गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया
तूउपायुक्त की अध्यक्षता में निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक, उत्पादों की पहचान से लेकर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार संपर्क तक की रणनीति पर जोर
गुमला: जिले में तैयार होने वाले स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्यमों को अब सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित रखने के बजाय उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की तैयारी शुरू की गई है। इसके लिए जिला प्रशासन ने संभावित निर्यात योग्य उत्पादों और उद्यमों की पहचान करने के साथ उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच मजबूत करने पर फोकस किया है।
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक हुई। इसमें जिले में निर्यात की संभावनाओं, स्थानीय उद्यमों को बाजार उपलब्ध कराने और निर्यात की प्रक्रिया को आसान बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
स्थानीय उत्पादों में तलाशे जाएंगे निर्यात के अवसर
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिले में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों, उत्पादों और उद्यमों में निर्यात की संभावनाएं हैं। ऐसे उत्पादों की पहचान कर उन्हें बाजार की जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और निर्यात से जुड़ी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया गया।
जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति को सक्रिय रूप से काम करते हुए ऐसे उत्पादों और उद्यमों की पहचान करने को कहा गया, जिन्हें बेहतर तरीके से तैयार कर बड़े बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।
पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी रहेगा फोकस
प्रशासन की योजना सिर्फ उत्पादों की पहचान तक सीमित नहीं रहेगी। अधिकारियों को ऐसे उद्यमों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है, जिनके उत्पादों को बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार संपर्क के जरिए निर्यात के लिए तैयार किया जा सकता है।
संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय कर उद्यमियों को निर्यात की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया।
उद्यमियों से सीधे जुड़कर समझी जाएंगी समस्याएं
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि चिन्हित उद्यमियों के साथ नियमित संपर्क रखा जाए और उनकी वास्तविक जरूरतों और समस्याओं को समझा जाए। निर्यात के लिए जिन प्रक्रियाओं में उन्हें परेशानी आती है, उनमें विभागीय स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्यात को बढ़ावा देने की कोशिशें केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। चिन्हित उद्यमों के साथ नियमित फॉलोअप और समन्वय के जरिए उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जाए।
बड़े बाजार से जुड़ेंगे तो बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलने से जिले के उद्यमियों को नए कारोबारी अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन की ओर से झारखंड इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड प्रमोशन पॉलिसी और झारखंड एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत स्थानीय उत्पादों एवं उद्यमों को निर्यात से जोड़ने की दिशा में यह पहल की जा रही है।
बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, बैंकिंग संस्थानों, वाणिज्यिक एवं निर्यात प्रोत्साहन से जुड़े प्रतिनिधि और समिति के सदस्य मौजूद रहे।







