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Wednesday, July 1, 2026
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अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन की कार्रवाई जारी

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

कई ट्रैक्टरों पर प्राथमिकी दर्ज, बालू भंडारण एवं चिमनी भट्ठों की जांच में अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी

गुमला : – गुमला उपायुक्त के निर्देशानुसार अनुमंडल पदाधिकारी, गुमला के नेतृत्व में जिले में अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं अवैध भंडारण के विरुद्ध विशेष छापामारी अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में विभिन्न प्रखंडों एवं थाना क्षेत्रों में व्यापक जांच एवं कार्रवाई की गई।
छापामारी अभियान के तहत बसिया थाना क्षेत्र में दिनांक 10 जून 2026 को अवैध रूप से बालू परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर चार ट्रैक्टरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। इनमें ट्रैक्टर संख्या JH07K9993 एवं JH20B4980 शामिल हैं, जबकि दो ट्रैक्टर बिना पंजीकरण संख्या अंकित पाए गए, जिनके विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की गई।
इसी प्रकार, दिनांक 11 जून 2026 को घाघरा थाना क्षेत्र में अवैध परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर दो ट्रैक्टरों, जिनमें एक का पंजीकरण संख्या JH07L6810 है तथा एक अन्य ट्रैक्टर बिना पंजीकरण संख्या अंकित पाया गया, के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई।
अभियान के दौरान चिमनी भट्ठों एवं बालू भंडारण अनुज्ञप्तियों की भी जांच की गई। जांच के क्रम में निर्धारित प्रावधानों एवं शर्तों का उल्लंघन तथा अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित संचालकों को कारण पृच्छा (शो-कॉज) नोटिस निर्गत किया गया है तथा उनसे निर्धारित अवधि के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं, सिसई अंचल अंतर्गत मौजा जिन्दा बरगांव में लगभग 38,000 घनफीट बालू अवैध रूप से भंडारित पाया गया, जिसे प्रशासन द्वारा जप्त कर लिया गया। इस संबंध में सिसई थाना में प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से इस प्रकार के विशेष अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध खनन गतिविधि की सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

राम भक्तों के लिए

जिज्ञासा और सीखने की ललक ही सफलता की कुंजी

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

जिला विज्ञान केंद्र गुमला में तीन दिवसीय समर कैंप का सफल समापन

गुमला : – गुमला जिला विज्ञान केंद्र, में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का समापन जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी शुभकामना प्रसाद एवं बीपीओ दिलदार सिंह क्यूरेटर अंकिता, बिपाशा आदि उपस्थित रहे। समापन समारोह में बच्चों ने आकर्षक नृत्य एवं संगीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

अपने संबोधन में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने समर कैंप में भाग लेने वाले बच्चों से उनके अनुभव साझा किए। बच्चों ने विज्ञान, तकनीक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े अपने अनुभव उत्साहपूर्वक बताए। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ ऐसे नवाचारी एवं अनुभवात्मक कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बच्चों को सदैव जिज्ञासु बने रहने, प्रश्न पूछने और नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता की शुभकामनाएं दीं।

तीन दिवसीय समर कैंप के दौरान बच्चों को विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक से परिचित कराने के उद्देश्य से विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस कैंप में प्रतिभागियों ने इंडस्ट्री जोन का भ्रमण कर थ्रीडी प्रिंटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, लाइन फॉलोइंग रोबोट एवं इमेज प्रिंटिंग रोबोट जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को नजदीक से देखा और समझा तथा साइंस हब का भ्रमण कर विज्ञान के विभिन्न मॉडल एवं प्रदर्शों के माध्यम से वैज्ञानिक सिद्धांतों की जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त वर्चुअल रियलिटी अनुभव, विज्ञान प्रयोग, रचनात्मक कला एवं शिल्प गतिविधियां तथा विज्ञान आधारित इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

समर कैंप में आयोजित चित्रांकन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली एंजेल किंडो को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। समर कैंप में अभिषेक, अभिनव, वेदांश, रिधिमा, युगराज, आयुषी, रिमझिम, जसप्रीत, तरनजोत, एंजेल, सूर्यांशु सहित अन्य बच्चों ने भी विभिन्न गतिविधियों में सराहनीय प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए जिला विज्ञान केंद्र के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता एवं समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तीन दिवसीय समर कैंप बच्चों के लिए सीखने, खोजने और विज्ञान को अनुभव करने का एक यादगार अवसर साबित हुआ।

राम भक्तों के लिए

भारतीय महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ी अष्टम उरांव का जिला प्रशासन ने किया सम्मानित

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला जिला की भारतीय महिला फुटबॉल टीम की प्रतिभावान खिलाड़ी एवं गुमला जिले की बेटी अष्टम उरांव के गुमला आगमन पर गुरुवार को समाहरणालय में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो एवं उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत बनारी गोराटोली गांव की रहने वाली अष्टम उरांव ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाई है। वर्ष 2022 में उन्होंने भारत में आयोजित फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप में भारतीय टीम की कप्तानी कर इतिहास रचा था। वर्तमान में वे भारतीय महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की सदस्य हैं तथा इंडियन विमेन्स लीग में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने विभिन्न आयु वर्ग की राष्ट्रीय टीमों का प्रतिनिधित्व करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि अष्टम उरांव की उपलब्धियां पूरे जिले के लिए गर्व का विषय हैं। सीमित संसाधनों के बीच ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और समर्पण का परिचायक है। उन्होंने कहा कि अष्टम जिले के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं तथा उनकी सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
उप विकास आयुक्त ने अष्टम उरांव को बधाई देते हुए कहा कि जिले के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने एवं उन्हें आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अष्टम आने वाले समय में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर गुमला, झारखंड और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।
अष्टम उरांव ने सम्मान के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।
मौके पर जिला खेल पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की जिला स्तरीय समिति की बैठक संपन्न

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गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से संबंधित जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रस्तावित विभिन्न मत्स्य योजनाओं एवं लाभुकों के चयन से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला स्तरीय समिति द्वारा योजनाओं के प्रस्तावों के अनुमोदन पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में नए ग्रो-आउट तालाब निर्माण, मिश्रित मत्स्य पालन, पंगेशियस एवं तिलापिया पालन हेतु इनपुट सहायता, मध्यम आरएएस (री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम) इकाई की स्थापना, सात टैंक वाले छोटे बॉयोफ्लॉक इकाइयों की स्थापना, जलाशयों में केज अधिष्ठापन, आरएफएफ/पेन कल्चर के माध्यम से मत्स्य पालन, शीतगृह (कोल्ड स्टोरेज/बर्फ प्लांट) निर्माण, रेफ्रीजरेटेड एवं इंसुलेटेड वाहनों की उपलब्धता, मोटरसाइकिल एवं तीन चक्का वाहन आईस बॉक्स के साथ, ई-रिक्शा के माध्यम से मछली विक्रय, जीवित मछली बिक्री केंद्र, फिश कियोस्क निर्माण तथा पारंपरिक मछुआरों के लिए नाव एवं जाल उपलब्ध कराने जैसे प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के विभिन्न घटकों हेतु संभावित लाभुकों के चयन पर भी विचार किया गया।
बैठक के दौरान कृषि एवं इससे संबद्ध विभागों से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, पात्र लाभुकों का पारदर्शी चयन करने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के आर्थिक सशक्तीकरण एवं आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से संचालित इन योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला कृषि पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में ‘चैलेंज एवं प्रॉस्पर’ प्रोजेक्ट की जिला-स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

जिले के 100 गांवों में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आर्थिक सशक्तिकरण से बदलेगी ग्रामीण आजीविका की तस्वीर।

प्रॉस्पर प्रोजेक्ट के तहत ‘चोटी से घाटी’ मॉडल और जीआईएस तकनीक से तैयार होंगी विकास योजनाएं।

आगामी 3 माह का एक्शन प्लान तैयार करने , किसानों के ओरिएंटेशन और विभागीय समन्वय पर विशेष जोर।

गुमला : – गुमला जिला समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में ‘चैलेंज एवं प्रॉस्पर प्रोजेक्ट के तहत जिला-स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अब तक किए गए कार्यों की गहन समीक्षा की गई तथा आगामी 3 माह के एक्शन प्लान पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला कृषि पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी, कर्मी एवं सहयोगी गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

100 गांवों का चयन और ‘चोटी से घाटी’ मॉडल पर फोकस

समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के 100 चयनित गांवों में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आर्थिक सशक्तिकरण की योजनाएं लागू की जा रही हैं। इन गांवों में मिट्टी और जल संरक्षण के लिए ‘चोटी से घाटी मॉडल’ पर आधारित जीआईएस तकनीक से वैज्ञानिक योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मिनी बाड़ी,पौधारोपण, कुआं, तालाब, टीसीबी और मेड़बंदी जैसे मुख्य बिंदुओं पर कार्यों में तेजी लाई जाए। पौधारोपण के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सॉइल कंजर्वेशन डिपार्टमेंट को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

विभागवार एक्शन प्लान और योजनाओं का अभिसरण
प्रॉस्पर प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन के लिए उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को डिपार्टमेंट वाइज एक्शन प्लान बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा , 15 वें वित्त आयोग, कृषि, उद्यान और सॉइल कंजर्वेशन से जुड़ी सरकारी योजनाओं को आपस में जोड़कर ग्रामीण विकास को रफ्तार दी जाए, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।

बीडीओ गोद लेंगे दो-दो गांव, किसानों का होगा ओरिएंटेशन*

ग्रामीणों और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जल्द ही किसानों के लिए ओरिएंटेशन और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएं। इसके लिए पहले से ही प्रगतिशील किसानों की एक सूची तैयार रखने को कहा गया है ताकि समय पर उन्हें प्रशिक्षण के लिए भेजा जा सके।

यह प्रोजेक्ट गुमला जिला प्रशासन और विभिन्न संस्थाओं के बीच हुए एमओयू के तहत चलाया जा रहा है। इस साझा प्रयास में जिला प्रशासन के साथ ‘प्रदान’ , अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, विकास भारती, फिया और डब्ल्यूओटीआर जैसे गैर-सरकारी संगठन मिलकर धरातल पर काम कर रहे हैं। उपायुक्त ने सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ तय समय सीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राम भक्तों के लिए

अमेरिका – इजरायल – ईरान युद्ध के कारण पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने के नाम पर सभी सामग्रियों के दाम आसमान छूने लगी है, और लूट की छूट मची हुई है

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

जिले केआम नागरिकों द्वारा जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारियों से अवैध दामों में अंकुश लगाने की गुहार लगाई हैं

गुमला : – गुमला जिला प्रशासन एंव संबंधित विभागीय पदाधिकारियों से आम नागरिकों एंव उपभोक्ताओं ने जिले में सभी खाद्य पदार्थो सहित विभिन्न आकार प्रकार के रोजमर्रा सामग्रियों, सहित बाजार में बिकने वाले साग – सब्जियां – विभिन्न आकार प्रकार के फलों आदि सामग्रियों के विक्रेताओं ( दुकानदारों ) द्वारा अमेरिका – इजरायल – ईरान युद्ध होने के कारण पेट्रोल – डीजल के दाम बढ़ने के नाम पर समस्त सामग्रियों का दाम आसमान छूने लगा है, संबंधित दुकानदारों द्वारा बेतहाशा अवैध रुप से दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं से अवैध पैसे वसूले जा रहे हैं, जिस पर जिला प्रशासन, नापतोल विभाग,( सत्य बोल पूरा तौल का अब जमाना ही उठ गया है ) अतः संबंधित विभागों से आम उपभोक्ताओं का मांग है की नापतोल की जांच की जाए, मिलावटी सामान पर रोक लगे, एक्सपायरी सामान नहीं बचा जाए, और सभी सामानों के दाम एक समन ( बराबर ) हो, चाहें आम मार्केट हो, या मॉल, बाजार हो या सड़क किनारे की दुकान सभी स्थानों में दाम ( मूल्य ) एक सा हो और उक्त सामग्रियों का दाम (मूल्य ) दुकान के सामने अंकित कराया जाए और सही दाम पर, सही नापतौल कर, उक्त सामानों (सामग्रियों) की बिक्री कराई जाए , और काला बाजार में किसी भी समान को नहीं बेचा जाय, और अगर कोई दुकानदार ऐसा करता हैं और अवैध रूप से कोई भी सामग्री बेचता पाया जाए , या नापतोल में कम सामग्री देने वाले, और अवैध रूप से उपभोक्ताओं से पैसा वसूल करने वालें दुकानदारों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, क्योंकि फिलहाल गुमला जिले में पेट्रोल डीजल और ट्रक आदि वाहनों के किराया बढ़ने के नाम पर उपभोक्ताओं से अवैध रुप से और काला बाजार और भ्रष्टाचार कर, खुला खेल फर्रुखाबादी दी खेलते हुए, खुलेआम, अवैध दाम (मूल्य) वसूला जा रहा है, जिस पर स्थानीय जिला प्रशासन, और संबंधित विभाग द्वारा अभिलंब अंकुश लगाए ताकि सभी स्थानों पर और सभी जगहों पर उपभोक्ताओं को सही और एक दाम पर और उचित मूल्य पर सभी सामान (सामग्री ) उपलब्ध कराया जाए, गुमला जिला मुख्यालय के आम नागरिक इस संबंध में अपनी सहमति जताते हुए और सभी सामग्रियों के दाम बढ़ने पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं समस्त संबंधित विभागों से अनुरोध किया है की उक्त दामों पर अंकुश लगाया जाए गुमला जिला मुख्यालय के आम नागरिक शहरू बड़ाइक, अधिवक्ता रूपम कुमारी, संदीप बडाइक, नीलू कुमारी, हर्ष कुमार, अंकित कुमार, अंश पिकू, लक्ष्मी देवी, सृष्टि कुमारी, अभय कुमार, आर्यन कुमार, टार्जन लाल, डीकी की उर्फ ईशा, मिनी उर्फ़ पूजा कुमारी, चेरी रानी, देवा प्रसाद, किशोरी प्रसाद, विजय प्रसाद गुप्ता, चंदन गुप्ता, मनोज गुप्ता, राजेश, गायत्री देवी, संदीप कुमार, शिवम, राकेश, रिमझिम देवी, ढुंढुं कुमारी, जोली कुमारी, पूनम कुमारी, दीपक कुमार गुप्ता, नीरज कुमार गुप्ता आदि ने उक्त मांग जिला प्रशासन एवं संबंधित पदाधिकारी से की है l

राम भक्तों के लिए

PM के 12 साल का कार्यकाल: अपने कीर्तिगान के आगे नेहरू-अटल को बौना साबित किया  

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सुदीप ठाकुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल का कार्यकाल पूरा होने के जलसे में उनके कशीदे पढ़े गए हैं। कहा गया कि उन्होंने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया है। इस तरह वह 15 अगस्त 1947 में बनी उस पहली सरकार को भी खारिज कर दे रहे हैं, जिसका हिस्सा सरदार वल्लभ भाई पटेल और डॉ. भीमराव आंबेडकर और संघ परिवार के पूजनीय श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी थे।

 बर्बादी का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा

मोदी के कीर्तिगान में मीडिया तो पहले भी पीछे नहीं था। इसी जलसे में देश की हर तरह की बर्बादी का ठीकरा हमेशा की तरह मोदी ने कांग्रेस और उसकी सरकारों पर फोड़ा है। इस क्रम में वह कई बार भूल जाते हैं कि बीते दशकों में देश जिन नीतियों पर चला उनमें उनके पूर्ववर्ती अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार का भी योगदान रहा।

मोदी ने अपने भाषण में कहा है, ‘कांग्रेस के दौर में देश को एहसास कराया जाता कि यहां तेज विकास संभव नहीं है। इसे हिंदू ग्रोथ रेट कहा जाने लगा। जबकि ये कांग्रेस ग्रोथ रेट थी, क्योंकि तब शासन, नीति, नीयत और निर्णायक नेतृत्व का अभाव था।’

यही नहीं, हिंदू ग्रोथ रेट जैसे आर्थिक टर्म का इस्तेमाल कांग्रेस पर हमले के लिए इस्तेमाल करते हुए मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस ने अपनी विफलताओं का कलंक देश की हिंदू आबादी पर लगाया।’

आप चाहें तो मोदी के संसद में दिए उस भाषण को याद कर सकते हैं, जिसमें उन्होंने मनरेगा जैसी ग्रामीण कल्याणकारी योजना को यूपीए की विफलताओं का स्मारक बताया था ! यह अलग बात है कि मनरेगा में मिले काम की संवैधानिक गारंटी को खत्म कर उसे ‘वीबी जी राम जी’ कर दिया गया है। जैसा कि इसके नाम से जाहिर है, यह भाजपा और संघ परिवार के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की विचारधारा में लिपटी हुई योजना है।

जाहिर है, मोदी जब हिंदू ग्रोथ रेट की बात करते हैं और कांग्रेस पर हमला करते हैं, तो यह हिंदुत्व की उस राजनीति का हिस्सा ही है, जिसके जरिये वे अपनी आर्थिक नाकामियों को ढंकना चाहते हैं। मगर जैसा, कि अक्सर होता है, इस हिंदू ग्रोथ रेट में भी एक गड़बड़ है।

इस शब्द का सबसे पहले इस्तेमाल दिवंगत अर्थशास्त्री प्रोफेसर राज कृष्ण ने 1978 में किया था और तब देश में कांग्रेस नहीं उसी जनता पार्टी की सरकार थी, जिसका हिस्सा भाजपा का पूर्व अवतार जनसंघ भी था।

हिंदू ग्रोथ रेट टर्म का हिंदू धर्म से क्या लेना-देना…?

प्रोफेसर राज कृष्ण ने आजादी के बाद 1950 से 1980 के बीच की विकास दर का आकलन कर उसे हिंदू ग्रोथ रेट कहा था। विश्व बैंक और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से जुड़े रहे प्रोफेसर राज ने कल्याणकारी मॉडल को आर्थिक तरक्की के रास्ते में अड़ंगा माना था। उन्होंने इस दौरान की 3.5 से 4 फीसदी की विकास दर के लिए एक टर्म ईजाद की, हिंदू ग्रोथ रेट।

हिंदू ग्रोथ रेट टर्म का हिंदू धर्म से क्या लेना-देना था, यह तो स्पष्ट नहीं है। लेकिन जैसा कि मैंने पहले लिखा, जब यह टर्म कहा गया तब देश में जनता पार्टी की सरकार थी और उसके वित्त मंत्री थे हीरूभाई एम पटेल।

गुजरात से ताल्लुक रखने वाले हीरूभाई एम पटेल पूर्व नौकरशाह थे और 1967 में स्वतंत्र पार्टी से उन्होंने पहला चुनाव लड़ा था। पूंजीवादी नीतियों पर चलने वाले स्वतंत्र पार्टी को राजा-महाराजाओं का खासा समर्थन था। पटेल वह चुनाव हार गए, लेकिन 1977 में जब मोरारजी देसाई की अगुआई में जनता पार्टी की सरकार बनी तब उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया।

कांग्रेस ने 1991 में लाइसेंस कोटा परमिट राज खत्म किया

मगर इन पटेल साहब ने भी हिंदू ग्रोथ रेट को बदलने में कोई भूमिका नहीं निभाई। यह बदली 1991 में जब नरसिंह राव और मनमोहन सिंह ने देश में नई आर्थिक नीतियां लागू कीं और लाइसेंस कोटा परमिट राज खत्म किया।

दरअसल मुद्दा यह है कि मोदी ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ को लेकर जो कथानक बुन रहे हैं, उसे किस तरह देखा जाए। देश जब आजाद हुआ था, तब दो तिहाई आबादी गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन कर रही थी। अनाज तक तो बाहर से मंगाना पड़ता था।

और आज क्या हाल है? 85 करोड़ लोगों को मुफ्त या सस्ता अनाज देना पड़ रहा है तो यह किस तरह का विकास है। और वह भी ऐसे समय जब एक हालिया रिपोर्ट बता रही है कि किस तरह से गौतम अडानी और मुकेश अंबानी जैसे चुनिंदा उद्योगपतियों की संपत्ति बढ़ रही है।

पश्चिम एशिया के युद्ध के चलते पहले से हालात बदतर ही हुए हैं। कच्चे तेल के दाम 120 डॉलर से उतरकर 95 डॉलर प्रति बैरल पर आ जाने के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो चुकी है और अब पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है।

खुद प्रधानमंत्री मोदी कई तरह की हिदायतें देश के लोगों को दे चुके हैं। सीएमआईई की ताजा रिपोर्ट बता रही है कि मई के महीने में बरोजगारी दर 6.85 हो गई।

क्या इस ग्रोथ को अदाणी ग्रोथ रेट कहा जाए ?

मोदी के बारह सालों को देखें तो गौतम अदाणी की संपत्ति में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। फोर्ब्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक गौतम अदाणी अब 89.2 अरब डॉलर हो चुकी है और वह एशिया के सबसे अमीर आदमी हैं। 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से हर क्षेत्र में अदाणी का बोलबाला है। फिर वह कोयला, पॉवर, हवाई अड्डा या पोर्ट हो या सोलर पॉवर या एफएमसीजी। जहां जाइएगा उन्हें पाइएगा। 2014 के बाद से अदाणी ग्रुप ने जबर्दस्त तरक्की की है। 2014 में अदाणी की कुल संपत्ति फोर्ब्स के मुताबिक 7.1 अरब डॉलर थी और आज यह बढ़कर 89.2 अरब डॉलर हो गई है।

 

राम भक्तों के लिए

पृथ्वी पर इस समय साक्षात् महामानव जी का स्वर्णिम नहीं,कोहिनूर काल चल रहा है ! 

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मंत्री जी, ग़लत बात… बिल्कुल ग़लत बात कर रहे हैं आप! आप जैसे ज़िम्मेदार पद पर बैठे लोग जब इस पावन अमृत काल को सिर्फ एक साधारण सा स्वर्णिम काल कहकर निकल जाते हैं ना, तो कसम से कलेजा मुंह को आ जाता है। अरे भइया, हमारे महामानव जी के इस विराट, अलौकिक, अद्भुत और अद्वितीय व्यक्तित्व का ऐसा फीका अपमान हम जनता बर्दाश्त नहीं करेंंंगे ! स्वर्णिम काल तो बहुत छोटी और तुच्छ चीज़ है मंत्री जी, इस युग की गिनती तो सीधे कोहिनूर काल में होनी चाहिए! और सिर्फ गिनती क्यों? इस हीरा-मोती-पन्ना काल का तो बाकायदा एक पहाड़ा होना चाहिए, जिसे देश के बच्चे सुबह-शाम हाथ जोड़कर रटें।

मैं तो कहता हूँ कि इस ऐतिहासिक कालखंड के गौरव को सिर्फ सरकारी फाइलों में मत छिपाइए। लाल क़िला, ताजमहल, कुतुबमीनार और इंडिया गेट जैसी जितनी भी ऐतिहासिक इमारतें हैं, उनकी दीवारों को खुरच-खुरच कर महामानव जी के इस कोहिनूर काल का पूरा चालीसा और पहाड़ा बाकायदा छैनी-हथौड़ी से गुदवा देना चाहिए ! ताकि आने वाली पीढ़ियां जब भी घूमने जाएं, तो इतिहास देखने के बजाय सीधे इस अलौकिक युग’ के सामने साष्टांग दंडवत प्रणाम कर सके.

कोहिनूर काल को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल कर देना चाहिए

इतना ही नहीं भइया, शिक्षा व्यवस्था में भी एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी बदलाव होना चाहिए। कक्षा एक की बालपोथी से लेकर सीबीएसई (CBSE) और यूपीएससी (UPSC) तक की तैयारी करने वाले हर छात्र के लिए इस कोहिनूर काल को एक अलग, अनिवार्य सब्जेक्ट के रूप में शामिल कर देना चाहिए।

जब तक बच्चा परीक्षा की कॉपी में यह न लिख दे बिना रोजगार के भी देश का युवा पकौड़े तलकर करोड़पति बन रहा था, तब तक उसे पास ही नहीं करना चाहिए! बल्कि गणित के सारे फॉर्मूले हटाकर नए पहाड़े बनने चाहिए—जैसे दो एकम दो, महामानव जी जो कहें वो सच मानो, और दो दूनी चार, महंगाई तो है विपक्ष का अत्याचार!

मेरा तो एक और परम दिव्य सुझाव है। इसरो (ISRO) वालों को तुरंत चंद्रयान और मंगलयान पर वैज्ञानिकों को भेजना बंद करके, सीधे अंतरिक्ष की दीवारों पर और चांद-तारों की छाती पर लेजर लाइट से लिखवा देना चाहिए कि— हे ब्रह्मांड के वासियों, अपनी आँखें धन्य कर लो, क्योंकि पृथ्वी पर इस समय साक्षात महामानव जी का कोहिनूर काल चल रहा है!

-अशोक झा के फेसबुक वाल से 

राम भक्तों के लिए

Fire at Delhi Data Centre Disrupts Google Cloud Services, Causes Widespread Internet Slowdowns

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News Credit – Ashok Thakur

Network outage impacts users across Delhi, Mumbai, and Chennai as Google reroutes traffic following emergency shutdown

New Delhi: A fire at a data centre facility in New Delhi triggered an emergency shutdown of critical network equipment used by Google Cloud, causing service disruptions and connectivity issues for customers across several Indian cities.

Google Cloud, one of the world’s largest cloud service providers alongside Amazon Web Services (AWS) and Microsoft Azure, confirmed that the incident resulted in reduced network capacity and intermittent service degradation in multiple metropolitan regions.

According to Google’s Service Health dashboard, the incident was officially recorded at 11:22 a.m. Pacific Time on June 9 (approximately 11:52 p.m. IST). However, the company has not disclosed the exact time when the fire occurred.

Google stated that the fire led to an emergency power shutdown at its New Delhi facility, isolating a local Point of Presence (PoP) — a critical network hub that connects users and internet traffic through routers, servers, and high-speed network infrastructure.

The outage significantly reduced network capacity in and around the Delhi region and affected traffic originating from Delhi, Mumbai, Chennai, and nearby areas.

“Network traffic to Google Cloud originating from Delhi, Chennai, Mumbai and surrounding areas is experiencing intermittent periods of elevated latency and possible packet loss,” the company said in a statement.

To minimize the impact, Google rerouted a substantial amount of traffic away from the affected facility. However, the sudden shift increased demand on other network routes, resulting in intermittent latency spikes and connectivity issues across several Internet Service Providers (ISPs).

The disruption affected numerous businesses and websites relying on Google Cloud infrastructure. Among those impacted was The Wire’s English website, which reportedly experienced an outage lasting nearly 12 hours.

Google has not yet provided details regarding the cause of the fire or the full extent of the damage. The company continues to monitor the situation while working to restore normal network performance across affected regions.

राम भक्तों के लिए

CEIR पोर्टल से बरामद 83 गुम मोबाइल पुलिस ने लोगों को लौटाए

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न्यूज – कहकशां फारुकी

गोमिया_बेरमो अनुमंडल पुलिस ने तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की सहायता से चोरी और गुम हुए 83 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को ससम्मान वापस सौंप दिया।
मोबाइल वितरण कार्यक्रम का आयोजन बेरमो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रविंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया। बरामद किए गए मोबाइल बेरमो, पेटरवार, नवाडीह, गोमिया और बोकारो थर्मल सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों से संबंधित थे।
इस अवसर पर जरीडीह, कसमार, ललपनिया, पेक नारायणपुर और गांधीनगर थाना क्षेत्रों के थाना प्रभारी भी उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इससे पूर्व भी CEIR पोर्टल की मदद से 36 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।
मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से गुम हुए मोबाइल वापस मिलना उनके लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल इसकी सूचना नजदीकी थाना में दें तथा CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे मोबाइल की ट्रैकिंग और बरामदगी की प्रक्रिया तेज हो सके।

राम भक्तों के लिए
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