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Sunday, November 8, 2026
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सिख समाज सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए कई बार आगे आया : बाबूलाल मरांडी

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साहबजादे वीर बलिदान दिवस में शामिल हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी

गिरिडीह (कमलनयन) : मुगल शासकों के अत्याचार के खिलाफ लड़ कर बलिदान देनेवाले सिख समुदाय के चार साहबजादे का वीर बाल दिवस मंगलवार को गिरिडीह के स्टेशन रोड स्थित प्रधान गुरुद्वारा में मनाया गया। गुरुद्वारा के प्रधान सेवक डॉक्टर गुणवंत सिंह मोंगिया और पूर्व प्रधान सचिव डॉक्टर अमरजीत सिंह सलूजा के नेतृत्व में मनाए गए बलिदान दिवस में सिख समुदाय के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, जमुआ विधायक केदार हाजरा, पूर्व मंत्री चंद्रमोहन प्रसाद, पूर्व विधायक निर्भय शाहाबादी, जिला अध्यक्ष महादेव दुबे, सुनील पासवान, जिला महामंत्री संदीप डंगाईच, सुभाष चन्द्र सिन्हा, सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, उषा कुमारी, शालिनी वैशखियार, संजीत सिंह पप्पू, रंजीत बरनवाल, डॉ. विद्या भूषण समेत कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मौके पर भाजपा नेताओं को भगवा सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान स्थानीय रागी जत्था भाई ज्ञानी सिंह ने अरदास के जरिए सनातन धर्म की रक्षा के लिए लड़े चार साहबजादे की वीरता को बताया और कहा कि मुगल शासक ने सनातन धर्म समेत सिख समुदाय के लोगों को धर्म परिवर्तन करने को कहा। और जब धर्म परिवर्तन से इंकार किया गया, तो कई तरह की यातनाएं दीं गई। चार साहबजादे की दादी माता गुजरी देवी ने अपने चारों बच्चों को धर्म की रक्षा के लिए बलिदान होने को कहा, जिसे सनातन धर्म की रक्षा हो सके। भाई ज्ञानी सिंह ने कहा कि अब तक युवाओं को गलत इतिहास ही पढ़ाया गया।

48 घंटे का हुआ अखंड पाठ, शबद कीर्तन का भी आयोजन हुआ

भाजपा नेता सह प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आनेवाली युवापीढ़ी को सिख समुदाय के त्याग और बलिदान की जानकारी तो होनी ही चाहिए कि किस तरह से सिख समुदाय ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए कई बार तलवार उठायी, और मुस्लिम शासकों से लड़ाई की। क्योंकि मुस्लिम शासकों ने देश और सनातन धर्म पर लगातार हमले करते रहे। इधर, वीर बलिदान दिवस को लेकर प्रधान गुरुद्वारा में 48 घंटे का अखंड पाठ का हुआ, जबकि शब्द कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय रागी जत्था भाई ज्ञानी सिंह के साथ सिख समुदाय के नन्हें बच्चों ने कई भजन पेश किया। मौके पर सिख समुदाय के सतविंदर सिंह सलूजा उर्फ मणि, जोरावर सिंह सलूजा उर्फ सिल्की, तरणजीत सिंह बंटी, हरेंद्र सिंह सलूजा उर्फ गिन्नी, ऋषि सलूजा, सरदार तिरलोचन सिंह सलूजा, चरणजीत सिंह सलूजा, भाजपा के नगर अध्यक्ष हरमिंदर सिंह बग्गा समेत गुरूद्वारा सिख सभा के सदस्यों की भूमिका खास रही।

राम भक्तों के लिए

गिरिडीह में बरनवाल समाज ने धूमधाम से मनाया अहिबरन जयंती सह परिवार मिलन समारोह

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गिरिडीह : बरनवाल-मोदी विकास मंच ने बेंगाबाद के सोनबाद में बरनवाल समाज के पुरोधा महाराज अहिबरन की जयंती मंगलवार को धूमधाम से मनायी। मोदी बरनवाल विकास मंच के एक दिवसीय महाराज अहिबरन जयंती सह परिवार मिलन समारोह की शुरुआत सोनबाद में पहली शोभायात्रा निकाल कर की गयी। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाज की महिलाओं के साथ युवा, बच्चे और समाज के गणमान्य लोग शामिल हुए। करीब एक किलोमीटर की इस शोभायात्रा में समाज के लोगों द्वारा महाराज अहिबरन के साथ बरनवाल समाज के जयकारे लगाए जा रहे थे। शोभायात्रा वापस आयोजन स्थल पहुंच कर समाप्त हुई, जहां देशभक्ति और भजनों पर समाज की बेटियों ने एक से बढ़कर एक नृत्य पेश किया।

नन्हीं बच्चियों के नृत्य मन मोहा

समाज के जिला अध्यक्ष देवानंद बरनवाल के नेतृत्व में हुए इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में बेटियों और नन्हीं बच्चियों के नृत्य ने मौजूद लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान बच्चियों द्वारा सामूहिक नृत्य पेश किया गया। एकल नृत्य पेश कर बच्चियों ने खूब वाहवाही बटोरी। इधर, अहिबरन जयंती सह परिवार मिलन समारोह को सम्बोधित करते हुए मोदी बरनवाल विकास मंच के राष्ट्रीय मंत्री सह भाजपा नेता प्रह्लाद बरनवाल ने कहा कि मोदी बरनवाल समाज में जो जागरूकता आई है, उसका एहसास ये शानदार कार्यक्रम ही साबित कर रहा है। समाज के युवाओं का आत्मविश्वास हर सेक्टर में बढ़ा है। सरकारी नौकरी से लेकर राजनीति में मोदी बरनवाल समाज की सक्रिय भागीदारी अब नजर आना शुरू हुआ है। राष्ट्रीय मंत्री ने कहा कि इसे और तेज धार देने की जरूरत है। क्योंकि पहले समाज को पिछड़ा माना जाता था और अब बरनवाल समाज के लोगो में आए जागरूकता के कारण वो, पिछड़ापन खत्म हुआ है।

बरनवाल समाज की बेटियों ने कई मुकाम हासिल किए : विनीता कुमारी

मौके पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री सह मोदी बरनवाल विकास मंच की पदाधिकारी विनीता कुमारी ने कहा कि मोदी बरनवाल समाज की बेटियों ने जो मुकाम हासिल किया है, वो खुद में एक बड़ी बानगी है। विनीता कुमारी ने कहा महाराज अहिबरन की जयंती को मनाने के लिए युवाओं में उत्साह दिखता है। क्योंकि युवा अब अपने समाज और संस्कृति के प्रति जागरूक हुए हैं। इस दौरान जयंती समारोह को सफल बनाने में समाज के सचिव लखन लाल मोदी, पिंटू बरनवाल, अनुपम बरनवाल, अजय बरनवाल, अशोक मोदी समेत मोदी बरनवाल समाज के सक्रिय सदस्यों की खास भूमिका रही।

राम भक्तों के लिए

सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा ने 28 दिसंबर से मुख्यमंत्री आवास का अनिश्चितकालीन घेराव करने की योजना बनायी  

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गिरिडीह : झारखण्ड सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा सह समन्वय समिति की गिरिडीह जिला कमेटी की बैठक रविवार को स्थानीय झण्डा मैदान में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नारायण महतो एवं संचालन समन्वय समिति के जिला सदस्य डीलचंद महतो ने किया। बैठक में हेमंत सरकार की वादाखिलाफी को लेकर गिरिडीह जिले के सहायक अध्यापकों ने आक्रोश जताया है। राज्य के 62000 पारा शिक्षकों ने अपने हक और अधिकार के लिए विगत 20 वर्षों से संघर्षरत हैं। इसके बावजूद उनका वेतनमान का सपना पूरा नहीं हो पाया है.

सहायक अध्यापकों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया

बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष नारायण महतो एवं डीलचंद महतो ने संयुक्त रूप से कहा कि हेमंत सरकार अपने वादे से मुकर रही है. राज्य के 62 हजार सहायक अध्यापकों ने अब 28 दिसंबर से मुख्यमंत्री आवास का अनिश्चितकालीन घेराव प्रस्तावित कार्यक्रम है। जिला महासचिव सुखदेव हाजरा एवं जमाल अंसारी ने कहा कि वेतनमान का वादा पूरा करो हेमंत सरकार, सहायक अध्यापक आ रहे आपके द्वार, वेतनमान हमारा जनतांत्रिक अधिकार है हम इसे लेकर ही दम लेंगे। बिहार में नियोजित शिक्षकों को वेतनमान के साथ उन्हें राज्य कर्मी का दर्जा दिया गया, जबकि झारखण्ड में सहायक अध्यापकों के साथ नाइंसाफी कर पीठ थपथपा रहे हैं, यह सरकार को शोभा नहीं देता. मुख्यमंत्री आवास घेराव में गिरिडीह जिले से पूरे 6200 पारा शिक्षकों के आंदोलन का कारवां तूफान बन कर रांची कूच करेगा. बैठक में मुख्य रूप से गणेश मंडल, सलाकत अंसारी, गीता राज, शौकत अली, गिरिडीह प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार, बक्शी रमेश, जमुआ के प्रखंड अध्यक्ष दीपक कुमार, पुनीचंद मंडल, भागीरथ पंडित, पीरटांड़ से अशोक कुमार सिंह, प्रमोद सिंह बीरू मंडल, महेश्वर मुर्मू, दिलीप यादव, मुख्तार अंसारी, पूर्व जिला अध्यक्ष बैजनाथ महतों, मिथलेश कुमार, बिनोद यादव, फिदा हुसैन, रामलाल महतो, अनिल कुमार यादव, धनराज मंडल, कामेश्वर यादव, सुशील हेंब्रम, चेतलाल यादव, बैजनाथ राय, दिनेश कुमार बरनवाल, परवेज आलम, महेश कुमार, इमामुद्दीन अली, अलीबक्स अंसारी, महेश यादव, खगेंद्र यादव, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

बंधु तिर्की ने कहा-चुनाव के आते ही सिर्फ ध्रुवीकरण और वोटों की खेती के लिये सामने आया है आरएसएस व जनजाति सुरक्षा मंच जैसे संगठन

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डीलिस्टिंग के नाम पर आदिवासियों के बीच जहर घोलना और उन्हें बरगलाना बंद हो : बंधु तिर्की

रांची : पूर्व मंत्री एवं झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा है कि डीलिस्टिंग के नाम पर आदिवासियों के सौहार्दपूर्ण संबंधों के बीच में जहर घोलने और उनके बीच दीवार खड़ी करने से जनजाति सुरक्षा मंच को बाज आना चाहिये और उसे जनजातीय समुदाय के हित में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिये. श्री तिर्की ने कहा कि जिस प्रकार से आदिवासियों को बरगलाने की कोशिश की जा रही है वह दुर्भाग्यपूर्ण है. श्री तिर्की ने कहा कि झारखण्ड की मौलिक संस्कृति यही है कि यहां गांव-देहात से लेकर शहरों तक में सभी लोग परस्पर सौहार्द के साथ रहते हैं और किसी अन्य आधार पर भले ही उनके बीच में कोई भी मतभेद हो, लेकिन सरना और ईसाई धर्म के आधार पर उनके बीच में कोई भी मतभेद नहीं है. उन्होंने कहा कि धार्मिक विचारधारा भले ही अलग-अलग हों, पर आदिवासियों की संस्कृति-भाषा समान है और सभी को इसका सम्मान करना चाहिये. झारखण्ड की इस मौलिक भावना से खिलवाड़ करने का अधिकार किसी को भी नहीं है.

‘डीलिस्टिंग जैसे मुद्दे का झारखण्ड में जमीनी स्तर पर कोई महत्व नहीं’

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि ज्यों ही चुनावी हवा बहने लगी है, वैसे ही ध्रुवीकरण कर वोटों की फसलों को काटने के लिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अनुषंगी इकाई वनवासी कल्याण केन्द्र के तहत गठित जनजाति सुरक्षा मंच मैदान में आ चुका है और 24 दिसम्बर को राजधानी के मोरहाबादी मैदान में रैली कर उसने डीलिस्टिंग के जिस मुद्दे को उठाया है, उसका झारखण्ड में जमीनी स्तर पर कोई महत्व नहीं है. श्री तिर्की ने जोर देकर कहा कि किसी भी मत या धर्म को मानने का अधिकार संविधान, भारत के सभी नागरिकों को देता है और किसी दूसरे धर्म से प्रभावित होकर भले कोई व्यक्ति किसी अन्य धर्म में मतान्तरित हो जाये लेकिन वह अपनी संस्कृति से कभी नहीं कट सकता और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से आदिवासी आदिवासी ही होता है ना कि वह किसी धर्म को मानने वाला. श्री तिर्की ने कहा कि वास्तविकता की धरातल पर यदि बात की जाये तो आदिवासी वस्तुतः सरना धर्मावलंबी होते हैं लेकिन समय के प्रभाव से अनेक आदिवासियों ने ईसाई, मुस्लिम या फिर सनातन धर्म को अपनाया है और उन्हें इस बात का अधिकार है लेकिन संस्कृति आदिवासियत है और वही रहेगी न कि कुछ और.

‘धर्म के मामले में भी जनजाति सुरक्षा मंच को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिये…!’

श्री तिर्की ने कहा कि यदि ईसाई धर्म पर बात होती है तो बाकी धर्म के मामले में भी जनजाति सुरक्षा मंच को अपनी स्थिति पूरी तरीके से स्पष्ट करनी चाहिये. उन्होंने जोर देकर कहा कि आदिवासियों के हित के विषय में जनजाति सुरक्षा मंच पाठ पढ़ाना बन्द करें, क्योंकि आदिवासियों को अपनी स्थिति-परिस्थिति का पूरी जानकारी है. उन्होंने कहा कि आदिवासी मूलतः आदिवासी है और यही सच्चाई है. आदिवासियों की धर्म, परंपरा, संस्कृति के मामले में उनका जुड़ाव कैसा है और अपनी संस्कृति के साथ वे कैसे रहें, इस मामले में आदिवासियों को किसी से समझने की जरूरत नहीं है. श्री तिर्की ने कहा कि जनजाति सुरक्षा मंच यदि आदिवासियों के हितों का इतना ही बड़ा संरक्षक और पैरोकार है तो उसके भी नेता ने आदिवासियों की जमीन को जमीन दलालों द्वारा लूटने, ठगने और जमीन के मामले में आदिवासियों के हित को बाहरी लोगों के द्वारा कुचलने की बात किसी ने क्यों नहीं की? श्री तिर्की ने कहा कि आदिवासियों की डेमोग्राफी में खतरनाक एवं नकारात्मक बदलाव आया है और आदिवासियों की जमीन लूटनेवाले वैसे लोग हैं जो दूसरे प्रदेशों से झारखण्ड में आये हैं. उन्होंने कहा कि इसके कारण ही आदिवासियों की ऐसी स्थिति हो गयी है कि न केवल रांची एवं अन्य नगरों बल्कि दूरदराज के क़स्बाई नगरों में भी उन्हें उज़ाड़ा जा रहा है और उनकी जमीन पर कोई दूसरा व्यक्ति बस रहा है जिसके कारण आदिवासी, उत्पीड़न और पलायन को मजबूर है. श्री तिर्की ने कहा कि आज झारखण्ड में कुल मिलाकर उन्हीं आदिवासियों का हित कुचला जा रहा है जिनके लिये झारखण्ड का निर्माण हुआ था लेकिन आदिवासियों के नाम पर उलगुलान डीलिस्टिंग महारैली में आदिवासियों के गंभीर मामलों पर एक शब्द भी नहीं बोला गया और इससे यह स्पष्ट है कि जनजाति सुरक्षा मंच के मंच पर खड़े नेताओं और परदे के पीछे खड़े नेताओं की मानसिकता और मनोस्थिति कैसी है और वे सभी आदिवासियों का कितना भला चाहते हैं?

कड़िया मुंडा बताएं कि आठ बार सांसद रहने के दौरान उन्होंने आदिवासियों के हित में ऐसा कौन सा महत्वपूर्ण काम किया है?

श्री तिर्की ने कहा कि आज की उलगुलान डीलिस्टिंग महारैली में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित करिया मुंडा को यह भी बताना चाहिये कि आठ बार सांसद रहने के दौरान उन्होंने आदिवासियों के हित में ऐसा कौन सा महत्वपूर्ण काम किया जो बताने योग्य है? उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से श्री मुंडा न केवल सांसद बल्कि केंद्रीय मंत्री एवं लोकसभा के उपाध्यक्ष रहे तो यदि वह चाहते तो, आदिवासियों के लिये बहुत कुछ कर सकते थे. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि जनजातीय उप योजना की राशि को भी काम किया गया जिसका सीधा-सीधा नुकसान आदिवासियों को हुआ है. श्री तिर्की ने कहा कि बात-बात पर आज की रैली में पंखराज साहेब बाबा कार्तिक उरांव का नाम लेनेवाले नेताओं को यह भी बताना चाहिए कि उनके द्वारा स्थापित अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद द्वारा चलाये जा रहे 72 विद्यालयों का अनुदान भाजपा सरकार ने क्यों बंद किया? उन्होंने कहा कि आज की रैली का एकमात्र उद्देश्य आदिवासियों को तोड़कर और उनके बीच विवाद पैदा कर आरक्षण को समाप्त करने की केन्द्र की कोशिश को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देना था.

‘आदिवासियों के अधिकार में कटौती होना दुर्भाग्यपूर्ण’

श्री तिर्की ने कहा कि यदि जनजाति सुरक्षा मंच को आदिवासियों के हित की इतनी ही ज्यादा चिंता है तो उन्हें सरना धर्म कोड के मामले में भी बोलना चाहिये और यदि झारखण्ड विधानसभा से पारित सरना धर्म कोड में कुछेक त्रुटि या विसंगतियां है तो उसके मामले में उन्हें सुझाव देने के साथ ही सरना धर्म कोड को लागू करने के लिये अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिये. श्री तिर्की ने कहा कि आदिवासी जल, जंगल और जमीन से जुड़े हुए हैं, लेकिन जिस प्रकार से वन अधिकार अधिनियम को पारित करते हुए उसमें आदिवासियों के अधिकार में कटौती की गयी है वह भी दुर्भाग्यपूर्ण है. लेकिन इस मामले में भी जनजाति सुरक्षा मंच के बड़े-बड़े नेताओं ने कुछ भी नहीं बोला. पेसा नियमावली और पाँचवी अनुसूची के संदर्भ में भी जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं अन्य नेताओं के द्वारा कुछ भी नहीं कहने की श्री तिर्की ने कड़ी आलोचना की और और कहा कि आदिवासी आज सारी स्थितियों और परिस्थितियों के साथ ही लालच एवं स्वार्थ में डूबे नेताओं की गतिविधियों को खामोशी से देख रहा है और समय आने पर वह इसका तीखा जवाब देगा. श्री तिर्की ने कहा कि अगले 4 फरवरी 2024 को झारखण्ड जनाधिकार मंच के बैनर तले मोरहाबादी मैदान में आदिवासी एकता महारैली का आयोजन किया जायेगा जिसमें आदिवासियों के मुद्दे पर तर्क के साथ बात की जायेगी. उन्होंने कहा कि जनजाति सुरक्षा मंच के द्वारा उठाए गए मुद्दे से आदिवासी डरने वाले नहीं है और समय आने पर इसका जवाब दिया जायेगा.
राम भक्तों के लिए

मानव जीवन अनमोल है…हेलमेट पहनकर ही वाहन चलायें : एसपी 

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गिरिडीह : मानव जीवन अनमोल है. हेलमेट पहनकर इसकी सुरक्षा खुद करें एवं परिवार को सुरक्षित करने के मकसद को लेकर गिरिडीह पुलिस लगातार रचनात्मक अभियान चला रही है। इसी कड़ी में रविवार को एसपी दीपक कुमार शर्मा स्वयं सड़क पर उतरे और बिना हेलमेट के बाइक सहित अन्य दो पहिया वाहन चला रहे युवाओं को जीवन का मकसद समझाया। इस दौरान एसपी श्री शर्मा के साथ साइबर डीएसपी संदीप सुमन, सदर एसडीपीओ अनिल सिंह, नगर थाना प्रभारी रामनारायण चौधरी, मुफस्सिल थाना प्रभारी के साथ ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी और जवान भी शामिल थे।

एसीपी ने युवक-युवतियों को ट्रैफिक नियमों पाठ पढ़ाया

एसपी के साथ पुलिस अधिकारी शहर के टॉवर चौक व अंबेडकर चौक पर बाइक से गुजरने वाले युवक-युवतियों को रोककर उन्हें माला पहनाने के साथ ही ट्रैफिक नियम के पालन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि यह जिंदगी अनमोल है, इसकी रक्षा स्वयं करें। इस दौरान एसपी ने परिवार के साथ गुजरते कुछ बाइक चालकों को पहनने के लिए हेलमेट दिया, तो कई लोगों को माला पहनाकर उनसे हेलमेट पहनने की भी अपील की। टॉवर चौक के पास एक युवक बाइक रोकने पर नगर थाना प्रभारी और पुलिस जवानों से उलझ गया। हालांकि नगर थाना प्रभारी राम नारायण चौधरी ने युवक को समझाने का प्रयास करते हुए कहा की वो सिर्फ माला पहन ले और ट्रैफिक नियम का पालन करें। इसके बाद भी युवक का रवैया वैसा का वैसा ही रहा। जिसे देखते हुए नगर थाना प्रभारी चौधरी ने तेवर तल्ख करते हुए पुलिस जवानों को उस युवक को नगर थाना पहुंचाने का निर्देश दिया। अभियान के दौरान एसपी श्री शर्मा ने कहा कि वो खुद की कीमत समझें, उनकी जान खुद से अधिक उनके परिवार के लिए है। ऐसे में बगैर हेलमेट के बाइक चलाना हादसे को निमंत्रण देना है। कहा कि हर रोज जिले में बाइक चलाने वालो की मौत हो रही है।
राम भक्तों के लिए

गिरिडीह : डीएसओ एवं 20 सूत्री उपाध्यक्ष ने चना दाल वितरण की शुरुआत की, राशन वितरण में कोताई नहीं बरतने की हिदायत

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गिरिडीह : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत रविवार को गिरिडीह जिला मुख्यालय स्थित टुंडी रोड पीडीएस केन्द्र में जिला 20 सूत्री उपाध्यक्ष सह झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय सिंह एवं गिरिडीह जिला आपूर्ति पदाधिकारी  गुलाम समदानी ने झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पीएच, एएवाई एवं ग्रीन कार्डधारक लाभुकों के बीच चना दाल वितरण का शुभारंभ किया. इस दौरान डीएसओ ने कहा कि सभी जन वितरण प्रणाली की दुकानों में डीएसडी द्वारा चना दाल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने पीडीएस डीलरों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी ससमय दुकान खोलकर खद्यान, धोती-साड़ी, लूंगी एवं चना दाल का वितरण करें। वितरण में कोताई नहीं बरते।

राज्य सरकार समावेशी विकास कर रही है : संजय सिंह

इस मौके पर मौजूद जेएमएम के जिला प्रमुख संजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार प्रदेश में समावेशी विकास कर रही है। सरकार राज्यभर के सभी लाल, पीले-हरे कार्डधारी लाभुकों के बीच साल में दो दफे धोती- साड़ी एवं लूंगी के अलावा एक रुपये में एक किलो चनादाल का शुभारंभ किया है। श्री सिंह ने कहा कि पीडीएस डीलर अनाज के साथ धोती-साड़ी एवं चना दाल का वितरण ईमानदारी से करें। उन्होंने कहा कि डीएसडी द्वारा चना दाल या अनाज कम दिया जाता है तो, शिकायत करे अवश्य कार्रवाई होगी। मौके पर फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन के प्रदेश सचिव राजेश कुमार बंसल, नगर अध्यक्ष अमित कुमार झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता शोभा यादव, गिरिडीह नगर के आपूर्ति विभाग के विधायक प्रतिनिधि राकेश मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद थे।
राम भक्तों के लिए

हजारीबाग शहर के विभिन्न चौंक चौराहे जैसे पुराना बस स्टैंड ,नया बस स्टैंड ,सदर अस्पताल

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हजारीबाग शहर के विभिन्न चौंक चौराहे जैसे पुराना बस स्टैंड ,नया बस स्टैंड ,सदर अस्पताल, डिस्ट्रिक मोड , इत्यादि स्थानों पर अलाव की व्यवस्था हजारीबाग के समाजसेवी व कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह एवं राजद जिला अध्यक्ष चरका यादव के सौजन्य से किया गया। ताकि इस कड़कड़ाती ठंड में आम जनों को ठंड से थोड़ी राहत मिल सके इस मौके पर मुन्ना सिंह के मिडिया प्रभारी विक्की कुमार धान, शेरू आलम, रंजीत यादव इत्यादि उपस्थित रहे।

News – Vijay Chaudhary

राम भक्तों के लिए

व्यवस्थित एवं कदाचार मुक्त परीक्षा का होगा आयोजन – अखिलेश कुमार

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सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुम्हार टोली, हजारीबाग में कल दिनांक 24/ 12 /2023 को आयोजित होने वाली आचार्य चयन परीक्षा की व्यवस्था एवं सारी तैयारी से संबंधित जानकारी विद्या विकास समिति,झारखंड के गुमला विभाग निरीक्षक सह प्रांतीय प्रतिनिधि एवं आचार्य चयन परीक्षा के पर्यवेक्षक,अखिलेश कुमार ने आज केंद्राधीक्षक, ब्रेन कुमार टुडू,देवघर सह विभाग निरीक्षक, एवं सह पर्यवेक्षक कैलाश राय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कोडरमा के प्राचार्य, शर्मेंद्र कुमार साहू, सह पर्यवेक्षक शिवतारा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर,कोडरमा के प्राचार्य रमेश जी एवं आचार्य गण के साथ बैठक में ली। मौके पर अखिलेश कुमार ने कहा आचार्य चयन परीक्षा का आयोजन व्यवस्थित एवं कदाचार मुक्त होगा । परीक्षा के संचालन हेतु उन्होंने आचार्यों को दिशा निर्देश देते हुए मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा परीक्षा का संचालन ससमय एवं हो ।गौरतलब है कि इस आचार्य चयन परीक्षा में पीआरटी, टीजीटी एवं पीजीटी के लिए सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुम्हारटोली, हजारीबाग केंद्र पर 744 परीक्षार्थी परीक्षा देने वाले हैं । आज परीक्षा की व्यवस्था एवं तैयारी से संबंधित इस बैठक में विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य जी डॉक्टर राजीव रंजन ने परीक्षा व्यवस्था की जानकारी आचार्यों को दी । उन्होंने परीक्षा की सफलता के लिए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। आज की बैठक में विद्यालय के समस्त आचार्य बंधु- भगिनी उपस्थित थे।

News – Vijay Chaudhary

राम भक्तों के लिए

स्नातकोत्तर जन्तु विज्ञान विभाग में पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन सम्पन्न

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आज स्नातकोत्तर जन्तु विज्ञान विभाग द्वारा पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें लगभग ३४ छात्रों शरीक हुए। स्वागत विभागाध्यक्ष डा बी के गुप्ता के द्वारा किया गया ।मुख्य अतिथि डा. अजय शर्मा जो स्वयं इस विभाग से प्रोफेसर रजीयूदी‌न‌ के साथ पी एच डी किया है ,ने कहा कि यह सम्मेलन एक परिवार की तरह सभी पास आउट छात्रों को एकसाथ जोड़ता है और उनके द्वारा हासिल उपलब्धियों से ही विभाग की पहचान होती है।
विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के सी सी डी सी डा के के गुप्ता ने कहा कि इस विभाग ने पढ़ाई के साथ साथ शिक्षा को समग्र रूप से विकसित किया है और‌ यहां के बच्चे अन्य क्षेत्रों में अपना परिचय दे रहे हैं ।
सभ्यता भूषण ने विधानसभा सभा में जलवायु परिवर्तन पर अपने विचार व‌ सूझाव से प्रथम स्थान हासिल किया है। विभाग के दो छात्राएं डा सुषमा व‌ प्रियंका प्रियदर्शी ने जेपी एस सी की परीक्षा उत्तीर्ण कर आज एक्सक्युटीभ मैजिस्ट्रेट के पद पर स्थापित है ।डा कनिका ,प्रदीप , सिसिलिया ,मिथलेश ने जे पी एस सी के माध्यम से‌ सहायक प्रोफेसर के पद को सुशोभित कर रहे है । दीप प्रज्ज्वलित कर सभा की शुरुआत किया गया और विभाग द्वारा कुलगीत की प्रस्तुति हुई। सभ्यता भुषण के द्वारा स्वरचित नये और पूराने वर्ष पर आधारित कविता का पाठ किया।सभी एलुमनाई को अंग वस्त्र तथा पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया।सभी ने अपने उद्गार व्यक्त किए।एल्यूमनाई अध्यक्ष के अनुपस्थित होने के कारण उनके संदेश को पढ़ कर सुनाया गया।
धन्यवाद ज्ञापन डा मनोज के द्वारा ‌किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डा राजेन्द्र मिस्त्री तथा उनकी टीम छात्रों ‌ का काफी योगदान रहा ‌। प्रथम व‌ तृतीय सत्र के छात्र सुरज ,नीरज मोहसिना ,शिया, खुशबू शोधकर्ता आकाश‌ की अहम भूमिका रही।
नई कमिटी का गठन‌ जनवरी में आभासी माध्यम से होगा अंत में राष्ट्र गान के साथ इस आयोजन की समाप्ति की घोषणा किया गया।

News – Vijay Chaudhary

राम भक्तों के लिए

अल्पसंख्यक विद्यालय के शिक्षक गणों का मार्च 2023 से नवंबर 2023 तक करने के संबंध में अल्पसंख्यक शिक्षकों ने की मुलाकात हजारीबाग जिला के डी स इ संतोष गुप्ता से

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आज दिनांक 23/12/2023 को अल्पसंख्यक विद्यालय के शिक्षक गणों ने की एक खास मुलाकात हजारीबाग जिला के डी स इ संतोष गुप्ता से।
उपयुक्त विषय के संबंध में कहना है कि चार अल्पसंख्यक विद्यालय 16/01 – 01/2023 199 झारखंड सरकार स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग दिनांक 25 8 2023 के आलोक में अपने खर्चे से बायोमेट्रिक मशीन खरीद कर उपस्थिति दर्ज करते थे उसी के आधार पर सभी शिक्षकगण का वेतन भुगतान किया जाता था तदुपरांत जिला शिक्षक अधीक्षक हजारीबाग ने पत्रांक 1698 दिनांक 03/08/2023 कोई विद्या वाहिनी से जोड़कर उपस्थिति दर्ज करने का आदेश दिया वही अगस्त माह से आदेश का पालन करते हुए उपस्थित शिक्षक गण बना रहे हैं। आज तक उनका वेतन भुगतान नहीं किया गया है जिसकी जानकारी अक्टूबर में अल्पसंख्यक विद्यालय के शिक्षकगणों ने डीसी नैंसी सहाय को दी। डीसी ने उनको आश्वासन देते हुए उनके भुगतान करवाने का आदेश दिया। लेकिन दो महीने के बाद भी भुगतान नहीं होने पर दिसंबर के पहले सप्ताह में अल्पसंख्यक विद्यालय के शिक्षकगणों ने स्कूल शिक्षा निदेशालय के सचिव के•रवि से उन्होंने अपनी समस्या साझा किया जिसके उपरांत सचिव ने डी स इ संतोष गुप्ता को भुगतान करने का आदेश दिया। लेकिन अभी तक शिक्षकों का बकाया वेतन भुगतान नहीं होने के कारण सभी शिक्षकगण शांतिप्रिय रूप से वार्तालाप करने के लिए आज उनसे मुलाकात की। चुंकि 25 दिसंबर बड़ा दिन नजदीक है और यह दिन साल में एक बार इन सब शिक्षक गणों के लिए आता है उनके परिवार में खुशी लाता है लेकिन बिना वेतन के कैसी खुशी?

वही अधिवक्ता मोनालिसा लकड़ा प्रदेश उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा भाजपा ने डी स इ संतोष गुप्ता से इस विषय पर चर्चा की और इस पर जवाब मांगा। डी स इ संतोष गुप्ता ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मुकेश सिन्हा वित्त निदेशक से बात की और एक सप्ताह के अंदर वेतन भुगतान कर देने का आश्वासन दिया।

News – Vijay Chaudhary

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