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Saturday, July 4, 2026
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डुमरी बिहार स्टेशन के समीप मालगाड़ी के चार वैगन पटरी से उतरे, रेल सेवा आंशिक रूप से प्रभावित

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया–
बुधवार की सुबह धनबाद रेल मंडल के अंतर्गत डुमरी बिहार रेलवे स्टेशन के पास एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब कोयला लदी मालगाड़ी के चार वैगन अचानक पटरी से उतर गए। घटना के बाद रेलवे महकमे में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
जानकारी के अनुसार, कोयला लोड मालगाड़ी लोडिंग पॉइंट से कोयला लेकर म्यूजिया थर्मल पावर स्टेशन, पश्चिम बंगाल जा रही थी। सुबह लगभग 7:26 बजे डुमरी बिहार स्टेशन से खुलने के कुछ ही मिनट बाद, करीब 7:29 बजे यार्ड की लाइन नंबर 7 पर इसके चार वैगन पटरी से उतर गए।
दुर्घटना में बोगी संख्या 7 एवं 8 को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं पोल संख्या डीएमवीआर/1117/7 (लाइन नंबर 7) भी उखड़कर वैगन के ऊपर जा गिरा, जिससे ट्रैक और संरचना को अतिरिक्त क्षति हुई।
घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन प्रबंधक पी पी. टोप्पो, ट्रैफिक इंस्पेक्टर अवधेश कुमार राम सहित रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। धनबाद रेल मंडल के वरीय अधिकारियों को भी तत्काल सूचित कर दिया गया।
हादसे के कारण इस रूट पर रेल परिचालन आंशिक रूप से बाधित हो गया है। कई ट्रेनों को बीच रास्ते में रोका गया, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन की संभावना जताई जा रही है।
रेलवे की टीम युद्ध स्तर पर काम करते हुए क्षतिग्रस्त वैगनों को हटाने और ट्रैक को जल्द से जल्द बहाल करने में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, रेल सेवा को सामान्य करने में कुछ घंटे का समय लग सकता है।
इधर, रेलवे प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच के लिए एक टीम गठित करने की बात कही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, ट्रैक में खामी या किसी अन्य कारण से हुई।

राम भक्तों के लिए

देवघर डीसी ने ‘वतनपरस्त’ पुस्तक में जिले के शहीदों की शौर्य गाथा को सराहा

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देवघर : ‘झारखण्ड शोध संस्थान’ का एक प्रतिनिधिमंडल जाने-माने पर्यावरणविद् और डाक टिकट संग्रहकर्त्ता रजत मुखर्जी के नेतृत्व में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा से बुधवार को उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। इस अवसर पर संस्थान के सचिव और स्थानीय इतिहासकार उमेश कुमार ने पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, झारखण्ड सरकार के सहयोग से प्रकाशित अपनी नवीनतम पुस्तक ‘वतनपरस्त’ (भाग-१: वैद्यनाथ की शहीद विभूति) की प्रथम प्रति उपायुक्त को भेंट स्वरूप प्रदान की।

उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने पुस्तक में देवघर के स्थानीय इतिहास पर इस तरह के शोधपरक लेखन की सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के लिए ऐसी पुस्तकें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

पुस्तक की विशेषताएं

इस पुस्तक में 1857 के सिपाही विद्रोह से लेकर 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन तक अपनी शहादत देने वाले देवघर के वीर सपूतों-सलामत अली, अमानत अली, शेख हारून, प्रफुल्ल चक्रवर्ती, अशर्फीलाल कसेरा, त्रिगुणानंद खवाड़े, विराजी मिरधाइन, नज्जू राउत और अयोध्या राउत के शौर्य को संजोया गया है। पुस्तक में न केवल उनकी वीरता, बल्कि उनके मनोवैज्ञानिक पहलुओं को भी उकेरने का प्रयास किया गया है। लेखक ने 1857 की क्रांति से जुड़े एकमात्र जीवित भौतिक साक्ष्य के जीर्णोद्धार के लिए डीसी से विशेष प्रार्थना की। साथ ही मुलाकात के दौरान संस्थान के निदेशक ने देवघर में एक ‘इतिहासघर’ (संग्रहालय) के लिए सरकारी भवन आवंटित करने का अनुरोध किया।

राम भक्तों के लिए

गोमिया में धूमधाम से मनाई गई बाबा साहब अंबेडकर जयंती, मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो हुए शामिल

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया (संवाददाता):
मंगलवार को गोमिया प्रखंड के बैंक मोड़, शब्दीटांड, गंझुडीह एवं बेलाटांड़ में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह पूरे श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के माननीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री महतो ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। समारोह में स्थानीय लोगों एवं आयोजकों द्वारा मंत्री का फूल-माला, पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।
इस मौके पर अपने संबोधन में मंत्री श्री महतो ने कहा कि बाबा साहब ने समाज को समानता, शिक्षा और न्याय का जो मार्ग दिखाया, वह आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक एवं सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

 

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अंबेडकर जयंती पर स्वांग उत्तरी पंचायत में कांग्रेस का विस्तार, कई लोगों ने थामा पार्टी का दामन

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया प्रखंड अंतर्गत स्वांग उत्तरी पंचायत में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। कार्यक्रम गोमिया प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष पंकज पांडे की उपस्थिति में युवा नेता अमित चौहान के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इस दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को याद करते हुए संविधान की रक्षा और उसके मूल्यों पर चलने का संकल्प लिया।
इस मौके पर कांग्रेस पार्टी को गोमिया प्रखंड में मजबूत बनाने का भी संकल्प लिया गया। पार्टी में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं ने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी राजनीतिक पार्टी है, जो संविधान पर आधारित है और उसके सिद्धांतों में विश्वास रखती है।
कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वालों में अमित चौहान, लक्ष्मण प्रसाद, यशोदा कुमारी, मनोज यादव, सुरेश चौहान, उर्मिला देवी, सुरेश गोप, रमेश गोप, चंद्रदेव चौहान, राजाराम चौहान, प्रदीप विश्वकर्मा, शिकारी मांझी, सीता देवी, पूनम देवी, लखन सहित अन्य कई लोग शामिल हैं।
कार्यक्रम में प्रखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष अभय कुमार सिन्हा, कृष्णा सिंह एवं बद्री सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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पिट्स मॉडर्न स्कूल, गोमिया में विद्यार्थियों को दिया गया सड़क सुरक्षा का पाठ, यातायात जागरूकता अभियान संपन्न

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया। पिट्स मॉडर्न स्कूल, गोमिया में 13 अप्रैल 2026 को कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एक ज्ञानवर्धक यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सड़क सुरक्षा, जिम्मेदार ड्राइविंग और यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य द्वारा स्वागत भाषण के साथ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों—श्री संतोष मिश्रा, श्री अर्जुन महतो (एएसआई, बोकारो), श्री उपेंद्र राय (एएसआई, आईईएल गोमिया थाना), श्री बिनोद कुमार मुंडा (एएसआई, गोमिया थाना) एवं श्री बबलू मरांडी (कॉन्स्टेबल)—को शाल, पौधा एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।
प्रसिद्ध साइकिल यात्री श्री संतोष मिश्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने साइकिल से 600 से अधिक जिलों की यात्रा कर 6 लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तय की है। उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर सड़क सुरक्षा और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला, जिससे विद्यार्थी काफी प्रेरित हुए।
वहीं, श्री उपेंद्र राय (एएसआई) ने यातायात नियमों के कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नियमों के पालन, उल्लंघन के दुष्परिणाम एवं एक जिम्मेदार नागरिक के कर्तव्यों पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में गोमिया विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष श्री अरिंदम दास गुप्ता ने विद्यालय के इस प्रयास की सराहना की। साथ ही आईईपीएल ओरिका, गोमिया के महाप्रबंधक श्री अभिषेक विश्वास ने भी छात्रों को अपने दैनिक जीवन में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिका श्रीमती वंदना ठाकुर तथा शिक्षक श्री गंगाधर यादव एवं श्री श्याम भूषण श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समापन में यह कार्यक्रम अत्यंत प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक साबित हुआ, जिससे विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई।

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भीमराव अम्बेडकर जयंती व आशा भोंसले की श्रद्धाजलि

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया—– डॉ. भीम राव अंबेडकर जयंती एवं स्वर सम्राज्ञी आशा भोंसले को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। डी ए वी पब्लिक स्कूल तेनुघाट के प्रांगण में संविधान निर्माता डॉ भीम राव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती बड़े जोश और उत्साह के साथ मनायी गयी एवं स्वर सम्राज्ञी आशा भोंसले के निधन पर प्राचार्या स्तुति सिन्हा ने शोक सभा का आयोजन किया। जिसमें विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएँ, शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखते हुए उनकी आत्मा की शांति लिए प्रार्थना करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दिए।
आज की प्रार्थना सभा डॉ. अंबेडकर एवं स्व. आशा भोंसले जी को समर्पित थी। प्राचार्या स्तुति सिन्हा ने डॉ. बी. आर. अंबेडकर जी चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए दीप प्रज्ज्वलित किया तथा अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। प्राचार्या ने बच्चों को देश में एकता अखंडता, अनुशासन और समानता की भावना बनाए रखने के लिए उनके संविधान निर्माण जैसे उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए सभी को संविधान के पालन करने एवं विद्यालय परिसर में व्यवस्थित रूप से पठन-पाठन के लिए अनुशासित रहने की बात कही। इस अवसर पर विनीत सिन्हा एवं अज़मल रेहान कक्षा सातवीं के छात्रों ने भी डॉ. अंबेडकर जी के उल्लेखनीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए अंग्रेज़ी एवं हिन्दी भाषाओं में अपने विचार व्यक्त किए। आज का यह कार्यक्रम सी सी ए प्रमुख मो. असगर अली के नेतृत्व में हलधर महतो एवं साक्षी श्रेया के सहयोग से सम्पन्न हुआ ।
तदोपरांत विद्यालय परिसर में साप्ताहिक हवन का आयोजन हुआ जिसमें संस्कृत शिक्षक द्रविण कुमार कर के निर्देशन में कक्षा चौथी के छात्र-छात्राएँ कक्षाध्यापिका साक्षी श्रेया के साथ शामिल हुए।

 

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आईईएल थाना को मिले नये प्रभारी, श्यामल मंडल ने संभाला पदभार

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया (बोकारो): बोकारो जिले में पुलिस प्रशासनिक फेरबदल के तहत आईईएल थाना को नया प्रभारी मिल गया है। पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के निर्देश पर पूर्व थाना प्रभारी प्रफुल्ल कुमार महतो का स्थानांतरण गोमिया थाना कर दिया गया है। उनके स्थान पर श्यामल मंडल को आईईएल थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्यामल मंडल ने 12 अप्रैल 2026 (रविवार) को विधिवत रूप से आईईएल थाना का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) को जानकारी देते हुए बताया कि इससे पूर्व वे बोकारो सेक्टर-12 थाना में अवर निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे।
पदभार संभालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में थाना प्रभारी श्यामल मंडल ने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित निष्पादन उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करना और अमन-शांति बनाए रखना उनका मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस और जनता के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित कर क्षेत्र में भयमुक्त वातावरण तैयार किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की। थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि थाना क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी को कोई शिकायत हो तो वे सीधे थाना आकर उनसे संपर्क कर सकते हैं।
इस मौके पर थाना के कई पुलिस पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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टीबी मुक्त भारत अभियान – 100 दिन का संकल्प

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में 14 अप्रैल 2026 को 100 दिवस टीवी मुक्त अभियान के 22 वें दिन, के गुमला नगर स्थित कृष्णा छात्रावास वार्ड नंबर 18 टाउन हॉल के समीप में आयुष्मान आरोग्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। आज राजपत्रित अवकाश होने के बावजूद दिशा निर्देशानुसार यह आयोजन किया गया

इस अवसर पर वार्ड कमिश्नर विजेता मिंज ने उपस्थित लोगों के बीच यह संकल्प लिया कि हम सब मिलकर वार्ड नंबर 18 को टीवी मुक्त बनाएंगे जन भागीदारी को बढ़ाएंगे
इस शिविर का उद्देश्य सिर्फ जांच नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाना और हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य का अधिकार पहुँचाना है और
👉 लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया गया * निःशुल्क X-Ray जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई,
समय पर जांच और इलाज के महत्व को समझाया गया,

“टीबी एक बीमारी है, लाइलाज नहीं — समय पर पहचान और सही इलाज से इसे हराया जा सकता है।”

आज का यह प्रयास सिर्फ एक कैंप नहीं, बल्कि
एक स्वस्थ्य , सुरक्षित और टीबी मुक्त भारत की ओर बढ़ता मजबूत कदम है।

आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें —
*ना डरेंगे, ना छुपाएंगे… टीबी को हराकर देश को जीत दिलाएंगे* जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार ने छात्रावास में रह रहे छात्रों को टीवी मुक्त गुमला जिला बनाने के लिए आगे बढ़कर साथ निभाने का आह्वान किया मुकेश कुमार सिंह ने एक्स-रे कार्य में मदद की एवं टीवी के लक्षणों एवं उसके उपचार के विषय में सभी उपस्थित छात्रों को विस्तार पूर्वक जानकारी दी, रिच संस्था के पीपीएस निर्मल कुजूर ने सभी लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि हम एक-राय के माध्यम से टीवी के उपचार की ओर बढ़ रहे हैं,
अंशु निधि टीवी एच भी जिला यक्ष्मा केंद्र गुमला के द्वारा सभी छात्रों का ऑन द स्पॉट एनरोलमेंट कर एक्स-रे जांच की स्थिति को निक्षय पोर्टल में संधारित किया गया इस व्यापक जागरूकता एवं सराहनीय कार्य को सफल बनाने के लिए हरिशंकर मिश्रा पीपीएम कोऑर्डिनेटर एवं डीपीएस उदय प्रताप ओहदार ने सराहनीय भूमिका निभाई
एक्स-रे कार्य उपेंद्र साहू एक्स-रे टेक्नीशियन के द्वारा किया गया

राम भक्तों के लिए

भारत रत्न, संविधान निर्माता एवं सामाजिक न्याय के अग्रदूत डॉ भीमराव अंबेडकर को याद किया गया

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिले में भारत रत्न, संविधान निर्माता एवं सामाजिक न्याय के अग्रदूत डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर समस्त गुमला जिला में स्थापित प्रतिमाओं में माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई,भीमराव रामजी आंबेडकर (14 अप्रैल 1891 – 6 दिसंबर 1956), डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर नाम से लोकप्रिय, भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, लेखक और समाज–सुधारक थे।उन्होंने दलित भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था। उन्होंने श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था।वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री, भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माताओं में से एक थे। आंबेडकर विपुल प्रतिभा के छात्र थे। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स दोनों ही विश्वविद्यालयों से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधियाँ प्राप्त कीं तथा विधि, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में शोध कार्य भी किये थे।व्यावसायिक जीवन के आरम्भिक भाग में वे अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे एवं वकालत भी की तथा बाद का जीवन राजनीतिक गतिविधियों में अधिक बीता। इसके बाद आंबेडकर भारत की स्वतंत्रता के लिए प्रचार और चर्चाओं में शामिल हो गए और पत्रिकाओं को प्रकाशित की। उन्होंने दलितों के लिए राजनीतिक अधिकारों की तथा सामाजिक स्वतंत्रता की वकालत की और भारत के निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

सन् 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया था। सन् 1990 में, उन्हें भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से मरणोपरांत सम्मानित किया गया था। 14 अप्रैल को उनका जन्मदिवस आम्बेडकर जयंती के तौर पर भारत समेत दुनिया भर में मनाया जाता है।डॉक्टर आंबेडकर की विरासत में लोकप्रिय संस्कृति में कई स्मारक और चित्रण शामिल हैं। उनका निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ, इसलिए हर साल 6 दिसंबर को ‘महापरिनिर्वाण दिवस’ आयोजित किया जाता है। आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को ब्रिटिश भारत के मध्य भारत प्रांत (अब मध्य प्रदेश) में स्थित महू नगर सैन्य छावनी में हुआ था। वे रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की १४ वीं व अंतिम संतान थे। उनका परिवार कबीर पंथ को माननेवाला मराठी मूूल का था और वो वर्तमान महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में आंबडवे गाँव के निवासी थे । वे हिंदू महार जाति से संबंध रखते थे, जो तब अछूत कही जाती थी। भीमराव आंबेडकर के पूर्वज लंबे समय से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में कार्यरत रहे थे और उनके पिता रामजी सकपाल, भारतीय सेना की महू छावनी में सेवारत थे तथा यहां काम करते हुये वे सूबेदार के पद तक पहुँचे थे। उन्होंने मराठी और अंग्रेजी में औपचारिक शिक्षा प्राप्त की थी।
अपनी जाति के कारण बालक भीम को सामाजिक प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा था। 7 नवम्बर 1900 को रामजी सकपाल ने सातारा की गवर्न्मेण्ट हाइस्कूल में अपने बेटे भीमराव का नाम भिवा रामजी आंबडवेकर दर्ज कराया। उनके बचपन का नाम ‘भिवा’ था। आंबेडकर का मूल उपनाम सकपाल की बजाय आंबडवेकर लिखवाया था, जो कि उनके आंबडवे गाँव से संबंधित था। क्योंकि कोकण प्रांत के लोग अपना उपनाम गाँव के नाम से रखते थे। अतः आंबेडकर के आंबडवे गाँव से आंबडवेकर उपनाम स्कूल में दर्ज करवाया गया। बाद में एक देवरुखे ब्राह्मण शिक्षक कृष्णा केशव आंबेडकर जो उनसे विशेष स्नेह रखते थे, ने उनके नाम से ‘आंबडवेकर’ हटाकर अपना सरल ‘आंबेडकर’ उपनाम जोड़ दिया।तब से आज तक वे आम्बेडकर नाम से जाने जाते हैं। आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को ब्रिटिश भारत के मध्य भारत प्रांत (अब मध्य प्रदेश) में स्थित महू नगर सैन्य छावनी में हुआ था।वे रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की १४ वीं व अंतिम संतान थे। उनका परिवार कबीर पंथ को माननेवाला मराठी मूूल का था और वो वर्तमान महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में आंबडवे गाँव के निवासी थे, वे हिंदू महार जाति से संबंध रखते थे, भीमराव आंबेडकर के पूर्वज लंबे समय से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में कार्यरत रहे थे और उनके पिता रामजी सकपाल, भारतीय सेना की महू छावनी में सेवारत थे तथा यहां काम करते हुये वे सूबेदार के पद तक पहुँचे थे।इसके बाद, उन्होंने अपने बढ़ते परिवार के लिए जीविका साधन खोजने के पुनः प्रयास किये, जिसके लिये उन्होंने लेखाकार के रूप में, व एक निजी शिक्षक के रूप में भी काम किया, और 1918 में, ये मुंबई में सिडेनहम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स में राजनीतिक अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बने। इसके अलावा डॉ. भीमराव आंबेडकर केवल जाति सुधारक ही नही बल्कि समाज सुधारक भी थे।
भारत सरकार अधिनियम 1919, तैयार कर रही साउथबरो समिति के समक्ष, भारत के एक प्रमुख विद्वान के तौर पर आंबेडकर को साक्ष्य देने के लिये आमंत्रित किया गया। इस सुनवाई के दौरान, आंबेडकर ने दलितों और अन्य धार्मिक समुदायों के लिये पृथक निर्वाचिका और आरक्षण देने की वकालत की।
1948 से, आम्बेडकर मधुमेह से पीड़ित थे। जून से अक्टूबर 1954 तक वो बहुत बीमार रहे इस दौरान वो कमजोर होती दृष्टि से ग्रस्त थे।राजनीतिक मुद्दों से परेशान आम्बेडकर का स्वास्थ्य बद से बदतर होता चला गया और 1955 के दौरान किये गये लगातार काम ने उन्हें तोड़ कर रख दिया। अपनी अंतिम पांडुलिपि भगवान बुद्ध और उनका धम्म को पूरा करने के तीन दिन के बाद 6 दिसम्बर 1956 को आम्बेडकर का महापरिनिर्वाण नींद में दिल्ली में उनके घर मे हो गया। उन्हें दिल्ली से विशेष विमान द्वारा उनका पार्थिव मुंबई में उनके घर राजगृह में लाया गया। 7 दिसंबर को मुंबई में दादर चौपाटी समुद्र तट पर बौद्ध शैली में अंतिम संस्कार किया गया, अंतिम संस्कार बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी, क्योकि आम्बेडकर ने 16 दिसंबर 1956 को मुंबई में एक बौद्ध धर्मांतरण कार्यक्रम आयोजित किया था।
मृत्युपरांत आम्बेडकर के परिवार में उनकी दूसरी पत्नी सविता आम्बेडकर रह गयी थीं, जो दलित बौद्ध आंदोलन में आम्बेडकर के बाद (आम्बेडकर के साथ) बौद्ध बनने वाली पहली व्यक्ति थी। विवाह से पहले उनकी पत्नी का नाम डॉ॰ शारदा कबीर था। डॉ॰ सविता आम्बेडकर की एक बौद्ध के रूप में 29 मई सन 2003 में 94 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई।और पुत्र यशवंत आम्बेडकर आम्बेडकर के पौत्र, प्रकाश आम्बेडकर, भारिपा बहुजन महासंघ का नेतृत्व करते है और भारतीय संसद के दोनों सदनों मे के सदस्य रह चुके है।
एक स्मारक आम्बेडकर के दिल्ली स्थित उनके घर 26 अलीपुर रोड में स्थापित किया गया है। आम्बेडकर जयंती पर सार्वजनिक अवकाश रखा जाता है। 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।
हर साल २० लाख से अधिक लोग उनकी जयंती (14 अप्रैल), महापरिनिर्वाण यानी पुण्यतिथि (6 दिसम्बर) और धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस (14 अक्टूबर) को चैत्यभूमि (मुंबई), दीक्षाभूमि (नागपूर) तथा भीम जन्मभूमि (महू) में उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए इकट्ठे होते हैं। यहाँ हजारों किताबों की दुकान स्थापित की गई हैं, और किताबें बेची जाती हैं। आम्बेडकर का उनके अनुयायियों को संदेश था – “शिक्षित बनो, संघटित बनो, संघर्ष करो”।

राम भक्तों के लिए

आंबेडकर जयंती पर गुमला में श्रद्धा व सम्मान के साथ डॉ. भीमराव आंबेडकर को किया गया नमन

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में भारत रत्न, संविधान निर्माता एवं सामाजिक न्याय के अग्रदूत डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर आज गुमला जिला प्रशासन द्वारा अलबर्ट एक्का स्टेडियम परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो, अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव, भूमि सुधार उप समाहर्ता राजीव कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत, जिला पशुपालन पदाधिकारी अरुण प्रताप सिंह, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, अंचल अधिकारी गुमला हरीश कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने डॉ. आंबेडकर के आदर्शों, उनके संघर्षपूर्ण जीवन एवं समाज के वंचित वर्गों के उत्थान हेतु किए गए उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण किया। अधिकारियों ने कहा कि डॉ. आंबेडकर के विचार आज भी सामाजिक समानता, न्याय एवं समावेशी विकास के मार्गदर्शक हैं।

इस अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने तथा समाज में समानता, भाईचारा एवं न्याय की भावना को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।

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