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Sunday, March 8, 2026
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मकर संक्रांति त्यौहार को लेकर गुमला में खाद्य सुरक्षा विभाग की सघन छापेमारी, कई प्रतिष्ठानों से नमूने संग्रह

गुमला : – गुमला जिला में आगामी मकर संक्रांति त्यौहार को ध्यान में रखते हुए आमजनों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से आज गुमला जिले में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी सह निरीक्षण अभियान चलाया गया।

इस अभियान के अंतर्गत लोहरदगा रोड, घाघरा चांदनी चौक एवं नेतरहाट रोड क्षेत्र में संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठान बिना वैध खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण के संचालित पाए गए, जिन्हें तत्काल नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर खाद्य अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।

अभियान के क्रम में टीटू स्वीट्स, बुधराम चिकन शॉप, तृषा चाट भंडार, उज्जवल स्टोर, मां लक्ष्मी स्टोर, मां कालिका स्टोर, शुभम फ्रूटी शॉप, विनय फल दुकान, राज भोजनालय एवं सहयोग ट्रेडर्स सहित अन्य दुकानों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान शुभम फ्रूटी शॉप एवं विनय फल दुकान से तिलकुट तथा श्री गणपति ट्रेडर्स एवं मां कालिका स्टोर से गुड़ के नमूने संग्रह कर राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला भेजे गए, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं शुद्धता की जांच की जा सके।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ खाद्य प्रतिष्ठानों द्वारा बेसन के नाम पर “प्रकाश” ब्रांड का मटर बेसन बिक्री हेतु रखा गया था, जिस पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, एफएसएसएआई लोगो एवं वैध लाइसेंस नंबर अंकित नहीं थे। उक्त सामग्री को अमानक एवं संदेहास्पद मानते हुए मौके पर ही तत्काल नष्ट कराया गया तथा संबंधित दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि भविष्य में इस प्रकार की सामग्री की खरीद, बिक्री अथवा भंडारण नहीं किया जाए। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि पुनः ऐसी अनियमितता पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त जिले के सभी मीट एवं मुर्गा दुकानों के संचालकों को निर्देशित किया गया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत व्यवसाय संचालन के लिए खाद्य अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) अथवा पंजीकरण कराना अनिवार्य है। निर्देशों के अनुसार खाद्य अनुज्ञप्ति अथवा पंजीकरण से पूर्व संबंधित दुकानदारों को स्थानीय निकाय (नगर परिषद – पंचायत ) एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना आवश्यक होगा।

निरीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि खुले में मांस काटकर या लटकाकर बिक्री करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। बिना वैध खाद्य अनुज्ञप्ति अथवा पंजीकरण के मीट एवं मुर्गा व्यवसाय का संचालन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके अंतर्गत संबंधित प्रतिष्ठानों पर जुर्माना, सामग्री की जब्ती एवं अन्य कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

निरीक्षण के क्रम में दुकानों में स्वच्छता की स्थिति, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, स्वच्छ पानी के उपयोग तथा कर्मचारियों द्वारा एप्रन, ग्लव्स एवं हेडगियर पहनने को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मिलावटी, खुले अथवा एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों की बिक्री पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह भी बताया कि त्योहारों के दौरान इस प्रकार के विशेष निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेंगे, ताकि आम जनता को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही सभी खाद्य व्यवसायियों से निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की गई है।

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 


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