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Thursday, July 2, 2026
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नाबालिग अपहरण कांड का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार, रांची के अरगोड़ा से सकुशल बरामद हुई किशोरी, भेजा गया जेल

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News – Kahkashan Farooqi 

गोमिया_सोमवार को चतरोचट्टी थाना पुलिस ने नाबालिग लड़की के अपहरण मामले का त्वरित खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अपहृत किशोरी को रांची के अरगोड़ा क्षेत्र से सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के कढ़मा गांव निवासी प्रीतम महतो ने अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की शिकायत थाना में दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने 26 मई को चतरोचट्टी थाना कांड संख्या 28/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बोकारो द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार तकनीकी साक्ष्य एवं मानवीय सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने रांची के अरगोड़ा क्षेत्र में छापेमारी कर नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया। साथ ही मामले के नामजद आरोपी नकुल कुमार महतो (28 वर्ष), पिता सोमर महतो, निवासी जरकुंडा, थाना चतरोचट्टी को गिरफ्तार कर लिया गया।

चतरोचट्टी थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया है तथा आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी को तेनुघाट जेल भेज दिया गया।

छापेमारी दल में पुलिस अवर निरीक्षक अनुप रंजन बाखला, हवलदार गंगा राम बानरा, आरक्षी अजय मेहता, पारस कुमार वर्मा, किशोर कुमार महतो तथा tचालक नागेन्द्र महतो शामिल थे।

पुलिस की इस त्वरित एवं सफल कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

राम भक्तों के लिए

कथारा विद्युत सब स्टेशन कॉलोनी के निवासियों को आवास खाली करने का नोटिस, परिवारों में दहशत

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News – Kahkashan Farooqi 

Gomia__कथारा विद्युत सब स्टेशन परिसर स्थित सरकारी आवासों में वर्षों से रह रहे दर्जनों परिवारों को विद्युत विभाग द्वारा सात दिनों के भीतर आवास खाली करने का नोटिस जारी किए जाने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। नोटिस मिलने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने आवासीय संकट खड़ा हो गया है और वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
जानकारी के अनुसार विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल, गोमिया के सहायक विद्युत अभियंता द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि कथारा सब स्टेशन परिसर के सरकारी आवासों में कुछ लोग अनधिकृत रूप से निवास कर रहे हैं, जो विभागीय नियमों के विरुद्ध है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उक्त परिसर में ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप (टीआरडब्ल्यू) का निर्माण प्रस्तावित है, जिसके लिए आवासों को खाली कराना आवश्यक है।
पत्र में संबंधित लोगों को नोटिस प्राप्ति के सात दिनों के भीतर सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि के भीतर आवास खाली नहीं करने पर सरकारी संपत्ति पर अनधिकृत कब्जे के आरोप में कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में होने वाले खर्च एवं हर्जाने की जिम्मेदारी भी संबंधित व्यक्तियों पर होगी।
बताया जाता है कि यह पत्र 26 मई 2026 को जारी किया गया था, जबकि अधिकांश निवासियों को इसकी प्रति दो दिन पूर्व प्राप्त हुई है। कथारा विद्युत सब स्टेशन परिसर में कुल 32 सरकारी आवास हैं। इनमें लगभग 14 आवासों में गैर-कर्मचारी परिवार रह रहे हैं, जबकि एक आवास में विभागीय कर्मचारी निवास कर रहा है। विभाग की योजना पुराने आवासों को हटाकर वहां ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप स्थापित करने की है।
नोटिस के बाद कॉलोनी में रहने वाले परिवारों में भय और असमंजस का माहौल व्याप्त है। समाजसेविका रीता पांडेय, प्रमोद कसेरा, दीपक प्रसाद, मधेश्वर सिंह, रेखा देवी, सरिता देवी, नाजमा खातून, मीणा देवी, रिंकी पांडे तथा ममता देवी सहित अन्य निवासियों ने बताया कि वे वर्षों से अपने परिवारों के साथ यहां रह रहे हैं। अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उनके पास तत्काल वैकल्पिक आवास की व्यवस्था नहीं है।
निवासियों का कहना है कि इतने कम समय में परिवार सहित कहीं और जाना उनके लिए बेहद कठिन है। उन्होंने राज्य सरकार एवं विद्युत विभाग से मानवीय आधार पर निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा है कि उन्हें बेघर न किया जाए तथा प्रस्तावित ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करता है तो प्रभावित परिवारों के सामने गंभीर आवासीय संकट उत्पन्न हो सकता है। फिलहाल क्षेत्रवासियों की निगाहें विभाग और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं ।

राम भक्तों के लिए

प्रधानमंत्री सचमुच ‘करुणावतार’ हैं…या फिर किस मंत्री के शरीर में पानी कम हो गया है मेरे सरकार…?

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विष्णु नागर

प्रधानमंत्री सचमुच ‘करुणावतार’ हैं। देश को आजाद हुए 78 साल हो चुके हैं मगर आज तक किसी और प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी के दिनों में अपने मंत्रियों को यह ‘ करुणासिक्त’ सलाह नहीं दी कि वे खूब पानी पिया करें। प्यास न लगे तो भी पानी पियें। शरीर में पानी की कमी न होने दें!

वे जानते हैं कि उनके मंत्री बेहद अनुशासित और आज्ञाकारी हैं। जब तक उन्हें स्पष्ट निर्देश और आदेश नहीं दिया जाएगा, वे भीषण गर्मी हो या उसका बाप, स्वेच्छा से खूब पानी नहीं पियेंगे। उतना ही पानी पियेंगे, उतना ही खाएंगे जितने के लिखित निर्देश उन्हें दिये गए हैं।

अतः यह आवश्यक हो गया था कि प्रधानमंत्री बैठक बुलाकर उन्हें आदेशित करते वरना उनके कुछ मंत्री तो नाम के इतने भूखे हैं कि टीवी चैनलों के प्राइम टाइम में नाम कमाने और अखबारों की लीड खबर बनने के लिए कम पानी पीकर जान दे सकते हैं। प्रधानमंत्री ने इस खतरे को अपनी ‘दूरदर्शिता’ से टाल दिया और उनकी शहादत की आकांक्षा में पलीता लगा दिया !

कुछ मंत्रियों ने तो बैठक में समय से आधा घंटा पहले पहुंचने के लिए अपनी बीवी के इस अनुरोध को ठुकरा दिया था कि इतनी गर्मी में जा रहे हो तो थोड़ा सा ठंडा पानी पी लो!

उन्होंने पत्नी को झिड़क दिया। कहा कि तू इधर पानी-पानी करती रहेगी और उधर तेरे हसबैंड की कुर्सी नीचे से खिसक जाएगी। तू जानती नहीं इन प्रधानमंत्री को! ये कोई मनमोहन सिंह टाइप नहीं हैं, जो माफ कर दें! फिर तू पीती रहना पानी और मुझे पिलाती रहना। फिर कोई और काम तो रहेगा नहीं! पानी पीओ और निकालो। पीओ और निकालो। आया कुछ भेजे में? सारी, भेजा तो तुम्हारे पास है नहीं!

खैर बैठक शुरू हुई तो सबकी मेज के आगे पानी की एक-एक ठंडी बोतल रख दी गई थी मगर किसी में इतना साहस नहीं था कि उसका ढक्कन खोलकर पानी पीने लगे क्योंकि प्रधानमंत्री उस समय वचनामृतों का पान करवाने लगे थे, अमृत मंत्र दे रहे थे। उनके वचन भीषण गर्मी में पानी पीने के बारे में थे! उनका श्रवण न करके पानी की बोतल की तरफ लालची निगाहें दौड़ाने को प्रधानमंत्री के अपमान के रूप में देखा जा सकता था।

प्रधानमंत्री सबकुछ सह सकते हैं, पर अपना और डोनाल्ड ट्रंप का अपमान नहीं! 

प्रधानमंत्री सबकुछ सह सकते हैं, पर अपना और डोनाल्ड ट्रंप का अपमान नहीं! हो सकता है कि इस अपराध में मंत्रिमंडल के अगले फेरबदल में उस मंत्री को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए, इसलिए प्यासे मंत्री भी जड़वत बैठे रहे ! कुछ ने तो पानी की बोतल को दृष्टिपथ से इतना दूर कर दिया कि प्रधानमंत्री और उनके बीच वह बाधा न बने। भूल से भी उसकी ओर निगाह न जाए!

सूत्रों के अनुसार सबसे पहले जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने अपने मंत्रालय की जल शक्ति का अहसास करवाने के लिए सामने रखी बोतल की तरफ हाथ बढ़ाने की झिझक भरी कोशिश की। कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने फौरन इसे ताड़ लिया कि यह प्रधानमंत्री के आदेश-निर्देश के पालन में अव्वल आना चाहता है तो उन्होंने फटाफट अपनी बोतल‌ खोली और गट-गट पूरा पानी पी लिया।

प्रधानमंत्री उनकी तरफ देखकर मुस्कुराए तो बाकी मंत्रियों का भी हौसला बढ़ा। उन्होंने भी एक ही सांस में पानी पीने का प्रयास किया। उन मंत्रियों ने भी जिन्हें प्रोस्टेट की भयंकर शिकायत है और जिन्हें पानी पीने के आधे घंटे बाद ज़ोर की सू-सू आने लगती है! वक्त की नज़ाकत देखते हुए इस खतरे का सामना करना उनके लिए आवश्यक हो गया था!

केवल अमित शाह ऐसे मंत्री थे, जिन्होंने केवल एक घूंट पानी पिया और सबके सामने यह जता दिया कि उनका प्रधानमंत्री से एक अलग ही संबंध है और उन्हें सारा पानी पीकर यह जताने की जरूरत नहीं कि वे उनके सबसे वफादार मंत्री हैं! इस बीच राजनाथ सिंह समेत सभी मंत्री बोतल खाली कर चुके थे और उसे उन्होंने मेज पर इतनी जोर से पटका था कि प्रधानमंत्री तक उसकी गूंज पहुंचे मगर प्रधानमंत्री ने इस पर ध्यान देना उचित नहीं समझा!

आज मंत्रिमंडल की बैठक का एक ही एजेंडा था कि भीषण गर्मी में मंत्री खूब पानी क्यों पीयें। इसका देश की अर्थव्यवस्था से क्या संबंध है। फारेन इन्वेस्टमेंट से क्या रिश्ता है? खैर यह हमेशा की तरह एजेंडा सर्वसम्मति से भी कुछ अधिक से पास हो गया। अनेक मंत्रियों ने इसके समर्थन में अपने दोनों हाथ उठाए थे।

इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने प्रधानमंत्री के इस बहुमूल्य सुझाव की प्रशंसा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया। सभी ने मेजें थपथपाकर इसका स्वागत किया। देखा गया कि इस बार जोर से और देर तक मेज थपथपाने में राजनाथ सिंह सबसे आगे थे। शिवराज सिंह को लगा कि रक्षामंत्री ने उन्हें मात दे दी है।

प्रधानमंत्री से ‘अपनापन ‘ जताने का यह मौका उनसे षड़यंत्रपूर्वक छीन लिया है। उन्होंने राजनाथ जी की ओर टेढ़ी नज़र से देखते हुए मन ही मन प्रतिज्ञा की कि आगे से वे इस आदमी से सतर्क रहेंगे और इसकी हर चाल को नाकामयाब करके प्रधानमंत्री से ‘अपनापन ‘ सिद्ध करेंगे!

नेहरू ने पता नहीं ऐसी नेेक सलाह मंत्रियों को  कभी क्यों नहीं दी?

इस बीच एक कनिष्ठ मंत्री ने इस प्रस्ताव में महत्वपूर्ण संशोधन पेश करते हुए कहा कि मेरी विनम्र प्रार्थना है कि इसमें यह जोड़ा जाए कि संवेदनशील का दावा करनेवाले जवाहर लाल नेहरू ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में कभी ऐसी नेक सलाह अपने मंत्रियों को नहीं दी, जिसका कुपरिणाम आज देश देख रहा है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस संशोधन का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें इंदिरा गांधी, राजीव गांधी को भी अच्छी तरह लपेटा जाना चाहिए। इसी क्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की भी ऐसी मजम्मत की जानी चाहिए कि छह महीने तक ये सिर न उठा सकें, आंखें न दिखा सकें!

प्रधानमंत्री ने इस सुझाव पर बहुत जोर से मेज थपथपाई। उनके थक जाने के बाद भी मेजों की थपथपाहट काफी देर तक जारी रही। इसी बीच प्रधानमंत्री ‘जयश्री राम’ के उद्घोष के बीच मीटिंग से उठकर जाने लगे। इसके बाद वरिष्ठता क्रम में एक-एक मंत्री कक्ष से बाहर निकलने के लिए लाइन बनाने लगे। इसमें फिर दो सिंहों की टकराहट हुई।

शिवराज सिंह अमित शाह के साथ जाकर खड़े हो गए ताकि राजनाथ सिंह आगे न निकल सकें मगर रक्षामंत्री ने कृषि मंत्री की बांह खींच कर उन्हें अपने से पीछे कर उनकी असली जगह दिखा दी। वह खुद अमित शाह के पीछे जाकर खड़े हो गए, जबकि मंत्रिमंडलीय वरिष्ठता क्रम में उन्हें सबसे आगे खड़ा होना चाहिए था!

बहरहाल, किसका पानी रहता है ओर किसका पानी चढ़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा. लेकिन एक बात तो कुुछ मंत्रियों का पानी जरूर उतारा जाएगा. वैसे कुछ बुुुद्धिजीवी यह मानते हैं कि सरकार खुद ही पानी-पानी है लेकिन फिर भी पानी चढ़ाना उनकी मजबूरी है. सत्ता के गलियारे इस बात की चर्चा जोरों पर है कि नीट मामले में खासकर शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पानी जरूर उतर गया है. 

राम भक्तों के लिए

पेपर लीक — प्रधानमंत्री का पदार्पण ?

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प्रधानमंत्री मोदी ने यह बयान देकर कि अब युवाओं के भविष्य की पढ़ाई को तय करने वाली परीक्षाओं में eg NEET आदि वायु सेना के साथ साथ थल सेना की मदद ली जाएगी ।

इस आदमी को देश का प्रधानमंत्री बने 13 वाँ वर्ष शुरू हो चुका लेकिन क्या प्रधानमंत्री को निम्न आंकड़ों की बेसिक जानकारी तक नहीं ?

1.NEET जैसी परीक्षाओं के लिए पूरे देश में 551 परीक्षा केंद्र हैं जहां एयरफोर्स के जहाजों से परीक्षा के पर्चे एक ही दिन और एक ही समय पर पहुंचाए जाएंगे।

हकीकत ये है कि जहाजों को जमीन पर उतारने के लिए देश में केवल 150 एयरपोर्ट ऑपरेशनल हैं। शेष 4 सौ परीक्षा केंद्रों में पर्चों को क्या हवाई जहाज से जमीन में, खेत-खलिहानों, नदियों, तालाबों, जंगलों में गिरा दिए जाएंगे ?

कितनी मूर्खतापूर्ण बात बोली है प्रधानमंत्री मोदी ने !

NEET जैसी परीक्षा भारत के अलावा 14 और देशों में भी होती हैं जिनमें अधिकांश अरब देश हैं। उन देशों में परीक्षा के पर्चे लेकर भारतीय एयरफोर्स के जहाजों को क्या जाने की अनुमति मिलेगी ? मिल भी गई तो 80 प्रतिशत देशों में जाने के लिए भारत को पाकिस्तान के आसमान से होकर जाना पड़ेगा जिस पर लंबे समय से रोक लगी हुई है।

3. परीक्षा केंद्रों पर लोकल राज्य की पुलिस के बजाय आर्मी के सिपाही ड्यूटी देंगे ताकि पेपर लीक होने से बचाये जा सकें ।

प्रधानमंत्री मोदी की बुद्धि को क्या कहूँ या उनके सलाहकारों की दुर्बुद्धि को.

जब प्रधानमंत्री स्वयं अपने उक्त बयान को देकर स्वीकार करते हैं कि राज्यों की पुलिस भ्रष्ट है जो पेपर लीक को रोक पाने में असफल है तो क्या यह स्पष्ट नहीं करता कि भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री नालायक हैं, जो प्रशासनिक रूप से राज्य को चला पाने में सौ प्रतिशत फिसड्डी साबित हो चुके हैं.

यह सब रोका जा सकता था यदि शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री रहते हुए मध्यप्रदेश में व्यापम कांड से सख्ती से निपटा जाता. उन सभी पेपर लीक करने वालों को आजीवन कारावास जैसी कठोर सजा दी जाती। उस कांड में 50 से अधिक सरकार अधिकारियों / कर्मचारियों ने आत्महत्या की।

अगर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, तत्कालीन मध्य प्रदेश के गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री को भी जेल भेज दिया जाता तो ये साल भर होने वाली छात्रों एवं बेरोजगार युवकों के होने वाले तमाम परीक्षाओं के पर्चे लीक नहीं होते.

धन्य हैं प्रधानमंत्री मोदी जी आप और आपके दुर्बुद्धि सलाहकार !

” एक तो मियाँ बाँवरे, ता पर पी ली भांग ।

26 मई 2014 से लगातार यही हो रहा है भारत में, सब भांग के नशे में मस्त पेपर लीक से लेकर वोटर लीक

हरीश अवस्थी ।

 

राम भक्तों के लिए

नाबालिक छात्रा की मौत से पूरे क्षेत्र में सनसनी, हत्या या आत्महत्या पर लगा प्रश्न चिन्ह

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला: गुमला जिले में एक दहशत फैलाने वाली घटना प्रकाश में आई है, गुमला सदर थाना क्षेत्र के सतपारा घटा क्षेत्र में एक 16 वर्षीय छात्रा का शव आम के पेड़ से लटका पाया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई, सूचना मिलते ही गुमला सदर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और उक्त आम पेड़ से लटके नाबालिक लड़की का शव आम पेड़ से निचे उतारा गया, घटनास्थल पर उपस्थित लोगों द्वारा मृतका की पहचान वार्ड पार्षद विजयपाल भगत की पुत्री सुशांति कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद पुरे परिवार में मातम माहौल है, परिवार और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो चुका है, गुमला सदर पुलिस पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

प्रातः घर से बाहर निकले लोगों ने उक्त बगीचे के एक आम पेड़ से नाबालिक लड़की का शव देखते ही उक्त घटना की खबर पूरे क्षेत्र में जंगल में लगी आग की तरह फैल गई, उपस्थित ग्रामीणों के अनुसार सुशांति कुमारी कक्षा आठ की छात्रा थी। घटना से एक दिन पहले वह अपनी मां सुहानी भगत के साथ डूमरडीह जिलिंगा जतरा गई थी। रात में घर लौटने के बाद वह घर के समक्ष ही सो गई थी। परिजनों ने बताया कि सुबह करीब पांच बजे उक्त नाबालिक छात्रा शौचालय जाने की बात कही और घर के पीछे स्थित बगीचे की ओर चली गई।
और काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरु की। इसी दौरान आम तोड़ने के लिए बगीचे पहुंचे कुछ ग्रामीणों की नजर पेड़ से लटके उक्त छात्रा के शव पर पड़ी। यह खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई।

बाद में उक्त सूचना मिलते ही पुलिस अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और ओम पेड़ से उक्त शव को आम पेड़ से उतरवाने के बाद उक्त शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम हेतु गुमला सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेजवाया गया, गुमला थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की।

हत्या या आत्महत्या, जांच जारी हैं पुलिस ने बताया कि उक्त शव के पोस्टमार्टम के बाद ही हत्या या आत्महत्या का खुलासा होगा
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और कारण है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

उक्त छात्रा की मौत ने गांव में सनसनी फैल गई हैं,

उक्त छात्रा की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, इस बीच स्थानीय लोग और गांव के गण्यमन लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं,घटना ने पूरे क्षेत्र के लोगों को सदमे में डाल दिया है, गांव के अन्य परिवार और परिजनों भी अपने-अपने बच्चों के प्रति चिंतित हो उठे हैं ।

राम भक्तों के लिए

भाजपा का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग संपन्न

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान प्रशिक्षण सत्र संपन्न हुआ ! सत्र का विधिवत उद्घाटन शुक्रवार को प्रदेश के अध्यक्ष आदित्य साहू ने किया, और उन्होंने पार्टी कार्यालय में पार्टी का झंडा फहरा कर, साथ ही साथ कार्यालय परिसर में लगे प्रदर्शनी का उद्घाटन कर कार्यकर्ताओं को प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्य रूप से देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा चलाए जा रहे जन कल्याणकारी योजनाओं पर प्रमुखता से प्रकाश डाला और कार्यकर्ताओं को भाजपा पार्टी की सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का निर्देश दिया ! प्रथम दिवस पर अन्य वक्ताओं मे पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा,अमर कुमार बावरी सुमन संजीव विजयवर्गीय और प्रतुलनाथ सहदेव ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हैं अपने अपने-अपने विचार रखें, अर्जुन मुंडा ने देश के समक्ष खड़ी चुनौतियां और उनसे निपटने के विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाले, अमर बावरी ने कहा जिस प्रकार सेना में चयनित अभ्यर्थी को सीधे सीमा पर ना भेज कर पहले प्रशिक्षण दिया जाता है इसी प्रकार भारतीय जनता पार्टी अपने पूरे प्रदेश में नियुक्ति कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर रही है, ताकि 2029 के चुनाव में कोई कमी ना रह जाए और झारखंड में पुनः भारतीय जनता पार्टी की सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं की अपनी मेहनत और दम पर बने ! प्रशिक्षण वर्ग के द्वितीय दिवस में रांची के सांसद और देश के रक्षा राज्य मंत्री माननीय संजय सेठ ने बूथ प्रबंधन स्थाई कार्यक्रम एवं मन की बात विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और कहा कि चुनाव जीतने के लिए सबसे प्रमुख है कि हम बूथ जीतें ! इसके अलावे आरती कुजूर ने पार्टी के इतिहास, योगेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यकर्ता विकास एवं दायित्व बोध ,नवीन जायसवाल ने राज्य के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य एवं 2027 के पंचायत चुनाव में हमारी भूमिका ,रजनीश पांडे ने सोशल मीडिया एवं नमो एप आदि विषयों पर अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए विभिन्न विषयों पर प्रमुखता से चर्चा किया, जिलाध्यक्ष सागर उरांव ने प्रशिक्षण में भाग वाले जिले के सभी मंडलों से अपेक्षित कार्यकर्ताओं के बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने तथा प्रशिक्षण के दौरान सभी कार्यकर्ता में उत्साह से परिपूर्ण वातावरण का चर्चा किया, पूरे प्रशिक्षण वर्ग का संचालन जिला महामंत्री संदीप प्रसाद ने किया ! वर्ग मे मुख्य रूप से सुदर्शन भगत, शिव शंकर उरांव, मुनेश्वर साहू, कमलेश उरांव, सत्यनारायण पटेल, निर्मल गोयल,विजय मिश्रा , अनूप चंद्र अधिकारी , सविन्द्र कुमार सिंह , किरणमाला बाड़ा, वर्ग अधिकारी मनीर उरांव ,अमन यादव, सुरेश सिंह, भिखारी भगत, श्याम सुंदर साहू, विजय सिंह पिंटू,विपिन सिंह ,पायल तिवारी, मंगल सिंह भोक्ता ,शैल मिश्रा,बबलू वर्मा ,विकास सिंह ,अमरमणि उरांव,हरिहर साहू , खुशी कुमारी साहू, प्राण गोविंद दत्ता , विपिन सिंह ,जयंत प्रसाद ,जय कुमार साहू कुलदीप साहू सहित सभी मंडल अध्यक्ष महामंत्री और अपेक्षित कार्यकर्ता उपस्थित थे !

राम भक्तों के लिए

धनबाद में एमआर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, परिजनों ने कंपनी पर लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप

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धनबाद के चिरागोड़ा क्षेत्र स्थित एक किराए के मकान में गुरुवार को 31 वर्षीय मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) चिराग लक्ष्मी का शव फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया। इस घटना के बाद इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, चिराग धनबाद में अकेले रहकर नौकरी करता था। गुरुवार को जब उसके कमरे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो आसपास के लोगों को शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस ने दरवाजा खुलवाया, जहां चिराग का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।

धनबाद थाना के एएसआई हरि प्रसाद नारायण ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का फिलहाल स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

वहीं, मृतक के पिता कुंदन कुमार ने कंपनी और उसके अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नौकरी शुरू करने के बाद से ही चिराग पर लगातार अधिक काम करने और निर्धारित लक्ष्य (टारगेट) पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के मैनेजर और कलेक्शन विभाग से जुड़े लोग उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे, जिससे वह लंबे समय से तनाव में था।

परिजनों के अनुसार, चिराग पिछले कुछ महीनों से मानसिक दबाव का सामना कर रहा था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है और परिजनों के आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।

राम भक्तों के लिए

“चुप्पी तोड़ो स्वस्थ रहो” गुमला जिला में कैंपेन की शुरुआत

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

जिले के सभी परियोजनाओं एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में मनाया गया

गुमला : – गुमला जिला में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर गुमला जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” कार्यक्रम के अंतर्गत “चुप्पी तोड़ो स्वस्थ रहो” कैंपेन की विधिवत शुरुआत आज गुमला सदर प्रखण्ड कार्यालय के सभागार में की गई। जिसका शुभारंभ बाल विकास परियोजना पदाधिकारी गुमला सदर द्वारा किया गया। मौके पर महिला पर्यवेक्षिका, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन संस्था के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
इस अवसर पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी गुमला सदर ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से राज्य के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में काफी काम हो रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार इस तरह के कार्यक्रम करा कर लोगों को जागरूक कर रही है। साथ ही बताया गया कि माहवारी की शुरुआत में किशोरियों की स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।

उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम महिलाओं के स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता और महिला सम्मान को समाज के सामने खुलकर रखने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ। आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि झारखंड में इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को खुलकर समाज के बीच रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह बताया गया कि माहवारी कोई शर्म या छुपाने की चीज नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन का एक सामान्य, प्राकृतिक और महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मौके पर प्रखंड के सभी महिला पर्यवेक्षिका, आंगनवाड़ी सेविका और बड़ी संख्या में किशोरी उपस्थित थी।

राम भक्तों के लिए

सड़क किनारे फेंकी गई मिली सरकारी चना दाल के खाली पैकेट, पीडीएस दुकानों के माध्यम से दिये जाने से पूर्व ही कलाबाजारियों के हाथों बेचे जाने की आशंका

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

एमओ ने पीडीएस दुकान की जांच कर वितरण अभिलेख खंगाले

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित भरनो प्रखंड के अमलिया बझीयाटोली गांव स्थित वनटोली मोड़ के समक्ष सड़क किनारे बड़ी संख्या में सरकारी चना दाल के खाली पैकेट मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने राशन सामग्री की काला बाजारी की आशंका जताते हुए इसकी सूचना प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) अंशुल टोप्पो को दी। जानकारी के अनुसार सड़क किनारे लगभग 40 से 50 खाली पैकेट पड़े मिले, जो सरकारी वितरण प्रणाली के तहत कार्डधारियों को दी जाने वाली चना दाल के थे। सूचना मिलते ही एमओ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान एमओ ने वनटोली गांव स्थित क्रांति स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित पीडीएस दुकान का निरीक्षण किया। इस दौरान दुकान संचालिका अर्चना देवी से पूछताछ की गई तथा राशन

वितरण से संबंधित अभिलेखों की जांच की गई। एमओ ने कार्डधारियों से बातचीत कर यह भी जानकारी ली कि उन्हें समय पर राशन और चना दाल का वितरण किया गया था या नहीं।

एमओ अंशुल टोप्पो ने कहा कि सरकारी चना दाल के खाली पैकेट मिलना गंभीर मामला है। प्रथम दृष्टया कहीं न कहीं गड़बड़ी की आशंका प्रतीत हो रही है। उन्होंने कहा कि जांच में किसी पीडीएस दुकान की संलिप्तता सामने आने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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गुमला जिला मुख्यालय सहित जिले के समस्त ईदगाहों में ईद-उल-अज़हा की पहली नमाज़ अदा, प्रशासन रहा अलर्ट मोड पर

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय स्थित ईदगह में सुबह ईद-उल-अज़हा की पहली नमाज़ अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई, साथ ही साथ थाना रोड, बाजार टांड, सिसई रोड, सहित जिला मुख्यालय के लगभग 13 और जिले के समस्त मस्जिदों में नमाज़ मुकम्मल होने के बाद लोगों ने मुल्क में अमन, चैन, सुकून, तरक्की और भाईचारे के लिए दुआ मांगी।

इस मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। ईद-उल-अज़हा के पाक पर्व पर लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। उलेमाओं ने अपने बयान में कहा कि ईद-उल-अज़हा कुर्बानी, इंसानियत और आपसी भाईचारे का संदेश देता है।

 

वहीं पर्व को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। जिला मुख्यालय सहित जिले के समस्त ईदगाह परिसर और मस्जिदों एंव आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जिला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो एंव पुलिस कप्तान हरिश बिन जामां सहित जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखते हुए शांतिपूर्ण माहौल में नमाज़ संपन्न कराई।

नमाज़ के बाद ईदगाह परिसर में लोगों के बीच सौहार्द और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

गुमला ईदगाह में गुरुवार सुबह 7 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज अकीदत और श्रद्धा के साथ अदा की गई। नमाज में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। नमाज के दौरान , झारखंड राज्य में अमन, शांति, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई।

नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी। ईदगाह परिसर में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। बच्चों और युवाओं में भी त्योहार को लेकर खास उत्साह नजर आया।
इस मौके पर बताया गया की ईद-उल-अजहा त्याग, कुर्बानी, इंसानियत और आपसी भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है,समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता बनाए रखने की अपील की गयी।
गुमला जिले में
त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए उद्देश्य हे ग्रामीण क्षेत्रों में चौकीदार जवान तैनात रहे और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी गई।

ग्रामीणों और समाज के गणमान्य लोगों ने सभी लोगों से मिल-जुलकर त्योहार मनाने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।

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