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Friday, November 6, 2026
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गुमला के 2500 बच्चों की पहल, अब बिना हेलमेट निकले तो माता-पिता को करेंगे सचेत

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला: त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले गुमला में सड़क सुरक्षा को लेकर एक अलग तरह की पहल देखने को मिली। संत इग्नासियुस उच्च विद्यालय के करीब 2,500 छात्र-छात्राओं ने न सिर्फ यातायात नियमों का पालन करने की शपथ ली, बल्कि अपने माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों को भी सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी ली।

सोमवार को विद्यालय की प्रार्थना सभा के दौरान सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत विशेष ‘सड़क सुरक्षा क्लास’ आयोजित की गई। यह अभियान गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो और जिला परिवहन पदाधिकारी सतेन्द्र महतो के निर्देश पर हुआ।

करम से पहले बच्चों को मिला ‘रोको-टोको’ का मंत्र

सड़क सुरक्षा टीम ने बच्चों को बताया कि आने वाले दिनों में लगातार त्योहार हैं और इस दौरान सड़कों पर आवाजाही बढ़ती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी हादसे का कारण बन सकती है।

बच्चों से कहा गया कि अगर घर का कोई सदस्य बिना हेलमेट बाइक लेकर निकल रहा हो या यातायात नियमों की अनदेखी कर रहा हो, तो उसे जरूर रोकें और टोकें। अभियान का संदेश था—‘दुर्घटना से पहले अपने अपनों को रोको-टोको।’

टीम ने बच्चों को समझाया कि पुलिस और प्रशासन सुरक्षा के लिए लगातार काम करते हैं, लेकिन सड़क पर हर वक्त पुलिस मौजूद नहीं रह सकती। ऐसे में सुरक्षित सफर की पहली जिम्मेदारी खुद वाहन चालक और परिवार की है।

‘हेलमेट नहीं तो सफर नहीं’, बच्चों को समझाई गई जिम्मेदारी

अभियान के दौरान विद्यार्थियों से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन नहीं चलाने की अपील की गई। साथ ही ISI मार्क वाला प्रमाणित हेलमेट, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट और सुरक्षित गति के महत्व के बारे में बताया गया।

बच्चों को ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, ट्रिपल लोडिंग और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचने की जानकारी भी दी गई।

हादसे के बाद मदद करने से न डरें, ‘गुड सैमेरिटन’ की दी जानकारी

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ‘गुड सैमेरिटन’ यानी नेक मददगार और ‘हिट एंड रन’ से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।

टीम ने बताया कि सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने पर उसे समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी है। लोगों को ऐसे मामलों में मदद करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। अभियान के दौरान बच्चों को यह संदेश भी दिया गया कि जल्दी पहुंचने से ज्यादा जरूरी सुरक्षित पहुंचना है।

2500 बच्चों की शपथ, घर से शुरू होगी सड़क सुरक्षा

कार्यक्रम के अंत में करीब 2,500 विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने की शपथ ली।

इस दौरान विद्यालय के फादर मनोहर खोया, सड़क सुरक्षा प्रबंधक प्रभाष कुमार, आईटी सहायक मंटू रवानी, रोड इंजीनियरिंग एनालिस्ट प्रणय कांशी समेत विद्यालय के शिक्षक मौजूद रहे।

अभियान का मूल संदेश साफ था—हादसा होने के बाद पछताने से बेहतर है कि उससे पहले अपने अपनों को रोका जाए, टोका जाए और सुरक्षित घर लौटने के लिए प्रेरित किया जाए।

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