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Monday, July 6, 2026
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गोमिया के नेहरू हाई स्कूल मैदान को मिलेगा स्टेडियम का स्वरूप, खेल प्रतिभाओं को मिलेगी नई पहचान

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News – Kahkashan Farooqi

गोमिया।
गोमिया प्रखंड अंतर्गत पलिहारी गुरुडीह पंचायत स्थित नेहरू हाई स्कूल के फुटबॉल मैदान को आधुनिक स्टेडियम के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है। इस संबंध में गोमिया विधायक सह राज्य के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने संबंधित विभाग के मंत्री को पत्र भेजकर शीघ्र अग्रेत्तर कार्रवाई का अनुरोध किया है।
इस विषय में जानकारी देते हुए विधायक प्रतिनिधि अमित पासवान ने बताया कि नेहरू हाई स्कूल के मैदान को स्टेडियम का रूप देने की मांग कई दशकों से स्थानीय ग्रामीणों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों द्वारा उठाई जाती रही है। जनभावनाओं का सम्मान करते हुए माननीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए मैदान के विकास की पहल की है, जिसे क्षेत्र के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह मैदान वर्षों से फुटबॉल सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का केंद्र रहा है। इसके अलावा यहां सरकारी व गैर-सरकारी कार्यक्रमों का भी आयोजन होता है। लेकिन अब तक बुनियादी सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता रहा है।
स्टेडियम के रूप में विकसित होने के बाद यहां खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं, सुरक्षित खेल वातावरण और दर्शकों के लिए समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। इससे न केवल स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि गोमिया क्षेत्र में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि स्टेडियम के निर्माण से गोमिया जल्द ही क्षेत्रीय खेल मानचित्र पर एक सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

राम भक्तों के लिए

बोकारो में वंचित बालिकाओं के नामांकन को लेकर विशेष अभियान

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News – Kahkashan Farooqi

14 से 28 फरवरी तक 11–15 वर्ष आयु वर्ग के लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया जारी
गोमिया__बोकारो जिला में शिक्षक पदाधिकारी सह कार्यक्रम पदाधिकारी जगरनाथ लोहरअ के निर्देशानुसार सत्र 2026–27 के लिए वंचित एवं जरूरतमंद बालिकाओं के नामांकन को लेकर सूचना जारी की गई है। इसके तहत 11 वर्ष से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं का नामांकन 14 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से किया जा रहा है।
इस नामांकन अभियान का लाभ विशेष रूप से आदिम जनजाति, सुदूरवर्ती एवं दुर्गम क्षेत्र की बालिकाओं, अत्यंत आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, एकल अभिभावक वाले परिवार, नक्सल प्रभावित क्षेत्र, पलायन करने वाले परिवार, दिव्यांग एवं ट्ट्रिपिंग प्रभावित बालिकाओं को दिया जाएगा।
जानकारी दी गई कि जिन क्षेत्रों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां अभिभावक निकटवर्ती सरकारी मध्य विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) अथवा झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में जाकर सीधे आवेदन जमा कर सकते हैं। नामांकन के लिए बालिका का आधार/यूनिक आईडी उपलब्ध होना अनिवार्य बताया गया है।
इस अवसर पर विद्यालय स्तर पर नामांकन प्रक्रिया को सफल बनाने में इकबाल अतहर वारसी, वार्डन अनिमा कुमारी एवं अनीता कुमारी की सक्रिय उपस्थिति रही। अधिकारियों ने अपील की कि अधिक से अधिक पात्र बालिकाओं तक इस सूचना को पहुंचाया जाए, ताकि कोई भी बालिका शिक्षा के अवसर से वंचित न रह जाए।
उद्देश्य स्पष्ट है—शिक्षा के माध्यम से वंचित वर्ग की बालिकाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना।

राम भक्तों के लिए

आठवीं बोर्ड परीक्षा 2026: गुमला जिले से 17,254 विद्यार्थी होंगे शामिल

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न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 

बालकों की तुलना में बालिकाओं की अधिक भागीदारी, जिले में बढ़ती शैक्षणिक जागरूकता का सकारात्मक संकेत

गुमला : – गुमला झारखंड शिक्षा परियोजना, द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार आगामी 2 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली झारखंड अधिविद्य परिषद की कक्षा 8वीं बोर्ड परीक्षा में गुमला जिले से कुल 17,254 विद्यार्थी सम्मिलित होंगे। इनमें 8,961 बालिकाएँ (51.94%) एवं 8,293 बालक (48.06%) शामिल हैं। आठवीं बोर्ड परीक्षा में बालिकाओं की भागीदारी बालकों की तुलना में अधिक है, जो जिले में बढ़ती शैक्षणिक जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।

जिले में कुल 5,43 विद्यालयों में कक्षा 8 संचालित हो रही है, जिनमें 403 सरकारी, 46 अल्पसंख्यक तथा 94 अन्य श्रेणी के विद्यालय शामिल हैं।

प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार गुमला प्रखंड से सर्वाधिक 3,505 विद्यार्थी परीक्षा में भाग लेंगे। इसके बाद सिसई से 2,370, घाघरा से 1,915, भरनो से 1,444 तथा बसिया से 1,581 विद्यार्थी शामिल होंगे। अन्य प्रखंडों में रायडीह से 1,246, चैनपुर से 1,109, पालकोट से 1,020, कामडारा से 912, विशुनपुर से 1,163, डुमरी से 650 तथा अल्बर्ट एक्का (जारी) प्रखंड से 339 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे।

उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के नेतृत्व में शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षा की तैयारी को लेकर सभी विद्यालयों में विशेष अभ्यास, मॉडल प्रश्न पत्रों का वितरण तथा विषयवार पुनरावृत्ति सत्र संचालित किए जा रहे हैं। सभी विद्यालय प्रधानों, शिक्षकों एवं सीआरपी बीआरपी को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी की शत-प्रतिशत उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि इस वर्ष जिले का परिणाम राज्य स्तर पर बेहतर हो सके।

जिला प्रशासन द्वारा विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के साथ आठवीं बोर्ड के परीक्षार्थियों को प्रेरित एवं उत्साहित करने के निर्देश के साथ साथ अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को नियमित अध्ययन एवं परीक्षा में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करें, जिससे गुमला जिला उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर सके।

राम भक्तों के लिए

खोरा स्थित कंचन राइस मिल का निरीक्षण, कई आवश्यक निर्देश जारी

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न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी द्वारा गुमला के खोरा स्थित कंचन राइस मिल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मिल परिसर की साफ-सफाई, उत्पादन प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था एवं अभिलेखों की गहन जांच की गई।

निरीक्षण क्रम में मिल में उपयोग किए जा रहे पानी की पेयजल की गुणवत्ता जांच की गई तथा नियमित जल परीक्षण कराने का निर्देश दिया गया। फोर्टीफाइड चावल एवं उसना चावल से संबंधित गुणवत्ता रिपोर्ट का अवलोकन किया गया और आवश्यक अभिलेख अद्यतन रखने को कहा गया। कर्मियों के मेडिकल फिटनेस की जांच करते हुए सभी कर्मचारियों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही मिल परिसर में नियमित कीट प्रबंधन व्यवस्था बनाए रखने तथा पैकेज्ड चावल पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, बैच नंबर, पैकिंग तिथि, शुद्ध वजन एवं अन्य अनिवार्य विवरण अंकित करने के निर्देश दिए गए। भंडारण कक्ष में नमी नियंत्रण एवं स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

इसके अतिरिक्त खोरा क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र के अन्य किराना एवं खाद्यान्न दुकानों में भी जांच अभियान चलाया गया। दुकानों में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण, एक्सपायरी तिथि, लाइसेंस एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का पालन करने तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही किसी भी तरह का एक्सपायर फूड प्रोडक्ट की खरीद बिक्री नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई |

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने कहा कि मानकों की अनदेखी पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

राम भक्तों के लिए

लोकतंत्र की मजबूती के लिए आगे आएं, 23 फरवरी को अवश्य करें मतदान : उपायुक्त

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न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों की सक्रिय सहभागिता में निहित है। आपका एक मत आपके नगर के विकास, पारदर्शी प्रशासन और सशक्त स्थानीय स्वशासन की दिशा निर्धारित करता है।_

_उन्होंने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे 23 फरवरी को प्रातः 7 बजे से सायं 5 बजे के बीच अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुँचकर निर्भीक एवं निष्पक्ष वातावरण में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।_

_उपायुक्त ने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं से लोकतांत्रिक उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकाधिक मतदान ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।_

राम भक्तों के लिए

नगर निकाय चुनाव की तैयारी को लेकर उपायुक्त ने मटेरियल सेल का किया निरीक्षण

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न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला मुख्यालय में आगामी नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने आज समाहरणालय परिसर स्थित मटेरियल सेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चुनाव से संबंधित सामग्री की उपलब्धता, संधारण, पैकेजिंग एवं वितरण की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों से मतदान दलों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्रियों जैसे बैलेट यूनिट से संबंधित सहायक सामग्री, सील, टैग, प्रपत्र, स्टेशनरी एवं अन्य आवश्यक चुनावी सामग्री के रख-रखाव एवं सूचीकरण की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सामग्रियों का भौतिक सत्यापन करते हुए चेकलिस्ट के अनुरूप पैकेटवार तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदान तिथि के पूर्व किसी प्रकार की कमी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मटेरियल डिस्पैच की प्रक्रिया सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध होनी चाहिए। प्रत्येक मतदान दल को सामग्री वितरण के समय हस्ताक्षरयुक्त प्राप्ति रसीद सुनिश्चित की जाए तथा रिकॉर्ड संधारण व्यवस्थित रूप से किया जाए।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सामग्री भंडारण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए तथा अग्नि सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, वितरण दिवस के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण करने को कहा गया।
उपायुक्त ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की सफलता सूक्ष्म स्तर की तैयारी पर निर्भर करती है, इसलिए प्रत्येक चरण में सतर्कता एवं समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्वाचन कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का निर्देश दिया।

इस दौरान मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त गुमला दिलेश्वर महतो, अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, DCLR गुमला राजीव कुमार सहित अन्य सम्बंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहें।

राम भक्तों के लिए

जन शिकायत कोषांग की समीक्षा बैठक सम्पन्न, एक सप्ताह में सभी लंबित आवेदनों के निष्पादन का निर्देश

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न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जन शिकायत कोषांग अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की वर्तमान स्थिति तथा लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए निष्पादन की गति को तेज करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के क्रम में बताया गया कि विभिन्न विभागों एवं अंचलों के कुल 1711 आवेदनों में से अब तक 784 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है तथा 3,21 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। शेष 6,06 लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन को सुनिश्चित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपने-अपने लंबित आवेदनों का निष्पादन एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने Google Sheet में प्रत्येक आवेदन की अद्यतन स्थिति उचित टिप्पणी के साथ अंकित करें। साथ ही निष्पादन से संबंधित आधिकारिक पत्र, जो निस्तारण का प्रमाण हो, उसे अपलोड कर उसका लिंक Remarks Link सेक्शन में अनिवार्य रूप से अद्यतन करें, ताकि पारदर्शिता एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन शाखा, अंचल कार्यालय, प्रखंड विकास पदाधिकारी, खेल विभाग तथा अग्रणी जिला प्रबंधक को विशेष रूप से निर्देश दिया गया कि वे अपनी प्रविष्टियों को नियमित एवं शुद्ध रूप से अद्यतन रखें तथा लंबित मामलों के निष्पादन में तत्परता बरतें।
सभी संबंधित पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे निर्देशों का त्वरित अनुपालन सुनिश्चित करें। यदि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियात्मक समस्या उत्पन्न होती है तो तत्काल संबंधित पदाधिकारी से संपर्क कर समाधान प्राप्त करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें।

राम भक्तों के लिए

चंदाली स्थित ईवीएम वेयरहाउस हाउस का उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित द्वारा किया गया निरीक्षण

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न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय चंदाली स्थित ईवीएम वेयरहाउस हाउस का निरीक्षण जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के द्वारा ईवीएम वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित आवश्यक पहलुओं, सीसीटीवी व अन्य उपकरणों की स्थिति और रख रखाव आदि की जांच की गई। उन्होंने संपूर्ण परिसर का भ्रमण कर जायजा लिया तथा विद्युत व्यवस्था, बैलट यूनिट हॉल, अग्निशमन व्यवस्था, कमरों के सीलिंग, डबल लॉक की स्थिति एवं निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य मानदंडों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी,विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं निर्वाचन कार्यालय के कर्मीगण मौजूद थे।

राम भक्तों के लिए

सरयू राय ने दामोदर नदी के आसपास हो रहे अवैध कोयले के उत्खनन पर धनबाद-बोकारो जिला प्रशासन पर उठाए सवाल

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सरयू राय के आरोप- दामोदर नदी के आसपास मोहाना बनाकर, पोकलेन से खनन और ट्रक से परिवहन कोयले का हो रहा है अवैध उत्खनन, जिला प्रशासन को है सारी गतिविधियों की जानकारी. इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं 

रांची : जदयू के विधायक सरयू राय लगातार दामोदर नदी के संरक्षण के लिए हमेशा तत्पर रहे हैं. लंबे समय से झारखंड की लाइफलाइन दामोदर नदी पर कई कारखानों के निर्माण के बाद से ही इसका पानी प्रदूषित हो चुका है. इस मामले में सरयू राय ने बीएसएल और सीसीएल-बीसीसीएल के प्रबंधनों से कई बार बातचीत कर इसका मुकम्मल इंतजाम करने का आग्रह किया है. लेकिन अभी तक इसका कोई ठोस हल नहीं निकल सका है. इस मामले में एक बार फिर सरयू राय ने विधानसभा के बजट सत्र में धनबाद-बोकारो के जिला प्रशासन पर कार्रवाई की मांग करने का मन बनाया है. इससे अधिकारियों में हड़कंप है. 

धनबाद में कोयला माफिया द्वारा किया जा रहा अवैध खनन पराकाष्ठा पर पहुंच गया है. ये लोग अब दामोदर नद के पेट से मुहाना बनाकर कोयले का अवैध खनन करने लगे हैं. विधायक सरयू राय ने कहा है कि आश्चर्य इस बात की है कि इसकी पूरी जानकारी धनबाद ज़िला प्रशासन और जिला पुलिस प्रशासन को भी है. वस्तुतः यह अवैध काम ज़िला प्रशासन और जिला पुलिस के संरक्षण में हो रहा है. इस अवैध गतिविधि के कारण दामोदर नद पर भी ख़तरा पैदा हो गया है. इससे दामोदर का अतिक्रमण और प्रदूषण हो रहा हैं. विधायक ने इस मामले को विधानसभा सत्र में उठाने का निर्णय किया है.

एक पर्यावरण कार्यकर्ता ने सरयू राय को अवैध खनन की गतिविधियों की कुछ तस्वीरें भेजी हैं

श्री राय ने कहा कि धनबाद और बोकारो जिला की सीमा पर स्थित बारनी घाट के सामने अवैध खननकर्ताओं ने दामोदर नद के किनारा से मोहाना बना लिया है. एक से अधिक मोहानी इन्होंने बनाया है. पोकलेन लगाकर ये अवैध खनन कर रहे हैं, उत्खनित कोयला बोरियों में भरकर जमा करते हैं, फिर ट्रक से ढोते हैं.

अवैध कोयला खनन से दामोदर पर भी प्रदूषण और अतिक्रमण का ख़तरा बढ़ा

जागरूक पर्यावरण कार्यकर्ता ने धनबाद के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक को इसकी जानकारी दी है. कतिपय पत्रकारों ने भी उपायुक्त, धनबाद को इससे अवगत कराया है, परन्तु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

यह एक गंभीर मामला है. न केवल अवैध कोयला खनन बल्कि दामोदर पर भी प्रदूषण और अतिक्रमण का ख़तरा पैदा हो रहा है. विधायक ने सरकार से दोषी पदाधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

राम भक्तों के लिए

गोमिया में माइक्रोफाइनेंस का ‘कर्ज आतंक’

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया।
गोमिया प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों ने कर्ज के नाम पर खुला आतंक मचा रखा है। गरीबी, बेरोज़गारी और मजबूरी का फायदा उठाकर ये कंपनियां सीधी-साधी ग्रामीण महिलाओं को अपने मकरजाल में फंसा रही हैं, जहां से निकलना लगभग नामुमकिन हो चुका है।
परिवार की दो वक्त की रोटी और आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद में महिलाएं कर्ज लेती हैं। कोई छोटी दुकान खोलती है, कोई ठेला लगाती है, तो कोई घरेलू उद्योग शुरू करती है। लेकिन कारोबार ज़रा सा भी डगमगाया नहीं कि कर्ज की किस्तें गले की फांस बन जाती हैं। इसके बाद शुरू होता है माइक्रोफाइनेंस कंपनियों का असली चेहरा।
एक कंपनी का कर्ज चुकाने के लिए दूसरी कंपनी से कर्ज, दूसरी के लिए तीसरी से—
यही से शुरू होता है महिलाओं का कर्ज में डूबने का अंतहीन सिलसिला।
महिलाएं समझ ही नहीं पातीं कि कब वे कुछ हजार के कर्ज से लाखों के बोझ तले दबा दी गईं।
सबसे शर्मनाक स्थिति तब होती है जब लोन रिकवरी एजेंट महिलाओं के घरों में घुसकर वसूली का दबाव बनाते हैं। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि समय मांगने पर एजेंट अभद्र, अपमानजनक और डराने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं। यह सब खुलेआम हो रहा है, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
डर, बदनामी और सामाजिक दबाव के कारण महिलाएं थाना तक जाने से घबराती हैं। मजबूरी में पीड़ित महिलाओं ने अपनी फरियाद सूबे के मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो के सामने रखी। महिलाओं की दर्दभरी शिकायत सुनते ही मंत्री ने पुलिस प्रशासन को कार्रवाई का निर्देश तो दिया।
यह कोई नई समस्या नहीं है।
5–7 वर्ष पहले गोमिया के होसीर लौरैयाटांड़ की महिला पूर्णिमा देवी भी इसी कर्ज के अंधेरे में टूट चुकी थीं। कर्ज और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने कीटनाशक दवा खा ली। कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद अंततः उनकी मौत हो गई। सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी और पूर्णिमा देवी का इंतजार कर रहा है?
यह सच है कि कुछ महिलाओं ने माइक्रोफाइनेंस के कर्ज का सही उपयोग कर अपनी आमदनी बढ़ाई, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कंपनियों को महिलाओं का शोषण करने की खुली छूट दे दी जाए।
क्षेत्र के बुद्धिजीवियों का साफ कहना है कि
यदि कर्ज नहीं चुकाया जाता है तो कंपनियां कानूनी प्रक्रिया अपनाएं, नोटिस भेजें, अदालत जाएं—
रिकवरी एजेंट बनकर महिलाओं को डराना, धमकाना और अपमानित करना अपराध है।
अब बड़ा सवाल यह है कि
क्या प्रशासन माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और उनके एजेंटों पर लगाम लगाएगा?
या फिर ग्रामीण महिलाएं यूं ही कर्ज, अपमान और डर के साये में जीने को मजबूर रहेंगी?
गोमिया की महिलाएं अब रोज़गार नहीं, न्याय और सुरक्षा की मांग कर रही हैं।

राम भक्तों के लिए
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