शनिवार की सुबह हजारीबाग सदर अस्पताल में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कर्मचारी अक्षय राम का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे विश्वविद्यालय परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परीक्षा विभाग से जुड़े अक्षय राम ने अपनी निष्ठा और कर्तव्य परायणता से विश्वविद्यालय में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
अक्षय राम के निधन पर विश्वविद्यालय का शोक संदेश
अक्षय राम के निधन की खबर सुनकर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुनील कुमार दुबे और परीक्षा विभाग के अन्य कर्मचारी तुरंत उनके हुडहुडू स्थित घर पहुंचे।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी:
- कुलपति प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार पोद्दार।
- वित्त परामर्शी श्री सुनील कुमार सिंह।
- कुलानुशासक प्रोफेसर डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह।
- शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार गुप्ता।
- मानव विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनोद रंजन।
इन सभी ने दिवंगत अक्षय राम के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की।
विश्वविद्यालय के प्रति अक्षय राम की सेवा: एक प्रेरणादायक उदाहरण
अक्षय राम विश्वविद्यालय की स्थापना के समय से ही परीक्षा विभाग से जुड़े हुए थे।
- कर्तव्य परायणता: उन्होंने अपने कार्यकाल में निष्ठा और समर्पण की मिसाल कायम की।
- महत्वपूर्ण भूमिका: परीक्षा विभाग में उनकी सेवाएं विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहीं।
- स्मरणीय योगदान: उनके निधन को विश्वविद्यालय ने अपूरणीय क्षति के रूप में वर्णित किया।
कुलानुशासक प्रोफेसर डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा,
“अक्षय राम का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनका समर्पण और निष्ठा हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है।”
अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
अंतिम संस्कार:
- अक्षय राम का अंतिम संस्कार क्षितिज अस्पताल के समीप श्मशान घाट में किया गया।
- परिवार और विश्वविद्यालय के कई सदस्य उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
शोक सभा का आयोजन:
- शनिवार अपराह्न 3:00 बजे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में शोक सभा आयोजित की गई।
- शोक संदेश का पाठ: कुलानुशासक ने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप शोक संदेश पढ़ा।
- दो मिनट का मौन: दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
- कार्य स्थगित: शोक स्वरूप विश्वविद्यालय के सभी कार्य स्थगित कर दिए गए।
अक्षय राम का परिवार और उनकी यादें
अक्षय राम अपने पीछे अपनी पत्नी और परिवार को छोड़ गए हैं।
- उनका परिवार इस अपूरणीय क्षति से शोकाकुल है।
- उनकी यादें उनके सहयोगियों और परिवार के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।
डॉ. केदार सिंह ने कहा:
“अक्षय राम न केवल एक समर्पित कर्मचारी थे, बल्कि वे एक सहृदय व्यक्ति भी थे।”
विश्वविद्यालय परिवार के लिए एक बड़ी क्षति
अक्षय राम का निधन न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे विनोबा भावे विश्वविद्यालय के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
- उनकी कार्यशैली और योगदान विश्वविद्यालय में आने वाले पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बनी रहेगी।
- उनकी निष्ठा और समर्पण को सम्मानित करने के लिए विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
अक्षय राम की स्मृति हमेशा अमर रहेगी
अक्षय राम का जीवन और उनके योगदान, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता का आदर्श उदाहरण हैं। उनके निधन से पूरे विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण स्तंभ खो दिया है।
क्या आप भी मानते हैं कि इस तरह की समर्पणशीलता को प्रेरणा के रूप में सहेजना चाहिए? अपनी राय साझा करें।
News – Vijay Chaudhary