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Thursday, July 2, 2026
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खलारी – संडे कटौती के विरोध में पुरनाडीह परियोजना का छह घण्टे काम रहा बन्द

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डकरा। संडे ड्यूटी में कटौती के विरोध में एनके एरिया की पूरनाडीह परियोजना के कामकाज को रविवार की सुबह से ही वहां के कामगारों ने बंद कर दिया। रविवार की सुबह छह बजे से कामगार परियोजना कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए और संडे ड्यूटी में कटौती किए जाने का विरोध किया। साथ ही प्रबंधन के इस मजदूर विरोधी रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कामगारों का आरोप लगाया कि प्रबंधन जानबूझकर संडे ड्यूटी में कटौती कर रही है। जिससे कामगारों को काफी परेशानी हो रही है। खदान का कामकाज बंद होने की सूचना पर कई ट्रेड यूनियन के नेता भी मौके पर पहुंचे और संडे ड्यूटी काटे जाने का विरोध किया। मजदूरों एवं श्रमिक प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रबंधन का संडे कटौती का निर्णय कही से मजदूरों एवं कंपनी के हित में नही है। क्योंकि अगर कोई समस्या है तो इसके लिए मजदूर कही से दोषी नही है। इसलिए प्रबंधन को संडे कटौती कर मजदूर के वेतन पर आर्थिक नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। मजदूरों ने कहा कि प्रबंधन अगर सभी मजदूरों को संडे ड्यूटी नही देगा तो सभी मजदूर हर रविवार को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और रविवार को कोई भी मजदूर ड्यूटी नही करेगा। कामगारों के आक्रोश के कारण खदान से कोयले का उत्पादन छह घण्टे बंद हो गया। बाद में दोपहर बारह बजे परियोजना पदाधिकारी नरेश सिंह ने कहा कि ओवर बजट के कारण यह स्थिति हुई है। उन्होंने मजदूरों एव प्रतिनिधियों को वार्ता कर आश्वासन दिया कि पूर्व की तरह सभी कामगारों को संडे ड्यूटी दिया जाएगा। उसके बाद परियोजना का काम चालू हुआ। वार्ता मे प्रबंधन के साथ वार्ता में कार्मिक अधिकारी दीपक गिरी एवं मजदूरों की ओर से गोल्डेन प्रसाद यादव, बहुरा मुंडा, रामलखन गंझू, महेंद्र उरांव, रामप्रवेश नायक, विजय उरांव, कमल मुंडा, दिनेश भर, राजेश परिहार, नरेश गंझू, गणेश मोदी, बलराम राम, रविन्द्र उरांव, अनूप रजक, बालेश्वर उरांव, प्रदीप उरांव सहित काफी संख्या में मजदूर उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

खलारी – ख्रीस्त राजा चर्च खलारी में 18 बच्चों का पहला परम प्रसाद ग्रहण 

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डकरा। शांतिनगर स्थित ख्रीस्त राजा चर्च खलारी में 18 बच्चों को पहला परम प्रसाद ग्रहण कराया गया। सर्वप्रथम खलारी पल्ली की महिला समुह द्वारा पारम्परिक नृत्य व मसीही गीत गाते हुए सभी बच्चों को चर्च में प्रवेश कराया गया। जिसके बाद फादर हिलारियुस तिग्गा, फादर ऑस्कर टोप्पो व फादर अमृत कुजुर द्वारा मिस्सा पूजा कराया। सभी बच्चों को चंदन का टीका लगाया गया और पहला परम ग्रहण कराया गया। इस अवसर पर फादर हिलारियुस तिग्गा व फादर ऑस्कर टोप्पो ने मसीही समुदाय के लोगो को अपने संदेश में बाइबिल में लिखी बातों को विस्तार से बताया। मौके पर मसीही समुदाय के युवाओं व महिलाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। पहला परम प्रसाद ग्रहण करने वालों में सोनाली कुजुर, अगुस्टिना तिर्की, ऐंजल निधि तिर्की, अंजु लकड़ा, खुशबु कुजुर, रितिसा तिर्की, अनुग्रहित तिग्गा, निशांत कुजुर, अंकित एक्का, रिया दिपीका, दीप टोप्पो, समीर लकड़ा, लुईस पन्ना, लोरेंस विलफेरेड मैथयुस, स्वाती अंजना पन्ना शामिल है। समारोह में मुख्य रूप से सिस्टर लुसिया, सिस्टर नेली, डॉ ए कुजूर, जे अब्राहम, इनोसेंट कुजुर, प्रकाश कुजूर, रॉबिन एक्का, ज्ञान कुजूर, पारसनाथ उरांव, नरेश करमाली, सी कुजुर, एरिक कुजुर, पारसनाथ उरांव, प्रदीप कुजुर, सुनिता तिग्गा, तेरेसा तिग्गा, तेरेसा कुजुर, गाजा रूण्डा, नितीन कुजुर, उजाला लकड़ा सहित अन्य मसीही समुदाय के लोग शामिल हुए।

राम भक्तों के लिए

सन्डे ड्यूटी में कटौती या फिर बदल करना एसीसी एवं पीसीसी कमिटी सहित श्रमिक संगठन का भी अपमान : कृष्णा चौहान

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एक तरफा निर्णय से बाज आये प्रबंधन

खलारी, 11 जून : सीसीएल एनके प्रबंधन द्वारा अचानक संडे ड्यूटी में कटौती करने या फेर बदल करना तर्क संगत नहीं है ये एसीसी एवं पीसीसी कमिटी सहित श्रमिक संगठन का भी अपमान है। उक्त ब्यान यूनाइटेड कोल वर्कर यूनियन / एटक के क्षेत्रीय अध्यक्ष कृष्णा चौहान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है। उन्होंने कहा है कि
यह प्रबन्धन का एक तरफा निर्णय क्षेत्र में औधोगिक अशांति पैदा कर सकता है वर्तमान प्रबन्धन ऐसे एक तरफा निर्णय से बाज आये और कोयला उद्योग एवं मजदूर हित का ध्यान रखते हुए अपने एक तरफा निर्णय को बदले एवं पूर्व की तरह संडे ड्यूटी शुचारु रूप से चलने दे।

राम भक्तों के लिए

Ranchi – Enjoy your day in Pool at wild waadi Water Park

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Dive into the Thrilling Oasis: Exploring the New Water Park in Town

Get ready to make a splash! The residents of our beloved town Ranchi are in for a treat as a brand-new water park has emerged, promising endless fun and excitement for all ages. With its thrilling water slides, lazy rivers, and captivating attractions, this aquatic paradise is set to become the go-to destination for families, friends, and adventure-seekers alike. Let’s dive into the details and discover what makes this new water park a must-visit spot in town.

Located on the outskirts of town, the new water park is located at 25 Km from Ranchi on the way to khunti, a sprawling haven of aquatic adventure. As visitors enter the park, they are greeted by a vibrant and inviting atmosphere, with palm trees swaying in the breeze and the refreshing scent of chlorine in the air. The park boasts a wide array of attractions designed to cater to all interests and adrenaline levels.

For those seeking an adrenaline rush, the park features an impressive collection of high-speed water slides. From the breathtaking freefall slide that sends riders plummeting down at lightning speed to the exhilarating looping slide that leaves hearts racing, there is no shortage of thrills here. Additionally, the park offers a variety of tube slides, each with its twists, turns, and splashes, ensuring a thrilling experience for everyone.

Family-Friendly Fun
The new water park is not just for thrill-seekers. It also caters to families, ensuring a day of wholesome fun and relaxation. The park offers a dedicated children’s area, complete with shallow pools, miniature slides, and interactive water play structures. Younger visitors can let their imagination run wild as they explore the splash pads and enjoy water activities specifically designed for their age group.

Moreover, the park’s lazy river is a perfect spot for families to unwind and enjoy a leisurely float along the calm currents. Equipped with inner tubes, visitors can relax as the gentle waves carry them through tunnels, under waterfalls, and past lush landscapes. It’s an excellent opportunity for parents and children to bond and create lasting memories together.

Unwind and Indulge
Beyond the adrenaline-pumping attractions and family-friendly areas, the new water park offers plenty of opportunities for relaxation and indulgence. The park features a luxurious section, complete with serene pools, cascading waterfalls, and tranquil cabanas. Visitors can bask in the sun on comfortable loungers or take a dip in the crystal-clear waters to escape the summer heat.

To enhance the overall experience, the park offers a variety of dining options. From casual snack bars to vibrant cafes, visitors can savor a range of delectable treats and refreshing beverages to keep energy levels high throughout the day. Whether it’s a quick bite between rides or a leisurely meal with friends, the water park ensures that no visitor goes hungry.

Commitment to Safety and Sustainability
Safety and sustainability are paramount in the design and operation of the new water park. State-of-the-art technology, including advanced water filtration systems, ensures that the water is clean and safe for visitors. Trained lifeguards are stationed at each attraction to provide constant supervision and ensure a secure environment.

Moreover, the park places a strong emphasis on environmental responsibility. From water conservation measures to eco-friendly waste management practices, every effort is made to minimize the park’s ecological footprint. By prioritizing sustainability, the water park not only provides a memorable experience for visitors but also contributes positively to the local community and the planet.

राम भक्तों के लिए

प्रिंट रेट से अधिक दर पर शराब बेचने के मामले को गिरिडीह डीसी ने लिया गंभीरता से, डुमरी में दो दुकान सील, आठ गिरफ्तार

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गिरिडीह: प्रिंट रेट से उंची दर पर शराब बेचने के मामले को डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने गंभीरता से लिया। इसके फलस्वरूप पिछले 30 घंटे में गिरिडीह जिले के कई थाना क्षेत्रों में कई स्थानों पर शराब दुकानों में छापेमारी की गई। मनमाने दर पर शराब बेचनेवालों के खिलाफ गुरुवार की देर रात शुरू हुई छापेमारी शुक्रवार को भी जारी ऱही। शुक्रवार को पचंबा उपनगर के रानीखावा समेत कई स्थानों में स्थित  शराब दुकानों में कार्रवाई की गई। बताया गया कि र्कारवाई के क्रम में प्रिंट रेट से अधिक दर पर शराब बेचे जाने की बात सामने आई। है.

सदर एसडीएम विशालदीप खलको के नेत्तृव में नगर थाना प्रभारी राम नारायण चौधरी और पुलिस जवानों ने कई दुकानों में ग्राहक बनाकर भेजा, तो कई दुकानदार प्रिंट रेट से अधिक की वसूली कर रहे थे। लिहाजा, देर रात ही एसडीएम ने छापेमारी की, मुफस्सिल थाना के साथ शहरी क्षेत्र से कुछ दुकानों से पांच शराब विकेताओं को हिरासत में लिया था। पांचों आउट सोर्सिंग कंपनी के स्टॉफ हैं। दूसरे दिन शुक्रवार को पांचों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की प्रकिया में जुटी हुई थी। गिरफ्तार पांचों आरोपियों में देवघर के सारठ निवासी पवन राय, शहर के गद्दी मुहल्ला निवासी सूर्यदेव प्रसाद, बिहार के औरंगाबाद निवासी कमल किशोर गुप्ता और मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कैलीबाद निवासी राजेन्द्र प्रसाद शामिल है।

इधर, डुमरी एसडीएम प्रेमलता मुर्मू और एसडीपीओ मनोज कुमार ने भी  निमियाघाट और इसरी बाजार की कई शराब दुकानों में छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान दोनों थाना क्षेत्रों की दो शराब दुकानों को सील किया गया। जहां प्रिंट रेट से अधिक शराब के कीमतों की वसूली की जा रही थी। एसडीएम ने जब दोनों शराब दुकानों के रजिस्ट्रर की जांच की तो, बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई। इस कार्रवाई के दौरान दोनों शराब दुकानों के में कार्यरत तीन आउट सोर्सिंग कर्मियों को गिरफ्तार किया गया। छापेमारी के क्रम में डुमरी थाना प्रभारी पवन कुमार समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे।

गौरतलब है कि नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार ने शराब दुकानों में मौजूद शराब के ब्रिकी के लिए आउट सोर्सिंग एजेंसी का चयन किया है। फिलहाल गिरिडीह की तमाम शराब दुकानों में ब्रिकी का जिम्मा जिस एजेंसी को दिया गया है। उस एजेंसी के प्रोपराइटर खुद भी कभी दुकान में ब्रिकी करने को रखे स्टॉफ की निगरानी नहीं करते। लिहाजा, इसी का फायदा अब तक शराब दुकानों के स्टॉफ द्वारा उठाया जा रहा था। हालांकि प्रिंट रेट से शराब बेचने का सिलसिला काफी समय से जारी है. इस पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है.

राम भक्तों के लिए

HBZ – विभावि में मना धरती आबा का शहादत दिवस

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Hazaribag : विनोबाभावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के यूसेट विभाग में शुक्रवार को एनएसएस की ओर से अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा का शहादत दिवस मनाया गया. इस मौके पर धरती आबा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए यूसेट के डायरेक्टर डॉ आशीष कुमार साहा ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला. एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ खेमलाल महतो ने कहा कि भगवान बिरसा का संघर्ष अन्य स्वतंत्रता सेनानियों से अलग था. उन्होंने अपनी माटी, जंगल और संस्कृति की रक्षा के लिए शहादत दी. इस मौके पर गौरव कुमार अजहर, रंजीत, बीरबल कुशवाहा, आनंद कुमार, सौरभ कुमार, दिलीप, बबीता, नवीन, विनय कुमार समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे.

News – Vijay Choudhary

राम भक्तों के लिए

मैट्रिक में गिरिडीह जिला टॉपर रही कृतिका को डीसी ने सम्मानित किया

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तिसरी (गिरिडीह): तिसरी के प्रखंड चंदौरी की कृतिका कुमारी को मैट्रिक परीक्षा में जिला टॉप व राज्य में सातवां स्थान प्राप्त करने पर गिरिडीह के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने शुकवार को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया. कृतिका कुमारी ने मैट्रिक परीक्षा 2023 में 97% यानी 486 अंक प्राप्त कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। साथ ही पूरे राज्य में सातवां स्थान प्राप्त कर अपने के स्कूल के अलावा पूरे जिले का मान बढ़ाया है. कृतिका ने चंदौरी स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय बरमसिया से ही पढ़ाई कर मैट्रिक की परीक्षा दी थी. पिता सचिन कुमार की जेनरल स्टोर दुकान है। और उनकी माता गृहणी है। कृतिका ने अपनी सफलता के लिए अपने परिवार और गुरुजनों को श्रेय दिया। कृतिका ने आगे की शिक्षा को लेकर बताया कि वह सिविल सर्विसेज की तैयारी कर आईएएस ऑफिसर बनना चाहती है। इसके लिए वह अभी से ही मेहनत कर रही है. डीसी ने कृतिका के उज्जवल भविष्य की कामना की है.

राम भक्तों के लिए

झारखंड में एक इंजीनियर जलकुंभी से साड़ियाँ बनाता है

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झारखंड के गौरव आनंद ने अपने 16 साल के लंबे कॉर्पोरेट करियर को छोड़कर 450 महिलाओं को आजीविका कमाने में मदद करते हुए जल जलकुंभी से फाइबर निकालकर अनूठी हथकरघा (हैंडलूम) साड़ियाँ तैयार करवा रहे हैं।
जलकुंभी जलाशयों के लिए आतंक है।
“जलकुंभी को बंगाल के आतंक के रूप में जाना जाता है। जलीय जीवन तभी जीवित रह सकता है जब पानी में घुलित ऑक्सीजन कम से कम पांच मिलीग्राम प्रति लीटर हो, लेकिन जलकुंभी की उपस्थिति में यह घटकर एक मिलीग्राम प्रति लीटर हो जाती है। इससे जलीय जीवन को खतरा है और पानी की गुणवत्ता बिगड़ती है।

दिलचस्प बात यह है कि जलकुंभी का उपयोग देश में चटाई, कागज और अन्य हस्तशिल्प बनाने के लिए किया जाता है। लेकिन 46 वर्षीय जमशेदपुर निवासी ने पौधे से फाइबर निकालकर इस परेशानी को फ्यूजन साड़ियों में बदलने का एक तरीका खोज लिया है।

गौरव नदी की सफाई अभियान के दौरान जलकुंभी की समस्या को नजदीक से जाना। गौरव ने बताया “मैं जलकुंभी की बढ़ती समस्या का एक स्थायी समाधान खोजना चाहता था ताकि लोग इसे बाधा के रूप में नहीं बल्कि एक संसाधन के रूप में देखें। हम एक फ्यूज़न साड़ी बनाने के लिए 25 किलो जलकुंभी का उपयोग करते हैं।

फरवरी 2022 से, जब उन्होंने पहली बार ऐसी साड़ी बनाई थी, तब से गौरव 50 फ्यूजन साड़ियां बना चुके हैं और इस साल के अंत तक 1,000 और बनाने का लक्ष्य है। गौरव पर्यावरण इंजीनियर थे। टाटा स्टील के साथ काम करते हुए नदी सफाई अभियान के दौरान जलकुंभी के रूप में नदी में इस बड़ी असामान्यता की पहचान की। बताते हैं “यह गंगा, गोदावरी और कृष्णा जैसी बहने वाली नदियों को छोड़कर लगभग सभी नदियों में मौजूद है।”

चूँकि यह श्रम प्रधान कार्य है, इसलिए गौरव ने सदी बनाने के लिए जलकुंभी और कपास का अनुपात 25:75 रखा। है। फाइबर जितना महीन होगा, उसकी कीमत उतनी ही अधिक होगी। वर्तमान में, हमने अपनी साड़ी की कीमत 2,000-3,500 रुपये रखी है ताकि यह मध्यम आय वर्ग के लिए भी पहुंच के भीतर हो।

उन्होंने कहा “इसके अलावा, अगर हम 100 प्रतिशत जलकुंभी की साड़ी बनाते हैं, तो यह स्ट्रेंथ में थोड़ी कमजोर होगी। यही कारण है कि हम इसे कॉटन जैसी सामग्री के साथ फ्यूज कर देते हैं। लेकिन हम इसे और अधिक टिकाऊ बनाने के लिए 50 प्रतिशत जल जलकुंभी को फ्यूज करने की योजना बना रहे हैं।”
ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना
इस काम से गौरव बताते हैं कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के सांतिपुर गांव के करीब 10 बुनकर परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उन्हें रोजगार दिया है।

सांतिपुर गांव में, लगभग हर घर में हथकरघा का उपयोग करके साड़ियां बनाई जाती हैं। लेकिन अधिकांश बुनकर परिवार वैकल्पिक नौकरियों में बदल रहे थे क्योंकि वे पर्याप्त आय अर्जित करने में सक्षम नहीं थे। चार दिनों की कड़ी मेहनत के लिए उन्हें 500 रुपये से अधिक नहीं मिलते थे।

गौरव बताए हैं हमारा उद्देश्य साड़ी बनाने से कमाई करना नहीं है। हम सिर्फ बुनकरों की आजीविका को बढ़ावा देना चाहते हैं, ताकि वे काम न छोड़ें और प्रेरित रहें।

बुनकरों के अलावा, गौरव 450 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने में सक्षम रहे हैं, जिन्हें बुनकरों को भेजने से पहले जलाशयों से जलकुंभी इकट्ठा करने और उन्हें संसाधित करने के लिए लगाया गया है।
गौरव कहते हैं कि इस पहल ने उन्हें एक उद्देश्य के साथ जीने में मदद की है। “अगर मैं कॉर्पोरेट नौकरी करते हुए सेवानिवृत्त होता, तो मैंने अपने देश के लिए कुछ नहीं किया होता। पहले जब मुझे वेतन मिलता था तो मैं केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर पाता था। आज मैं इस काम से इतने परिवारों का भरण-पोषण कर पा रहा हूं। यह मेरे लिए ‘वाह’ पल है। मेरा इरादा 450 महिलाओं [कर्मचारियों] की संख्या बढ़ाकर लाखों करने का है।

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India to Withdraw 2000 Rupee Notes from Circulation

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The Reserve Bank of India (RBI) announced on Friday that it will withdraw 2000 rupee notes from circulation. The notes will continue to be legal tender, but they will no longer be accepted as legal tender after September 30, 2023.

The RBI said that the decision to withdraw the 2000 rupee notes was taken in order to “curb the menace of counterfeit currency and to promote digital transactions.” The central bank also said that the withdrawal of the notes would help to “make the Indian currency more secure and efficient.”

The announcement of the withdrawal of the 2000 rupee notes has been met with mixed reactions. Some people have welcomed the decision, saying that it will help to curb the use of counterfeit currency and promote digital transactions. Others have criticized the decision, saying that it will inconvenience people and disrupt the economy.

The RBI has said that it will provide adequate time for people to exchange their 2000 rupee notes for other denominations. People will be able to exchange their notes at banks and post offices until September 30, 2023. After that date, the notes will no longer be accepted as legal tender.

The withdrawal of the 2000 rupee notes is the latest in a series of measures that the RBI has taken in recent years to combat counterfeit currency and promote digital transactions. In 2016, the RBI withdrew 500 and 1000 rupee notes from circulation in a move that was known as “demonetization.” The demonetization drive was successful in curbing the use of counterfeit currency, but it also caused a great deal of inconvenience to people.

The withdrawal of the 2000 rupee notes is likely to have a similar impact on the economy. It is likely to cause some inconvenience to people, but it is also likely to help to curb the use of counterfeit currency and promote digital transactions.

The RBI has said that it will monitor the impact of the withdrawal of the 2000 rupee notes and take further steps if necessary.

Impact of the Withdrawal of the 2000 Rupee Notes

The withdrawal of the 2000 rupee notes is likely to have a number of impacts on the Indian economy.

Curbing the use of counterfeit currency: The withdrawal of the 2000 rupee notes will make it more difficult for counterfeiters to produce fake notes. This is because the notes are more difficult to counterfeit than the older 500 and 1000 rupee notes.

Promoting digital transactions: The withdrawal of the 2000 rupee notes is likely to encourage people to use digital transactions more often. This is because digital transactions are more convenient and secure than cash transactions.

Inconvenience to people: The withdrawal of the 2000 rupee notes is likely to cause some inconvenience to people. This is because people will have to exchange their notes for other denominations before September 30, 2023.

Disruption to the economy: The withdrawal of the 2000 rupee notes is likely to disrupt the economy to some extent. This is because people will have to adjust to using digital transactions more often.

The RBI has said that it will monitor the impact of the withdrawal of the 2000 rupee notes and take further steps if necessary.

Conclusion

The withdrawal of the 2000 rupee notes is a significant step by the RBI. It is a move that is likely to have a number of impacts on the Indian economy. The RBI has said that it will monitor the impact of the withdrawal of the notes and take further steps if necessary.

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गुरुकुल की परंपरा को आज भी जीवित करता बिष्णुगढ के ग्राम खेतको मे लोटस पब्लिक स्कूल

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हजारीबाग जिला के बिष्णुगढ के ग्राम खेतको मे लोटस पब्लिक स्कूल के बच्चों को गुरुकुल की तरह कभी पेड़ के छांव में शिक्षा दी जाती है तो कभी आधुनिक युग के स्मार्ट क्लासेज से शिक्षा दी जाती है इस विद्यालय के प्रबंधक पंकज कुमार जी कड़ी मेहनत से लगे रहते हैं विद्यालय में शैक्षिक माहौल को रुचिकर बनाने के लिए नित नए नए कार्य करते रहते हैं। इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम होगी। ऐसा पढाई गुरुकुल में हुआ करता था। यह एक अनोखी तरिका अपनाया गया है

News Vijay Choudhary

राम भक्तों के लिए
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