रांची: पूर्व मंत्री एवं झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा है कि भाजपा और आरएसएस ने केवल शब्दों के मायाजाल में आदिवासियों सहित सभी लोगों को फंसा रखा है और उसने सरसों के दाने के बराबर भी आदिवासियों के हित का ध्यान नहीं रखा, न ही आदिवासियों के लिये कोई काम ही किया. श्री तिर्की ने कहा कि भाजपा की विचारधारा आदिवासियों को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है. भारत में अबतक आदिवासियों के उन्नयन और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास का ध्यान सिर्फ कांग्रेस ने ही रखा है.
केंद्र सरकार ने आदिवासियों को ठगने का काम किया
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के 85वें राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित अन्य नेताओं की उपस्थिति में अपने संबोधन में श्री तिर्की ने कहा कि कांग्रेस ने ही आदिवासियों के हित में पेसा कानून, जनजातियों के लिए उप योजना (ट्राइबल सब प्लान), वनाधिकार कानून आदि के साथ ही संविधान पांचवीं और छठी अनुसूची के प्रावधान सहित अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये. लेकिन अपने 8-9 वर्षो के शासनकाल में केंद्र सरकार ने कुछ नहीं दिया, सिर्फ लफ्फाजी की गई.
आदिवासी रेजिमेंट का गठन किया जाना चाहिये
रायपुर कांग्रेस अधिवेशन में सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रारूप समिति में शामिल श्री तिर्की ने कहा कि देश में विभिन्न जातियों और समुदायों की तरह ही आदिवासियों के नाम पर भी आदिवासी रेजिमेंट का गठन किया जाना चाहिये, क्योंकि इससे देश का विशाल जनजातीय समुदाय भावनात्मक रूप से न केवल मजबूत होगा, बल्कि इससे झारखण्ड के स्वतंत्रता सेनानियों और आजादी के बाद विभिन्न युद्ध में अपना सर्वोच्च बलिदान और योगदान करनेवाले आदिवासियों की ओर भी देश का ध्यान जायेगा और वह गौरवान्वित हो सकेगा.
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