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Sunday, March 8, 2026
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JSSC-CGL के हजारों अभ्यर्थियों ने ऑफिस के बाहर बवाल काटा, हर हाल में परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े

अभ्यर्थियों का आरोप…लाखों रुपये लेकर जेएसएससी सीजीएल की सीट बेचने का काम किया गया

रांची : 21-22 सितंबर को हुई जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर सोमवार को हजारों अभ्यर्थी जेएसएससी कार्यालय के समक्ष पहुंच कर अपना आक्रोश जाहिर किया. अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ में जमकर बवाल काटा. अभ्यर्थियों का कहना है कि हर हाल में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करना होगा. क्योंकि जेएसएससी पेपर लीक किया गया है. अभ्यर्थियों का आरोप है लाखों रुपये लेकर जेएसएससी सीजीएल की सीट बेचने का काम किया गया है. पैसे लेकर प्रश्नपत्र बांटने का काम हुआ है. अभ्यर्थी रांची के अलावा हजारीबाग,पलामू,गढ़वा,कोडरमा,धनबाद आदि जिलों से आए हुए थे. अभ्यर्थियों ने हेमंत सोरेन के खिलाफ नारे लगाए और कुछ फलेक्स थे, जिसमें हेमंत सोरेन के खिलाफ स्लोगन लिखे हुए थे. बहुत देर तक वहां हंगामा करते रहे.

नेट बंद रहने से हजारों छात्र परीक्षा से भी वंचित रह गये

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा गया कि परीक्षा अविलंब रद्द करना होगा. बिना सीबीआई जांच कराये ही जेएसएससी सीजेएल परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया. सिस्टम का पूरी तरह से उल्लंघन किया गया है. परीक्षा में दो साल का प्रश्न पत्र पूछा नहीं जाता है. इसके बाद भी इस बार की परीक्षा में वे प्रश्न पूछे गये. अभ्यर्थियों का कहना था कि 21 सितंबर की रात को ही प्रश्नपत्र लीक किया गया था. सुबह नेट बंद कर छात्रों को बेवकूफ बनाने का काम किया गया है. नेट बंद होने से हजारों छात्र परीक्षा से भी वंचित हो गये और नेट बंद होने की वजह से परीक्षा स्थल पर नहीं पहुंच पाये. झारखंड में बाहर के लोगों को नौकरी दी जा रही है. यह लड़ाई राजनीतिक लड़ाई नहीं है. परीक्षा को ऑनलाइन कराने की मांग पर अड़े हुए अभ्यर्थियों ने कहा कि हमलोगों का चार-पांच साल बर्बाद कर दिया गया, इसलिए यह चार से पांच-साल की तैयारी करनेवाले छात्रों की लड़ाई है. इसलिए सीबीआई जांच के अलावा कोई रास्ता नहीं है.


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