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Saturday, June 6, 2026
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उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने बिशुनपुर प्रखंड के ग्राम बेती में किया क्षेत्र भ्रमण, जनसंवाद के माध्यम से सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

“बेती गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, ग्रामीणों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण” — उपायुक्त

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा शनिवार को बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत नरमा पंचायत के ग्राम बेती में विकासात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, सिविल सर्जन गुमला डॉ. शंभूनाथ चौधरी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत, जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक कुमार सहित कृषि, उद्यान एवं अन्य विभागों के पदाधिकारी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी ,अंचल अधिकारी एवं मुखिया आदि उपस्थित थे।

जनसंवाद कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा महिलाओं एवं गर्भवती माताओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने राशन एवं जन वितरण प्रणाली से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को किसी भी प्रकार के बिचौलियों एवं घूसखोरों से सावधान रहने की अपील की। जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा कल्याण विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई। वहीं कृषि पदाधिकारी ने किसानों को रागी एवं अन्य फसलों की उन्नत खेती, केसीसी एवं फसल बीमा योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान सिविल सर्जन गुमला, सहित सभी विभागीय पदाधिकारियों ने भी अपने अपने विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं उनसे मिलने वाले लाभों के बारे में बताते हुए नागरिकों को जागरूक किया।

ग्रामीणों ने कार्यक्रम के दौरान खेती हेतु सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नदी से खेतों तक सोलर आधारित जलापूर्ति एवं डीप बोरिंग की मांग रखी। ग्रामीणों द्वारा सुकुआ टांड़, हीरा खाड़ टांड़, लालझी बगीचा, कुम्हार टोला, स्कूल टोली, मुइया बड़ा, सरना चौरा, बैजू टांड़, करंज टांड़, महुआ टांड़, पिपरा टांड़, फकीर टोला सहित कई स्थानों पर सोलर डीप बोरिंग की आवश्यकता से उपायुक्त को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त सरना चौरा नदी मरम्मत, गार्डवाल निर्माण, धारा कूटा तालाब जीर्णोद्धार, सड़क समस्या, शिक्षकों की आवश्यकता एवं महिला समूहों को स्वरोजगार हेतु सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।

ग्रामीणों ने कुसुम खर्रा (उत्तरी कोयल नदी क्षेत्र) को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का आग्रह भी उपायुक्त के समक्ष रखा।

ग्राम बेती में लगभग 4,50 परिवार निवास करते हैं, जिनमें उरांव, बिरहोर, बिरजिया, खिरवार, भुइयां, लोहार सहित विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हैं। इनमें 1,12 परिवार विशेष रूप से पीवीटीजी श्रेणी से संबंधित हैं, जिनमें 62 बिरहोर एवं 50 बिरजिया परिवार शामिल हैं। ग्रामीणों द्वारा खेती एवं वैकल्पिक कृषि गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की जानकारी दी गई। यहां महिला समूह भी स्वरोजगार से जुड़कर कार्य कर रहे हैं।

उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि,
“आपकी मेहनत और लगन ने इस गांव को एक अलग पहचान दी है। यहां के लोग खेती एवं वैकल्पिक आजीविका में बेहतर कार्य कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि बेती गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए सभी विभागों एवं ग्रामीणों की सहभागिता आवश्यक है। किसी भी उक्त परिवार को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। आवास, बिजली, पानी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि गांव में मटर सहित अन्य फसलों की अच्छी खेती की संभावना है तथा यहां के उत्पादों की मार्केटिंग में एफपीओ के माध्यम से सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील भी की गई। उपायुक्त ने एमपीसी गठन के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक पहल करने की बात कही तथा आंगनबाड़ी से संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

इस दौरान अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि,
“सरकार की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना है। यदि गांव के लोग स्वरोजगार एवं रोजगार के लिए आगे बढ़ेंगे तो प्रशासन हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। आवश्यकता केवल जागरूकता एवं इच्छाशक्ति की है।”

जनसंवाद कार्यक्रम के पश्चात उपायुक्त ने गांव का भ्रमण किया तथा बिरहोर टोला, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय का निरीक्षण किया। उपायुक्त ने आंगनवाड़ी केंद्र के अधूरे कार्यों को एम आई के कार्यपालक अभियंता से अविलंब पूर्ण करने का निर्देश दिया,वहीं विद्यालय के विद्यालय के मरम्मती करते हुए अस्थायी रूप से वहां एमपीसी सेंटर ( बंधन विकास केंद्र) के रूप में भी प्रयोग करने की बात कही। उपायुक्त ने कुसुम खर्रा (उत्तरी कोयल नदी क्षेत्र) का भी निरीक्षण किया जहां के पर्यटन विकास की संभावनाओं को देखते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य गुमला के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में निवास करने वाले प्रत्येक नागरिक तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित कर क्षेत्र के समग्र विकास को गति देना प्रशासन की प्राथमिकता है।


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