News – Kahkashan Farooqi
गोमिया। पिट्स मॉडर्न स्कूल, गोमिया में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों के लिए परिचय-सह-दिशा निर्देश (ओरिएंटेशन) सत्र का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन के एक नए एवं महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत का प्रतीक बना। इस अवसर पर विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जो ज्ञान, विवेक और नई शुरुआत के प्रकाश का प्रतीक है। इसके पश्चात श्रीमती नीलांजना दासगुप्ता एवं श्री बी. पी. वर्मा ने विद्यालय के प्राचार्य श्री बृज मोहन लाल दास को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। विद्यालय की गायक मंडली द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने कार्यक्रम की गरिमा में चार चांद लगा दिए।
अपने संबोधन में प्राचार्य श्री बृज मोहन लाल दास ने कहा कि कक्षा 11वीं विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समर्पण एवं निरंतर परिश्रम के साथ अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यालय में उपलब्ध अवसरों का समुचित लाभ उठाकर विद्यार्थी शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने समग्र विकास को जिम्मेदार नागरिक निर्माण की आधारशिला बताया।
इसके बाद श्री बी. पी. वर्मा ने एक विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से कक्षा 11वीं की शैक्षणिक संरचना, अपेक्षाओं तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सहयोगात्मक व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उनकी प्रस्तुति से विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को आगामी शैक्षणिक यात्रा की स्पष्ट समझ प्राप्त हुई। कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने अपनी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।
गोमिया स्कूल सोसायटी के उपाध्यक्ष श्री अरिंदम दासगुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का सशक्त साधन भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना कर उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।
आईईपीएल (ओरिका), गोमिया के एमसीएम श्री अभिषेक बिस्वास ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में निरंतर सीखना, नवाचार तथा बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आलोचनात्मक चिंतन क्षमता, उत्कृष्टता की भावना तथा उच्च नैतिक मूल्यों एवं ईमानदारी को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का समापन श्रीमती स्वीटी भाटिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले प्राचार्य, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह परिचय-सह-दिशा निर्देश सत्र विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शक सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा की नई यात्रा के लिए आत्मविश्वास और स्पष्ट दिशा प्रदान की।







