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Saturday, March 7, 2026
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रमज़ान का मुक़द्दस महीना शुरू, आज तीसरा रोज़ा — इबादत, सब्र और इंसानियत का पैग़ाम

News – Kahkashan Farooqi 

गोमिया__
मुसलमानों का पवित्र और मुक़द्दस महीना रमज़ान पूरे अकीदत, एहतराम और धार्मिक उल्लास के साथ शुरू हो चुका है। शनिवार को रमज़ान का तीसरा रोज़ा है। इस अवसर पर क्षेत्र की मस्जिदों, मदरसों और घरों में विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिल रहा है। सुबह सहरी से लेकर शाम इफ्तार तक रोज़ेदार पूरी निष्ठा के साथ रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत में लीन हैं।
रमज़ान इस्लाम धर्म का सबसे महत्वपूर्ण और बरकतों से भरा महीना माना जाता है। इस महीने में मुसलमान अल्लाह की रज़ा हासिल करने के लिए रोज़ा रखते हैं, पांचों वक्त की नमाज़ की पाबंदी करते हैं, कुरआन शरीफ़ की तिलावत करते हैं और तरावीह की नमाज़ अदा करते हैं। मस्जिदों में देर रात तक इबादत का सिलसिला चलता रहता है, जहां बुज़ुर्गों के साथ-साथ युवा और बच्चे भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
धार्मिक जानकारों के अनुसार रमज़ान केवल भूख और प्यास सहने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, सब्र, त्याग और आत्मशुद्धि का महीना है। इस दौरान इंसान अपने बुरे कर्मों और आदतों से तौबा कर नेक राह पर चलने का संकल्प लेता है। रोज़ेदारों को सिखाया जाता है कि वे ग़ुस्से, झूठ, चुगली और बुराइयों से दूर रहें तथा सच्चाई, ईमानदारी और इंसानियत को अपने जीवन में अपनाएं।
रमज़ान के महीने में ज़कात, फ़ित्रा और सदक़ा देने की विशेष अहमियत होती है। समाज के सक्षम लोग ग़रीबों, बेसहारों और ज़रूरतमंदों की मदद कर रहे हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। कई स्थानों पर सामूहिक इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है, जहां सभी लोग मिल-बैठकर रोज़ा खोलते हैं। इससे आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूती मिल रही है।
इफ्तार के समय मस्जिदों और घरों के बाहर विशेष रौनक देखने को मिलती है। रोज़ेदार एक-दूसरे को इफ्तार कराते हैं और दुआओं में पूरे देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक़्क़ी की कामना करते हैं। रमज़ान का यह महीना न केवल मुसलमानों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए शांति, सद्भाव और आपसी प्रेम का संदेश देता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रमज़ान इंसान को बेहतर इंसान बनने की सीख देता है। यह महीना हमें बताता है कि भूखे-प्यासे रहकर दूसरों के दर्द को समझा जा सकता है और समाज में बराबरी व इंसाफ की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
अंत में रमज़ान के पवित्र अवसर पर रोज़ेदारों ने अल्लाह से देश में भाईचारा, सौहार्द और खुशहाली बनाए रखने की दुआ की, ताकि समाज में प्रेम और मानवता की रोशनी हमेशा कायम


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