गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया
कोर्ट परिसर, सरकारी आवास, जेल, नाली और आंगनबाड़ी निर्माण की समीक्षा; घाघरा बाईपास के गड्ढों की जल्द मरम्मत का निर्देश
गुमला: जिले में चल रही विकास और निर्माण योजनाओं की रफ्तार और गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। सोमवार को उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में हुई तकनीकी विभागों की समीक्षा बैठक में धीमी गति से चल रहे कार्यों को जल्द पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया।
समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभाकक्ष में हुई बैठक में भवन निर्माण विभाग, लघु सिंचाई विभाग, जिला परिषद, राष्ट्रीय राजमार्ग समेत विभिन्न तकनीकी विभागों के अंतर्गत चल रही योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई।
धीमे काम पर नाराजगी, समयसीमा में पूरा करने का निर्देश
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्माणाधीन योजनाओं में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी। जिन योजनाओं की रफ्तार धीमी है, वहां संबंधित एजेंसी और संवेदक के साथ समन्वय कर काम में तेजी लाने को कहा गया।
भवन निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान कोर्ट परिसर, सरकारी आवास, जेल परिसर समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने इन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित कामों को गति देने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि किसी योजना को सिर्फ समय पर पूरा कर देना ही पर्याप्त नहीं है। निर्माण की गुणवत्ता और उससे मिलने वाला वास्तविक लाभ भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
डीएसपी रोड की नाली और औरापाठ जलापूर्ति पर भी फोकस
लघु सिंचाई विभाग के तहत डीएसपी रोड में नाली निर्माण में हो रही देरी की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अनावश्यक विलंब पर नाराजगी जताते हुए संबंधित पदाधिकारी को कार्य समय पर पूरा कराने का निर्देश दिया।
वहीं औरापाठ क्षेत्र की जलापूर्ति योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए शेष काम जल्द पूरा करने को कहा गया, ताकि लोगों को इसका लाभ समय पर मिल सके।
आंगनबाड़ी भवन सिर्फ बनें नहीं, उपयोगी भी हों
आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी भवन का निर्माण स्थानीय और जमीनी जरूरत को ध्यान में रखकर होना चाहिए। सिर्फ भवन का ढांचा खड़ा करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि तैयार परिसंपत्ति सुरक्षित, उपयोगी और अपने निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप हो।
घाघरा बाईपास के गड्ढों की जल्द होगी मरम्मत
राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कार्यों की समीक्षा में घाघरा बाईपास सड़क पर गड्ढों और रखरखाव का मुद्दा भी सामने आया। उपायुक्त ने संबंधित कार्यपालक अभियंता से सड़क की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और नियमित निरीक्षण के साथ जरूरी मरम्मत समय पर कराने का निर्देश दिया।
बारिश खत्म होते ही टेंडर वाली योजनाएं शुरू हों
उपायुक्त ने कहा कि अब बारिश का दौर समाप्त हो रहा है। ऐसे में जिन योजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या अंतिम चरण में है, उन्हें बिना अनावश्यक देरी के शुरू किया जाए।
उन्होंने सभी तकनीकी विभागों को नियमित स्थल निरीक्षण, आपसी समन्वय और लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं का मकसद केवल निर्माण पूरा करना नहीं, बल्कि ऐसी गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका आम लोगों को वास्तविक और लंबे समय तक लाभ मिल सके।
बैठक में विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।







