आखिर ऐसा क्या वाकया हुआ, जिससे सुदिव्य के अन्तर्मन ने सार्वजनिक जीवन की राह पकड़ने के लिए विवश कर दिया और आज राजनीति के शिखर पर हैं.
कमलनयन
(वरिष्ठ पत्रकार)
गिरिडीह : मुखमंडल और आंखों में झलकता गहरा आत्मविश्वास व्यवहार में सरलता-सौम्यता, पहनावा बिल्कुल आम नागरिक जैसा, क्षेत्र के लोगों के लिए हमेशा सुलभ रहनेवाले लेकिन आक्रामक शैली में अपनी भावनाओं को अभिव्यक्ति देनेवाले झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता. पार्टी के केन्द्रीय महासचिव बल्कि, यह कहा जाये कि पार्टी संगठन को हर स्थिति में, हर मुद्दे पर तर्कों और तत्थों के आधार पर सटीक कुटनीतिज्ञ मशवरा देनेवाले गिरिडीह विस क्षेत्र से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करानेवाले भाई सुदिव्य कुमार सोनू को पार्टी आलाकमान ने सीएम हेमंत सोरेन सरकार के पार्ट टू में गुरुवार को मंत्रीपद देकर बड़ी जिम्मेवारी दी है।
सियासत से कभी खानदानी जुड़ाव-लगाव नहीं रहा
उम्मीद की जाती है कि पूर्व की भांति पार्टी संगठन और जेएमएम परिवार के शीर्ष द्वारा सौंपी गई तमाम जिम्मेवारियों का निर्वहन अब बतौर मंत्री सुदिव्य कुमार आनेवाले पांच वर्षों का कार्यकाल आम-अवाम की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरा करेंगे।
अपने भाई-बहनों में सबसे छोटे (54 वर्षीय) सामान्य परिवार से आनेवाले इन्टर पास सुदिव्य कुमार का सियासत से कभी खानदानी जुड़ाव-लगाव नहीं रहा, अपितु एक वाक्या ऐसा हुआ, जिससे इनके अन्तर्मन ने सार्वजनिक जीवन की राह पकड़ने के लिए विवश कर दिया।
दरअसल, 1989 में इनकी मुलाकात पृथक राज्य आंदोलन की अगुवाई करनेवाले झारखंड के दिशोम गुरु जेएमएम प्रमुख शिबू सोरेन से हुई. गुरुजी ने युवा सुदिव्य का परिचय जाना। कहते हैं कि कुछ मिनटों की मुलाकात में झारखंडी अवाम के लिए अपना जीवन खपाने वाले गुरुजी की अनुभवी आंखों ने एक युवा की कर्मठता को पढ़ लिया.
गुरुजी ने युवा सुदिव्य के कंधे पर हाथ रखकर उज्जवल भविष्य का आशीष दिया और इसके साथ गुरुजी युवा सुदिव्य के आदर्श हो गये. शुरुआती दौर में सुदिव्य पृथक झारखंड आंदोलन से जुड़े।

नब्बे के दशक में झामुमो से सक्रिय राजनीति शुरू की
नब्बे के दशक में जेएमएम के बैनर तले सक्रिय राजनीति में कदम रखा। पृथक राज्य गठन के पश्चात गिरिडीह जिला प्रमुख बने. इस दौरान अपनी कुशलता से जिले में न सिर्फ पार्टी संगठन का विस्तार किया बल्कि संगठन को जरूरी संसाधनों से जोड़ कर धारदार बनाने का भी काम किया।
पार्टी आलाकमान ने संगठन दल के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता के मद्देनजर वर्ष 2009 में गिरिडीह सदर सीट से टिकट दिया. चुनाव हार गए. पुनः 2014 में टिकट दिया, आंशिक मतों से पराजय हुई।
अन्तत: दस वर्षों की मेहनत और जन जुड़ाव के बाद 2019 में पहली बार सफलता मिली और विधानसभा पहुंचे। चुनाव जीतने के बाद से ही 2024 का लक्ष्य हासिल करने की रणनिति के तहत जनमानस के दिलों में अपनी विशेष जगह बनाने में जुट गये। जिसके फलस्वरूप विरोधियों के तमाम सियासी टोने-टटटों के चक्रव्यूह को भेदकर पुनः 2024 में जनता के आशीर्वाद से विधानसभा पहुंचे।
आखिर कैसे बन गए गुरुजी और हेमंत सोरेन के विश्वासपात्र?
दरअसल, झारखंडियों की अस्मिता को लेकर सक्रिय राजनीति में आए मंत्री सुदिव्य कुमार ने जिला प्रमुख रहते हुए पार्टी संगठन का विस्तार किया। जेएमएम प्रमुख शिबू सोरेन जब कुड़को मामले में घिरे तो अपनी सुझबूझ से गुरुजी और सीएम हेमंत सोरेन के विश्वासपात्र बन गये।
उसी प्रकार अपने पहले विधायकी कार्यकाल में कई अवरोधों के बावजूद गिरिडीह इलाके में शिक्षा, स्वास्थ और सड़क के क्षेत्र में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट का खाका खींचा. इससे जनता के बीच अच्छा संदेश गया. कई लोगों की जुबान से सुना गया हेमंत है तो हिम्मत है यह गिरिडीह में यह भी सुना गया कि सुदिव्य है तो संभव है।
सुदिव्य ने अपने प्रयास से मेडिकल कॉलेज इंजिनियंरिग कॉलेज, फॉर लेन, रिंग रोड और शिक्षा के क्षेत्र में सर जेसी बोस विश्वविद्यालय का खाका खींचकर महान वैज्ञानिक सर जेसी बोस जिनका गिरिडीह से हार्दिक लगाव रहा और उन्होंने अंतिम सांस गिरिडीह की धरा में लिया. ऐसे महान वैज्ञानिक के सपने को स्वच्छ हवा देने का काम किया। विधायक सुदिव्य ने अपने कालखंड में किया।

दृढ़इच्छा शक्ति हो तो, राजनेताओं के लिए कुछ भी असंभव नहीं : नारायण विश्वकर्मा
भाई सुदिव्य की दृढ़इच्छा शक्ति की बाबत रांची (पिछले तीन साल से गिरिडीह में हैं) के वरिष्ठ पत्रकार नारायण विश्वकर्मा कहते हैं कि सुदिव्य के कामकाज की जूझारू शैली ने इन्हें अपने क्षेत्र में अधिक लोकप्रिय बना दिया. इनकी यही विशेषता इन्हें औरों से अलग करती है. खास बात ये कि राजनीति से इतर विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों की सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए वे सदैव तत्पर रहते हैं.
जनहित मुद्दे की बात करें तो गिरिडीह-बरगंडा का पुराना कॉजवे पुल क्षतिग्रस्त था. अन्य राजनीतिक दल के लोग कभी वैसी गंभीरता नहीं दिखाई. इस पुल के टूट जाने के बाद लोगों में आने-जाने में काफी परेशानी होती थी, लेकिन विधायक ने महज एक साल की समय-सीमा में पुल निर्माण कराकर चालू करा दिया।
श्री विश्वकर्मा मानते हैं कि दृढ़इच्छा शक्ति हो तो जन कल्याण के लिए राजनेताओं के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। बहरहाल लोगों ने विधायक के रूप में अपने क्षेत्र के लोगों ने उनका काम देखा अब मंत्री के रूप में पूरे राज्य के जनमानस में उन्हें कार्यशैली से अपनी अमिट छाप छोड़नी चाहिए.

अफसरों से योजना पूर्ण कराने की कला वे बखूबी जानते हैं: शाहनवाज अख्तर
टेलीग्राफ के रिपोर्टर रहे जानेमाने वरिष्ठ पत्रकार शहनवाज अख्तर मानते हैं कि मंत्री सुदिव्य कुमार में और अन्य जनप्रतिनिधियों में एक बडा फर्क यह है कि सोनू जी में अपने क्षेत्र के लिए बड़े-बड़े प्रोजेक्ट लाने का माद्दा है। बीते पांच सालों में शिक्षा-स्वास्थ्य और सड़क के क्षेत्र में इन्होंने कई उल्लेखनीय काम कर क्षेत्र के लोगों का भरोसा जीता है और अफसरों से समय सीमा के भीतर योजना पूर्ण कराने की कला भी वे बखूबी जानते हैं.
इतिहास गवाह है जनमानस के प्रति समर्पित दृढ़ इच्छाशक्ति और सियासी अड़चनों-अवरोधों के बावजूद खुद पर आत्मविश्वास के साथ जन कल्याण की योजनाओं को सरजमीन पर लानेवाले राजनेता ही ससंदीय जीवन की लम्बी पारी खेल सकता है. ऐसे राजनेताओं को क्षेत्र के लोग दशकों तक याद करते हैं. सुदिव्य कुमार अब मंत्री बन गए हैं. खैर, सुदिव्य कुमार को चाहे जो विभाग आवंटित हो, उन्हें अपनी कार्यकुशलता और व्यवहार से लोगों के भरोसे पर खरा उतरना होगा.
Yashika Women Vichitra Silk Saree with Embroidered Border| Latest Sarees Bollywood Sari | New Sarees | Saree Blouse| Designer Saree (AZ-YS-OG-LADYQUEEN-Parent)
₹1,099.00 (as of March 7, 2026 18:04 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)SIRIL Women's Floral Printed Georgette Saree with Unstitched Blouse Piece
₹328.00 (as of March 7, 2026 18:04 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)MIRCHI FASHION Women's Chiffon Floral Printed Saree with Blouse Piece
₹498.00 (as of March 7, 2026 18:04 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)SGF11 Women's Kanjivaram Soft Silk Saree With Blouse Piece
₹499.00 (as of March 7, 2026 18:04 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)Sidhidata Women's Plain Pure Georgette Saree With Unstitched Blouse Piece (Rocky Aur Rani Ki Prem Kahani Alia Bhatt Saree)
₹423.00 (as of March 7, 2026 18:04 GMT +05:30 - More infoProduct prices and availability are accurate as of the date/time indicated and are subject to change. Any price and availability information displayed on [relevant Amazon Site(s), as applicable] at the time of purchase will apply to the purchase of this product.)Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal
Subscribe to get the latest posts sent to your email.







