न्यूज – कहकशां फारूकी
गोमिया__गोमिया स्थित जामा मस्जिद आईईएल में गुरूवार को उर्स-ए-सैयदना गौसे पाक रहमतुल्लाहि अलैह एवं जश्न-ए-गौसुल वरा का आयोजन किया गया। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। रात में मस्जिद परिसर में मिलाद, धार्मिक तकरीर, नातख्वानी और दुआ का आयोजन हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान मस्जिद परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में खास खिताब हजरत मौलाना मुफ्ती मोहम्मद काशिफ रजा मर्कजी साहब ने किया। वहीं नातख्वानी हजरत मौलाना कयामुद्दीन नूरी साहब ने पेश की। नात और तकरीर के दौरान मौजूद अकीदतमंदों ने पूरी श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस अवसर पर मौलाना मुफ्ती मोहम्मद काशिफ रजा मर्कजी साहब ने कहा कि गौसे पाक की जिंदगी और उनकी शिक्षाएं इंसानियत, भाईचारे, नेक अमल और समाज में अमन व सद्भाव का संदेश देती हैं। हमें उनके बताए रास्ते पर चलते हुए जरूरतमंदों की मदद, आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए। धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि समाज में अच्छाई और इंसानियत का संदेश पहुंचाना भी है।
उन्होंने कहा कि आज समाज को आपसी सौहार्द और भाईचारे की सबसे अधिक जरूरत है। सभी लोगों को एक-दूसरे का सम्मान करते हुए मिल-जुलकर रहने और समाज में शांति का वातावरण कायम रखने का प्रयास करना चाहिए।
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गौसे पाक की शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाने के साथ इस्लामी भाईचारे, अमन, सद्भाव और मानवता का संदेश देना है। आयोजन को लेकर मस्जिद परिसर में आवश्यक तैयारियां की गई थीं। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे।







