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Saturday, November 7, 2026
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हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट द्वारा हज़ारीबाग मे नशा मुक्ति केंद्र का उद्घाटन

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हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट द्वारा हज़ारीबाग मे नशा मुक्ति केंद्र का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रशिक्षु आईएएस शताब्दी मजूमदार के द्वारा किया गया,
विशिष्ट अतिथि कटकमसांडी से जिला परिषद सदस्य मंजू नंदनी कांग्रेस के महासचिव असगरी अंजुम राजद जिला अध्यक्ष संजय मलिक मुखिया नूरजहां समाजसेवी मुनेश ठाकुर शफीक अंसारी उप मुखिया शबनम परवीन मुख्य रूप से उपस्थित थे मंच संचालन मोहम्मद मुजफ्फर हुसैन ने किया l
धन्यवाद ज्ञापन शाहिद रजा सचिव
विषय प्रवेश शाहिद हुसैन ने किया
शताब्दी मजूमदार ने हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट से इस अच्छे काम के लिए उनको साधुवाद किया और कहा कि आप आगे बढ़े शासन और प्रशासन आपका भरपूर सहयोग करेगा हम लोग बहुत जल्द उपायुक्त के आदेश से नगर भवन में इस तरह का एक बड़ा वर्कशॉप करेंगे, विशिष्ट अतिथि मंजू नंदनी ने कहा कि समाज में महिलाओं को आगे आना होगा और इस नशा के कारोबारियों को जड़ से खत्म करना होगा, इसमें आप सब की सहयोग की अपेक्षा है, राजद जिला अध्यक्ष संजर मलिक समाज के सभी प्रबुद्ध लोगों जनप्रतिनिधियों एवं सेवानिवृत्त पदाधिकारियों से अपील कि इस नशा को और नशा के शिकार हो रहे युवाओं को बचाने के लिए आप सब आगे आए है, हम लोग भी सहयोग करेंगेl
कांग्रेस की महासचिव हजारीबाग जिला असगरी अंजुम ने इस बात पर विशेष बल दिया कि आप शर्म मत कीजिए अगर आपके परिवार में इस तरह के बच्चे आस-पड़ोस हैं तो उसकी सूचना दीजिए और हालत को बिगड़ने से पहले उन्हें इन जगहों पर पहुंचाया जहां नशे की आदत को छुड़ाया जा सके और युवाओं से अपील की कि नशा मत कीजिए यह पूरी पीढ़ी को बर्बाद कर देता हैl
लोहसिंघना थाना प्रभारी श्री अरविंद कुमार ट्रस्ट के संरक्षक सह शान्ति समिति के सदस्य सय्यद इम्तियाज़ हसन (बिक्की),
ओएसिस स्कूल के केमिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष तनवीर आलम इस अवसर पर हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट से जुड़े हुए कोषाध्यक्ष आफताब आलम उपाध्यक्ष अबू खैर कलीम,मो इमरान, मो नसीम, विनय कुमार यादव अफजल खान,मोहम्मद हारून, गौरव शर्मा चंदन महतो, आदित्य कुमार, सागर राणा,पूनम कुमारी,कोमल महतो,फरज़ाना खातून,नाजनीन प्रवीण,
मोहम्मद काजी,इत्यादि लोग उपस्थित थे, बड़ी संख्या में महिलाएं भी भाग लीं l
उक्त सारा कार्य ट्रस्ट के संरक्षक सह शान्ति समिति के सदस्य सय्यद इम्तियाज़ हसन (बिक्की) के देख रेख एवं दिशा निर्देश से किया गया l
हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने यह आश्वस्त किया कि जो लोग इस केंद्र में आएंगे हम उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाकर फिर से समाज को समर्पित कर देंगेl

News – Vijay Choudhary

राम भक्तों के लिए

ED का पूजा सिंघल के एसेट पर कब्जा: पर,सबसे बड़ा सवाल…भुईंहरी परिवार के साथ इंसाफ कौन करेगा? आखिर ननसेलेबुल जमीन का नक्शा कैसे पास हुआ? बैंक से लोन कैसे मिला?

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नारायण विश्वकर्मा

रांची : निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के हाथ से अब पूरी तरह से पल्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल निकल गया है. एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी (एए) ने पूजा सिंघल के पल्स हॉस्पिटल और डायग्नोस्टिक सेंटर की जब्ती को सही ठहराया दिया है. ईडी ने पूजा सिंघल के पल्स अस्पताल सहित 82.77 करोड़ की चार संपत्ति एक दिसंबर 2022 को जब्त कर ली थी. मौजूदा स्थिति में अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर लगभग छह महीने तक सामान्य रूप से चल सकते हैं.  पूजा सिंघल के एसेट पर ईडी का कब्जा तो हो गया. पर भुईंहरी जमीन (ननसेलेबुल) पर खड़ा पल्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का फैसला कब और कौन करेगा? भुईंहरी परिवार को इंसाफ दिलाने की जद्दोजहद करनेवाले आरटीआई एक्टिविस्ट इंद्रदेव लाल ने छह माह के अंदर ईडी से भुईंहरी परिवार के साथ इंसाफ की गुहार लगाई है.

तीन साल बाद भी सीएम की जांच रिपोर्ट पर अबतक कार्रवाई क्यों नहीं?

आरटीआई एक्टिविस्ट इंद्रदेव लाल ने हेमंत सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि सीएम हेमंत सोरेन ने स्वयं एक ट्वीट के जरिए 13 फरवरी 2020 को पल्स सुपर स्पेशिलिएटी अस्पताल की भुईंहरी जमीन की जांच का आदेश रांची के डीसी को दिया था. तीन साल बीतने के बावजूद जांच रिपोर्ट पर आखिर अबतक क्यों नहीं निर्णय लिया गया? श्री लाल ने कहा कि दस माह पूर्व कमिश्नर को भेजे गए जवाब में बड़गाई अंचल ने यह स्पष्ट कर दिया था कि पल्स सुपर स्पेशिलिएटी अस्पताल की जमीन भुईंहरी नेचर की है. इसके बावजूद हेमंत सरकार ने कोई एक्शन क्यों नहीं लिया? भुईंहरी जमीन पर पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा को एचडीएफसी बैंक से लोन कैसे मिल गया? नगर निगम ने ननसेलेबुल जमीन का नक्शा कैसे पास कर दिया? हालांकि ईडी ने करीब दस माह पूर्व नगर निगम के अधिकारियों से इस मामले में पूछताछ की थी. पूजा सिंघल की गिरफ्तारी के बाद पल्स अस्पताल निर्माण को लेकर ईडी ने जब दस्तावेज खंगालना शुरू किया, तब जुलाई माह में रांची के तत्कालीन डीसी छविरंजन ने उस जांच रिपोर्ट की छानबीन शुरू की. करीब एक माह में काफी नाटकीय ढंग से जांच रिपोर्ट मिलने की बात स्वीकारी गई. फिर यह कौन बताएगा कि जांच रिपोर्ट की फाइल आखिर कहां है?

भाजपा को हेमंत सरकार पर सवाल उठाने से परहेज क्यों?

यहां यह बताना जरूरी है कि सीएम द्वारा भुईंहरी जमीन की जांच का आदेश जारी करने के कुछ दिनों बाद पूजा सिंघल की सीएमओ में इंट्री हो गई थी और खनन विभाग उनके हवाले कर दिया गया था. यानी पूजा सिंघल का जो रसूख रघुवर सरकार में था, वही रसूख हेमंत सरकार में कायम हो गया. दूसरी तरफ विपक्ष ने जांच रिपोर्ट के बारे में कभी सरकार से सवाल ही नहीं किया. कुछ माह पूर्व निर्दलीय विधायक सरयू राय ने हेमंत सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि इस अस्पताल का नाम बदलकर प्रवर्तन अस्पताल कर देना चाहिए. उन्होंने इसे रिम्स के साथ अटैच कर देने का भी सुझाव दिया था. अब जबकि पूजा सिंघल के एसेट पर एक तरह से केंद्र सरकार का स्वामित्व स्थापित हो गया है. फिर भाजपा हेमंत सरकार से सवाल करने से क्यों परहेज कर रही है?

अगर हमें इंसाफ नहीं मिला, तो ईडी की कार्रवाई अधूरी मानी जाएगी: कृष्णा मुंडा

उधर, भुईंहरी परिवार के वंशज कृष्णा मुंडा ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि ईडी को हमारी जमीन दिलाने की पेशकश करनी चाहिए. अगर जमीन वापसी नहीं हुई तो कम से कम हेमंत सरकार मुआवजा दिलाने की पहल तो करे. आखिर आदिवासी सीएम के रहते हमारे परिवार के साथ इंसाफ नहीं किया गया तो फिर आदिवासी समाज कैसे भला होगा? उसने कहा कि जल-जंगल और जमीन बचाने का ढोंग कर आदिवासी सीएम हेमंत सोरेन ने इधर जांच का आदेश दिया, उधर पूजा सिंघल को अपने बगल में बिठा लिया. रघुवर राज में भुईंहरी जमीन पर अस्पताल की नींव पड़ी और हेमंत राज में अस्पताल तैयार हुआ. ईडी को भले पूजा सिंघल के एसेट पर अधिकार मिल गया आदिवासी समुदाय अपनी फरियाद लेकर कहां जाए? इसलिए अब ईडी ही हमारे साथ इंसाफ करे. अगर हमें इंसाफ नहीं मिला, तो ईडी की पूरी कार्रवाई को अधूरा माना जाएगा.

ED राजस्व विभाग में पड़ी लंबित फाइल को खंगाले

उल्लेखनीय है कि इंद्रदेव लाल के आवेदन पर दक्षिणी छोटानागपुर के कमिश्नर रहे नितिन मदन कुलकर्णी ने कार्रवाई करते हुए बड़गाई सीओ से सवाल-जवाब किया था. अंचल कार्यालय ने कमिश्नर को भेजे गए जवाब में यह माना कि पल्स अस्पताल की जमीन भुईंहरी नेचर की है. इसके बाद कमिश्नर ने पूरी जांच रिपोर्ट राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेज दिया है. दस माह बाद भी सरकारी स्तर पर सीओ की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. श्री लाल ने कहा कि ईडी अगर पल्स अस्पताल से जुड़े सभी दस्तावेज की सूक्ष्मता से जांच करे तो कई ब्यूरोक्रेट्स इसकी जद में आएंगे. वहीं रांची नगर निगम के आयुक्त से यह पूछा जाना चाहिए कि आखिर नक्शा कैसे पास हो गया और बैंक ने बगैर जांच-पड़ताल किए बिना कैसे लोन पास कर दिया? कैसे बड़गाई अंचल कार्यालय से म्यूटेशन हुआ? किसने  इस जमीन का डमी मालिक बनकर अभिषेक झा को भुईंहरी जमीन को बेच दिया? उन्होंने कहा कि ईडी चाहे तो राजस्व विभाग में लंबित पड़ी फाइल की जांच कर सत्य के करीब आराम से पहुंच सकता है.

बंधु तिर्की भुईंहर परिवार की ओर से ईडी को आवेदन दें…! 

श्री लाल ने आदिवासियों के कथित हितैषी बंधु तिर्की पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने जमीन घोटाले को लेकर सीएम से एक उच्चस्तरीय आयोग के गठन मांग की है. विशेष कर उन्होंने पिछले 20 साल से हुए सभी जमीन फर्जीवाड़े की गहराई से जांच करवाने की सीएम से अपील की है. उन्होंने खुद आगे बढ़कर कहा है कि ईडी द्वारा झारखंड के कई जमीन घोटालों और संदेहास्पद ज़मीन सौदों की हो रही जांच का स्वागत किया है, तो वही क्यों नहीं ईडी को आवेदन देकर भुईंहरी जमीन के वंशजों को न्याय दिलाने की पहल करें, तब माना जाएगा कि वो आदिवासी समुदाय के सच्चे हितैषी हैं.

राम भक्तों के लिए

द केरल फाइल देखने के लिए सिनेमा हॉल में उमड़ी भीड़,बेटियों ने कहा-अब लव जिहाद और धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं होगा

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गिरिडीह: केरल में लव जिहाद और धर्मांतरण की शिकार हुई युवतियों पर बनी फिल्म द केरल फाइल ने रिलीज के साथ ही आठ करोड़ की बंपर कमाई कर ली। फिल्म पर जारी विवाद एवं धमकी के बीच पिछले पांच मई से रिलीज के साथ गिरिडीह के स्वर्ण सिनेमा हॉल में द केरल फाइल देखने के लिए हर रोज दर्शकों की भीड़ जुट रही है। खास तौर पर महिलाएं और छात्राएं इस फिल्म को देखने के बाद तीखी प्रतिक्रिया भी दे रही हैं। वैसे फिल्म को सबसे अधिक हिंदू समुदाय की महिलाएं और बहनें ही पंसद कर रही हैं। महिलाओं की भीड़ हर रोज स्वर्ण सिनेमा हॉल में देखने के लिए उमड़ रही है।

भाजपाइयों ने दो सौ से अधिक लोगों को फिल्म दिखाई

जिहादियों की बर्बरता और क्रूरता पर बनी यह फिल्म गिरिडीह के स्वर्ण सिनेमा हॉल में हर रोज भारी संख्या में महिला-पुरुष पहुंच रहे हैं. रविवार को भाजपा नेता विवेक गुप्ता, मिथुन चन्द्रवंशी और वीरु चन्द्रवंशी ने करीब दो सौ से अधिक हिंदू युवतियों को केरल की सच्ची घटना पर आधारित फिल्म द केरल फाइल्स  दिखायी।

सिनेमा हॉल के बाहर जमकर जय श्रीराम के नारे लगे

फिल्म देखकर निकली युवतियां और महिलाओं ने मौके पर स्वर्ण सिनेमा हॉल के बाहर जमकर जय श्री राम के नारे लगाए, तो उन्हें भगवा अंगवस्त्र भी पहना कर और तिलक लगाकर उनका उत्साह बढ़ाया। फिल्म देखने के बाद हॉल से निकली कई युवतियों ने कहा कि केरल में हिंदू समुदाय की बेटियों और बहनों के साथ क्या हुआ, इसे हर राजनीतिक दल के नेता भी देंखे। क्योंकि सबसे पहले उन नेताओं को यह फिल्म देखनी चाहिए, जो हमेशा धर्मांतरण और लव जिहाद में फंसाकर हिंदू लड़कियों के साथ क्रूरता भरा बर्ताव करते हैं।

‘फिल्म को हर राजनीतिक दल के नेता को देखना चाहिए’

कई युवतियों ने कहा कि इस फिल्म में वही दिखाया गया, जो अब तक केरल में हिंदू-ईसाई युवतियों के साथ होता रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि हिंदू बेटियां और बहनें जाग चुकी हैं। लव जिहाद और धर्मांतरण को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसे पहले एक और सच्चाई द काश्मीर फाईल्स को दिखाया गया था। सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर नगर थाना पुलिस किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना करने के लिए  सिनेमा हॉल के आसपास मुस्तैद है।

राम भक्तों के लिए

गॉड ऑफ क्रिकेट – सचिन तेंदुलकर

वो पल याद हैं मुझे जब से सचिन नें संन्यास लिया तब से आज तक कोई क्रिकेट मेच नहीं देखा राम भगत नेगी किन्नौर ..आईये जानें महान खिलाड़ी क्रिकेट के भगवान सचिन पर लोगों की राय
“इंडिया में आप प्रधानमंत्री को कठघरे में खड़ा कर सकते हैं, पर सचिन पर उंगली नहीं उठा सकते”- नवजोत सिंह सिद्धधु
“मैंने भगवान को देखा है, वह नंबर 4 भारत के लिए खेलता है”- मैथ्यू हेडन
“जब सचिन अच्छी बल्लेबाजी करते हैं तो भारत अच्छी तरह से सोता है”- हर्षा भोगले
“मैंने जब सचिन को टेलीविजन पर बैटिंग करते हुए देखा, उनकी तकनीक से अचंभित हो गया। अपनी पत्नी को बुलाकर मैंने कहा की खुद की बल्लेबाजी तो मैंने देखी नहीं, लेकिन ऐसा लगता है मै भी इसी अंदाज से खेलता था। मेरी पत्नी टेलीविजन में देखकर बोलीं कि हां आप दोनों के खेलना का तरीका बिलकुल एक सा है”- सर डोनाल्ड ब्रेडमैन
“अगर हम भारत में किसी हवाई जहाज पर सफर कर रहे हैं और सचिन साथ बैठे हैं तो हमारे साथ कोई बुरा हादसा नहीं हो सकता”- हाशिम आमला
“सचिन के बढ़िया फॉर्म की अवधि हमारे कुछ खिलाड़ियों की उम्र से भी ज्यादा है”- डेनियल विटोरी
“सचिन तेंदुलकर ने 21 साल तक देश का भार उठाया है, यह समय है कि हम उन्हें अपने कंधे पर उठाएं”- विराट कोहली (2011 विश्व कप जीतने के बाद)
“मुझे गैरी कर्स्टन को याद दिलाना पड़ता था कि वो सचिन के खिलाफ कवर्स पर फील्डिंग करने के लिए खड़े हैं, ताली बजाने के लिए नहीं”- हैंसी क्रोनिए
“दुनिया में दो किस्म के बल्लेबाज हैं, पहला सचिन तेंदुलकर, दूसरा बाकी सब”- एंडी फ्लावर
“हम भारत नाम की एक टीम से नहीं हारे, हम सचिन नाम के एक आदमी से हार गए”- मार्क टेलर
“सचिन तेंदुलकर ने 1998 में शरजाह में शेन वॉर्न की गेंदों की ऐसी पिटाई की थी कि सचिन उनके सपने में नजर आने लगे थे और यह बात उन्होंने खुद बताई थी। उन्होंने कहा था कि ऐसा लगता है कि वह (सचिन) उनके सपने में भी छक्के लगा रहे हैं।”
“मैंने सचिन की बल्लेबाजी को देखने के लिए कई बार अपनी शूटिंग लेट की है”- अमिताभ बच्चन
“हमारे पास चैंपियन हैं, हमारे पास लैजेंड्स हैं, लेकिन हमारे पास कभी और कोई सचिन तेंदुलकर नहीं था और ना ही होगा”- टाइम पत्रिका
“अगर मेरे ग्रांड चिल्ड्रन ये याद नहीं रखेंगे कि मैंने एक दिवसीय और टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन बनाए हैं, तो वे निश्चित रूप से इस तथ्य को याद रखेंगे कि मैं सचिन तेंदुलकर के साथ खेला हूं”- राहुल द्रविड़
“सचिन को आउट कर आप आधी लड़ाई जीत जाते हैं”- अर्जुन रणतुंगा
“जब सचिन क्रीज पर होते तो मैं कभी थका महसूस नहीं करता”- अंपायर रूडी कर्टजन
“ऐसे खिलाड़ी से हारने में कोई शर्म नहीं है”- स्टीव वॉ
“मैं कहूंगा कि वह 99.5 प्रतिशत सही है”- विवियन रिचर्ड्स
“सचिन वो एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिसे देखने के लिए मैं टिकट का भुगतान करके देखना चाहता हूं”- ब्रायन लारा
“कभी कोई दूसरा सचिन तेंदुलकर नहीं होगा”- मुथैया मुरलीधरन
“मैं भाग्यशाली हूं कि सचिन को मुझे केवल नेट पर ही गेंदबाजी करनी है”- अनिल कुंबले
“शिमला से दिल्ली तक ट्रेन में सफर के दौरान एक हॉल्ट था। ट्रेन सामान्य रूप से कुछ मिनटों तक रुक गई। सचिन सेंचुरी के करीब थे। वो 98 पर बल्लेबाजी कर रहे थे। यात्री, रेलवे अधिकारी हर कोई सचिन के शतक पूरा करने का इंतजार कर रहे थे। यह प्रतिभा भारत में समय रोक सकता है”- पीटर रोबक (पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर)
“अपने सभी अपराधों को स्वीकार कर लीजिए, जब सचिन बल्लेबाजी करते हों. यहां तक कि किसी का भी ध्यान नहीं दिया जाएगा, क्योंकि भगवान भी उसे देख रहे होंगे”- एससीजी पर एक प्लेकार्ड
“क्रिकेट के लिए तेंदुलकर वो हैं, जो बास्केटबॉल के लिए माइकल जॉर्डन है और बॉक्सिंग के लिए मुहम्मद अली हैं”- ब्रायन लारा
“सचिन जैसे क्रिकेटर जीवनभर में एक बार आते हैं, और मुझे विशेषाधिकार प्राप्त हुआ कि वे मेरे समय में खेले”- वसीम अकरम
साभार
: हिंदी साहित्य दर्पण।

राम भक्तों के लिए

jharkhand Weekly ने 3 मई की खबर में ‘छविरंजन की शामत आनेवाली है’ लिखा था, आखिर आ गई शामत…!

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रांची : लैंड स्कैम मामले में ईडी ने अंतत: गुरुवार को 11 घंटे की पूछताछ के बाद भ्रष्ट आईएएस अफसर छवि रंजन को गिरफ्तार कर लिया. इस संबंध में Jharkhand Weekly ने 3 मई को लैंड स्कैम के फर्जीवाड़े में फंसे छविरंजन को लेकर विस्तार से खबर प्रकाशित की थी. सूत्र बताते हैं कि हेहल अंचल के बजरा मौजा की 7.16 एकड़ जमीन के मामले में भी ईडी ने उनसे पूछताछ की है. लेकिन लैंड स्कैम मामले में छविरंजन के जवाब से संतुष्ट नहीं होने के बाद ही उन्हें गिरफ्तार किया गया है. Jharkhand Weekly ने अपनी खबर में कल कहा था कि छविरंजन की शामत आनेवाली है.

पिछले साल मई माह में ही पूजा सिंघल की गिरफ्तारी हुई थी

इस मामले में दिलचस्प बात ये रही कि पिछले साल के मई माह में ही आईएएस पूजा सिंघल की गिरफ्तारी हुई थी, फिर मई माह में ही दूसरे आईएएस छविरंजन लैंड स्कैम के फर्जीवाड़े में गिरफ्तार हुए हैं. ऐसा संयोग शायद झारखंड में ही संभव है. अभी 8 मई तक अन्य आरोपियों से भी ईडी की पूछताछ होनी है. सूत्र बताते हैं कि अभी अन्य अधिकारी-दलाल भी ईडी के रडार पर हैं. सूत्र बताते हैं कि ऐसे लोगों में खौफ समाया हुआ है.

Jharkhand Weekly अगले अंक में भी छविरंजन के कारनामों पर फोकस करेगा.

राम भक्तों के लिए

‘द केरला स्टोरी’ फिल्म की रिलीज पर SC का इंकार, हाईकोर्ट जाने की सलाह

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नई दिल्ली : रिलीज से पूर्व ‘द केरला स्टोरी’ बॉलीवुड एक्ट्रेस अदा शर्मा और मेकर्स के लिए बुधवार को बड़ी राहत भरी खबर है। फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने वालों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दे दिया है। याचिकाकर्ता की मांग है कि ‘द केरला स्टोरी’ के डिस्क्लेमर में डाला जाए कि यह फिल्म काल्पनिक है। कोर्ट ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद और अन्य लोगों द्वारा फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग के लिए दी गई याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। इसके साथ ही याचिका को केरल हाईकोर्ट में ले जाने का निर्देश दिया है। ‘द केरला स्टोरी’ फिल्म 5 मई को रिलीज हो रही है।

फिल्म के डिस्क्लेमर में बदलाव की मांग

CJI डीवाई चंद्रचूड़ के सामने एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कल ही याचिका की तत्काल लिस्टिंग की मांग की थी। फिल्म की रिलीज को चुनौती देने वाली जमीयत उलेमा-ए-हिंद की तरफ से एडवोकेट निजाम पाशा ने याचिका मेंशन की। ग्रोवर की याचिका में फिल्म के डिस्क्लेमर में बदलाव की मांग की गई। याचिका में ये भी कहा गया है कि ये फिल्म पूरी तरह से काल्पनिक है। पाशा की याचिका में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

5 मई को रिलीज होगी फिल्म

CJI डीवाई चंद्रचूड़ के सामने एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कल ही याचिका की तत्काल लिस्टिंग की मांग की थी। फिल्म की रिलीज को चुनौती देने वाली जमीयत उलेमा-ए-हिंद की तरफ से एडवोकेट निजाम पाशा ने याचिका मेंशन की। ग्रोवर की याचिका में फिल्म के डिस्क्लेमर में बदलाव की मांग की गई। याचिका में ये भी कहा गया है कि ये फिल्म पूरी तरह से काल्पनिक है। पाशा की याचिका में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी। अब देखना है कि 5 मई को फिल्म रिलीज हो पाती है या नहीं।

राम भक्तों के लिए

Aadeez Band promoting music at Albert Ekka chowk Ranchi

Ranchi, Jharkhand – The streets of Ranchi city came alive on May 02nd , 2023, as a Aadeez Band group of street musicians performed at Albert Ekka Chauk. The band, consisting of two musicians, played a range of popular songs, drawing a large crowd of locals and visitors alike.

The performance began around 5 pm, and within minutes, a large audience had gathered around the band. The musicians, who played guitar played a variety of popular songs, including Bollywood hits and classic rock songs.

The band’s energy and enthusiasm were infectious, and soon the crowd was clapping and singing along with the music. Many people stopped to take photos and videos of the performance, and several passers-by even joined in the dancing.

The band, which calls itself ” Aadeez Band,” is a group of local musicians who have been performing on the streets of Ranchi for the past few days . According to the band members, their goal is to bring music to the streets and make it accessible to everyone.

“We believe that music should be for everyone, and not just for those who can afford to go to concerts or buy expensive tickets,” said Ajay, one of the band members. “We want to make music a part of everyday life and bring joy to people’s lives.”

The band’s performance at Albert Ekka Chauk was one of their most successful yet, and they received a warm response from the crowd. Many people were impressed with the band’s talent and energy, and some even tipped them for their performance.

“We loved the music and the energy of the band,” said Ravi, a local resident. “It’s great to see such talented musicians performing on the streets of Ranchi.”

The band’s performance was also a hit on social media, with several videos of the performance going viral on platforms like TikTok and Instagram. Many people praised the band’s talent and urged others to support street musicians in their communities.

The band’s success has inspired other musicians in Ranchi to take to the streets and share their music with the community. Several other street musicians have been spotted in different parts of the city, playing everything from classical Indian music to contemporary pop hits.

The performance by Aadeez Band at Albert Ekka Chauk is a testament to the power of music to bring people together and create a sense of community. It is also a reminder that talent can be found in unexpected places, and that sometimes the most memorable experiences can be found on the streets.

As the band packed up their instruments and prepared to leave, they were greeted with loud cheers and applause from the crowd. It was clear that their performance had made a lasting impression on those who had witnessed it, and that the music of Aadeez Band would continue to be a source of joy and inspiration for many in Ranchi city.

You Can Reach our Aadeez Band @ +91-7903978878 for Bookings
Insta – atif2862


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राम भक्तों के लिए

दिन दहाड़े रांची में बाइक लूट, CCTV में कैद हुआ घटना

रांची, झारखंड – दिनदहाड़े बाइक लूटे जाने के बाद रांची शहर निवासी एक व्यक्ति सदमे में है. यह घटना 27 अप्रैल, 2023 को शाम करीब 4:00 बजे हुई और कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में एक होंडा शाइन बाइक पर दो लोगों को मास्टर-चाबी जैसी किसी चीज से ताला तोड़ते हुए और उसके साथ एक सड़क पर भागते हुए देखा जा सकता है, जहां बाइक का मालिक बाइक के पीछे भाग रहा था, जबकि चोर उसके साथ भाग रहा था। बाइक सड़क के गलत साइड में थी, वह भाग्यशाली था कि वह पकड़ा नहीं गया क्योंकि यह सिर्फ 2 सेकंड की बात थी।

घटना के तुरंत बाद बाइक के मालिक आशीष कुमार ने घटना की सूचना पुलिस को दी. श्री आशीष के अनुसार उन्होंने शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र (पुरुलिया रोड) में लाइब्रेरी के बाहर अपनी बाइक खड़ी की थी और बमुश्किल 2 मिनट के लिए अपने एक दोस्त से मिलने अंदर गए थे, बाहर निकलते समय उन्होंने बाइक पर किसी को देखा, उन्होंने तुरंत इस दृश्य को भांप लिया और उसका पीछा करना शुरू कर दिया, क्योंकि वह एक लैपटॉप ले जा रहा था और उसका हेलमेट लगा हुआ था, चोर बाइक लेकर भाग गया।

इस घटना ने शहर में वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, कई निवासियों ने बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं पर निराशा और गुस्सा व्यक्त किया है। श्री आशीष, जो रांची स्थित एक स्टार्टअप 366pi प्रौद्योगिकियों के कर्मचारी हैं, कहते हैं कि उनकी बाइक के खो जाने से कार्यस्थल पर आने-जाने की उनकी क्षमता पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और फिलहाल मामले की जांच कर रही है। उन्होंने जनता से घटना के बारे में किसी भी जानकारी के साथ आगे आने की भी अपील की है। पुलिस ने निवासियों को यह भी आश्वासन दिया है कि वे शहर में वाहनों की सुरक्षा में सुधार के लिए कदम उठा रहे हैं, जिसमें गश्त बढ़ाना और प्रमुख क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है, पुलिस के अनुसार वर्तमान में उनके लिए चोर को ट्रैक करना मुश्किल है क्योंकि कैमरे घटना के वक्त ट्रैफिक सिग्नल में लगे सिग्नल काम नहीं कर रहे थे।

घटना के बारे में बोलते हुए, एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा, “हम चोरी की घटनाओं को बहुत गंभीरता से लेते हैं, और हम दोषियों को न्याय दिलाने के लिए अपनी शक्ति में सब कुछ कर रहे हैं। हम निवासियों से सतर्क रहने और पुलिस को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने का आग्रह करते हैं।”

इस घटना ने शहर में बेहतर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता के बारे में भी चर्चा की है, कई निवासियों ने अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने और पुलिस गश्त बढ़ाने के लिए कहा है। कुछ ने बाइक चोरों को इस तरह के अपराध करने से रोकने के लिए कड़ी सजा का भी आह्वान किया है।

श्री आशीष की बाइक की चोरी हाल के महीनों में रांची शहर में वाहन चोरी की कई घटनाओं में से एक है। निवासी अपने वाहनों की सुरक्षा के बारे में चिंतित हैं, खासकर व्यस्त बाजार क्षेत्रों में, जहां बाइक चोरी आम हैं।

इस घटना ने बाइक चोरी को रोकने के लिए सावधानी बरतने के महत्व पर भी प्रकाश डाला है। पुलिस ने निवासियों को मजबूत तालों का उपयोग करने और सीसीटीवी कैमरों के साथ अच्छी तरह से रोशनी वाले क्षेत्रों में अपनी बाइक पार्क करने की सलाह दी है। उन्होंने निवासियों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का भी आग्रह किया है।

जैसा कि श्री आशीष की बाइक की चोरी की जांच जारी है, निवासियों को पुलिस द्वारा दोषियों को पकड़ने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है। इस घटना ने कई निवासियों को अपने वाहनों की सुरक्षा के बारे में असुरक्षित और चिंतित महसूस किया है, और वे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और अधिक कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
साथ ही इन लोगों के दुस्साहस पर भी लगाम लगनी चाहिए, इन्हें पकड़े जाने की भी परवाह नहीं है, क्योंकि इन्होंने बिल्डिंग के सीसीटीवी और ट्रैफिक सिग्नलों की मौजूदगी को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया.
शहर में आम हो चुकी चेन स्नेचिंग, बाइक और कार चोरी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जांच के प्रभावी अभियान की मांग करना एक गंभीर मामला है।

CCTV मे अगर आप चोरो को पहचान पाये तो पुलिस को सूचित करें आपका नाम गुप्त रखा जाएगा

Ranchi – Bike robbery in broad daylight, incident captured in CCTV camera

Ranchi, Jharkhand – A resident of Ranchi city was left distraught after his bike was looted in broad daylight. The incident occurred on April 27th, 2023, at around 4;00 pm and was caught on camera. The footage shows two people coming on a Honda Shine bike with, breaking the lock with something like a master-key, and riding away with it on a street chase where the owner of the bike was running behind the bike while the thief was running with the bike in the wrong side of the road, he got lucky that he was not caught as it was just a matter of 2 seconds.

The owner of the bike, identified as Ashish Kumar, reported the incident to the police immediately after the incident. According to Mr.Ashish, he had parked his bike outside the library in the busy market area of the city (Purulia road) and went inside to meet a friend for barely 2 minutes, while coming out he noticed someone on the bike, he immediately sensed the scene and started chasing him, because he was carrying a laptop and had his helmet on, the thief got away with the bike.

The incident has raised concerns about the safety of vehicles in the city, with many residents expressing their frustration and anger over the rising incidents of bike thefts. Mr. Ashish, who is an employee of a Ranchi based startup 366pi technologies, says that the loss of his bike has severely impacted his ability to commute to his workplace.

The police have registered a case of theft and are currently investigating the matter. They have also appealed to the public to come forward with any information about the incident. The police have also assured residents that they are taking steps to improve the safety of vehicles in the city, including increased patrolling and the installation of CCTV cameras in key areas, as per police currently it is difficult for them to track the thief because the cameras installed in traffic signals were not functional when the incident occurred.

Speaking about the incident, a police spokesperson said, “We take incidents of theft very seriously, and we are doing everything in our power to bring the culprits to justice. We urge residents to be vigilant and report any suspicious activity to the police.”

The incident has also prompted discussions about the need for better security measures in the city, with many residents calling for more CCTV cameras and increased police patrolling. Some have also called for stricter punishments for bike thieves to deter them from committing such crimes.

The theft of Mr. Ashish’s bike is just one of many incidents of vehicle theft that have been reported in Ranchi city in recent months. Residents are increasingly worried about the safety of their vehicles, especially in busy market areas, where bike thefts are common.

The incident has also highlighted the importance of taking precautions to prevent bike thefts. The police have advised residents to use sturdy locks and park their bikes in well-lit areas with CCTV cameras. They have also urged residents to be cautious and report any suspicious activity to the police immediately.

As the investigation into the theft of Mr. Ashish’s bike continues, residents are hoping for swift action by the police to apprehend the culprits and bring them to justice. The incident has left many residents feeling vulnerable and concerned about the safety of their vehicles, and they are calling for more action to be taken to prevent such incidents from happening in the future.
Also the audacity of these people should be tamed, they are not even bothered about getting caught, as they completely ignored the presence of CCTV of the building and traffic signals.
It is a serious matter begging for an effective drive of investigation to prevent such events like chain snatching, bike and car theft which has become prevalent in the city.

If you can recognize these thieves in CCTV then Please inform the police your name will be kept secret

राम भक्तों के लिए

श्रमिक दिवस या मई डे – मजदूरों के नाम समर्पित यह दिन 1 मई

1 मई को भारत सहित दुनिया भर के कई देशों में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस या मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह श्रमिकों के योगदान का सम्मान करने और श्रमिक आंदोलन की उपलब्धियों का जश्न मनाने का दिन है।

मजदूर दिवस का इतिहास 19वीं सदी के अंत से शुरू होता है जब संयुक्त राज्य अमेरिका में श्रमिक संघों ने काम करने की बेहतर स्थिति और श्रमिकों के लिए उच्च वेतन की मांग शुरू कर दी थी। 1886 में, श्रमिक संघों ने आठ घंटे के कार्य दिवस की मांग के लिए राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया, जिसके कारण शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में पुलिस के साथ हिंसक टकराव हुआ। इस घटना के कारण पुलिस अधिकारियों सहित कई लोगों की मौत हो गई और इसे हेमार्केट नरसंहार के रूप में जाना जाने लगा।

1889 में, अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन ने हेमार्केट नरसंहार को मनाने और दुनिया भर के श्रमिकों के योगदान का सम्मान करने के लिए 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में घोषित किया। तब से, इस दिन को कई देशों में सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है।

भारत में, मजदूर दिवस को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है, और श्रमिकों और देश की अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। श्रमिक संघों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने श्रमिकों के सामने आने वाले मुद्दों पर चर्चा करने और उनके अधिकारों की वकालत करने के लिए रैलियों, मार्चों और सेमिनारों का आयोजन किया।

भारत में मजदूर दिवस समारोह का विषय अक्सर श्रमिकों के संघर्ष के इर्द-गिर्द केंद्रित होता है, खासकर असंगठित क्षेत्र के उन लोगों के संघर्षों के इर्द-गिर्द जो अक्सर शोषित होते हैं और बुनियादी अधिकारों से वंचित रहते हैं। न्यूनतम मजदूरी, कार्यस्थल की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गर्मागर्म बहस होती है, और श्रमिक अपनी आवाज उठाने और बदलाव की मांग करने के लिए इस दिन का उपयोग करते हैं।

भारत में श्रमिक आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक 1948 में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का पारित होना है। यह अधिनियम नियोक्ताओं को श्रमिकों को उनके काम के लिए न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने के लिए बाध्य करता है और यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि श्रमिकों को उनके काम के लिए उचित मुआवजा मिले। श्रम।

भारत में श्रमिकों के सामने एक और महत्वपूर्ण मुद्दा कार्यस्थल सुरक्षा है। असंगठित क्षेत्र में कई कर्मचारी खतरनाक परिस्थितियों में काम करते हैं और दुर्घटनाओं और बीमारी सहित विभिन्न जोखिमों के संपर्क में आते हैं। श्रमिक संघ और सामाजिक संगठन कार्यस्थल सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने और बेहतर कार्य परिस्थितियों की वकालत करने के लिए श्रम दिवस का उपयोग करते हैं।

इन गंभीर मुद्दों के अलावा, मजदूर दिवस श्रमिकों की उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान का जश्न मनाने का भी दिन है। हमारे शहरों का निर्माण करने वाले निर्माण श्रमिकों से लेकर हमारे भोजन उगाने वाले किसानों तक, प्रत्येक श्रमिक देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह उनके योगदान को स्वीकार करने और उनका सम्मान करने और समाज में उनके महत्व को पहचानने का दिन है।

अंत में, मजदूर दिवस दुनिया भर के श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, और भारत कोई अपवाद नहीं है। यह श्रमिकों के संघर्ष और श्रमिक आंदोलन की उपलब्धियों पर विचार करने का दिन है। यह श्रमिकों के सामने आने वाले मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उनके अधिकारों की वकालत करने का भी एक अवसर है। जैसा कि हम मजदूर दिवस मनाते हैं, आइए हम श्रमिकों के योगदान को याद करें और एक ऐसा समाज बनाने की दिशा में प्रयास करें जो उनके काम को महत्व देता है और उनका सम्मान करता है।

राम भक्तों के लिए

ज़िंदगी मे मौका मिले तो थायलैंड एक बार जरूर जाये

थाईलैंड दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित एक खूबसूरत देश है, जो अपने हरे-भरे उष्णकटिबंधीय परिदृश्य, दोस्ताना लोगों और स्वादिष्ट भोजन के लिए जाना जाता है। यह कई भारतीय यात्रियों सहित दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है। बैंकॉक की हलचल भरी सड़कों से लेकर फुकेत के शांत समुद्र तटों तक, थाईलैंड में सभी के लिए कुछ न कुछ है।

इस लेख में, हम कुछ शीर्ष आकर्षणों और गतिविधियों का पता लगाएंगे जिनका आनंद भारतीय पर्यटक अपनी थाईलैंड यात्रा के दौरान ले सकते हैं।

बैंकाक

बैंकॉक, थाईलैंड की राजधानी, एक जीवंत और रोमांचक महानगर है जो थाईलैंड की यात्रा करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए अवश्य जाना चाहिए। अपने हलचल भरे बाजारों, विश्व प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड और विस्मयकारी मंदिरों के लिए जाना जाने वाला, बैंकॉक एक ऐसा शहर है जो कभी नहीं सोता है।

बैंकॉक के शीर्ष आकर्षणों में से एक ग्रैंड पैलेस है। यह विशाल महल परिसर थाईलैंड के राजा का आधिकारिक निवास है और इसमें कई अलंकृत इमारतें, उद्यान और मंडप हैं। परिसर में सबसे प्रसिद्ध इमारत पन्ना बुद्ध का मंदिर है, जिसमें पन्ना से बनी बुद्ध की एक छोटी लेकिन अत्यंत पवित्र मूर्ति है। आगंतुक कई इमारतों और मंडपों का पता लगा सकते हैं और जटिल थाई वास्तुकला और डिजाइन पर आश्चर्यचकित हो सकते हैं।

बैंकॉक में एक और दर्शनीय मंदिर वाट फो है। यह मंदिर परिसर विशाल लेटी हुई बुद्ध प्रतिमा का घर है, जो 46 मीटर से अधिक लंबी है और सोने की पत्ती से ढकी हुई है। आगंतुक कई अन्य अलंकृत इमारतों और उद्यानों को भी देख सकते हैं।

शॉपिंग करने के शौकीन लोगों के लिए बैंकॉक किसी जन्नत से कम नहीं है। यह शहर कई बाज़ारों और शॉपिंग मॉल का घर है, जहाँ आगंतुक पारंपरिक थाई हस्तशिल्प से लेकर डिज़ाइनर कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक्स तक सब कुछ पा सकते हैं। बैंकाक के कुछ शीर्ष खरीदारी स्थलों में चाटुचक वीकेंड मार्केट, एमबीके सेंटर और सियाम पैरागॉन मॉल शामिल हैं।

यदि आप पारंपरिक थाई शिल्प और कलाओं के बारे में अधिक जानने में रुचि रखते हैं, तो चियांग माई में बान तवई गांव अवश्य जाना चाहिए। यह गांव कई कुशल कारीगरों का घर है, जो सुंदर लकड़ी की नक्काशी, मिट्टी के बर्तन और अन्य हस्तशिल्प बनाते हैं। आगंतुक कारीगरों को काम पर देख सकते हैं और घर ले जाने के लिए अद्वितीय स्मृति चिन्ह खरीद सकते हैं।

फुकेत

फुकेत थाईलैंड के दक्षिण में स्थित एक द्वीप है, जो अपने आश्चर्यजनक समुद्र तटों और क्रिस्टल-क्लियर वाटर के लिए जाना जाता है। यह उन लोगों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है जो एक सुंदर उष्णकटिबंधीय सेटिंग में आराम और आराम करना चाहते हैं।

पटोंग बीच द्वीप पर सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक है, इसकी जीवंत नाइटलाइफ़ और जल क्रीड़ा गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला है। आगंतुक पैरासेलिंग, जेट स्कीइंग और स्नॉर्कलिंग जैसी गतिविधियों में अपना हाथ आजमा सकते हैं।

राम भक्तों के लिए
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