गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया
बिहार के रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र ने अपनी चुनावी सभा लोहरदगा में रेल मंत्री के हैसियत से सर्वप्रथम लोहरदगा भाया गुमला से कोरबा छत्तीसगढ़ तक रेलवे लाइन बिछाने की बात कही थी
जिसे बाद में रेलवे विभाग ने उक्त परियोजना को अनुपयोगी बताते हुए पूर्णतः बंद कर दिया था
छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी इच्छा शक्ति दिखाते हुए लोहरदगा भाया गुमला से कोरबा छत्तीसगढ़ तक रेलवे लाइन बिछाने संबंधी उक्त परियोजना को हरी झंडी दिखा दी हैं
गुमला : – बिहार के रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र ने रेलवे मंत्री के हैसियत से सर्वप्रथम लोहरदगा भाया गुमला से कोरबा छत्तीसगढ़ तक रेलवे लाइन बिछाने की बात कही थी, जिसे अमली जामा पहनाने के उद्देश्य से लोहरदगा भाया गुमला से कोरबा छत्तीसगढ़ तक रेलवे लाइन बिछाने का सर्वप्रथम सर्वे छोटा नागपुर – झारखंड के विभूति और कांग्रेसी कद्दावर नेता कार्तिक उरांव द्वारा कराया गया था, और बाद में उक्त रेलवे लाइन का कई बार सर्वे कराया गया, और तो और गुमला जिला के सिसई प्रखंड मुख्यालय में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए, राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने लोहरदगा भाया गुमला से कोरबा छत्तीसगढ़ तक रेलवे लाइन बिछाने का आश्वासन दे डाली थी, फलस्वरुप बाद में भी जब-जब चुनावी माहौल में विभिन्न राजनीतिक दलों के लोहरदगा लोकसभा संसद क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले सांसद प्रत्याशियों द्वारा और लोहरदगा लोकसभा चुनाव जीतने के बात भी और तो और सांसद बनने के बाद भी उक्त क्षेत्रों के भोली भाली आम जनताओं को.ठग्गू का लड्डू खिलाया जाता रहा, और जब-जब चुनाव आता नेताओं से लेकर अभिनेताओं को महत्वपूर्ण – जोरदार और दमदार दावा और आश्वासन देने का जखीरा उनके हाँथ लग गया था, जिसका फायदा उठाते हुए, लोहरदगा भाया गुमला से कोरबा छत्तीसगढ़ तक रेलवे लाइन बनाने की बात करते रहते , और लगातार दशकों तक उक्त लोहरदगा भाया गुमला से छत्तीसगढ़ कोरबा तक रेलवे लाइन बिछाने का चुनावी दवा एकमात्र दवा बनकर रह गया और उस वक्त के रेलवे विभाग द्वारा लोहरदगा भाया गुमला से छत्तीसगढ़ कोरबा तक रेलवे लाइन बनाने वाले उक्त परियोजना को अनुपयोगी बताते हुए
पूर्णतः बंद कर दिया गया, फिर भी गुमला जिले में समय-समय पर उक्त परियोजना को पुण: शुरू करवाने के उद्देश्य से धरना और उग्र प्रदर्शन जारी रहा, और अगले लोहरदगा लोकसभा चुनाव में भी विभिन्न राजनीतिक दालों के प्रत्याशियों द्वारा पुरजोर दावा करते रहे, और सभी राजनीतिक पार्टी के सांसदों द्वारा उक्त क्षेत्र के आम जानताओं को खुब उल्लू बनाते रहे फिर भी परियोजना को चालू करने में सफल नहीं हो पाए, फिलहाल उक्त लोहरदगा भाया गुमला,छत्तीसगढ़ कोरबा रेलवे लाइन बिछाने की बात को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी इच्छा शक्ति जाहिर करते हुए,और सर्वे कराते हुए,
धर्मजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना छत्तीसगढ़ और झारखंड के जनजातीय व खनिज समृद्ध क्षेत्रों को जोड़ने वाली एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर ) द्वारा इस रूट का फाइनल लोकेशन सर्वे (एफ एल एस ) और जियो-टेक्नीकल इन्वेस्टिगेशन पूरा कर लिया गया है, और इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट ( डीपीआर ) तैयार करने का काम अंतिम चरणों में है।
यह पूरी रेल लाइन लगभग 3,01 किलोमीटर लंबी है, जिसमें से करीब 2,19 किलोमीटर का हिस्सा छत्तीसगढ़ (रायगढ़ और जशपुर जिलों) में और लगभग 82 किलोमीटर का हिस्सा झारखंड (सिमडेगा, गुमला और लोहरदगा जिलों) में आता है।
मुख्य मार्ग और स्टेशन (कहाँ-कहाँ से होकर गुजरेगी?)
इस रेल लाइन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के औद्योगिक व कोयला बेल्ट (कोरबा /धरमजयगढ़) को सीधे झारखंड की राजधानी रांची के बॉर्डर क्षेत्र लोहरदगा जिला से जोड़ना है। इसके प्रस्तावित संरेखण (Alignment) के अनुसार यह लाइन निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों और स्टेशनों से होकर गुजरेगी:
छत्तीसगढ़ का हिस्सा (रायगढ़ और जशपुर जिला):
धरमजयगढ़ (शुरुआती बिंदु)
कांसबेल (Kansabel)
पत्थलगांव (Pathalgaon)
कुनकुरी (Kunkuri)
जशपुर नगर (Jashpur Nagar)
लोदाम (Lodam – झारखंड सीमा के पास बॉर्डर क्षेत्र )
झारखंड का हिस्सा (गुमला और लोहरदगा जिला):
रायडीह (Raidih)
गुमला (Gumla)
भरनो / बड़तोली (Bharno /Bartoli क्षेत्र)
नवागढ़ (Nawagarh)
लोहरदगा (Lohardaga – अंतिम स्टेशन, जहाँ यह मौजूदा रांची-लोहरदगा लाइन से जुड़ जाएगी)
नोट: सर्वे के वैकल्पिक प्रस्तावों (Alternative Alignments) में कुछ जगहों पर सिमडेगा और आईरकेंरा के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी छूने या जोड़ने का खाका तैयार किया गया है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण और आदिवासी इलाकों को कनेक्टिविटी मिल सके।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और वर्तमान स्थिति
अनुमानित लागतः इस विशाल रेल प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत लगभग ₹16,000 करोड़ से ₹16,834 करोड़ के बीच आंकी गई है।
प्रशासनिक गतिः छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और केंद्रीय रेल मंत्री के बीच हुई हालिया बैठकों में इस नई रेलवे लाइन प्रोजेक्ट को मंजूरी देने में जुटी हुई है झारखंड सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार l
[1:37 pm, 14/6/2026] Ganpat Jw Gumla: पहली बार गुमला झारखंड – मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ की आम जनताओं की आंखों में होगा सपनों का संसार
गुमला : – गुमला जिले से गुजरेगा धर्म जयगढ़ – पत्थलगांव भाया गुमला लोहरदगा रेलवे लाइन, भारत (गजट) राज्य पत्र में प्रकाश हुई है उक्त रेल (ट्रेन) परियोजना, नई रेलवे लाइन ( 291.881 किलोमीटर ) को मिली स्वीकृति – गुमला जिला के आम जानताओं द्वारा दशकों से देखे गए सपनों को पूरा करने जा रहा है भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) छत्तीसगढ़ सरकार, गुमला जिले का अब होगा चहूमुखी विकास, रोजगार के नए-नए खुलेंगे आयाम, संपूर्ण भारत से जुड़ेगी गुमला की आम जनता, व्यापार उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में भी होगा, गुमला जिले का विकास, बॉर्डर पर छत्तीसगढ़ – मध्य प्रदेश – और झारखंडी संस्कृति की होगी आदान-प्रदान, जोहार झारखंड – जोहर – मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ l