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Saturday, March 7, 2026
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‘सेकंड लैंग्वेज लर्निंग’ पर संगोष्ठी आयोजित, डॉ. रिजवान अहमद बोले – दूसरी भाषा सीखने का हो जुनून

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंग्रेज़ी विभाग में बुधवार को ‘द्वितीय भाषा शिक्षण’ विषय पर एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. रिजवान अहमद ने की। संगोष्ठी का उद्देश्य था छात्रों को दूसरी भाषा सीखने की जटिलताओं, चुनौतियों और उसके महत्व से अवगत कराना।

विद्यार्थियों ने रखे प्रभावशाली विचार

सेमिनार के दौरान विभिन्न विद्यार्थियों ने अपने अनुभव और विचार साझा किए। छात्र शमशेर आलम ने बताया कि किसी भी दूसरी भाषा को सीखने में व्यक्ति की उम्र, परिवेश और सामाजिक परिवेश की अहम भूमिका होती है। वहीं, आनंद ने द्वितीय भाषा सीखने में आने वाली बाधाओं पर प्रकाश डाला।

राजबाला ने साइमल्टेनियस यानी समकालिक भाषा शिक्षण और उसके सकारात्मक व नकारात्मक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की, जबकि अंजुम शाहीन ने दूसरी भाषा के महत्व और इसके सामाजिक लाभों को रेखांकित किया।

विभागाध्यक्ष ने दिए प्रेरणादायक सुझाव

डॉ. रिजवान अहमद ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा, “दूसरी भाषा सीखना सिर्फ शैक्षणिक आवश्यकता नहीं बल्कि यह हमारी रुचि और व्यक्तित्व विकास का भी अहम हिस्सा है।” उन्होंने साइमल्टेनियस (Simultaneous) और सीक्वेंशियल (Sequential) भाषा अधिग्रहण के सिद्धांतों को विस्तार से समझाया और बताया कि कठिनाइयों को कैसे दूर किया जा सकता है।

छात्राओं ने संभाला मंच संचालन

इस विचारगोष्ठी का संचालन क्लास रिप्रेजेंटेटिव कमीज़ फातिमा ने किया। कार्यक्रम में स्नातकोत्तर अंग्रेज़ी विभाग के प्रथम और द्वितीय सत्र के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

News – Vijay Chaudhary


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