31.1 C
Ranchi
Saturday, March 7, 2026
Advertisement
HomeLocal NewsDumriमधुबन में मारंग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा का भव्य आयोजन: मंत्री...

मधुबन में मारंग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा का भव्य आयोजन: मंत्री ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की

जाहेर बाहा बोंगा सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, प्रकृति संरक्षण और सामूहिक सद्भाव का संदेश देनेवाला पर्व: सुदिव्य कुमार 

गिरिडीह (कमल नयन)  : मधुबन पीरटांड़ में आयोजित मरांग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा के पावन अवसर पर मंत्री सुदिव्य कुमार,  विधायक घाटशिला, सोमेश चंद्र सोरेन, राज्य मंत्री फागु बेसरा और गिरिडीह उपायुक्त  रामनिवास यादव ने श्रद्धा एवं आस्था के साथ सहभागिता की।
इस अवसर पर मंत्री ने पारंपरिक संथाली रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं आदिवासी समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मरांग बुरु और जाहेर की आराधना संथाल समाज की प्राचीन परंपरा का अभिन्न अंग है। बाहा बोंगा पर्व प्रकृति, फूलों और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर गांव के जाहेर थान में विधि-विधान से पूजा संपन्न की गई तथा पारंपरिक वेशभूषा धारण कर संस्कृति के प्रति सम्मान प्रकट किया। मंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं से है। मरांग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, प्रकृति संरक्षण और सामूहिक सद्भाव का संदेश देनेवाला पर्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ग्रामीण प्रकृति के संरक्षण व सामाजिक समरसता को बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं : सोमेश चंद्र

विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे प्रकृति के संरक्षण और सामाजिक समरसता को बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य-गान का भी आयोजन किया गया.
राज्य मंत्री फागु बेसरा ने मरांग बुरु से क्षेत्र की उन्नति और सुख-शांति की प्रार्थना की तथा एक-दूसरे को बाहा बोंगा की शुभकामनाएं दी। कहा कि मरांग बुरु और जाहेर आयोजन की पूजा संथाल आदिवासी समाज की आस्था का केंद्र है। बाहा बोंगा पर्व प्रकृति, नवजीवन और फूलों के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व मानव और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है।
मौके पर मौजूद उपायुक्त, रामनिवास यादव ने सभी को मरांग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा के पावन अवसर पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, पारंपरिक स्थलों के विकास तथा युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उपायुक्त ने कहा कि बाहा बोंगा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संगठित करने और सामूहिक चेतना को सशक्त बनाने का अवसर है।

Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading