गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया
जल जीवन मिशन की प्रखंडवार समीक्षा, PVTG क्षेत्रों की अधूरी योजनाएं जल्द पूरी करने और पांच साल पुरानी योजनाओं की मरम्मत कराने पर जोर
गुमला: जिले के ग्रामीण इलाकों में हर घर तक नल से पानी पहुंचाने की कवायद के बीच जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कम कवरेज वाले प्रखंडों में काम की रफ्तार बढ़ाने के साथ खराब जलमीनारों और तकनीकी खामियों वाली जलापूर्ति योजनाओं की जल्द मरम्मत कराने का निर्देश दिया है।
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिले में चल रही पेयजल योजनाओं, हर घर नल से जल पहुंचाने की प्रगति, योजनाओं के हस्तांतरण, हर घर जल सत्यापन, चापाकल मरम्मत और खराब जलमीनारों की स्थिति की समीक्षा की गई।
कम कवरेज वाले प्रखंडों में बढ़ेगी काम की रफ्तार
उपायुक्त ने प्रखंडवार योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन प्रखंडों में नल-जल का कवरेज कम है, वहां कार्य की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को लंबित कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल पाइपलाइन बिछाना नहीं, बल्कि लोगों तक नियमित और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। इसलिए योजनाओं के निर्माण के साथ उनके संचालन और रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाए।
पांच साल पुरानी योजनाओं की होगी मरम्मत
बैठक में उन जलापूर्ति योजनाओं की भी समीक्षा की गई, जिन्हें शुरू हुए पांच साल से अधिक समय हो चुका है या जिनमें तकनीकी खराबी आ गई है।
उपायुक्त ने ऐसी योजनाओं की आवश्यक मरम्मत 15वें वित्त मद से कराने का निर्देश दिया। खराब जलमीनारों की पहचान कर उनकी मरम्मत का काम भी जल्द पूरा करने को कहा गया, ताकि लोगों को पेयजल के लिए परेशानी न हो।
PVTG क्षेत्रों की योजनाएं प्राथमिकता पर
उपायुक्त ने विशेष रूप से PVTG क्षेत्रों में निर्माणाधीन जलापूर्ति योजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की सुविधा निर्बाध रूप से पहुंचना जरूरी है।
संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को लंबित योजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा गया।
चापाकल से लेकर स्वच्छता योजनाओं तक की समीक्षा
बैठक में चापाकलों की मरम्मत की प्रगति और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे निर्माण एवं क्रियान्वयन कार्यों की भी जानकारी ली गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब गांवों में स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता की सुविधाएं जमीन पर प्रभावी रूप से उपलब्ध हों।
बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अनुज कुमार मिश्रा, जिला समन्वयक, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और सभी ब्लॉक वॉश कोऑर्डिनेटर मौजूद रहे।







