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Gomia__: जरीडीह थाना क्षेत्र के बनचास टोला चहीगोड़ा जंगल के समीप पेड़ से लटकी मिली 20 वर्षीय युवती आरती हेंब्रम की मौत के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए इसे हत्या करार दिया है। तेनुघाट अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रविन्द्र कुमार सिंह ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में बताया कि प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर युवती की गला घोंटकर हत्या की गई और घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पेड़ से लटका दिया गया। इस मामले में पुलिस ने युवती के प्रेमी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, मृतका आरती हेंब्रम (20), पिता स्व. मिस्री हेंब्रम, निवासी पिठौरिया (चापी), तेनुघाट ओपी क्षेत्र की रहने वाली थी। मृतका की मां बूंदी देवी के आवेदन पर जरीडीह थाना में कांड संख्या 133/26 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बोकारो पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि आरती हेंब्रम और मनोज मराण्डी के बीच करीब डेढ़ वर्ष से प्रेम संबंध था। 2 अगस्त को मनोज ने आरती को शादी कर अपने घर ले जाने की बात कही थी, लेकिन उसके माता-पिता ने इसका विरोध किया। पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त की शाम मनोज मराण्डी, उसके पिता नाजीर मराण्डी और मां सरस्वती देवी ने मिलकर घर के पीछे बाड़ी में आरती की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने और मामले को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से शव को जंगल के किनारे एक पेड़ से लटका दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में मनोज मराण्डी (19), उसके पिता नाजीर मराण्डी (60) तथा मां सरस्वती देवी (55), सभी निवासी बनचास टोला चहीगोड़ा, थाना जरीडीह, जिला बोकारो को गिरफ्तार किया है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन और बैग में रखा कपड़ा भी बरामद किया। छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह, जरीडीह थाना प्रभारी विपिन चंद्र महतो तथा विकास कुमार विश्वकर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
एसडीपीओ रविन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि गहन पूछताछ, तकनीकी साक्ष्यों और बरामदगी के आधार पर तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है।







