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Friday, April 4, 2025
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विनोबा भावे विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने राज्यपाल के साथ की महत्वपूर्ण चर्चा

हजारीबाग – विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) के स्नातकोत्तर विभागों के शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को झारखंड के माननीय राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष गंगवार से मिला। यह मुलाकात हजारीबाग सर्किट हाउस में हुई, जहां राज्यपाल रांची से राजगीर जाते समय थोड़ी देर के लिए रुके थे।

शिक्षकों ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए विश्वविद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। राज्यपाल ने शिक्षकों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कई मुद्दों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

राज्यपाल और शिक्षकों की मुलाकात का मुख्य उद्देश्य

1. विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने कुलाधिपति के सामने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक मुद्दों को रखा। इनमें शिक्षकों की समस्याएं, शोध कार्यों के लिए बेहतर सुविधाएं, और विश्वविद्यालय में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार जैसे विषय शामिल थे।

राज्यपाल ने इन बिंदुओं पर अपनी गंभीरता दिखाते हुए शिक्षकों से आवश्यक जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए।

2. राज्यपाल की सहृदयता और खुलापन
राज्यपाल श्री गंगवार ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए उन्हें बातचीत के दौरान अपने समीप बैठने का आग्रह किया। इस गर्मजोशी ने शिक्षकों को अपने विचार और समस्याएं खुलकर रखने का अवसर दिया।

चर्चा के दौरान उठाए गए प्रमुख मुद्दे

1. शोध और विकास के लिए सुविधाएं
शिक्षकों ने विश्वविद्यालय में शोध कार्यों के लिए अधिक संसाधनों और सुविधाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शोध और आधुनिक शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय को वित्तीय और तकनीकी सहायता की आवश्यकता है।

2. शिक्षकों की स्थिति में सुधार
प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों की नियुक्तियों, प्रमोशन और वेतन संबंधी मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने मांग की कि इन प्रक्रियाओं को पारदर्शी और तेज बनाया जाए ताकि शैक्षणिक माहौल को और बेहतर किया जा सके।

3. प्रशासनिक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दे
विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार की जरूरत पर भी चर्चा हुई। शिक्षकों ने सुझाव दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ाकर कागजी कार्यवाहियों को कम किया जा सकता है।

मुलाकात के दौरान उपस्थित प्रमुख लोग

इस मुलाकात में राज्यपाल के साथ कई अधिकारी मौजूद थे, जिनमें हजारीबाग की उपायुक्त श्रीमती नैंसी सहाय और आरक्षी अधीक्षक श्री अरविंद कुमार सिंह शामिल थे।

शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य:

  • डॉ. कृष्ण कुमार गुप्ता: हिंदी विभाग के अध्यक्ष सह शिक्षाशास्त्र विभाग के निदेशक।
  • डॉ. सुकल्याण मोइत्रा: राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष।
  • डॉ. सुबोध कुमार सिंह: हिंदी साहित्यकार और प्राध्यापक।

राज्यपाल का सकारात्मक दृष्टिकोण

1. शिक्षकों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनना
राज्यपाल ने शिक्षकों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन समस्याओं का समाधान शीघ्र करें। उनका यह दृष्टिकोण विश्वविद्यालय में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगाता है।

2. हजारीबाग आने का वादा
डॉ. सुबोध कुमार सिंह ने राज्यपाल से बातचीत के दौरान उन्हें पुनः हजारीबाग आने का आग्रह किया, जिसे राज्यपाल ने सहर्ष स्वीकार किया। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि दोनों पक्षों के बीच सहयोग और संवाद का एक उदाहरण थी।

भविष्य की संभावनाएं

1. विश्वविद्यालय के विकास की दिशा में कदम
शिक्षकों और राज्यपाल के बीच हुई यह बातचीत विभावि के विकास के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोल सकती है। बेहतर शोध सुविधाओं, शिक्षकों की स्थिति में सुधार, और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सुदृढ़ीकरण से छात्रों और शिक्षकों दोनों को लाभ मिलेगा।

2. शिक्षकों की सक्रिय भूमिका
इस मुलाकात ने यह भी दिखाया कि शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी विश्वविद्यालय के प्रशासन और कुलाधिपति के साथ संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

विनोबा भावे विश्वविद्यालय के शिक्षकों और राज्यपाल के बीच हुई यह मुलाकात केवल एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि यह विश्वविद्यालय की समस्याओं और उनके समाधान की दिशा में एक ठोस पहल थी। राज्यपाल की सहृदयता और शिक्षकों की स्पष्टता ने इस बातचीत को सफल और सार्थक बनाया।

यह उम्मीद की जा सकती है कि इस बैठक के बाद विश्वविद्यालय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। शिक्षकों ने यह साबित कर दिया है कि जब प्रशासन और शैक्षणिक संस्थाएं मिलकर काम करती हैं, तो समाधान संभव है।

News – Vijay Chaudhary

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