विभिन्न विभागों के कुल 535 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की गई। कुलपति डॉ. राजीव मनोहर और विभिन्न समितियों के समन्वयकों ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीष मिश्रा ने किया। आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न समितियों के समन्वयकों, सदस्यों और आयोजन समिति की भूमिका की सराहना की गई। यह जानकारी विश्वविद्यालय के निदेशक, जनसंपर्क डॉ. राजेश कुमार सिंह ने दी।

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