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Wednesday, November 4, 2026
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गोमिया की 302 आंगनबाड़ियों की व्यवस्था दुरुस्त करना प्राथमिकता, नई सीडीपीओ माया रानी ने संभाला पदभार

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

दो सेक्टर की सेविकाओं के साथ की परिचयात्मक बैठक, विभागीय कार्यों की समीक्षा कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर

गोमिया___गोमिया प्रखंड मुख्यालय के सभागार में शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) माया रानी ने पदभार ग्रहण करने के बाद विभागीय गतिविधियों को गति देने की पहल शुरू कर दी। उन्होंने गोमिया प्रखंड की 302 आंगनबाड़ियों में संचालित कार्यों की जानकारी लेने के उद्देश्य से दो सेक्टर की आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ परिचयात्मक एवं विभागीय कार्यों की समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर चर्चा की गई।
बैठक में पर्यविक्षका प्रियंका कुमारी, रीता कुमारी और कंचन कुमारी भी मौजूद थीं। नई सीडीपीओ ने सेविकाओं से परिचय प्राप्त किया और उनके कार्यों की जानकारी ली। साथ ही विभागीय जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वहन करqने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
इस मौके पर सीडीपीओ माया रानी ने कहा, “आंगनबाड़ी केंद्र महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को धरातल पर उतारने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेरा प्रयास रहेगा कि सभी केंद्रों का संचालन सुचारू रूप से हो और बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को योजनाओं का लाभ समय पर मिले। इसके लिए सेविकाओं के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी।”
उन्होंने सेविकाओं से अपने दायित्वों का ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने की अपेक्षा जताई। नई सीडीपीओ के पदभार ग्रहण करने के बाद विभागीय कार्यों की समीक्षा को गोमिया प्रखंड में आंगनबाड़ी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राम भक्तों के लिए

खेलों से होता है युवाओं का शारीरिक और मानसिक विकास : सुनीता देवी ललपनिया में तीन दिवसीय दशहरा फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ, खिलाड़ियों में दिखा उत्साह

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

Gomia__ ललपनिया फुटबॉल क्लब के तत्वावधान में टीटीपीएस ललपनिया फुटबॉल ग्राउंड में शुक्रवार को तीन दिवसीय दशहरा फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ हुआ। जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी और समाजसेवी चितरंजन साव ने फीता काटकर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। टूर्नामेंट के शुभारंभ के साथ ही खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि खेल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खेलों से युवाओं का शारीरिक और मानसिक विकास होता है। फुटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि टीम भावना, आपसी सहयोग और एकजुट होकर लक्ष्य हासिल करने की सीख भी देता है। उन्होंने कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है खेल भावना के साथ खेलना और एक-दूसरे का सम्मान करना।
वहीं, समाजसेवी चितरंजन साव ने कहा कि वह स्वयं खेल प्रेमी हैं और चाहते हैं कि क्षेत्र के लोग शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहें। इसी उद्देश्य से वह अपने क्षेत्र में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने तथा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में ललपनिया थाना प्रभारी जय प्रकाश एक्का, फागू मांझी, रमेश कुमार सोरेन, साजन मरांडी, दिलीप मुर्मू, कृष्ण हांसदा, सुनील किस्कू, निलेश मुर्मू, मनोज मुर्मू, रवी हांसदा, आनंद मरांडी, बहाराम सोरेन, टीकू हेंब्रम, सुशील मुर्मू, सोनू पटवा, सुबोध हेंब्रम सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त की पहल पर गुमला को मिली एम्बुलेंस वैन, जारी प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को मिलेगी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

आईडीबीआई बैंक ने सीएसआर मद के तहत जिला प्रशासन को सौंपी एम्बुलेंस वैन, समाहरणालय परिसर में उपायुक्त को सौंपी गई वाहन की चाबी एवं आवश्यक दस्तावेज

गुमला : – गुमला जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुलभ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उपायुक्त दिलेश्वर महतो की पहल पर आईडीबीआई बैंक द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मद के तहत गुमला जिला प्रशासन को एक एम्बुलेंस वैन उपलब्ध कराई गई है। यह एम्बुलेंस वैन जारी प्रखंड के लिए सुपुर्द की गई है, जिससे विशेष रूप से दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवश्यकता के समय स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर समाहरणालय परिसर में उपायुक्त दिलेश्वर महतो एवं उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन की उपस्थिति में एम्बुलेंस वैन की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात आईडीबीआई बैंक के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त दिलेश्वर महतो को एम्बुलेंस वैन की चाबी तथा वाहन से संबंधित आवश्यक कागजात एवं दस्तावेज सौंपे। आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत वाहन जिला प्रशासन को सुपुर्द किया गया।

जारी प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई बार लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह एम्बुलेंस वैन जरूरतमंद मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों एवं अस्पतालों तक पहुंचाने में सहायक होगी। विशेषकर आपातकालीन परिस्थितियों में यह सुविधा ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रखते हुए दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों तक भी पहुंचाना है।

उपायुक्त दिलेश्वर महतो की पहल का उद्देश्य जिले के प्रत्येक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है। एम्बुलेंस वैन की उपलब्धता इसी प्रयास का हिस्सा है, ताकि दूरी और दुर्गम रास्ते किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करने में बाधा न बनें।

इस अवसर पर सिविल सर्जन, गुमला शंभूनाथ चौधरी, एसीएमओ, आईडीबीआई बैंक के प्रतिनिधियों सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

राम भक्तों के लिए

गुमला में खाद्य सुरक्षा को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शी समिति की अहम बैठक, एनालॉग या नॉन डेयरी पनीर एवं मिलावटी पनीर के निर्माण, भंडारण व बिक्री पर पूर्ण रोक के साथ आगामी त्योहारों में सघन जांच के निर्देश

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला:- गुमला जिला में, मुख्य सचिव, झारखंड सरकार एवं अपर मुख्य सचिव-सह-खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशानुसार उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में खाद्य सुरक्षा का एक मजबूत और पारदर्शी पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना है, जिससे आम जनता को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को अहम दिशा-निर्देश जारी करते हुए जिले में दूध एवं पनीर निर्माता की सूचना अभिहित अधिकारी – सह – अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, गुमला को उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया ताकि ससमय मिलावटी दूध या पनीर निर्माता एवं बिक्री करने वाले के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 के तहत् सख्त कार्रवाई किया जा सके।

बैठक में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ‘एनालॉग/नॉन-डेयरी/मिलावटी पनीर’ के निर्माण, भंडारण, बिक्री, आपूर्ति और उपयोग पर जिले में पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act, 2006) के प्रावधानों के तहत मिलावटखोरों पर कड़ी कानूनी व प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आगामी त्योहारों को देखते हुए मिठाई, दूध, पनीर, तेल, मसाला और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। प्रशासन द्वारा बाजारों में नियमित सघन जांच, सतत निगरानी और विशेष प्रवर्तन अभियान चलाए जाएंगे ताकि मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

उपायुक्त ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। यदि किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट, गुणवत्ता में कमी या कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो नागरिक ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप के माध्यम से या अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, अथवा
खाद्य सुरक्षा कार्यालय, गुमला में सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
उपायुक्त ने चेतावनी दी है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले व्यापारियों और मिलावटखोरों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

इस दौरान मुख्य रूप से जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, डीएसपी घुमल, एसीएमओ सहित अन्यास सम्बंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहें।

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक आयोजित

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

*आरसेटी के वार्षिक लक्ष्य 1,050 को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने, क्रेडिट लिंकेज एवं प्रशिक्षुओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर*

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज समाहरणालय भवन, गुमला में जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति की वित्तीय वर्ष 2026-27 की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आरसेटी की प्रगति, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, क्रेडिट लिंकेज, वार्षिक लक्ष्य तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय सहित आरसेटी के प्रभावी संचालन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में सर्वप्रथम पूर्व में आयोजित जून तिमाही की जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक के कार्यवृत की पुष्टि की गई। इसके पश्चात वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रगति रिपोर्ट एवं क्रेडिट लिंकेज की स्थिति की समीक्षा की गई। आरसेटी के लिए निर्धारित 1,050 प्रशिक्षणार्थियों के वार्षिक लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित विभागों से आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक एवं पात्र युवाओं तथा लाभुकों को आरसेटी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए विभागीय स्तर पर व्यापक मोबिलाइजेशन किया जाए। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पात्र प्रशिक्षणार्थियों को बैंक ऋण, स्वरोजगार एवं संबंधित सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया, ताकि प्रशिक्षण का लाभ वास्तविक रूप से रोजगार एवं आजीविका के अवसरों में परिवर्तित हो सके।

बैठक में नियमित समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से प्रत्येक माह समन्वय बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी, उक्त माध्यम से स्वयं सहायता समूहों , ग्राम संगठनों , संकुल स्तरीय संगठनों तथा सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों के सहयोग से संभावित अभ्यर्थियों की पहचान एवं मोबिलाइजेशन करने तथा आगामी प्रशिक्षण बैचों के लिए पूर्व योजना तैयार करने पर जोर दिया गया। प्रत्येक बैठक में पिछले माह लिए गए निर्णयों की कार्यवाही की समीक्षा करने की बात कही गई।

बैठक में ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्राप्त महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा की गई और बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए स्वयं सहायता समूहों एवं उनके परिवारों से उपयुक्त अभ्यर्थियों की पहचान कर उन्हें संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही आरसेटी के वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर के साथ साझा करने एवं प्रशिक्षणार्थियों के मोबिलाइजेशन की पूर्व तैयारी करने पर बल दिया गया।

उपायुक्त ने जिला कल्याण विभाग, डीआरडीए, नाबार्ड, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, जिला उद्योग केंद्र , बैंकों एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर आरसेटी से प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को उनकी पात्रता एवं प्रशिक्षण ट्रेड के अनुरूप सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, सब्सिडी एवं अन्य संस्थागत सहायता से जोड़ने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रशिक्षुओं के फॉलो-अप एवं क्रेडिट लिंकेज को भी प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगारपरक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण राजमिस्त्री एवं प्लंबिंग प्रशिक्षण के लिए योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों के नामांकन एवं व्यापक मोबिलाइजेशन पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में संबंधित प्रखंड एवं विभागीय पदाधिकारियों के माध्यम से अधिक से अधिक उपयुक्त अभ्यर्थियों को आरसेटी प्रशिक्षण से जोड़ने हेतु आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन देने की बात कही गई।

बैठक के दौरान बांस एवं जूट आधारित कौशल प्रशिक्षण शुरू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने आरसेटी को बांस एवं जूट से संबंधित रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के लिए आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रशिक्षण के सफल संचालन के लिए आवश्यक सहयोग एवं विभागीय समन्वय उपलब्ध कराने की बात कही गई। इससे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर युवाओं एवं ग्रामीण समुदाय के लिए स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी।

बैठक में आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त कर सफल हुए प्रशिक्षणार्थियों की सफलता की कहानियों एवं उनके स्वरोजगार से जुड़ाव पर भी चर्चा की गई। ऐसे सफल प्रशिक्षुओं की पहचान कर उनकी उपलब्धियों को अन्य संभावित अभ्यर्थियों तक पहुंचाने पर बल दिया गया, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवा कौशल प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ सकें।

बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, आरसेटी निदेशक सैमुअल प्रशांत लकड़ा, डीपीएम, एलडीएम कार्यालय के प्रतिनिधि, कृषि एवं पशुपालन विभाग के पदाधिकारी, आरसेटी फैकल्टी प्रतुल्य कुमार साहू एवं चैतन्य गणपति सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

राम भक्तों के लिए

सिसई में 300 एनसीसी कैडेट्स ने सड़क सुरक्षा की शपथ ली, बी.एन. जालान कॉलेज में चला वृहत जागरूकता अभियान

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आज दिनांक 09-10-2026 शुक्रवार को बी.एन. जालान कॉलेज, सिसई में एक वृहत सड़क सुरक्षा अभियान का आयोजन किया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) सतेन्दर महतो के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा जिलों के दो दर्जन से अधिक शिक्षण संस्थानों के लगभग 300 एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और सड़क सुरक्षा नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करने की सामूहिक शपथ ली।

*प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाई गई हादसों की जमीनी हकीकत*
*जागरूकता अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा टीम ने पारंपरिक मौखिक जानकारी तक सीमित न रहकर प्रोजेक्टर का इस्तेमाल किया। वीडियो क्लिप्स और तस्वीरों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों और उनके भयावह परिणामों को विस्तार पूर्वक समझाया गया। इस दृश्य माध्यम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को हादसों की गंभीरता और उनसे बचाव के तरीकों से सीधे तौर पर रूबरू कराना था।*
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा टीम ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग सड़क हादसों में होने वाली कैजुअल्टी को काफी हद तक कम कर सकता है। कैडेट्स से आह्वान किया गया कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार तथा आस-पड़ोस के लोगों को भी इसके प्रति प्रेरित करें।
दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण और मोबाइल का खतरनाक इस्तेमाल
सड़क सुरक्षा टीम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सर्वाधिक दुर्घटनाएं और मौतें बाइक सवारों की हो रही हैं। ओवरस्पीडिंग, लापरवाही से ड्राइविंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, शराब का सेवन कर वाहन चलाना और ट्रिपल लोडिंग इसके मुख्य कारण हैं। टीम ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल को सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि एक छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
‘गुड सैमेरिटन’ और ‘हिट एंड रन’ कानून की जानकारी
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण ‘गुड सैमेरिटन’ (नेक मददगार) योजना और ‘हिट एंड रन’ के नए प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देना रहा।
*नेक मददगार योजना:* सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ (पहले एक घंटे) के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले ‘गुड सैमेरिटन’ को सरकार द्वारा 2,000 रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है।
* हिट एंड रन मुआवजा: अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई मृत्यु के मामलों में आश्रितों को 2,00,000 रुपये और गंभीर रूप से घायल होने पर 50,000 रुपये के मुआवजे का प्रावधान है।
इन संस्थानों के कैडेट्स ने लिया हिस्सा
इस जागरूकता अभियान में बी.एन. जालान कॉलेज सिसई के साथ-साथ पॉलिटेक्निक कॉलेज गुमला, डीएवी पब्लिक स्कूल गुमला, के.ओ. कॉलेज, सिमडेगा कॉलेज, ताना भगत कॉलेज, एस.के. बागे कॉलेज घाघरा, उर्सुलाइन गर्ल्स हाई स्कूल, संत जोसेफ हाई स्कूल कोनबीर, लूथेरन हाई स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर गुमला, डीएवी कॉलेज सिमडेगा और संत पीटर स्कूल टोंगो सहित दो दर्जन से अधिक स्कूलों और कॉलेजों के एनसीसी कैडेट्स और शिक्षक उपस्थित रहे।

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने एवं लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

पोषण ट्रैकर, SAMAR ऐप एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा; महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियमित निरीक्षण करने का निर्देश

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज समाहरणालय में जिला समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, पोषण संबंधी सेवाओं, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा लंबित मामलों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा लाभुकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

*आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर*

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन एवं उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की गई। भौगोलिक क्षेत्र-निर्धारण के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति के संबंध में महिला पर्यवेक्षिकाओं से जानकारी ली गई तथा संबंधित बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया।

उपायुक्त ने किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली कनेक्शन, शौचालय, पेयजल एवं रसोईघर जैसी आवश्यक सुविधाओं को शत-प्रतिशत क्रियाशील बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों एवं महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और नियमित निगरानी आवश्यक है।

*पोषण सेवाओं एवं योजनाओं के लंबित मामलों का निष्पादन करने का निर्देश*

बैठक में पोषण संबंधी सेवाओं की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने SAMAR ऐप पर गंभीर तीव्र कुपोषण (एस ए एम ) से संबंधित मामलों की प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने पोषण ट्रैकर एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अन्य संबंधित योजनाओं में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी लंबित प्रविष्टियों एवं आवेदनों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।

इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा कन्या कन्यादान योजना सहित संबंधित योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का समय पर समाधान करने का निर्देश दिया।

पालकोट परियोजना के अंतर्गत कार्यों की प्रगति एवं उपलब्धियों की समीक्षा के दौरान अपेक्षित स्थिति नहीं पाए जाने पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को कार्यों में सुधार लाने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में निर्धारित मानकों एवं लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

*वन स्टॉप सेंटर की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की समीक्षा*

बैठक के दौरान सहायक निदेशक, समाज कल्याण, राँची द्वारा दिनांक 07 अक्टूबर 2026 से 08 अक्टूबर 2026 तक वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण एवं भ्रमण के दौरान प्राप्त जानकारी, कार्यों तथा उपलब्धियों से अवगत कराया गया। इस क्रम में संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा आवश्यकतानुसार सेवाओं के प्रभावी संचालन पर जोर दिया गया।

*आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश*

उपायुक्त ने सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं को अपने क्षेत्राधीन आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान केंद्रों के नियमित संचालन, उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, पोषण सेवाओं तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया जाए। कमियों की पहचान कर उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, सहायक निदेशक, समाज कल्याण, सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, कंसल्टेंट मृत्युंजय नायक, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) तथा संबंधित परियोजनाओं की महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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करमाटांड़ में अवैध शराब के अड्डे पर पुलिस का धावा, 7 किलो जावा महुआ नष्ट

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न्यूज – कहकशां फारुकी

शराब बनाने के उपकरण भी तोड़े, आईईएल पुलिस की छापेमारी से अवैध कारोबारियों में हड़कंप
गोमिया__अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आईईएल थाना पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए करमाटांड़ गांव में छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने करीब 7 किलो जावा महुआ नष्ट कर दिया और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को तोड़कर नष्ट कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब निर्माण में जुटे लोगों में हड़कंप मच गया।
बोकारो पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी श्यामल कुमार मंडल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करमाटांड़ गांव में अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर धावा बोला। छापेमारी के दौरान पुलिस ने शराब बनाने की सामग्री और उपकरणों को नष्ट कर अवैध कारोबार पर सीधा प्रहार किया।
अवैध शराब कारोबार पर पुलिस की सख्ती
पुलिस ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई कि गांव में कहीं भी अवैध शराब निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों को कड़ा संदेश दिया गया है। अब पुलिस के सामने इस अभियान को लगातार जारी रखते हुए क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने की चुनौती होगी।

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक, मसरिया, धनसिंह एवं अपर शंख जलाशयों के एकीकृत विकास की डीपीआर सर्वसम्मति से पारित

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

जलाशयों में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ केज कल्चर, हैचरी, सीड रियरिंग यूनिट एवं स्वच्छ मत्स्य बिक्री केंद्र विकसित करने पर जोर

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय समिति ( डीएलसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में मत्स्य पालन के समेकित एवं व्यवस्थित विकास, जलाशयों के संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा मत्स्यपालकों की आय एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में भारत सरकार के प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ( PMMSY) तथा इसके अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) के तहत जलाशयों के एकीकृत विकास से संबंधित तैयार विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) को जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

इसके तहत जिले के घाघरा प्रखंड स्थित मसरिया जलाशय, बसिया प्रखंड स्थित धनसिंह जलाशय एवं डुमरी प्रखंड स्थित अपर शंख जलाशय के एकीकृत विकास के लिए तैयार डीपीआर पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला मत्स्य कार्यालय द्वारा तैयार परियोजना प्रतिवेदन को समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद सदस्यों द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में प्रस्तावित डीपीआर को सर्वसम्मति से पारित किया गया।

*जलाशयों के संसाधनों के समेकित विकास पर रहेगा फोकस*

बैठक में जलाशयों को केवल मत्स्य उत्पादन के केंद्र के रूप में विकसित करने के बजाय उपलब्ध संसाधनों के समेकित उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रस्तावित योजना के तहत जलाशयों में केज कल्चर के साथ-साथ मत्स्य बीज उत्पादन एवं संवर्धन के लिए सीड रियरिंग पॉन्ड, फिंगरलिंग रियरिंग यूनिट तथा आवश्यक क्षमता की हैचरी विकसित करने की योजना पर चर्चा की गई।

इसके अतिरिक्त जलाशयों के आसपास स्वच्छ एवं व्यवस्थित मत्स्य बिक्री केंद्र विकसित करने, मोबाइल फिश रिटेल आउटलेट के माध्यम से स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से मछली की बिक्री को बढ़ावा देने तथा वर्तमान में अस्वच्छ तरीके से होने वाली मत्स्य बिक्री को व्यवस्थित करने की दिशा में भी आवश्यक पहल किए जाने पर चर्चा हुई।

उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जलाशय आधारित मत्स्य गतिविधियों के विकास में स्थानीय संसाधनों, तकनीक एवं मत्स्यपालकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मत्स्य क्षेत्र के विकास से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को भी मजबूती मिलनी चाहिए।

*वेद व्यास आवास योजना के तहत 18 लाभुकों के चयन पर भी चर्चा*

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में झारखंड सरकार, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के पशुपालन प्रभाग द्वारा प्राप्त लक्ष्य के तहत वेद व्यास आवास योजना की भी समीक्षा की गई।

योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति के लिए विशेष घटक योजना (789) के तहत 04 आवास तथा जनजाति क्षेत्र उपयोजना (796) के तहत 14 आवास, कुल 18 आवासों के निर्माण हेतु लाभुकों के चयन से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

बैठक में संबंधित पदाधिकारी को योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप पात्र लाभुकों का चयन सुनिश्चित करने तथा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि मत्स्य विभाग से संबंधित योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक पहुंचाने के साथ-साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुम लता सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

अंत में जिला मत्स्य पदाधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक की कार्यवाही समाप्त की गई।

राम भक्तों के लिए

कल्याण विभाग की योजनाओं की उपायुक्त ने की विस्तृत समीक्षा, एकलव्य विद्यालयों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

प्रथम सप्ताह नवंबर तक लंबित निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश, डुमरी एकलव्य विद्यालय में जलापूर्ति सुनिश्चित होने तक हैंडओवर एवं उद्घाटन नहीं

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, छात्रवृत्ति वितरण, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान ( पीएम जनमन ), साइकिल योजना सहित विभिन्न निर्माण एवं मरम्मति कार्यों की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान नव निर्मित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय गुमला, सिसई, भरनो एवं डुमरी के संचालन, भवन निर्माण तथा शेष लंबित कार्यों की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई। निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने तथा कार्यों में त्रुटियां पाए जाने पर उपायुक्त ने संबंधित एजेंसी/वेंडर के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

*डुमरी एकलव्य विद्यालय में जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर उपायुक्त गंभीर*

बैठक में डुमरी स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में पेयजल एवं बोरिंग की व्यवस्था का विशेष रूप से संज्ञान लिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विद्यालय परिसर में पर्याप्त एवं स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करना प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक है। उन्होंने सम्बंधित एजेंसी एवं स्थानीय प्रशासन को आपसी समन्वय से समस्या का शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि विद्यालय का हैंडओवर तभी किया जाएगा, जब भवन एवं परिसर की सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध हों। जलापूर्ति की समस्या का समाधान किए बिना विद्यालय का उद्घाटन नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित एजेंसी एवं अभियंताओं को शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया।

बैठक में बताया गया कि डुमरी एकलव्य विद्यालय में जलापूर्ति की समस्या के समाधान के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा लगातार सहयोग किया जा रहा है। इसके बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उपायुक्त ने संबंधित एजेंसी को स्पष्ट रूप से कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। विद्यालय के छात्रावास सहित अन्य लंबित कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि नवंबर माह के प्रथम सप्ताह तक एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों से संबंधित सभी लंबित निर्माण कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में संबंधित एजेंसी एवं कार्य की प्रगति के संबंध में राज्य स्तर पर प्रतिवेदन भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की हुई समीक्षा

बैठक में कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं, विशेषकर छात्रवृत्ति वितरण से संबंधित प्रगति एवं प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। इसके अलावा संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

लघु सिंचाई प्रमंडल, ग्रामीण विकास प्रमंडल, भवन प्रमंडल तथा पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल से संबंधित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। इनमें आवासीय विद्यालयों की मरम्मति, छात्रावास मरम्मति, सीसीडी योजना, डीएजेजीयूए, वृहद धुमकुड़िया भवन निर्माण, अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण, पीएम जनमन अंतर्गत निर्माण कार्य एवं पेयजल से संबंधित कार्य शामिल रहे।

बैठक में साइकिल योजना तथा पीएम जनमन के तहत संचालित योजनाओं की भी समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा लाभुकों तक योजनाओं का समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं

उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि सरकारी भवनों, आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों, धुमकुड़िया भवनों एवं अन्य निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी एवं स्थल निरीक्षण करने तथा निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने भवन प्रमंडल को सरकारी आवासों एवं अन्य भवनों की मरम्मति का कार्य भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि निर्माण एवं मरम्मति कार्य केवल समय पर पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कार्य की गुणवत्ता, उपयोगिता एवं स्थायित्व भी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

बैठक में उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक आईटीडीए, जिला कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए
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